सालासर बालाजी — Salasar Balaji Temple Complete Guide 2026
Salasar Balaji Mandir राजस्थान के चूरू जिले के सालासर गाँव में स्थित Hanuman Ji का एक अत्यंत जाग्रत और चमत्कारी मंदिर है। यह मंदिर पूरे भारत में इसलिए अनोखा है क्योंकि यहाँ Hanuman Ji की मूर्ति दाढ़ी और मूछों के साथ विराजमान है — जो भारत के किसी भी अन्य प्रमुख Hanuman मंदिर में नहीं मिलती। इस मूर्ति को “Siyavar Ramchandra Ki Jai” की भावना के साथ अत्यंत दिव्य माना जाता है।
सालासर बालाजी मंदिर Do Dham Yatra का केंद्रबिंदु है — खाटू श्याम जी (110 km) और सालासर बालाजी दोनों Rajasthan के सबसे प्रमुख pilgrimage destinations हैं। लाखों श्रद्धालु दोनों धाम एक साथ cover करते हैं। यहाँ हर मंगलवार और शनिवार को विशेष भीड़ होती है — और Chaitra Purnima Mela में तो 5–7 लाख से भी अधिक भक्त एक साथ आते हैं।
इतिहास — History of Salasar Balaji Temple
सालासर बालाजी मंदिर की स्थापना 1754 ईस्वी में हुई। इस मंदिर के पीछे एक अत्यंत रोचक और भक्तिपूर्ण कहानी है। Nagaur जिले के एक गाँव में एक किसान अपने खेत में जुताई कर रहा था — अचानक उसके हल की नोक से एक दिव्य मूर्ति प्रकट हुई। मूर्ति Hanuman Ji की थी — दाढ़ी और मूछों के साथ, अत्यंत तेजस्वी और जाग्रत।
उसी रात Mohandas Ji Maharaj को स्वप्न आया — Hanuman Ji ने उन्हें आदेश दिया कि वह मूर्ति सालासर लाई जाए और वहाँ स्थापित की जाए। Mohandas Ji एक महान संत और Hanuman Ji के परम भक्त थे जिन्होंने बचपन में ही विवाह से मना कर दिया था और अपना सम्पूर्ण जीवन भक्ति में समर्पित कर दिया था। उनकी बहन Kanha Bai ने भी अपना पूरा जीवन उनके साथ मंदिर सेवा में लगाया।
1754 में जब यह मूर्ति सालासर पहुँची तो उसे श्रावण शुक्ल नवमी को विधिपूर्वक स्थापित किया गया। तब से आज तक मोहनदास जी के वंशज ही मंदिर के पुजारी हैं। Mohandas Ji और Kanha Bai की समाधि मंदिर परिसर में ही है — जो आज भी भक्तों के लिए दर्शनीय स्थल है।
मंदिर की एक और विशेषता यह है कि मूर्ति का मुख South-West direction में है — जो सामान्यतः अशुभ माना जाता है, लेकिन यहाँ यह Hanuman Ji की इच्छा से हुआ और इसे शुभ माना जाता है। यह मंदिर 1754 से निरंतर विस्तारित होता रहा है और आज परिसर में मुख्य मंदिर, सभामंडप, भोजनशाला, धर्मशाला और विशाल प्रांगण है।
दर्शन समय — Salasar Balaji Darshan Timings 2026
सालासर बालाजी मंदिर में प्रतिदिन 5 आरतियाँ होती हैं। सुबह की मंगला आरती से लेकर रात की शयन आरती तक पूरा दिन भक्तिमय वातावरण रहता है। मंदिर सामान्य दिनों में सुबह 4:00 बजे से रात 10:00 बजे तक खुला रहता है।
| आरती | समय | विशेषता |
|---|---|---|
| 🌅 मंगला आरती | 5:00 AM | प्रातःकालीन — सबसे पवित्र आरती |
| 🪔 श्रृंगार आरती | 8:00 AM | बालाजी का श्रृंगार दर्शन |
| 🍚 भोग आरती | 12:00 PM | दोपहर भोग — मंदिर अल्पकाल बंद |
| 🌇 संध्या आरती | 7:00 PM | सबसे भव्य — सर्वाधिक भीड़ |
| 🌙 शयन आरती | 10:00 PM | अंतिम आरती — मंदिर बंद |
