Salasar Balaji Temple — सालासर बालाजी मंदिर History, Darshan & Complete Guide

सीधा जवाब

सालासर बालाजी मंदिर राजस्थान के चूरू ज़िले (तहसील सुजानगढ़) के सालासर कस्बे में हनुमान जी का प्रसिद्ध धाम है, जहाँ बालाजी दाढ़ी-मूँछ वाले अनोखे रूप में विराजते हैं। दर्शन सुबह करीब 5 बजे मंगला आरती से रात करीब 9–10 बजे शयन आरती तक होते हैं (मौसम अनुसार)। खाटू श्याम जी से दूरी लगभग 103 km (2–2.5 घंटे), नज़दीकी स्टेशन सुजानगढ़ (~25–27 km) और एयरपोर्ट जयपुर (~165 km)।

🕐 ~5 AM – ~9/10 PM🔥 मंगलवार-शनिवार भीड़🎪 आश्विन पूर्णिमा मेला — 25 अक्टूबर 2026🛕 खाटू से ~103 km

⏰ सालासर बालाजी — दर्शन व आरती समय 2026

दर्शन मंगला आरती (लगभग 5–5:30 AM) से शयन आरती (लगभग 9–10 PM) तक
आरती मंगला ~5 AM · राजभोग ~10–10:30 AM · संध्या व शयन आरती शाम को
विशेष मंगलवार-शनिवार भीड़ अधिक; सर्दी-गर्मी में समय 30–60 मिनट बदलता है

सभी प्रमुख मंदिरों के दर्शन व आरती समय →

🏛️
Deity
Hanuman Ji
📍
Location
Churu, Rajasthan
📅
Established
1754 CE
🕐
Opens
~5:00 AM
🕙
Closes
~9–10 PM
🚗
From Khatu
~103 km
🎟️
Entry
FREE
👥
Annual Visitors
25+ Lakh

सालासर बालाजी — Salasar Balaji Temple Complete Guide 2026

Salasar Balaji Mandir राजस्थान के चूरू जिले के सालासर गाँव में स्थित Hanuman Ji का एक अत्यंत जाग्रत और चमत्कारी मंदिर है। यह मंदिर पूरे भारत में इसलिए अनोखा है क्योंकि यहाँ Hanuman Ji की मूर्ति दाढ़ी और मूछों के साथ विराजमान है — जो भारत के किसी भी अन्य प्रमुख Hanuman मंदिर में नहीं मिलती। इस मूर्ति को “Siyavar Ramchandra Ki Jai” की भावना के साथ अत्यंत दिव्य माना जाता है।

सालासर बालाजी मंदिर Do Dham Yatra का केंद्रबिंदु है — खाटू श्याम जी (~103 km) और सालासर बालाजी दोनों Rajasthan के सबसे प्रमुख pilgrimage destinations हैं। लाखों श्रद्धालु दोनों धाम एक साथ cover करते हैं। यहाँ हर मंगलवार और शनिवार को विशेष भीड़ होती है — और Chaitra Purnima Mela में तो 5–7 लाख से भी अधिक भक्त एक साथ आते हैं।


इतिहास — History of Salasar Balaji Temple

सालासर बालाजी मंदिर की स्थापना 1754 ईस्वी में हुई। इस मंदिर के पीछे एक अत्यंत रोचक और भक्तिपूर्ण कहानी है। Nagaur जिले के एक गाँव में एक किसान अपने खेत में जुताई कर रहा था — अचानक उसके हल की नोक से एक दिव्य मूर्ति प्रकट हुई। मूर्ति Hanuman Ji की थी — दाढ़ी और मूछों के साथ, अत्यंत तेजस्वी और जाग्रत।

उसी रात Mohandas Ji Maharaj को स्वप्न आया — Hanuman Ji ने उन्हें आदेश दिया कि वह मूर्ति सालासर लाई जाए और वहाँ स्थापित की जाए। Mohandas Ji एक महान संत और Hanuman Ji के परम भक्त थे जिन्होंने बचपन में ही विवाह से मना कर दिया था और अपना सम्पूर्ण जीवन भक्ति में समर्पित कर दिया था। उनकी बहन Kanha Bai ने भी अपना पूरा जीवन उनके साथ मंदिर सेवा में लगाया।

