सीधा जवाब
दत्तात्रेय जयंती 2026 कब है?
📅 बुधवार, 23 दिसंबर 2026 ⏳ 54 दिन बाकी
- 🕉️ मार्गशीर्ष शुक्ल पूर्णिमा — प्रारंभ: 23 दिसंबर, 10:48 AM · समाप्त: 24 दिसंबर, 6:58 AM
- 🌅 सूर्योदय 7:12 AM · सूर्यास्त 5:39 PM
📌 23 दिसंबर या 24 दिसंबर? पूर्णिमा तिथि 23 दिसंबर, 10:48 AM से 24 दिसंबर, 6:58 AM तक रहेगी, इसलिए दोनों तारीखों को लेकर भ्रम रहता है। पंचांग के अनुसार दत्तात्रेय जयंती बुधवार, 23 दिसंबर 2026 को मनाया जाएगा।
समय जयपुर (IST) के अनुसार; तिथि का समय खगोलीय गणना से। आपके शहर में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है।
दत्तात्रेय जयंती 2026 कब है? Dattatreya Jayanti 2026 Date, मुहूर्त व पूजा विधि
दत्तात्रेय जयंती 2026 (Dattatreya Jayanti 2026) 23 दिसंबर 2026, बुधवार को है। दत्तात्रेय जयंती मार्गशीर्ष पूर्णिमा से जुड़ी परंपरा है और दत्त संप्रदाय व संबंधित क्षेत्रीय उपासना-परंपराओं में विशेष रूप से मनाई जाती है।


इस पेज पर क्या मिलेगा
- दत्तात्रेय जयंती 2026 की तारीख
- दत्तात्रेय जयंती क्या है?
- पूजा / पालन का सरल क्रम
- पूजा सामग्री की सामान्य सूची
- परंपरा और क्षेत्रीय अंतर
- संबंधित प्रमुख तिथियाँ
- संबंधित उपयोगी पेज
- English Summary
- सामान्य प्रश्न
- पंचांग स्रोत
दत्तात्रेय जयंती 2026 कब है? तारीख और पंचांग आधार
दत्तात्रेय जयंती 2026 23 दिसंबर 2026, बुधवार को है। इसका पंचांग आधार मार्गशीर्ष पूर्णिमा है।
हिंदू पर्वों की तारीख और पूजा-काल में स्थानीय सूर्योदय, चंद्रोदय, तिथि-प्रवेश, प्रदोष या पर्व-विशेष नियमों के कारण शहर के अनुसार अंतर हो सकता है। इसलिए Jaipur/Rajasthan reference स्पष्ट रूप से अलग रखा गया है।
| विवरण | जानकारी | ध्यान रखें |
|---|---|---|
| दत्तात्रेय जयंती 2026 | 23 दिसंबर 2026, बुधवार | Jaipur/Rajasthan reference |
| पंचांग आधार | मार्गशीर्ष पूर्णिमा | क्षेत्रानुसार पालन बदल सकता है |
| पूजा समय | अपने शहर के Panchang से देखें | जयपुर के अनुसार |
दत्तात्रेय जयंती क्या है? परंपरा को सही संदर्भ में समझें
दत्तात्रेय जयंती दत्त संप्रदाय और संबंधित क्षेत्रीय परंपराओं में विशेष महत्व रखती है। पूजा, नाम-जप और गुरु-स्मरण की विधियाँ परंपरा के अनुसार बदलती हैं।
दत्तात्रेय जयंती मार्गशीर्ष पूर्णिमा से जुड़ी परंपरा है और दत्त संप्रदाय व संबंधित क्षेत्रीय उपासना-परंपराओं में विशेष रूप से मनाई जाती है। इस पेज का उद्देश्य किसी स्थानीय रीति को पूरे भारत के लिए अनिवार्य बताना नहीं है। शास्त्रीय उल्लेख, मंदिर-परंपरा, पारिवारिक विधि और लोक-परंपरा को एक-दूसरे के स्थान पर नहीं रखा गया है।
पंचांग से क्या तय होता है?
तिथि, वार और जहाँ आवश्यक हो वहाँ पूजा-काल। ये गणनाएँ स्थान-आधारित हो सकती हैं, इसलिए सटीक समय के लिए सही शहर चुनना महत्वपूर्ण है।
परिवार की परंपरा क्या तय करती है?