मूर्ति की विशेषता — The Unique Idol of Salasar Balaji
सालासर बालाजी की मूर्ति भारत के सभी Hanuman मंदिरों में अत्यंत अनोखी है। सामान्यतः Hanuman Ji की मूर्तियाँ बाल ब्रह्मचारी के रूप में होती हैं — बिना दाढ़ी और मूछ के। लेकिन सालासर में बालाजी दाढ़ी और मूछों के साथ विराजमान हैं।
मूर्ति स्वयंभू मानी जाती है — अर्थात् यह किसी मनुष्य द्वारा निर्मित नहीं बल्कि स्वयं प्रकट हुई है। मूर्ति की आँखें अत्यंत तेजस्वी हैं — भक्तों का मानना है कि बालाजी की आँखें सीधे हृदय को देखती हैं। मूर्ति का रंग orange-red (सिंदूरी) है और इस पर प्रतिदिन चमेली के तेल और सिंदूर का श्रृंगार होता है।
मूर्ति के सामने एक विशाल चाँदी का द्वार (Silver Gate) है जो भक्तों द्वारा दान में दिया गया है। मंदिर परिसर में Hanuman Ji के वाहन के रूप में एक विशाल गरुड़ की प्रतिमा भी है।
प्रसाद और सुविधाएँ — Prasad & Facilities
सालासर बालाजी मंदिर में प्रसाद वितरण एक बड़ी विशेषता है। यहाँ का प्रसाद लड्डू और चूरमा के रूप में मिलता है जो श्रद्धालुओं में बेहद लोकप्रिय है। मंदिर के बाहर सैकड़ों दुकानें हैं जहाँ प्रसाद, चुनरी, नारियल और पूजा सामग्री मिलती है।
भोजनशाला (Langar): मंदिर परिसर में एक विशाल भोजनशाला है जहाँ प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं को निःशुल्क भोजन मिलता है। बड़े मेलों और Chaitra Purnima पर लाखों लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था होती है।
Other facilities available: Free parking (large capacity), dharamshala accommodation, medical aid post, cloakroom facility, wheelchair access for elderly, drinking water kiosks, and clean washroom facilities throughout the complex.
कैसे पहुँचें — How to Reach Salasar Balaji Temple
सालासर बालाजी पहुँचने के लिए 4 transport options available हैं। मंदिर Churu जिले में है जो Rajasthan के NH-52 पर स्थित है — जयपुर, सीकर, फतेहपुर और बीकानेर सभी दिशाओं से अच्छी connectivity है।
Distance from Major Cities
| शहर / City | दूरी | समय | Best Route |
|---|---|---|---|
| 🛕 Khatu Shyam Ji | 110 km | 2.5 hrs | NH-52 via Sikar → Fatehpur → Salasar |
| 🏙️ Jaipur | 165 km | 3 hrs | NH-52 → Sikar → Fatehpur |
| 🏙️ Delhi | 375 km | 6 hrs | NH-48 → Kotputli → Sikar → Salasar |
| 🏙️ Bikaner | 120 km | 2 hrs | NH-89 → Sujangarh → Salasar |
| 🏙️ Chandigarh | 430 km | 7 hrs | NH-44 → Delhi → Kotputli → Sikar |
| 🛕 Jeen Mata | 80 km | 1.5 hrs | Gothra → Sikar → Fatehpur |
| 🛕 Karni Mata | 150 km | 2.5 hrs | Sujangarh → Bikaner → Deshnok |
सुजानगढ़ से सालासर: 🚐 Shared Jeep ₹20–30 (30 min) | 🚕 Taxi starts from ₹400
🚌 Bus booking: RSRTC Official → | RedBus →
📱 Train booking: irctc.co.in → | Fare may vary — confirm at time of booking
🗺️ सालासर बालाजी — सभी Route Guides
Do Dham Yatra — खाटू श्याम जी + सालासर बालाजी