1754 में जब यह मूर्ति सालासर पहुँची तो उसे श्रावण शुक्ल नवमी को विधिपूर्वक स्थापित किया गया। तब से आज तक मोहनदास जी के वंशज ही मंदिर के पुजारी हैं। Mohandas Ji और Kanha Bai की समाधि मंदिर परिसर में ही है — जो आज भी भक्तों के लिए दर्शनीय स्थल है।


मंदिर की एक और विशेषता यह है कि मूर्ति का मुख South-West direction में है — जो सामान्यतः अशुभ माना जाता है, लेकिन यहाँ यह Hanuman Ji की इच्छा से हुआ और इसे शुभ माना जाता है। यह मंदिर 1754 से निरंतर विस्तारित होता रहा है और आज परिसर में मुख्य मंदिर, सभामंडप, भोजनशाला, धर्मशाला और विशाल प्रांगण है।

दर्शन समय — Salasar Balaji Darshan Timings 2026

सालासर बालाजी मंदिर में दर्शन सुबह की मंगला आरती (करीब 5–5:30 बजे) से शुरू होकर रात की शयन आरती (करीब 9–10 बजे) तक चलते हैं। आरती का समय सर्दी (अक्टूबर–मार्च) और गर्मी (अप्रैल–सितंबर) में 30–60 मिनट बदलता है, इसलिए नीचे दिए समय लगभग हैं — यात्रा से पहले मंदिर में लगी सूचना देखें।

आरती समय विशेषता
🌅 मंगला आरती ~5:00–5:30 AM प्रातःकालीन आरती
🙏 मोहनदास जी की आरती मंगला के बाद संत मोहनदास जी की आरती
🍚 राजभोग आरती ~10:00–10:30 AM दोपहर का भोग; मंगलवार को विशेष राजभोग
🪔 धूप व मोहनदास जी की आरती ~5:00–6:30 PM संध्या से पहले
🌇 बालाजी की संध्या आरती ~6:00–7:30 PM सबसे ज़्यादा भीड़
🌙 शयन आरती ~9:00–10:00 PM अंतिम आरती
⚠️ विशेष दिन: मंगलवार, शनिवार, चैत्र पूर्णिमा (हनुमान जयंती) और आश्विन पूर्णिमा पर सबसे ज़्यादा भीड़ रहती है और मेले के दिनों में दर्शन का समय बढ़ाया जा सकता है — सटीक समय मंदिर प्रशासन की सूचना से पक्का करें।


मूर्ति की विशेषता — The Unique Idol of Salasar Balaji

सालासर बालाजी की मूर्ति भारत के सभी Hanuman मंदिरों में अत्यंत अनोखी है। सामान्यतः Hanuman Ji की मूर्तियाँ बाल ब्रह्मचारी के रूप में होती हैं — बिना दाढ़ी और मूछ के। लेकिन सालासर में बालाजी दाढ़ी और मूछों के साथ विराजमान हैं।

मूर्ति स्वयंभू मानी जाती है — अर्थात् यह किसी मनुष्य द्वारा निर्मित नहीं बल्कि स्वयं प्रकट हुई है। मूर्ति की आँखें अत्यंत तेजस्वी हैं — भक्तों का मानना है कि बालाजी की आँखें सीधे हृदय को देखती हैं। मूर्ति का रंग orange-red (सिंदूरी) है और इस पर प्रतिदिन चमेली के तेल और सिंदूर का श्रृंगार होता है।

मूर्ति के सामने एक विशाल चाँदी का द्वार (Silver Gate) है जो भक्तों द्वारा दान में दिया गया है।

प्रसाद और सुविधाएँ — Prasad & Facilities

सालासर बालाजी मंदिर में प्रसाद वितरण एक बड़ी विशेषता है। यहाँ का प्रसाद लड्डू और चूरमा के रूप में मिलता है जो श्रद्धालुओं में बेहद लोकप्रिय है। मंदिर के बाहर सैकड़ों दुकानें हैं जहाँ प्रसाद, चुनरी, नारियल और पूजा सामग्री मिलती है।

भोजनशाला (Langar): मंदिर परिसर में एक विशाल भोजनशाला है जहाँ प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं को निःशुल्क भोजन मिलता है। बड़े मेलों और Chaitra Purnima पर लाखों लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था होती है।

Other facilities available: Free parking (large capacity), dharamshala accommodation, medical aid post, cloakroom facility, wheelchair access for elderly, drinking water kiosks, and clean washroom facilities throughout the complex.

