🪔 खाटू श्याम जी की पूजा विधि

श्री खाटू श्याम जी की घर पर पूजा कैसे करें — सम्पूर्ण विधि, सामग्री और मंत्र सहित।

🗣️ हिंदी 📖 स्रोत: श्री शयाम मंदिर ट्रस्ट, खाटू ✅ सत्यापित: 08 June 2026

॥ श्री खाटू श्याम जी की पूजा विधि ॥

पूजा सामग्री

🌸 फूल (पीले, सफेद) | 🕯️ दीपक और घी | 🧹 धूपबत्ती

🍬 मिठाई / चूरमा / लड्डू | 🥥 नारियल | 🌿 तुलसी पत्ते

🔴 सिंदूर | 🟡 हल्दी | 🍃 पान-सुपारी | 💧 गंगाजल

📿 माला | 🪙 दक्षिणा | 📸 बाबा श्याम का चित्र या मूर्ति

पूजा विधि — चरण दर चरण

चरण 1 — संकल्प और शुद्धि

सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूजा स्थान को साफ करें। गंगाजल से शुद्धि करें।

चरण 2 — दीपक और धूप

बाबा के चित्र के सामने घी का दीपक जलाएं। धूपबत्ती जलाएं। मन में श्याम बाबा का ध्यान करें।

चरण 3 — आवाहन मंत्र

ॐ श्री श्याम देवाय आवाहयामि स्थापयामि॥

चरण 4 — आचमन और स्नान

जल और पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर) से बाबा को स्नान कराएं।

चरण 5 — वस्त्र और श्रृंगार

बाबा को पीले वस्त्र अर्पित करें। फूल और माला चढ़ाएं।

चरण 6 — भोग अर्पण

चूरमा, लड्डू और फल अर्पित करें।
ॐ श्री श्याम देवाय इदं भोगं समर्पयामि॥

चरण 7 — आरती

घड़ी की दिशा में सात बार आरती करें। श्याम आरती गाएं।

चरण 8 — प्रदक्षिणा और प्रार्थना

तीन बार परिक्रमा करें। मन की कामना बाबा को बताएं।

चरण 9 — प्रसाद वितरण

पहले घर के बड़ों को, फिर बच्चों को और सभी परिजनों को प्रसाद दें।

विशेष पूजा दिन

एकादशी — महीने में दो बार, विशेष फलदायी

रविवार — साप्ताहिक विशेष पूजा

फाल्गुन एकादशी — वार्षिक महापर्व

श्याम जयंती — भाद्रपद शुक्ल द्वादशी

॥ पूजा से मिलती है बाबा की कृपा ॥
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खाटू श्याम जी की पूजा कैसे करें घर पर?

घर पर पूजा के लिए: स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें, बाबा का चित्र या मूर्ति के सामने दीपक जलाएं, पंचामृत से स्नान कराएं, पीले फूल और तुलसी अर्पित करें, चूरमा या मिठाई का भोग लगाएं, "ॐ श्री श्याम देवाय नमः" का 108 बार जप करें, आरती करें और प्रसाद बांटें।

खाटू श्याम जी की पूजा में कौन सी सामग्री चाहिए?

पूजा सामग्री में चाहिए — पीले और सफेद फूल, तुलसी पत्ते, घी का दीपक, धूपबत्ती, नारियल, चूरमा या लड्डू, पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर), सिंदूर, हल्दी, पान-सुपारी, गंगाजल और दक्षिणा।

खाटू श्याम जी की पूजा कब करनी चाहिए?

प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त (4–6 AM) सबसे उत्तम है। एकादशी, रविवार और मंगलवार को विशेष पूजा करें। फाल्गुन एकादशी, श्याम जयंती और दीपावली पर विशेष आयोजन करें।

क्या खाटू श्याम जी को चूरमा का भोग लगाना जरूरी है?

नहीं, जरूरी नहीं है — लेकिन बाबा श्याम को चूरमा अत्यंत प्रिय है। यदि चूरमा न बना सकें तो बेसन के लड्डू, पंचमेवा, मिठाई, फल या नारियल भी अर्पित कर सकते हैं। शुद्ध मन से अर्पित किया गया कोई भी शाकाहारी भोग स्वीकार होता है।

खाटू श्याम जी की पूजा में कौन से मंत्र बोलें?

मूल मंत्र: "ॐ श्री श्याम देवाय नमः" — 108 बार जपें। भोग अर्पण मंत्र: "ॐ श्री श्याम देवाय इदं भोगं समर्पयामि।" आवाहन मंत्र: "ॐ श्री श्याम देवाय आवाहयामि स्थापयामि।" आरती के बाद: "जय श्री श्याम" का जयकारा लगाएं।

क्या स्त्रियां खाटू श्याम जी की पूजा कर सकती हैं?

हाँ, स्त्रियां पूर्ण श्रद्धा से पूजा कर सकती हैं। बाबा श्याम सभी भक्तों की पूजा स्वीकार करते हैं। पूजा के समय स्वच्छ वस्त्र पहनें और मन में श्रद्धा भाव रखें।

खाटू श्याम जी की पूजा कितने समय करनी चाहिए?

सामान्य दैनिक पूजा 15–20 मिनट में पूर्ण हो सकती है। एकादशी और विशेष पर्वों पर 45 मिनट से 1 घंटे की पूजा करें। रात्रि जागरण वाले दिन संपूर्ण रात्रि भजन-कीर्तन कर सकते हैं।

पूजा के बाद प्रसाद कैसे बांटें?

पूजा के बाद सबसे पहले घर के बड़ों को, फिर बच्चों को और सभी परिवार के सदस्यों को प्रसाद दें। यदि पड़ोसी या अतिथि हों तो उन्हें भी दें। प्रसाद को कभी अपवित्र जगह न रखें और न ही फेंकें।

खाटू श्याम जी के दर्शन की योजना बनाएं

होटल, धर्मशाला, टैक्सी और प्रसाद — सब एक जगह।

ठहरने की जानकारी