Do Dham Yatra — खाटू श्याम जी और सालासर बालाजी — राजस्थान की सबसे popular pilgrimage combination है। दोनों मंदिर एक-दूसरे से 110 किलोमीटर की दूरी पर हैं और एक ही दिन में दोनों के दर्शन संभव हैं। हर साल लाखों श्रद्धालु यह Do Dham Yatra करते हैं।
Do Dham Yatra का सबसे अच्छा तरीका है early morning start — सुबह 4:30 बजे खाटू श्याम जी की मंगला आरती करें, 7:30 बजे taxi से निकलें, 10 बजे सालासर पहुँचें, दोपहर भोजन के बाद वापसी और शाम 3:30 बजे खाटू वापस। पूरी यात्रा एक ही दिन में आराम से हो जाती है।
| Travel Option | Fare | Time | Book |
|---|---|---|---|
| 🚕 Taxi One Way | Starts from ₹1,800 | 2.5 hrs | Book → |
| 🚕 Taxi Round Trip | Starts from ₹3,000 | Full day | Book → |
| 🚌 Bus via Sikar | ₹120 total | 3.5 hrs | RSRTC → |
Taxi fare variable — confirm at time of booking.
चैत्र पूर्णिमा मेला — Chaitra Purnima Mela
सालासर बालाजी का Chaitra Purnima Mela राजस्थान के सबसे बड़े मेलों में से एक है। यह मेला चैत्र माह की पूर्णिमा को (March-April) आयोजित होता है। इस अवसर पर 5–7 लाख से अधिक श्रद्धालु सालासर पहुँचते हैं।
मेले के दौरान मंदिर 24 घंटे खुला रहता है। विशेष भोग, झाँकी और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं। इस समय सालासर में hotel और dharamshala में जगह बहुत जल्दी भर जाती है — 1–2 महीने पहले booking करना अनिवार्य है।
इसके अलावा Hanuman Jayanti (Chaitra Shukla Purnima) और Ashwin Purnima पर भी बड़े मेले लगते हैं। हर मंगलवार और शनिवार को सामान्य दिनों से अधिक भीड़ रहती है।
यात्रा गाइड — Salasar Balaji Yatra Tips
सालासर बालाजी की यात्रा को सुखद और सुविधाजनक बनाने के लिए कुछ जरूरी बातें जानना आवश्यक है। मंदिर में dress code है — अर्ध-वस्त्र या अशोभनीय कपड़े पहनकर दर्शन नहीं होते। पुरुषों के लिए धोती-कुर्ता या साफ-सुथरे कपड़े, महिलाओं के लिए साड़ी या सलवार-कमीज उचित है।
मंदिर परिसर में mobile photography की अनुमति है लेकिन गर्भगृह के अंदर फोटो लेना वर्जित है। मंदिर के बाहर बड़ा parking area है — private vehicle से आने वाले श्रद्धालुओं को parking में कोई दिक्कत नहीं होती। Peak hours (सुबह 8–11 AM और शाम 6–9 PM) में भीड़ सबसे अधिक होती है — अगर शांत दर्शन चाहिए तो दोपहर 1–4 PM का समय best है।
Accommodation in Salasar: मंदिर के आसपास कई dharamshala और होटल हैं। Mela के दिनों में अग्रिम बुकिंग जरूरी है। अगर Khatu से Do Dham trip कर रहे हैं तो Khatu में रात रुकना बेहतर है — वहाँ ज्यादा options हैं। Hotels near Khatu → | Dharamshala →
🗺️ चार धाम — राजस्थान Pilgrimage Circuit
सालासर बालाजी राजस्थान के एक बड़े pilgrimage circuit का हिस्सा है। इन चारों मंदिरों को मिलाकर एक Triple या Quad Circuit Yatra plan करें:
सालासर यात्रा की पूरी तैयारी — खाटू से
FAQ — Salasar Balaji Temple (English + हिंदी)
Q: Where is Salasar Balaji temple located?