कैसे पहुँचें — How to Reach Salasar Balaji Temple

सालासर बालाजी पहुँचने के लिए 4 transport options available हैं। मंदिर Churu जिले में है जो Rajasthan के NH-52 पर स्थित है — जयपुर, सीकर, फतेहपुर और बीकानेर सभी दिशाओं से अच्छी connectivity है।

✈️
By Air
Jaipur Airport
JAI → Taxi 165 km

Flights →

🚆
By Train
Sujangarh — 25 km
Jeep/Taxi to temple

IRCTC →

🚌
By Bus
Via Sikar/Fatehpur
RSRTC + Private

RSRTC →

🚕
By Taxi Best
Door to door
From Khatu starts ₹1,800

Book →

Distance from Major Cities

शहर / City दूरी समय Best Route
🛕 Khatu Shyam Ji ~103 km 2.5 hrs NH-52 via Sikar → Fatehpur → Salasar
🏙️ Jaipur 165 km 3 hrs NH-52 → Sikar → Fatehpur
🏙️ Delhi 375 km 6 hrs NH-48 → Kotputli → Sikar → Salasar
🏙️ Bikaner 120 km 2 hrs NH-89 → Sujangarh → Salasar
🏙️ Chandigarh 430 km 7 hrs NH-44 → Delhi → Kotputli → Sikar
🛕 Jeen Mata 80 km 1.5 hrs Gothra → Sikar → Fatehpur
🛕 Karni Mata 150 km 2.5 hrs Sujangarh → Bikaner → Deshnok
🚆 Nearest railway station: Sujangarh Junction — 25 km
सुजानगढ़ से सालासर: 🚐 Shared Jeep ₹20–30 (30 min) | 🚕 Taxi starts from ₹400
🚌 Bus booking: RSRTC Official → | RedBus →
📱 Train booking: irctc.co.in → | Fare may vary — confirm at time of booking

🗺️ सालासर बालाजी — सभी Route Guides

🚗 Khatu to Salasar
~103 km — Distance & Route Guide
🚌 Salasar by Bus
₹120 — RSRTC Timing Guide
🚕 Salasar by Taxi
Starts from ₹1,800 — Fare Guide
↩️ Salasar to Khatu
~103 km — Return Route Guide

Do Dham Yatra — खाटू श्याम जी + सालासर बालाजी

Do Dham Yatra — खाटू श्याम जी और सालासर बालाजी — राजस्थान की सबसे popular pilgrimage combination है। दोनों मंदिर एक-दूसरे से 110 किलोमीटर की दूरी पर हैं और एक ही दिन में दोनों के दर्शन संभव हैं। हर साल लाखों श्रद्धालु यह Do Dham Yatra करते हैं।

Do Dham Yatra का सबसे अच्छा तरीका है early morning start — सुबह 4:30 बजे खाटू श्याम जी की मंगला आरती करें, 7:30 बजे taxi से निकलें, 10 बजे सालासर पहुँचें, दोपहर भोजन के बाद वापसी और शाम 3:30 बजे खाटू वापस। पूरी यात्रा एक ही दिन में आराम से हो जाती है।

Travel Option Fare Time Book
🚕 Taxi One Way Starts from ₹1,800 2.5 hrs Book →
🚕 Taxi Round Trip Starts from ₹3,000 Full day Book →
🚌 Bus via Sikar ₹120 total 3.5 hrs RSRTC →

Taxi fare variable — confirm at time of booking.

🗺️ Khatu to Salasar Route →
🚌 Bus Guide →
🚕 Taxi Guide →
↩️ Return Route →

चैत्र पूर्णिमा मेला — Chaitra Purnima Mela

सालासर बालाजी का Chaitra Purnima Mela राजस्थान के सबसे बड़े मेलों में से एक है। यह मेला चैत्र माह की पूर्णिमा को (March-April) आयोजित होता है। इस अवसर पर 5–7 लाख से अधिक श्रद्धालु सालासर पहुँचते हैं।

मेले के दौरान दर्शन का समय बढ़ाया जाता है — सटीक समय मंदिर प्रशासन की सूचना से देखें। विशेष भोग, झाँकी और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं। इस समय सालासर में hotel और dharamshala में जगह बहुत जल्दी भर जाती है — 1–2 महीने पहले booking करना अनिवार्य है।

इसके अलावा Hanuman Jayanti (Chaitra Shukla Purnima) और Ashwin Purnima पर भी बड़े मेले लगते हैं। हर मंगलवार और शनिवार को सामान्य दिनों से अधिक भीड़ रहती है।


