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एकादशी कब है? एकादशी कैलेंडर 2026–27

2026 और 2027 की सभी एकादशी तिथियाँ, समय और व्रत जानकारी।

🌙 अगली एकादशी कब है?

रमा एकादशी — बृहस्पतिवार, नवम्बर 5 2026

एकादशी तिथि: नव॰ 04, 11:03 AM से नव॰ 05, 10:35 AM तक · कार्तिक, कृष्ण पक्ष

इसके बाद: देवुत्थान एकादशी — शुक्रवार, नवम्बर 20 2026
इसके बाद: उत्पन्ना एकादशी — शुक्रवार, दिसम्बर 4 2026

समय जयपुर (IST) के अनुसार। एकादशी पर खाटू में भारी भीड़ रहती है — आज का दर्शन समय · धर्मशाला · एकादशी 2027 सूची

एकादशी हर माह में दो बार आती है — कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष में। खाटू श्याम जी के भक्तों के लिए एकादशी का विशेष महत्व है। इस दिन बाबा के दर्शन करने से सौ यज्ञों के बराबर फल प्राप्त होता है। खाटू मंदिर में एकादशी पर विशेष पूजा और दर्शन का आयोजन होता है।

⭐ विशेष एकादशी: निर्जला (जून), देवशयनी (जुलाई), देवुत्थान (नवम्बर) और वैकुण्ठ एकादशी (दिसम्बर) — इन पर खाटू में असाधारण भीड़ होती है। पहले से बुकिंग करें।