Salasar Balaji temple is in Salasar village, Churu district, Rajasthan — 110 km from Khatu Shyam Ji, 165 km from Jaipur, 375 km from Delhi. Nearest railway station: Sujangarh Junction — 25 km from temple.
Q: सालासर बालाजी मंदिर कहाँ है?
सालासर बालाजी मंदिर राजस्थान के चूरू जिले के सालासर गाँव में है। खाटू श्याम जी से 110 km, जयपुर से 165 km। Nearest station: सुजानगढ़ — 25 km।
Q: What are Salasar Balaji darshan timings?
Salasar Balaji temple opens at 4:00 AM and closes at 10:00 PM daily. Five aartis: Mangala (5 AM), Shringar (8 AM), Bhog (12 PM), Sandhya (7 PM), Shayan (10 PM). On Chaitra Purnima and Hanuman Jayanti the temple stays open 24 hours.
Q: Salasar Balaji ki moorti mein kya khaas hai?
सालासर बालाजी की मूर्ति दाढ़ी और मूछों के साथ है — जो भारत में अत्यंत दुर्लभ है। मूर्ति स्वयंभू मानी जाती है — 1754 में Nagaur के एक खेत में प्रकट हुई थी। मूर्ति का मुख South-West direction में है।
Q: Khatu Shyam Ji se Salasar Balaji kaise jayen?
खाटू से सालासर 3 options: (1) Taxi — starts from ₹1,800 one way, 2.5 hrs direct। (2) Bus via Sikar — ₹120 total, 3.5 hrs। (3) Train to Sujangarh then local. Route guides: Taxi → | Bus →
Q: Can Khatu Shyam Ji and Salasar Balaji be visited in one day?
Yes — Do Dham in one day is very much possible. Leave Khatu at 7:30 AM by taxi, reach Salasar by 10:00 AM, complete darshan by 11:30 AM, lunch, return to Khatu by 3:30 PM. Full Do Dham Guide →
Q: सालासर बालाजी का मेला कब होता है?
Chaitra Purnima Mela (March-April) सबसे बड़ा मेला है — 5–7 लाख श्रद्धालु। इसके अलावा Hanuman Jayanti और Ashwin Purnima पर भी मेले लगते हैं। हर मंगलवार-शनिवार को विशेष भीड़।
Q: Salasar Balaji mein kahan rukein?
सालासर में कई dharamshala और hotels हैं। Mela के दिनों में advance booking जरूरी। Do Dham यात्रा के लिए Khatu में रुकना बेहतर — ज्यादा options हैं। Hotels near Khatu →
Q: Salasar Balaji mein dress code kya hai?
मंदिर में शालीन वस्त्र अनिवार्य हैं। पुरुष — धोती-कुर्ता या साफ कपड़े। महिलाएँ — साड़ी या सलवार-कमीज। अर्ध-वस्त्र और अशोभनीय कपड़े मंदिर में वर्जित हैं। Footwear बाहर रखें।
Q: Nearest railway station to Salasar Balaji?
Nearest station: Sujangarh Junction — 25 km. Sujangarh से Salasar: Shared Jeep ₹20–30 (30 min) | Taxi starts from ₹400 — fare may vary. Book train: irctc.co.in →
Source: Wikipedia — Salasar Balaji | Rajasthan Tourism | RSRTC | RedBus | Updated June 2026. Taxi fare may vary — confirm at time of booking.