यात्रा गाइड — Salasar Balaji Yatra Tips

सालासर बालाजी की यात्रा को सुखद और सुविधाजनक बनाने के लिए कुछ जरूरी बातें जानना आवश्यक है। मंदिर में dress code है — अर्ध-वस्त्र या अशोभनीय कपड़े पहनकर दर्शन नहीं होते। पुरुषों के लिए धोती-कुर्ता या साफ-सुथरे कपड़े, महिलाओं के लिए साड़ी या सलवार-कमीज उचित है।

मंदिर परिसर में mobile photography की अनुमति है लेकिन गर्भगृह के अंदर फोटो लेना वर्जित है। मंदिर के बाहर बड़ा parking area है — private vehicle से आने वाले श्रद्धालुओं को parking में कोई दिक्कत नहीं होती। Peak hours (सुबह 8–11 AM और शाम 6–9 PM) में भीड़ सबसे अधिक होती है — अगर शांत दर्शन चाहिए तो दोपहर 1–4 PM का समय best है।

Accommodation in Salasar: मंदिर के आसपास कई dharamshala और होटल हैं। Mela के दिनों में अग्रिम बुकिंग जरूरी है। अगर Khatu से Do Dham trip कर रहे हैं तो Khatu में रात रुकना बेहतर है — वहाँ ज्यादा options हैं। Hotels near Khatu → | Dharamshala →

🗺️ चार धाम — राजस्थान Pilgrimage Circuit

सालासर बालाजी राजस्थान के एक बड़े pilgrimage circuit का हिस्सा है। इन चारों मंदिरों को मिलाकर एक Triple या Quad Circuit Yatra plan करें:

🙏
Khatu Shyam Ji
~103 km से — Do Dham
Complete Guide →
🏔️
Jeen Mata Temple
80 km से — Shakti Peeth
Complete Guide →
🐭
Karni Mata Deshnok
150 km से — Rats Temple
Complete Guide →
🗺️
Triple Circuit Guide
Khatu + Jeen + Salasar
One Day Plan →

सालासर यात्रा की पूरी तैयारी — खाटू से

🏨 Hotels
🛕 Dharamshala
🚕 Taxi Book
🚆 Train Schedule
🔴 Live Darshan
📅 Ekadashi

🛕 खाटू श्याम जी + सालासर बालाजी — दोनों धाम की यात्रा

विषय जानकारी
सड़क दूरी लगभग 103 km (मंदिर से मंदिर, सीकर बाइपास होकर), 2–2.5 घंटे
बस खाटू → सीकर (बस बदलें) → सालासर; ₹80–120, 3–3.5 घंटे (अनुमान)
टैक्सी एक तरफ़ ₹1,800 से; दो धाम पूरा दिन ₹4,000 से (अनुमान)
ट्रेन कोई सीधी ट्रेन नहीं — खाटू का स्टेशन रींगस, सालासर का सुजानगढ़
एक दिन का प्लान सुबह खाटू आरती → 8 बजे निकलें → 10:30 तक सालासर दर्शन → दोपहर वापसी

पूरा रूट, बस बदलने की जगह, टैक्सी किराया और वापसी का रास्ता: खाटू श्याम से सालासर बालाजी — पूरी यात्रा गाइड। खाटू मंदिर का समय: खाटू श्याम दर्शन समय (दोपहर 2–4 बंद)।

✅ सालासर बालाजी दर्शन से पहले ज़रूरी जानकारी

  • भीड़ वाले दिन: मंगलवार, शनिवार, चैत्र पूर्णिमा (हनुमान जयंती — 20 अप्रैल 2027) और आश्विन पूर्णिमा (25 अक्टूबर 2026)। शांत दर्शन के लिए बुधवार–शुक्रवार की सुबह चुनें।
  • क्या चढ़ाएँ: नारियल (मन्नत के लिए लाल कपड़े में बाँधा जाता है), सिंदूर-चोला, लड्डू/चूरमा, ध्वजा।
  • पहनावा: सादे, शालीन कपड़े; मंदिर परिसर में जूते-चप्पल बाहर जमा करें।
  • मोबाइल व फोटो: गर्भगृह के पास फोटो न लें; मंदिर में लगी सूचना और सेवकों के निर्देश मानें।
  • साथ रखें: पहचान पत्र, पानी, थोड़ा नकद (प्रसाद व पार्किंग के लिए)।
  • आसपास: अंजनी माता मंदिर (करीब 2 km) — ज़्यादातर भक्त यहाँ भी दर्शन करते हैं।

