॥ श्री श्याम स्तुति ॥

श्याम स्तुति — बाबा श्याम के गुणों का गान और घर पर आरती, चालीसा व नाम-जप से स्तुति का सरल क्रम।

🗣️ हिंदी 🗓️ अद्यतन: 15 September 2026

श्री श्याम स्तुति — Shyam Stuti

स्तुति का अर्थ है किसी देवता के गुणों का श्रद्धा से गुणगान। श्याम भक्ति में स्तुति कोई एक निश्चित पाठ नहीं है — भक्त आरती, चालीसा, नाम-जप, जयकारे और भजन के माध्यम से बाबा श्याम की स्तुति करते हैं। इस पेज पर बताया गया है कि श्याम स्तुति किन गुणों का गान है और घर पर इसे कैसे करें।

नोट: इस पेज पर पहले दी गई “प्रथम–चतुर्थ स्तुति” की पंक्तियाँ किसी प्रामाणिक या प्रचलित पाठ से नहीं थीं (उनमें बाबा के हाथ में त्रिशूल जैसा गलत वर्णन भी था), इसलिए हटा दी गई हैं।

स्तुति में गाए जाने वाले बाबा श्याम के गुण

गुण / नाम भाव और कथा
शीश के दानी महाभारत युद्ध से पहले श्रीकृष्ण के माँगने पर बर्बरीक ने बिना संकोच अपना शीश दान कर दिया।
हारे का सहारा बर्बरीक ने माता को वचन दिया था कि युद्ध में वे हारने वाले पक्ष का साथ देंगे — इसी से यह नाम।
तीन बाण धारी लोककथा के अनुसार उनके तीन अमोघ बाण पूरे युद्ध का निर्णय करने में समर्थ थे।
लीले के असवार भक्त बाबा को नीले घोड़े (लीला) पर सवार रूप में याद करते हैं — भजनों में यह वर्णन बहुत प्रचलित है।
श्याम / कलियुग के देव श्रीकृष्ण ने वरदान दिया कि कलियुग में वे “श्याम” नाम से पूजे जाएँगे।

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घर पर श्याम स्तुति कैसे करें — सरल क्रम

  1. दीप और ध्यान: बाबा के शीश-स्वरूप चित्र के सामने घी का दीपक जलाकर कुछ क्षण शांत बैठें।
  2. नाम-जप: “जय श्री श्याम” या “ॐ श्री श्याम देवाय नमः” — मंत्र पेज
  3. नामावली: 11 या 108 नामों का पाठ।
  4. चालीसा: श्री श्याम चालीसा का पाठ (प्रचलित मुद्रित पुस्तिका से)।
  5. भजन: परिवार के साथ एक-दो श्याम भजन — लोकप्रिय श्याम भजन
  6. आरती और जयकारा: “ॐ जय श्री श्याम हरे” आरती और अंत में “हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा” — आरती, जयकारे

स्तुति कब करें

  • रोज़ सुबह-शाम की पूजा में
  • हर शुक्ल एकादशी पर — श्याम भक्त इस दिन कीर्तन और जागरण करते हैं (एकादशी कैलेंडर)
  • फाल्गुन मेले और देवउठनी एकादशी (श्याम जन्मोत्सव) पर विशेष रूप से
  • मन्नत माँगते या पूरी होने पर — श्याम बाबा की अर्जी

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श्याम स्तुति — FAQ

श्याम स्तुति क्या है? (What is Shyam Stuti?)

बाबा श्याम के गुणों — शीश-दान, हारे का सहारा, तीन बाण — का श्रद्धा से गुणगान। यह आरती, चालीसा, नाम-जप और भजन के रूप में की जाती है।

क्या श्याम स्तुति का कोई निश्चित पाठ है? (Is there a fixed text?)

हनुमान या शिव स्तुतियों की तरह कोई एक सर्वमान्य संस्कृत श्याम स्तुति प्रचलित नहीं है। भक्त मुख्य रूप से आरती और चालीसा से ही स्तुति करते हैं।

स्तुति का सबसे अच्छा समय कौन-सा है? (Best time?)

सुबह-शाम की पूजा और शुक्ल एकादशी सबसे प्रचलित हैं।

सन्दर्भ: Wikipedia — Khatu Shyamji · Wikipedia — Barbarika | अद्यतन: सितंबर 2026

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