एकादशी कैलेंडर 2026 — सभी तिथियाँ

दिनांक वार एकादशी नाम तिथि प्रारम्भ समाप्त व्रत कथा / विधि
जनवरी 10 बीत गई शनिवार
सफला एकादशी
कृष्ण
पौष, कृष्ण जन॰ 10, 03:29 AM जन॰ 11, 05:57 AM
जनवरी 25 बीत गई रविवार
पौष पुत्रदा एकादशी
शुक्ल
पौष, शुक्ल जन॰ 25, 12:10 PM जन॰ 26, 09:43 AM
फरवरी 9 बीत गई सोमवार
षट्तिला एकादशी
कृष्ण
माघ, कृष्ण फ़र॰ 09, 05:41 AM फ़र॰ 10, 07:17 AM
फरवरी 23 बीत गई सोमवार
जया एकादशी
शुक्ल
माघ, शुक्ल फ़र॰ 22, 05:21 PM फ़र॰ 23, 02:31 PM
मार्च 11 बीत गई बुधवार
विजया एकादशी
कृष्ण
फाल्गुन, कृष्ण मार्च 10, 10:09 PM मार्च 11, 11:12 PM
मार्च 25 बीत गई बुधवार
आमलकी एकादशी
शुक्ल
फाल्गुन, शुक्ल मार्च 24, 11:11 PM मार्च 25, 09:28 PM
अप्रैल 9 बीत गई बृहस्पतिवार
पापमोचिनी एकादशी
कृष्ण
चैत्र, कृष्ण अप्रैल 09, 03:39 AM अप्रैल 10, 03:46 AM
अप्रैल 24 बीत गई शुक्रवार
कामदा एकादशी
शुक्ल
चैत्र, शुक्ल अप्रैल 23, 05:29 PM अप्रैल 24, 03:52 PM
मई 9 बीत गई शनिवार
वरुथिनी एकादशी
कृष्ण
वैशाख, कृष्ण मई 08, 09:07 AM मई 09, 08:37 AM
मई 23 बीत गई शनिवार
मोहिनी एकादशी
शुक्ल
वैशाख, शुक्ल मई 22, 08:30 PM मई 23, 07:48 PM
जून 11 बीत गई बृहस्पतिवार
परम एकादशी
कृष्ण
ज्येष्ठ, कृष्ण जून 11, 12:57 AM जून 11, 10:36 PM
जून 25 ⭐ बीत गई बृहस्पतिवार
निर्जला एकादशी
शुक्ल
ज्येष्ठ, शुक्ल जून 24, 06:12 PM जून 25, 08:09 PM
जुलाई 10 बीत गई शुक्रवार
योगिनी एकादशी
कृष्ण
आषाढ़, कृष्ण जुलाई 10, 08:16 AM जुलाई 11, 05:22 AM
जुलाई 25 ⭐ बीत गई शनिवार
देवशयनी एकादशी
शुक्ल
आषाढ़, शुक्ल जुलाई 24, 09:12 AM जुलाई 25, 11:34 AM
अगस्त 9 बीत गई रविवार
कामिका एकादशी
कृष्ण
श्रावण, कृष्ण अगस्त 08, 01:59 PM अगस्त 09, 11:04 AM
अगस्त 23 बीत गई रविवार
श्रावण पुत्रदा एकादशी
शुक्ल
श्रावण, शुक्ल अगस्त 23, 02:00 AM अगस्त 24, 04:18 AM
सितम्बर 7 बीत गई सोमवार
अजा एकादशी
कृष्ण
भाद्रपद, कृष्ण सित॰ 06, 07:29 PM सित॰ 07, 05:03 PM
सितम्बर 22 बीत गई मंगलवार
परिवर्तिनी एकादशी
शुक्ल
भाद्रपद, शुक्ल सित॰ 21, 08:00 PM सित॰ 22, 09:43 PM
अक्टूबर 6 बीत गई मंगलवार
इन्दिरा एकादशी
कृष्ण
आश्विन, कृष्ण अक्टू॰ 06, 02:07 AM अक्टू॰ 07, 12:34 AM
अक्टूबर 22 बीत गई बृहस्पतिवार
पापांकुशा एकादशी
शुक्ल
आश्विन, शुक्ल अक्टू॰ 21, 02:11 PM अक्टू॰ 22, 02:47 PM
नवम्बर 5 बृहस्पतिवार
रमा एकादशी
कृष्ण
कार्तिक, कृष्ण नव॰ 04, 11:03 AM नव॰ 05, 10:35 AM
नवम्बर 20 ⭐ शुक्रवार
देवुत्थान एकादशी
शुक्ल
कार्तिक, शुक्ल नव॰ 20, 07:15 AM नव॰ 21, 06:31 AM
दिसम्बर 4 शुक्रवार
उत्पन्ना एकादशी
कृष्ण
मार्गशीर्ष, कृष्ण दिस॰ 03, 11:03 PM दिस॰ 04, 11:44 PM
दिसम्बर 20 ⭐ रविवार
मोक्षदा एकादशी / वैकुण्ठ एकादशी
शुक्ल
पौष, शुक्ल दिस॰ 19, 10:09 PM दिस॰ 20, 08:14 PM

एकादशी कैलेंडर 2027 — सभी 25 एकादशी तिथियाँ

2027 में कुल 25 एकादशी हैं — सफला एकादशी साल में दो बार आती है (3 जनवरी और 23 दिसंबर)। खाटू श्याम जी के फाल्गुन मेले की आमलकी एकादशी गुरुवार, 18 मार्च 2027 को है; निर्जला एकादशी 14 जून, देवशयनी 14 जुलाई और देवउठनी (देवुत्थान) एकादशी 10 नवंबर 2027 को है। तिथि के प्रारम्भ-समाप्ति समय जयपुर के अनुसार हैं (स्रोत: Drik Panchang)।