🏨 ठहरना व भोजन

सालासर में मंदिर ट्रस्ट और कई समाजों की धर्मशालाएँ व होटल हैं; मंगलवार-शनिवार और पूर्णिमा पर पहले से कमरा पक्का करें। मंदिर के पास भोजनशाला और प्रसाद की दुकानें हैं। दो धाम यात्रा कर रहे हैं तो खाटू में रुककर मंगला आरती के बाद सालासर जाना आसान रहता है: खाटू धर्मशाला सूची · खाटू होटल · खाटू में कमरा कैसे खोजें।

FAQ — Salasar Balaji Temple (English + हिंदी)

Q: Where is Salasar Balaji temple located?

Salasar Balaji temple is in Salasar village, Churu district, Rajasthan — ~103 km from Khatu Shyam Ji, 165 km from Jaipur, 375 km from Delhi. Nearest railway station: Sujangarh Junction — 25 km from temple.

Q: सालासर बालाजी मंदिर कहाँ है?

सालासर बालाजी मंदिर राजस्थान के चूरू जिले के सालासर गाँव में है। खाटू श्याम जी से ~103 km, जयपुर से 165 km। Nearest station: सुजानगढ़ — 25 km।

Q: What are Salasar Balaji darshan timings?

Darshan at Salasar Balaji runs from the Mangala Aarti (about 5–5:30 AM) to the Shayan Aarti (about 9–10 PM). Aarti times shift by 30–60 minutes between winter and summer — check the notice at the temple. Tuesdays, Saturdays, Chaitra Purnima and Ashwin Purnima are the busiest days.

Q: सालासर बालाजी की मूर्ति में क्या खास है? (What is special about the Salasar Balaji idol?)

सालासर बालाजी की मूर्ति दाढ़ी और मूछों के साथ है — जो भारत में अत्यंत दुर्लभ है। मूर्ति स्वयंभू मानी जाती है — 1754 में Nagaur के एक खेत में प्रकट हुई थी। मूर्ति का मुख South-West direction में है।

Q: खाटू श्याम जी से सालासर बालाजी कैसे जाएँ? (How to go from Khatu Shyam Ji to Salasar Balaji?)

खाटू से सालासर 3 options: (1) Taxi — starts from ₹1,800 one way, 2.5 hrs direct। (2) Bus via Sikar — ₹120 total, 3.5 hrs। (3) Train to Sujangarh then local. Route guides: Taxi → | Bus →

Q: Can Khatu Shyam Ji and Salasar Balaji be visited in one day?

Yes — Do Dham in one day is very much possible. Leave Khatu at 7:30 AM by taxi, reach Salasar by 10:00 AM, complete darshan by 11:30 AM, lunch, return to Khatu by 3:30 PM. Full Do Dham Guide →

Q: सालासर बालाजी का मेला कब होता है?

Chaitra Purnima Mela (March-April) सबसे बड़ा मेला है — 5–7 लाख श्रद्धालु। इसके अलावा Hanuman Jayanti और Ashwin Purnima पर भी मेले लगते हैं। हर मंगलवार-शनिवार को विशेष भीड़।

Q: सालासर बालाजी में कहाँ रुकें? (Where to stay at Salasar Balaji?)

सालासर में कई dharamshala और hotels हैं। Mela के दिनों में advance booking जरूरी। Do Dham यात्रा के लिए Khatu में रुकना बेहतर — ज्यादा options हैं। Hotels near Khatu →

Q: सालासर बालाजी में ड्रेस कोड क्या है? (Is there a dress code at Salasar Balaji?)

मंदिर में शालीन वस्त्र अनिवार्य हैं। पुरुष — धोती-कुर्ता या साफ कपड़े। महिलाएँ — साड़ी या सलवार-कमीज। अर्ध-वस्त्र और अशोभनीय कपड़े मंदिर में वर्जित हैं। Footwear बाहर रखें।

Q: Nearest railway station to Salasar Balaji?

Nearest station: Sujangarh Junction — 25 km. Sujangarh से Salasar: Shared Jeep ₹20–30 (30 min) | Taxi starts from ₹400 — fare may vary. Book train: irctc.co.in →

॥ जय बालाजी महाराज ॥

Source: Wikipedia — Salasar Balaji | Rajasthan Tourism | RSRTC | RedBus | Updated June 2026. Taxi fare may vary — confirm at time of booking.

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