मंत्र, कथा, नैवेद्य, व्रत की कठोरता, दान और विस्तृत पूजा क्रम परिवार, क्षेत्र या संप्रदाय के अनुसार अलग हो सकता है।
दत्तात्रेय जयंती पूजा विधि / पालन — सरल और प्रचलित क्रम
- पूर्णिमा तिथि की पुष्टि करें।
- दत्तात्रेय का स्मरण और सामान्य पूजा करें।
- दीप, पुष्प और नैवेद्य अर्पित करें।
- नाम-जप/पाठ अपनी परंपरा अनुसार करें।
- स्थानीय दत्त मंदिर में कार्यक्रम हो तो समय मंदिर से सत्यापित करें।
विस्तृत पूजा-विधियों के लिए पूजा विधि संग्रह देखें। यदि आपके परिवार में पुरोहित, गुरु या परंपरागत विधि है तो उसी को प्राथमिकता देना उचित है।
दत्तात्रेय जयंती पूजा सामग्री — सामान्य सूची
इस पर्व के लिए पूरे भारत में एक जैसी अनिवार्य सामग्री-सूची मानना उचित नहीं है। नीचे सामान्य और उपयोगी सामग्री दी गई है; परिवार की परंपरा के अनुसार इसमें बदलाव हो सकता है।
सामान्य सामग्री
- दीपक
- पुष्प
- जल
- फल/नैवेद्य
- परंपरा में प्रयुक्त पाठ-पुस्तिका
क्या अनिवार्य नहीं मानना चाहिए?
- किसी निश्चित संख्या में वस्तु रखना, जब तक आपकी परंपरा में स्पष्ट नियम न हो
- महँगी सामग्री खरीदना
- किसी वस्तु को निश्चित धन-लाभ या इच्छा-पूर्ति से जोड़ना
- दूसरे क्षेत्र की सामग्री-सूची को अपने परिवार पर अनिवार्य रूप से लागू करना
दत्तात्रेय जयंती की परंपराएँ — क्षेत्र और परिवार के अनुसार अंतर
भारत में एक ही पर्व का पालन अलग-अलग भाषाई, क्षेत्रीय और संप्रदायिक परंपराओं में अलग रूप से हो सकता है। दत्तात्रेय जयंती के मामले में भी भोजन, व्रत, पूजा-सामग्री, कथा और मंदिर-आयोजन में अंतर मिल सकता है।
“यही एक सही विधि है” जैसी भाषा से बचना बेहतर है। यदि किसी किसी विशेष क्षेत्र की परंपरा बताई जाए तो उस region का नाम स्पष्ट करना चाहिए।
दत्तात्रेय जयंती से संबंधित प्रमुख तिथियाँ और पेज
| संबंधित विषय | आगे पढ़ें |
|---|---|
| काल भैरव जयंती | विस्तृत जानकारी |
| विवाह पंचमी | विस्तृत जानकारी |
| गीता जयंती | विस्तृत जानकारी |
| मोक्षदा एकादशी | विस्तृत जानकारी |
पूरे महीने की सूची के लिए संबंधित मासिक हिंदू कैलेंडर देखें।
Dattatreya Jayanti 2026 — Date & Panchang Summary
Dattatreya Jayanti 2026 falls on December 23, 2026 for the Jaipur/Rajasthan reference used on this page. The traditional calendar basis is मार्गशीर्ष पूर्णिमा. Rituals, fasting practices and exact timings may vary by location and family tradition.
Location-specific timings should be checked for the city where the पालन is taking place. This page avoids using an unverified muhurta from another city.
दत्तात्रेय जयंती 2026 — सामान्य प्रश्न
दत्तात्रेय जयंती 2026 कब है?
दत्तात्रेय जयंती 2026 23 दिसंबर 2026, बुधवार को है। इस page में Jaipur/Rajasthan reference को प्राथमिक रखा गया है।
दत्तात्रेय जयंती किस तिथि से जुड़ा है?
यह मार्गशीर्ष पूर्णिमा से जुड़ा पालन है। स्थान और परंपरा के अनुसार पूजा समय या पालन में अंतर हो सकता है।
क्या दत्तात्रेय जयंती की पूजा-विधि पूरे भारत में एक जैसी है?
नहीं। परिवार, क्षेत्र, मंदिर और संप्रदाय के अनुसार पूजा-विधि, नैवेद्य और व्रत की पद्धति बदल सकती है।
क्या Jaipur का मुहूर्त दूसरे शहर में उपयोग किया जा सकता है?
स्थान-आधारित पंचांग समय सीधे दूसरे शहर पर लागू नहीं करना चाहिए। सूर्योदय, चंद्रोदय और अन्य गणनाएँ शहर के अनुसार बदल सकती हैं।
दत्तात्रेय जयंती से जुड़े अन्य पेज कहाँ देखें?
इस page के संबंधित उपयोगी पेज section में मासिक कैलेंडर, पूजा-विधि और संबंधित festival pages के links दिए गए हैं।
पंचांग स्रोत और सत्यापन
- Drik Panchang — Jaipur Hindu Calendar 2026 — Jaipur/Rajasthan date cross-check के लिए।
- Prokerala — संबंधित मासिक Hindu Calendar — festival-date cross-check के लिए। Exact timings default location के हो सकते हैं, इसलिए Jaipur मुहूर्त के रूप में सीधे उपयोग नहीं किए गए।
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