📛 खाटू श्याम जी के 108 नाम

श्री खाटू श्याम जी के 108 नाम — प्रत्येक नाम का विशेष महत्व है। इनका जप करने से विशेष फल प्राप्त होता है।

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जो भक्त श्याम बाबा के 108 नामों का नित्य जप करता है,
उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-शांति आती है।
एकादशी और रविवार को यह पाठ विशेष फलदायी है।

॥ श्री खाटू श्याम जी के 108 नाम ॥

1. ॐ श्यामाय नमः — श्याम वर्ण वाले, नील वर्ण वाले

2. ॐ बर्बरीकाय नमः — बर्बरीक नाम धारण करने वाले

3. ॐ खाटूनाथाय नमः — खाटू ग्राम के स्वामी

4. ॐ हारे का सहाराय नमः — हारे हुओं के एकमात्र सहारे

5. ॐ भीम पौत्राय नमः — भीम के पौत्र

6. ॐ घटोत्कच पुत्राय नमः — घटोत्कच के पुत्र

7. ॐ मौरवी नंदनाय नमः — माता मौरवी के प्रिय पुत्र

8. ॐ त्रिबाण धारिणे नमः — तीन दिव्य बाण धारण करने वाले

9. ॐ शीश दानिने नमः — शीश का महादान करने वाले

10. ॐ कृष्ण वरदान प्राप्ताय नमः — श्री कृष्ण से वरदान पाने वाले

11. ॐ कलियुग देवताय नमः — कलियुग के प्रमुख देवता

12. ॐ भक्त वत्सलाय नमः — भक्तों से प्रेम करने वाले

13. ॐ दीन बंधवे नमः — दीन दुखियों के बंधु

14. ॐ करुणा सागराय नमः — करुणा के असीम सागर

15. ॐ मनोकामना पूरकाय नमः — सभी मनोकामनाएं पूर्ण करने वाले

16. ॐ राजस्थान विभूषणाय नमः — राजस्थान के आभूषण

17. ॐ सिकर जिला निवासिने नमः — सीकर जिले में विराजने वाले

18. ॐ फाल्गुन मेला नायकाय नमः — फाल्गुन महामेले के नायक

19. ॐ एकादशी प्रियाय नमः — एकादशी तिथि को प्रिय मानने वाले

20. ॐ निशान प्रियाय नमः — भक्तों के निशान स्वीकार करने वाले

21. ॐ भजन प्रियाय नमः — भजन-कीर्तन में रुचि रखने वाले

22. ॐ कीर्तन रसिकाय नमः — कीर्तन में आनंद लेने वाले

23. ॐ श्याम सुंदराय नमः — सुंदर श्याम रूप वाले

24. ॐ नीलांग वर्णाय नमः — नीले शरीर वर्ण वाले

25. ॐ पीताम्बर धारिणे नमः — पीले वस्त्र धारण करने वाले

26. ॐ शूरवीराय नमः — परम शूरवीर योद्धा

27. ॐ महाबलाय नमः — महान बलशाली

28. ॐ महापराक्रमाय नमः — महापराक्रमी वीर

29. ॐ त्रिलोक विजयिने नमः — तीनों लोकों को जीत सकने वाले

30. ॐ अजेयाय नमः — कभी न हारने वाले

31. ॐ दयालवे नमः — दया के भंडार

32. ॐ क्षमाशीलाय नमः — क्षमा करने वाले

33. ॐ उदाराय नमः — उदार हृदय वाले

34. ॐ सत्यवादिने नमः — सदा सत्य बोलने वाले

35. ॐ धर्म रक्षकाय नमः — धर्म की रक्षा करने वाले

36. ॐ भक्त रक्षकाय नमः — भक्तों की रक्षा करने वाले

37. ॐ शरण्याय नमः — शरण देने वाले

38. ॐ आश्रय दाताय नमः — आश्रय देने वाले

39. ॐ संकट मोचनाय नमः — संकट दूर करने वाले

40. ॐ दुःख हर्ताय नमः — दुःख हरने वाले

41. ॐ सुख दाताय नमः — सुख प्रदान करने वाले

42. ॐ शांति दाताय नमः — मन को शांति देने वाले

43. ॐ समृद्धि दाताय नमः — समृद्धि और वैभव देने वाले

44. ॐ ज्ञान दाताय नमः — ज्ञान प्रदान करने वाले

45. ॐ बुद्धि दाताय नमः — बुद्धि देने वाले

46. ॐ विद्या दाताय नमः — विद्या प्रदान करने वाले

47. ॐ आरोग्य दाताय नमः — स्वास्थ्य और आरोग्य देने वाले

48. ॐ पुत्र दाताय नमः — संतान का वरदान देने वाले

49. ॐ धन दाताय नमः — धन-संपदा प्रदान करने वाले