दिनांक वार एकादशी नाम तिथि प्रारम्भ समाप्त पारण (जयपुर) व्रत कथा / विधि
जनवरी 3 रविवार
सफला एकादशी
कृष्ण
पौष, कृष्ण जन॰ 02, 02:24 PM जन॰ 03, 04:08 PM 4 जन॰, 7:17 AM–9:23 AM
जनवरी 18 सोमवार
पौष पुत्रदा एकादशी
शुक्ल
पौष, शुक्ल जन॰ 18, 10:26 AM जन॰ 19, 07:49 AM 19 जन॰, 1:42 PM–3:50 PM
फरवरी 2 मंगलवार
षट्तिला एकादशी
कृष्ण
माघ, कृष्ण फ़र॰ 01, 08:41 AM फ़र॰ 02, 11:10 AM 3 फ़र॰, 7:12 AM–9:23 AM
फरवरी 17 बुधवार
जया एकादशी
शुक्ल
माघ, शुक्ल फ़र॰ 16, 08:19 PM फ़र॰ 17, 05:31 PM 18 फ़र॰, 7:01 AM–9:17 AM
मार्च 4 बृहस्पतिवार
विजया एकादशी
कृष्ण
फाल्गुन, कृष्ण मार्च 03, 04:44 AM मार्च 04, 07:24 AM 5 मार्च, 6:47 AM–9:08 AM
मार्च 18 ⭐ बृहस्पतिवार
आमलकी एकादशी
शुक्ल
फाल्गुन, शुक्ल मार्च 18, 04:21 AM मार्च 19, 01:51 AM 19 मार्च, 7:12 AM–8:57 AM
अप्रैल 2 शुक्रवार
पापमोचिनी एकादशी
कृष्ण
चैत्र, कृष्ण अप्रैल 02, 12:45 AM अप्रैल 03, 02:51 AM 3 अप्रैल, 1:45 PM–4:15 PM
अप्रैल 17 शनिवार
कामदा एकादशी
शुक्ल
चैत्र, शुक्ल अप्रैल 16, 11:21 AM अप्रैल 17, 09:27 AM 18 अप्रैल, 6:00 AM–7:42 AM
मई 2 रविवार
वरुथिनी एकादशी
कृष्ण
वैशाख, कृष्ण मई 01, 06:53 PM मई 02, 07:51 PM 3 मई, 5:47 AM–8:26 AM
मई 16 रविवार
मोहिनी एकादशी
शुक्ल
वैशाख, शुक्ल मई 15, 06:17 PM मई 16, 05:13 PM 17 मई, 5:38 AM–8:20 AM
जून 1 मंगलवार
अपरा एकादशी
कृष्ण
ज्येष्ठ, कृष्ण मई 31, 10:02 AM जून 01, 09:39 AM 2 जून, 5:33 AM–8:18 AM
जून 14 ⭐ सोमवार
निर्जला एकादशी
शुक्ल
ज्येष्ठ, शुक्ल जून 14, 02:11 AM जून 15, 02:07 AM 15 जून, 8:13 AM–8:18 AM
जून 30 बुधवार
योगिनी एकादशी
कृष्ण
आषाढ़, कृष्ण जून 29, 10:03 PM जून 30, 08:30 PM 1 जुलाई, 5:36 AM–8:22 AM
जुलाई 14 ⭐ बुधवार
देवशयनी एकादशी
शुक्ल
आषाढ़, शुक्ल जुलाई 13, 12:08 PM जुलाई 14, 01:10 PM 15 जुलाई, 5:42 AM–8:27 AM
जुलाई 29 बृहस्पतिवार
कामिका एकादशी
कृष्ण
श्रावण, कृष्ण जुलाई 29, 07:33 AM जुलाई 30, 05:12 AM 30 जुलाई, 1:54 PM–4:35 PM
अगस्त 12 बृहस्पतिवार
श्रावण पुत्रदा एकादशी
शुक्ल
श्रावण, शुक्ल अगस्त 12, 12:58 AM अगस्त 13, 02:59 AM 13 अगस्त, 1:50 PM–4:28 PM
अगस्त 28 शनिवार
अजा एकादशी
कृष्ण
भाद्रपद, कृष्ण अगस्त 27, 03:25 PM अगस्त 28, 12:42 PM 29 अगस्त, 6:05 AM–8:38 AM
सितम्बर 11 शनिवार
परिवर्तिनी एकादशी
शुक्ल
भाद्रपद, शुक्ल सित॰ 10, 05:00 PM सित॰ 11, 07:35 PM 12 सित॰, 6:11 AM–8:40 AM
सितम्बर 26 रविवार
इन्दिरा एकादशी
कृष्ण
आश्विन, कृष्ण सित॰ 25, 10:30 PM सित॰ 26, 07:49 PM 27 सित॰, 6:17 AM–8:41 AM
अक्टूबर 11 सोमवार
पापांकुशा एकादशी
शुक्ल
आश्विन, शुक्ल अक्टू॰ 10, 11:40 AM अक्टू॰ 11, 02:08 PM 12 अक्टू॰, 6:24 AM–8:44 AM
अक्टूबर 25 सोमवार
रमा एकादशी
कृष्ण
कार्तिक, कृष्ण अक्टू॰ 25, 05:40 AM अक्टू॰ 26, 03:22 AM 26 अक्टू॰, 8:47 AM–8:48 AM
नवम्बर 10 ⭐ बुधवार
देवुत्थान एकादशी
शुक्ल
कार्तिक, शुक्ल नव॰ 09, 07:34 AM नव॰ 10, 09:11 AM 11 नव॰, 6:43 AM–8:54 AM
नवम्बर 24 बुधवार
उत्पन्ना एकादशी
कृष्ण
मार्गशीर्ष, कृष्ण नव॰ 23, 01:44 PM नव॰ 24, 12:11 PM 25 नव॰, 6:54 AM–9:02 AM
दिसम्बर 9 ⭐ बृहस्पतिवार
मोक्षदा एकादशी / वैकुण्ठ एकादशी
शुक्ल
मार्गशीर्ष, शुक्ल दिस॰ 09, 02:58 AM दिस॰ 10, 03:19 AM 10 दिस॰, 1:22 PM–3:28 PM
दिसम्बर 23 बृहस्पतिवार
सफला एकादशी
कृष्ण
पौष, कृष्ण दिस॰ 22, 11:40 PM दिस॰ 23, 11:11 PM

