दत्तात्रेय जयंती 2026 | Dattatreya Jayanti 2026 Date, Puja Vidhi & Panchang

✍️ लेखक: Team Khatuwalebaba.in📅 प्रकाशित: 16 अगस्त 2026पंचांग स्रोतों से सत्यापित
Jaipur / Rajasthan reference · मार्गशीर्ष पूर्णिमा

दत्तात्रेय जयंती 2026 | Dattatreya Jayanti 2026 Date, Puja Vidhi & Panchang

दत्तात्रेय जयंती 2026 (Dattatreya Jayanti 2026) 23 दिसंबर 2026, बुधवार को है। दत्तात्रेय जयंती मार्गशीर्ष पूर्णिमा से जुड़ी परंपरा है और दत्त संप्रदाय व संबंधित क्षेत्रीय उपासना-परंपराओं में विशेष रूप से मनाई जाती है।

इस पेज में पंचांग-आधारित तारीख और समय को स्थानीय, पारिवारिक तथा संप्रदायिक परंपराओं से अलग पहचान के साथ प्रस्तुत किया गया है। जहाँ Jaipur-specific सटीक समय सत्यापित है, वही समय दिया गया है।

दत्तात्रेय जयंती 2026 | Dattatreya Jayanti 2026
श्री दत्तात्रेय का सांकेतिक चित्र। फोटो: Vishal 52 / Wikimedia Commons, Wikimedia Commons license. चित्र सांकेतिक है।
पंचांग सत्यापन: मुख्य तारीख Jaipur/Rajasthan reference और प्रकाशित Hindu calendar sources से cross-check की गई है। समय संबंधी नोट: बिना Jaipur-specific verification के कोई अनुमानित मुहूर्त प्रकाशित नहीं किया गया है। जहाँ पूजा-काल आवश्यक हो, अपने शहर का Panchang देखें।
पर्वदत्तात्रेय जयंती
तारीख23 दिसंबर 2026
पंचांग आधारमार्गशीर्ष पूर्णिमा
स्थान referenceJaipur / Rajasthan

इस पेज पर क्या मिलेगा

दत्तात्रेय जयंती 2026 कब है? तारीख और पंचांग आधार

दत्तात्रेय जयंती 2026 23 दिसंबर 2026, बुधवार को है। इसका पंचांग आधार मार्गशीर्ष पूर्णिमा है।

हिंदू पर्वों की तारीख और पूजा-काल में स्थानीय सूर्योदय, चंद्रोदय, तिथि-प्रवेश, प्रदोष या पर्व-विशेष नियमों के कारण शहर के अनुसार अंतर हो सकता है। इसलिए Jaipur/Rajasthan reference स्पष्ट रूप से अलग रखा गया है।

विवरण जानकारी ध्यान रखें
दत्तात्रेय जयंती 2026 23 दिसंबर 2026, बुधवार Jaipur/Rajasthan reference
पंचांग आधार मार्गशीर्ष पूर्णिमा क्षेत्रानुसार पालन बदल सकता है
पूजा समय अपने शहर के Panchang से देखें अनुमानित समय प्रकाशित नहीं किया गया

दत्तात्रेय जयंती क्या है? परंपरा को सही संदर्भ में समझें

दत्तात्रेय जयंती दत्त संप्रदाय और संबंधित क्षेत्रीय परंपराओं में विशेष महत्व रखती है। पूजा, नाम-जप और गुरु-स्मरण की विधियाँ परंपरा के अनुसार बदलती हैं।

दत्तात्रेय जयंती मार्गशीर्ष पूर्णिमा से जुड़ी परंपरा है और दत्त संप्रदाय व संबंधित क्षेत्रीय उपासना-परंपराओं में विशेष रूप से मनाई जाती है। इस पेज का उद्देश्य किसी स्थानीय रीति को पूरे भारत के लिए अनिवार्य बताना नहीं है। शास्त्रीय उल्लेख, मंदिर-परंपरा, पारिवारिक विधि और लोक-परंपरा को एक-दूसरे के स्थान पर नहीं रखा गया है।

पंचांग से क्या तय होता है?

तिथि, वार और जहाँ आवश्यक हो वहाँ पूजा-काल। ये गणनाएँ स्थान-आधारित हो सकती हैं, इसलिए सटीक समय के लिए सही शहर चुनना महत्वपूर्ण है।

परिवार की परंपरा क्या तय करती है?

