🎺 खाटू श्याम जी के जयकारे

श्री खाटू श्याम जी के जयकारे — मंदिर और घर पर जय घोष करें।

🗣️ हिंदी

॥ श्री खाटू श्याम जी के जयकारे ॥

जय श्री श्याम !
बोलो श्याम बाबा की जय !
हारे का सहारा — बाबा श्याम हमारा !
जय बर्बरीक बाबा की जय !
श्याम बाबा तेरी जय हो !
खाटू वाले श्याम बाबा — जय जय जय !
दीनों के दयाल श्याम — जय श्री श्याम !
शीश के दानी — श्याम बाबा की जय !

विशेष जयकारे

एक बाण — एक काण — एक बाण वाले की जय।
बर्बरीक — बर्बरीक — बर्बरीक बाबा की जय॥

फाल्गुन की एकादशी — बाबा के दर्शन।
खाटू नगर में होता है — भव्य मेले का दर्शन॥

आरती जयकारा

जय श्री श्याम हरे, खाटू नाथ हरे।
भक्त जनों के दुःख हरो, खाटू नाथ हरे॥

प्रस्थान जयकारा

मंदिर से विदाई के समय यह जयकारा लगाएं:

बाबा श्याम तेरे दर से — खाली न जाए कोई !
जय श्री श्याम — जय श्री श्याम — जय श्री श्याम !
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खाटू श्याम जी का सबसे प्रसिद्ध जयकारा क्या है?

खाटू श्याम जी का सबसे प्रसिद्ध जयकारा है — "हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा!" और "जय श्री श्याम!" यह जयकारा मंदिर में, यात्रा में, और भजन-कीर्तन में लाखों भक्त एक साथ लगाते हैं। इस जयकारे की गूँज खाटू में हर पल सुनाई देती है।

जयकारा लगाने से क्या फायदा होता है?

जयकारा लगाने से मन में उत्साह और भक्ति भाव जागता है, नकारात्मक विचार दूर होते हैं और बाबा श्याम की उपस्थिति का अनुभव होता है। सामूहिक जयकारे की शक्ति अत्यंत प्रभावशाली होती है — मंदिर में जब हजारों भक्त एक साथ "जय श्री श्याम" बोलते हैं तो वातावरण दिव्य हो जाता है।

खाटू श्याम जी के जयकारे कब लगाने चाहिए?

जयकारे किसी भी समय लगाए जा सकते हैं — सुबह उठकर, आरती के समय, मंदिर जाते और आते समय, भजन-कीर्तन में, और जब भी मन भारी हो। विशेष रूप से फाल्गुन मेले और एकादशी पर सामूहिक जयकारे का विशेष महत्व है।

"बोलो श्याम बाबा की जय" और "जय श्री श्याम" में क्या फर्क है?

दोनों जयकारे एक ही भाव के हैं — बाबा श्याम की जय। "जय श्री श्याम" एक संक्षिप्त, शक्तिशाली जयकारा है जो सबसे अधिक प्रचलित है। "बोलो श्याम बाबा की जय" में "बोलो" शब्द सबको साथ जोड़ने का आह्वान है — यह सामूहिक कीर्तन में अधिक उपयोग होता है।

खाटू श्याम जी के जयकारे में "निशान" का क्या अर्थ है?

निशान एक ध्वज या पताका होती है जो भक्त बाबा के दरबार में मनोकामना पूर्ण होने पर चढ़ाते हैं। "निशान चढ़ाओ" — यह बाबा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का तरीका है। जयकारों में "निशान वाले बाबा की जय" बोलकर इस परंपरा को याद किया जाता है।

खाटू श्याम जी के दर्शन की योजना बनाएं

होटल, धर्मशाला, टैक्सी और प्रसाद — सब एक जगह।

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