एकादशी व्रत का महत्व — खाटू श्याम जी

एकादशी को विष्णु की तिथि माना जाता है। इस दिन व्रत रखने से पापों से मुक्ति और मोक्ष की प्राप्ति होती है। खाटू श्याम जी के भक्तों के लिए एकादशी पर मंदिर में विशेष दर्शन और भंडारे का आयोजन होता है।

🌙 कृष्ण एकादशी

कृष्ण पक्ष की एकादशी — पाप नाश और शत्रु मुक्ति के लिए विशेष।

☀️ शुक्ल एकादशी

शुक्ल पक्ष की एकादशी — मनोकामना पूर्ति और समृद्धि के लिए विशेष।

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🛕 इस दिन खाटू आ रहे हैं?

हर शुक्ल एकादशी–द्वादशी को खाटू में मासिक मेला भरता है और भीड़ सामान्य दिनों से कई गुना होती है। ठहरने, टैक्सी और दर्शन की जानकारी एक जगह:

एकादशी कब है? अगली एकादशी, तिथि समय, पारण और 2026-27 एकादशी सूची

अगली एकादशी — जयपुर/राजस्थान संदर्भ में पापांकुशा एकादशी गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को है। एकादशी हर हिंदू मास में दो बार आती है — शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष में। राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश में इसे “ग्यारस” भी कहते हैं, और खाटू श्याम जी के भक्तों के लिए यह सबसे प्रमुख तिथि मानी जाती है।

अगली एकादशी22 अक्टूबर 2026, गुरुवार
पंचांग आधारभाद्रपद शुक्ल एकादशी

सीधा जवाब

अगली एकादशी कब है?

📅 गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 — पापांकुशा एकादशी   ⏳

  • 🕉️ अश्विन शुक्ल एकादशी — प्रारंभ: 21 अक्टूबर, 2:11 PM · समाप्त: 22 अक्टूबर, 2:47 PM
  • 🌅 पारण: 23 अक्टूबर (शुक्रवार) सुबह, सूर्योदय के बाद — सटीक पारण समय अपने शहर के पंचांग से देखें

📌 21 या 22 अक्टूबर? एकादशी तिथि 21 अक्टूबर की दोपहर शुरू होती है, पर व्रत उस दिन रखा जाता है जिस दिन सूर्योदय के समय एकादशी हो — इसलिए जयपुर पंचांग के अनुसार पापांकुशा एकादशी का व्रत गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को है।

समय जयपुर (IST) के अनुसार; तिथि का समय खगोलीय गणना से। आपके शहर में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है।

अन्य नाम: एकादशी को राजस्थान और मध्य प्रदेश में ग्यारस भी कहते हैं — जैसे देवउठनी ग्यारस, निर्जला ग्यारस। हर महीने दो एकादशी आती हैं (शुक्ल और कृष्ण पक्ष)।

🛕 एकादशी पर खाटू श्याम दर्शन की योजना?