मंत्र, कथा, नैवेद्य, व्रत की कठोरता, दान और विस्तृत पूजा क्रम परिवार, क्षेत्र या संप्रदाय के अनुसार अलग हो सकता है।

दत्तात्रेय जयंती पूजा विधि / पालन — सरल और प्रचलित क्रम

परंपरा संबंधी नोट: नीचे दिया गया क्रम सामान्य गृह-पालन के लिए सरल रूपरेखा है। इसे किसी एक शास्त्रीय संप्रदाय की सार्वभौमिक अनिवार्य विधि न मानें।
  1. पूर्णिमा तिथि की पुष्टि करें।
  2. दत्तात्रेय का स्मरण और सामान्य पूजा करें।
  3. दीप, पुष्प और नैवेद्य अर्पित करें।
  4. नाम-जप/पाठ अपनी परंपरा अनुसार करें।
  5. स्थानीय दत्त मंदिर में कार्यक्रम हो तो समय मंदिर से सत्यापित करें।

विस्तृत पूजा-विधियों के लिए पूजा विधि संग्रह देखें। यदि आपके परिवार में पुरोहित, गुरु या परंपरागत विधि है तो उसी को प्राथमिकता देना उचित है।

दत्तात्रेय जयंती पूजा सामग्री — सामान्य सूची

इस पर्व के लिए पूरे भारत में एक जैसी अनिवार्य सामग्री-सूची मानना उचित नहीं है। नीचे सामान्य और उपयोगी सामग्री दी गई है; परिवार की परंपरा के अनुसार इसमें बदलाव हो सकता है।

सामान्य सामग्री

  • दीपक
  • पुष्प
  • जल
  • फल/नैवेद्य
  • परंपरा में प्रयुक्त पाठ-पुस्तिका

क्या अनिवार्य नहीं मानना चाहिए?

  • किसी निश्चित संख्या में वस्तु रखना, जब तक आपकी परंपरा में स्पष्ट नियम न हो
  • महँगी सामग्री खरीदना
  • किसी वस्तु को निश्चित धन-लाभ या इच्छा-पूर्ति से जोड़ना
  • दूसरे क्षेत्र की सामग्री-सूची को अपने परिवार पर अनिवार्य रूप से लागू करना

दत्तात्रेय जयंती की परंपराएँ — क्षेत्र और परिवार के अनुसार अंतर

भारत में एक ही पर्व का पालन अलग-अलग भाषाई, क्षेत्रीय और संप्रदायिक परंपराओं में अलग रूप से हो सकता है। दत्तात्रेय जयंती के मामले में भी भोजन, व्रत, पूजा-सामग्री, कथा और मंदिर-आयोजन में अंतर मिल सकता है।

“यही एक सही विधि है” जैसी भाषा से बचना बेहतर है। यदि किसी किसी विशेष क्षेत्र की परंपरा बताई जाए तो उस region का नाम स्पष्ट करना चाहिए।

स्वास्थ्य संबंधी सावधानी: लंबा, निर्जला या कठोर उपवास हर व्यक्ति के लिए उपयुक्त नहीं हो सकता। दवा लेने वाले, गर्भवती महिलाएँ, बच्चे, वृद्ध या किसी स्वास्थ्य स्थिति वाले व्यक्ति चिकित्सकीय सलाह और अपनी क्षमता को प्राथमिकता दें।

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Dattatreya Jayanti 2026 — Date & Panchang Summary

Dattatreya Jayanti 2026 falls on December 23, 2026 for the Jaipur/Rajasthan reference used on this page. The traditional calendar basis is मार्गशीर्ष पूर्णिमा. Rituals, fasting practices and exact timings may vary by location and family tradition.

Location-specific timings should be checked for the city where the पालन is taking place. This page avoids using an unverified muhurta from another city.

दत्तात्रेय जयंती 2026 — सामान्य प्रश्न

दत्तात्रेय जयंती 2026 कब है?

दत्तात्रेय जयंती 2026 23 दिसंबर 2026, बुधवार को है। इस page में Jaipur/Rajasthan reference को प्राथमिक रखा गया है।

दत्तात्रेय जयंती किस तिथि से जुड़ा है?

यह मार्गशीर्ष पूर्णिमा से जुड़ा पालन है। स्थान और परंपरा के अनुसार पूजा समय या पालन में अंतर हो सकता है।

क्या दत्तात्रेय जयंती की पूजा-विधि पूरे भारत में एक जैसी है?

नहीं। परिवार, क्षेत्र, मंदिर और संप्रदाय के अनुसार पूजा-विधि, नैवेद्य और व्रत की पद्धति बदल सकती है।

क्या Jaipur का मुहूर्त दूसरे शहर में उपयोग किया जा सकता है?

स्थान-आधारित पंचांग समय सीधे दूसरे शहर पर लागू नहीं करना चाहिए। सूर्योदय, चंद्रोदय और अन्य गणनाएँ शहर के अनुसार बदल सकती हैं।

दत्तात्रेय जयंती से जुड़े अन्य पेज कहाँ देखें?

इस page के संबंधित उपयोगी पेज section में मासिक कैलेंडर, पूजा-विधि और संबंधित festival pages के links दिए गए हैं।

पंचांग स्रोत और सत्यापन

  1. Drik Panchang — Jaipur Hindu Calendar 2026 — Jaipur/Rajasthan date cross-check के लिए।
  2. Prokerala — संबंधित मासिक Hindu Calendar — festival-date cross-check के लिए। Exact timings default location के हो सकते हैं, इसलिए Jaipur मुहूर्त के रूप में सीधे उपयोग नहीं किए गए।