50. ॐ यश दाताय नमः — कीर्ति और यश देने वाले

51. ॐ मोक्ष दाताय नमः — मोक्ष प्रदान करने वाले

52. ॐ पाप नाशकाय नमः — समस्त पाप नष्ट करने वाले

53. ॐ भव भंजनाय नमः — संसार के बंधन तोड़ने वाले

54. ॐ कर्म नाशकाय नमः — बुरे कर्मों का नाश करने वाले

55. ॐ ग्रह पीड़ा हर्ताय नमः — ग्रह दोष दूर करने वाले

56. ॐ नवग्रह शांतिकराय नमः — नवग्रहों को शांत करने वाले

57. ॐ शत्रु नाशकाय नमः — शत्रुओं का नाश करने वाले

58. ॐ भय हर्ताय नमः — भय दूर करने वाले

59. ॐ चिंता हर्ताय नमः — चिंता मिटाने वाले

60. ॐ कष्ट नाशकाय नमः — सभी कष्टों का नाश करने वाले

61. ॐ प्रेम मूर्तये नमः — प्रेम के साक्षात स्वरूप

62. ॐ आनंद स्वरूपाय नमः — आनंद के स्वरूप

63. ॐ सच्चिदानंदाय नमः — सत्-चित्-आनंद स्वरूप

64. ॐ परमात्मने नमः — परमात्मा स्वरूप

65. ॐ ब्रह्म स्वरूपाय नमः — ब्रह्म के स्वरूप

66. ॐ चैतन्य स्वरूपाय नमः — चैतन्य स्वरूप

67. ॐ निर्गुणाय नमः — निर्गुण ब्रह्म स्वरूप

68. ॐ सगुणाय नमः — सगुण साकार स्वरूप

69. ॐ अव्यक्ताय नमः — अव्यक्त रहस्यमय स्वरूप

70. ॐ व्यक्त स्वरूपाय नमः — प्रकट व्यक्त स्वरूप

71. ॐ श्री कृष्ण प्रियाय नमः — श्री कृष्ण के प्रिय

72. ॐ महाभारत वीराय नमः — महाभारत काल के महावीर

73. ॐ पांडव कुल भूषणाय नमः — पांडव वंश के आभूषण

74. ॐ कुरुक्षेत्र साक्षिणे नमः — कुरुक्षेत्र युद्ध के साक्षी

75. ॐ धर्म रथिने नमः — धर्म के रथी

76. ॐ सत्य संकल्पाय नमः — सत्य संकल्प वाले

77. ॐ वचन पालकाय नमः — वचन के पक्के

78. ॐ महाप्रतापिने नमः — महान प्रताप वाले

79. ॐ तेजस्विने नमः — दिव्य तेज से युक्त

80. ॐ ओजस्विने नमः — ओज और शक्ति से पूर्ण

81. ॐ शिव वरदान प्राप्ताय नमः — भगवान शिव से वरदान पाने वाले

82. ॐ त्रिशूल धर्माय नमः — त्रिशूल के समान पराक्रमी

83. ॐ अग्नि सम तेजाय नमः — अग्नि के समान तेजस्वी

84. ॐ सूर्य सम प्रभाय नमः — सूर्य के समान प्रकाशमान

85. ॐ चंद्र सम शीतलाय नमः — चंद्रमा के समान शीतल

86. ॐ समुद्र सम गंभीराय नमः — समुद्र के समान गंभीर

87. ॐ पर्वत सम स्थिराय नमः — पर्वत के समान स्थिर

88. ॐ वायु सम गतिमते नमः — वायु के समान गतिशील

89. ॐ आकाश सम विशालाय नमः — आकाश के समान विशाल

90. ॐ पृथ्वी सम धैर्यवते नमः — पृथ्वी के समान धैर्यवान

91. ॐ सर्वज्ञाय नमः — सब कुछ जानने वाले

92. ॐ सर्वशक्तिमते नमः — सर्वशक्तिमान

93. ॐ सर्वव्यापिने नमः — सर्वव्यापी

94. ॐ सर्वांतर्यामिणे नमः — सबके अंतर्यामी

95. ॐ सर्व कल्याणकाराय नमः — सबका कल्याण करने वाले

96. ॐ जगत पालकाय नमः — जगत के पालनकर्ता

97. ॐ भव तारकाय नमः — भवसागर से तारने वाले

98. ॐ पतित पावनाय नमः — पतितों को पावन करने वाले

99. ॐ मंगल मूर्तये नमः — मंगलकारी स्वरूप वाले

100. ॐ कल्याण स्वरूपाय नमः — कल्याणमय स्वरूप वाले

101. ॐ चूरमा प्रियाय नमः — चूरमा भोग प्रिय मानने वाले

102. ॐ लड्डू प्रियाय नमः — बेसन लड्डू प्रिय मानने वाले

103. ॐ पंचमेवा प्रियाय नमः — पंचमेवा भोग स्वीकार करने वाले

104. ॐ तुलसी प्रियाय नमः — तुलसी अर्पण स्वीकार करने वाले

105. ॐ पुष्प माला प्रियाय नमः — फूलों की माला पहनने वाले

106. ॐ धूप दीप प्रियाय नमः — धूप और दीपक से प्रसन्न होने वाले