हर शुक्ल एकादशी और द्वादशी पर खाटू में सबसे अधिक भीड़ रहती है। एक दिन पहले पहुँचकर रुकें, सुबह जल्दी दर्शन करें और दोपहर 2–4 बजे की बंदी का ध्यान रखें।

⏰ आज का दर्शन समय  ·  🏠 धर्मशालाएँ  ·  🏨 होटल  ·  🚕 टैक्सी  ·  🗺️ खाटू कैसे पहुँचें  ·  🙏 VIP दर्शन का सच

🔔 हर एकादशी का रिमाइंडर — मुफ़्त

सभी आने वाली एकादशी तिथियाँ एक टैप में अपने फ़ोन कैलेंडर में जोड़ें — एक दिन पहले शाम को याद दिलाएगा।

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एकादशी कब है?

एकादशी चंद्र मास की ग्यारहवीं तिथि है, जो हर मास में दो बार आती है। इसलिए एक वर्ष में सामान्यतः 24 एकादशियाँ होती हैं, और अधिक मास वाले वर्ष में 26। अगली एकादशी 22 अक्टूबर 2026 (गुरुवार) को पापांकुशा एकादशी (अश्विन शुक्ल) है। इसके बाद 5 नवंबर को रमा एकादशी और 20 नवंबर को देवउठनी एकादशी है — इसी दिन खाटू श्याम जी का जन्मोत्सव मनाया जाता है।

एकादशी का व्रत प्रायः उस दिन रखा जाता है जिस दिन सूर्योदय के समय एकादशी तिथि हो, और अगले दिन द्वादशी तिथि में निर्धारित समय के भीतर पारण (व्रत खोलना) किया जाता है। यदि किसी दूसरी सूची में तारीख एक दिन अलग दिखे, तो पहले देखें कि वहाँ कौन-सा शहर और कौन-सी परंपरा (स्मार्त या वैष्णव) चुनी गई है।

एकादशी सूची — सितंबर 2026 से मार्च 2027

तारीख दिन एकादशी पक्ष / मास तिथि (जयपुर)
22 सितंबर 2026 मंगलवार परिवर्तिनी (पार्श्व) एकादशी भाद्रपद शुक्ल 21 सित. 8:00 PM – 22 सित. 9:43 PM
6 अक्टूबर 2026 मंगलवार इंदिरा एकादशी अश्विन कृष्ण 6 अक्टू. 2:07 AM – 7 अक्टू. 12:34 AM
22 अक्टूबर 2026 गुरुवार पापांकुशा एकादशी अश्विन शुक्ल 21 अक्टू. 2:11 PM – 22 अक्टू. 2:47 PM
5 नवंबर 2026 गुरुवार रमा एकादशी कार्तिक कृष्ण 4 नव. 11:03 AM – 5 नव. 10:35 AM
20 नवंबर 2026 शुक्रवार देवउठनी (प्रबोधिनी) एकादशी — वैष्णव/गौण: 21 नवंबर कार्तिक शुक्ल 20 नव. 7:15 AM – 21 नव. 6:31 AM
4 दिसंबर 2026 शुक्रवार उत्पन्ना एकादशी मार्गशीर्ष कृष्ण 3 दिस. 11:03 PM – 4 दिस. 11:44 PM
20 दिसंबर 2026 रविवार मोक्षदा (वैकुंठ) एकादशी — गीता जयंती मार्गशीर्ष शुक्ल 19 दिस. 10:09 PM – 20 दिस. 8:14 PM
3 जनवरी 2027 रविवार सफला एकादशी पौष कृष्ण 2 जन. 2:24 PM – 3 जन. 4:08 PM
18 जनवरी 2027 सोमवार पौष पुत्रदा एकादशी — वैष्णव/गौण: 19 जनवरी पौष शुक्ल 18 जन. 10:26 AM – 19 जन. 7:49 AM
2 फरवरी 2027 मंगलवार षटतिला एकादशी माघ कृष्ण 1 फर. 8:41 AM – 2 फर. 11:10 AM
17 फरवरी 2027 बुधवार जया एकादशी माघ शुक्ल 16 फर. 8:19 PM – 17 फर. 5:31 PM
4 मार्च 2027 गुरुवार विजया एकादशी फाल्गुन कृष्ण 3 मार्च 4:44 AM – 4 मार्च 7:24 AM
18 मार्च 2027 गुरुवार आमलकी एकादशी — खाटू फाल्गुन मेले का मुख्य दिन फाल्गुन शुक्ल 18 मार्च 4:21 AM – 19 मार्च 1:51 AM

सारी तारीखें और तिथि-समय जयपुर पंचांग के अनुसार हैं। दूसरे शहर में तिथि का आरंभ-समाप्ति समय कुछ मिनट अलग हो सकता है।

स्मार्त और वैष्णव एकादशी — दो तारीखें क्यों?

कुछ एकादशियाँ पंचांग में दो दिनों में दिखाई देती हैं, जैसे 2026 की देवउठनी एकादशी (20 और 21 नवंबर) और 2027 की पौष पुत्रदा एकादशी (18 और 19 जनवरी)। यह गलती नहीं है:

  • स्मार्त एकादशी: गृहस्थ परिवार प्रायः यही रखते हैं; तिथि सूर्योदय के समय एकादशी की उपस्थिति से तय होती है।
  • वैष्णव / गौण एकादशी: कई वैष्णव संप्रदाय, संन्यासी और ISKCON परंपरा इसे मानते हैं। यदि एकादशी के सूर्योदय पर दशमी का अंश हो (दशमी-वेध), तो व्रत अगले दिन रखा जाता है।

खाटू श्याम जी के भक्त सामान्यतः स्मार्त एकादशी का पालन करते हैं, पर अंतिम निर्णय आपके परिवार की परंपरा या गुरु के मार्गदर्शन पर निर्भर करता है।

एकादशी व्रत की सरल विधि

  1. दशमी की शाम हल्का सात्त्विक भोजन करें; परंपरा के अनुसार चावल से परहेज़ करें।
  2. एकादशी की सुबह स्नान करके भगवान विष्णु / श्रीकृष्ण की पूजा और व्रत का संकल्प लें।
  3. दिन में अपनी क्षमता के अनुसार निर्जल, फलाहार या एक समय सात्त्विक भोजन का व्रत रखें — अन्न और दालें सामान्यतः वर्जित मानी जाती हैं।
  4. भजन, नाम-स्मरण, विष्णु सहस्रनाम या श्री श्याम आरती का पाठ करें।
  5. अगले दिन द्वादशी में निर्धारित पारण समय के भीतर व्रत खोलें — पारण का समय हर एकादशी पर अलग होता है।
व्रत की पद्धति परिवार और संप्रदाय के अनुसार बदल सकती है। गर्भावस्था, बीमारी, मधुमेह, बुज़ुर्ग आयु या नियमित दवाइयों की स्थिति में निर्जल व्रत न रखें और चिकित्सक से सलाह लें।

एकादशी और खाटू श्याम जी

पौराणिक मान्यता के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण ने बर्बरीक को कलियुग में “श्याम” नाम से पूजे जाने का वरदान दिया था — देखें खाटू श्याम जी कौन हैं। एकादशी विष्णु और कृष्ण भक्ति की तिथि है, इसलिए खाटू श्याम जी के भक्तों के लिए हर ग्यारस विशेष होती है और इस दिन खाटू में सामान्य दिनों से कहीं अधिक भीड़ रहती है। बहुत-से भक्त निशान यात्रा लेकर रिंगस से पैदल खाटू पहुँचते हैं।

फाल्गुन शुक्ल एकादशी (आमलकी एकादशी) खाटू के लिए वर्ष की सबसे बड़ी एकादशी है। 2027 में यह 18 मार्च को है, जो फाल्गुन मेला 2027 (15–21 मार्च, मुख्य दिन 18–20 मार्च) के मुख्य दिनों में आती है।