107. ॐ आरती प्रियाय नमः — आरती से प्रसन्न होने वाले

108. ॐ श्री श्याम देवाय नमः — श्री श्याम देव को नमस्कार

इन अष्टोत्तर शत नामों का जो पाठ करे नित्य।
उसके घर में रहे सदा, सुख समृद्धि और शक्ति॥

एकादशी और रविवार को पढ़े 108 नाम।
पूर्ण होती मनोकामना, मिलती कृपा अभिराम॥

जप विधि

🪷 माला: 108 दानों की माला लेकर प्रत्येक नाम पर एक मनका जपें।

🪷 समय: प्रातःकाल स्नान के बाद सबसे उत्तम। एकादशी पर विशेष फल।

🪷 ध्यान: जप करते समय मन में श्याम बाबा का स्वरूप — नीले वर्ण, पीत वस्त्र, मुकुट धारी — का ध्यान करें।

🪷 संख्या: नित्य 108 नाम या कम से कम 27 नाम (एक माला का चौथाई) का जप करें।

🪷 विशेष: रविवार और मंगलवार को यह पाठ करने से विशेष आशीर्वाद मिलता है।

॥ ॐ श्री श्याम देवाय नमः ॥ जय श्री श्याम ॥
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खाटू श्याम जी के 108 नाम क्या हैं?

खाटू श्याम जी के 108 नाम (अष्टोत्तर शत नाम) उनके दिव्य स्वरूप, गुण, शक्तियों और महिमा का वर्णन करते हैं — जैसे श्यामाय, बर्बरीकाय, खाटूनाथाय, हारे का सहाराय, त्रिबाण धारिणे आदि। इन नामों का नित्य जप करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

108 नामों का जप कब करना चाहिए?

108 नामों का जप प्रातःकाल स्नान के बाद सबसे उत्तम रहता है। एकादशी, रविवार और मंगलवार को यह जप विशेष फलदायी होता है। माला से 108 बार या कम से कम 27 बार जप करें।

खाटू श्याम जी के 108 नामों का पाठ करने से क्या फल मिलता है?

108 नामों के नित्य पाठ से घर में सुख-शांति आती है, मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, पाप नष्ट होते हैं, ग्रह दोष शांत होते हैं और बाबा श्याम की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

क्या 108 नामों के लिए माला जरूरी है?

नहीं, माला के बिना भी पाठ किया जा सकता है। लेकिन 108 दानों की माला से जप करने पर संख्या सही रहती है और मन एकाग्र होता है। तुलसी या रुद्राक्ष की माला सबसे उत्तम मानी जाती है।

खाटू श्याम जी के सबसे प्रमुख नाम कौन से हैं?

सबसे प्रमुख नाम हैं — श्याम, बर्बरीक, खाटूनाथ, हारे का सहारा, शीश के दानी, तीन बाण वाले, कलियुग के देवता, भक्त वत्सल, दीन बंधु और करुणा सागर। इन 10 नामों का प्रतिदिन स्मरण करना विशेष लाभकारी है।

क्या महिलाएं भी 108 नामों का पाठ कर सकती हैं?

हाँ, महिलाएं भी पूर्ण श्रद्धा से 108 नामों का पाठ कर सकती हैं। इसमें कोई मनाही नहीं है। पाठ के समय स्वच्छ वस्त्र पहनें और मन में बाबा श्याम का ध्यान करें।

108 नाम और 11 नाम में क्या अंतर है?

11 नाम बाबा के मुख्य और सर्वाधिक प्रचलित नाम हैं जिनका दैनिक जप आसान है। 108 नाम उनके सम्पूर्ण दिव्य स्वरूप का विस्तृत वर्णन करते हैं। जिनके पास समय कम हो वे 11 नाम और पूर्ण पाठ के लिए 108 नाम जपें।

खाटू श्याम जी के 108 नामों में 108 का क्या महत्व है?

108 संख्या हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र मानी जाती है। 108 = 1 (ब्रह्मांड) × 0 (शून्य/विनम्रता) × 8 (अनंत)। सूर्य का व्यास पृथ्वी से 108 गुना है। 108 उपनिषद हैं। इसलिए 108 नामों का जप सम्पूर्णता का प्रतीक है।

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