सामान्य दिनों में खाटू श्याम जी मंदिर सुबह 4:30 बजे खुलता है, दोपहर 2 से 4 बजे बंद रहता है और रात 10 बजे बंद होता है (श्री श्याम मंदिर कमेटी का बोर्ड, सितंबर 2026)। एकादशी और मेले के दिनों में दर्शन व्यवस्था अलग हो सकती है — यात्रा से पहले दर्शन समय गाइड ज़रूर देखें।

यात्रा, पूजा और तिथि से जुड़ी जरूरी बातें

  • एकादशी पर खाटू में भारी भीड़ रहती है — ठहरने की व्यवस्था पहले करें: होटल, धर्मशाला।
  • पारण का समय शहर-विशिष्ट होता है; दूसरे शहर का समय सीधे उपयोग न करें।
  • धार्मिक मान्यता और लोकपरंपरा को निश्चित भौतिक परिणाम की गारंटी के रूप में न लें।
  • व्रत या उपवास में स्वास्थ्य, आयु और चिकित्सकीय आवश्यकता को प्राथमिकता दें।

संबंधित उपयोगी जानकारी

🙏 एकादशी खाटू श्याम जी के भक्तों के लिए विशेष दिन है — अगली एकादशी पर दर्शन का प्लान बनाएँ।

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एकादशी — सामान्य प्रश्न

अगली एकादशी कब है?

जयपुर/राजस्थान संदर्भ में अगली एकादशी 22 अक्टूबर 2026, गुरुवार को पापांकुशा एकादशी है। तिथि 21 अक्टूबर दोपहर 2:11 बजे शुरू होकर 22 अक्टूबर दोपहर 2:47 बजे तक है; पारण 23 अक्टूबर की सुबह है।

एकादशी का व्रत कब तक रखा जाता है?

व्रत एकादशी की सुबह से शुरू होकर अगले दिन द्वादशी तिथि में निर्धारित पारण समय पर खोला जाता है। पारण का समय हर एकादशी पर अलग होता है, इसलिए अपने शहर का पंचांग देखें।

एकादशी के दिन क्या नहीं खाना चाहिए?

परंपरा के अनुसार एकादशी पर चावल, गेहूँ, दालें, प्याज़, लहसुन और मांसाहार वर्जित माने जाते हैं। फल, दूध, मेवा, आलू, साबूदाना, कुट्टू और सिंघाड़े का आटा फलाहार में लिया जाता है।

स्मार्त और वैष्णव एकादशी में क्या अंतर है?

स्मार्त एकादशी गृहस्थ परिवार रखते हैं और यह सूर्योदय के समय की तिथि से तय होती है। वैष्णव (गौण) एकादशी दशमी-वेध होने पर अगले दिन पड़ती है और कई वैष्णव संप्रदाय व ISKCON इसे मानते हैं।

देवउठनी एकादशी 2026 कब है?

देवउठनी (प्रबोधिनी) एकादशी 20 नवंबर 2026, शुक्रवार को है; वैष्णव/गौण परंपरा में यह 21 नवंबर को मानी जाती है। तिथि 20 नवंबर सुबह 7:15 बजे से 21 नवंबर सुबह 6:31 बजे तक है।

फाल्गुन मेले की आमलकी एकादशी 2027 कब है?

आमलकी एकादशी 18 मार्च 2027, गुरुवार को है। यह खाटू फाल्गुन मेले (15–21 मार्च) के मुख्य दिनों में आती है।

क्या गर्भवती महिलाएँ या बीमार व्यक्ति एकादशी व्रत रख सकते हैं?

गर्भावस्था, बीमारी, बुज़ुर्ग आयु या नियमित दवाइयों की स्थिति में निर्जल व्रत न रखें। हल्का फलाहार या केवल पूजा-स्मरण भी किया जा सकता है; चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।

पंचांग संदर्भ

  1. Drik Panchang — Jaipur Ekadashi 2026
  2. Drik Panchang — Jaipur Ekadashi 2027

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