🛕 यात्रा से पहले पढ़ें: खाटू श्याम जी मंदिर — इतिहास, दर्शन समय व पूरी जानकारी →
सीधा जवाब
खाटू श्याम जी से सालासर बालाजी की सड़क दूरी लगभग 103 km है (मंदिर से मंदिर, सीकर होकर)। कार/टैक्सी से 2–2.5 घंटे लगते हैं; बस से सीकर में बदलकर 3–3.5 घंटे। दोनों धाम — खाटू श्याम जी (श्री श्याम) और सालासर बालाजी (हनुमान जी) — एक ही दिन में आराम से हो जाते हैं। यही रास्ता उलटा, सालासर से खाटू श्याम, भी इतना ही है।


खाटू श्याम जी और सालासर बालाजी राजस्थान की सबसे लोकप्रिय दो धाम यात्रा (Do Dham Yatra) हैं। खाटू श्याम जी का मंदिर सीकर ज़िले के खाटू गाँव में है, जहाँ कलियुग के देव श्री श्याम (बर्बरीक) विराजते हैं; सालासर बालाजी चूरू ज़िले के सालासर कस्बे में हनुमान जी का प्रसिद्ध धाम है। दोनों के बीच का रास्ता सीकर से होकर जाता है, इसलिए ज़्यादातर भक्त एक दिन में दोनों दर्शन करते हैं। इस पेज पर दोनों मंदिरों की पूरी जानकारी, दर्शन समय, दूरी, बस-ट्रेन-टैक्सी के विकल्प, किराए और एक/दो दिन का यात्रा प्लान है — Khatu Shyam to Salasar Balaji distance, route, bus, taxi fare और Salasar to Khatu Shyam return — सब एक जगह।
🛕 खाटू श्याम जी और सालासर बालाजी — एक नज़र में
| जानकारी | खाटू श्याम जी | सालासर बालाजी |
|---|---|---|
| देवता | श्री श्याम (बर्बरीक) — “हारे का सहारा” | हनुमान जी — दाढ़ी-मूँछ वाली अनोखी प्रतिमा |
| स्थान | खाटू, ज़िला सीकर, राजस्थान | सालासर, तहसील सुजानगढ़, ज़िला चूरू, राजस्थान |
| मंदिर खुलने का समय | सुबह 4:30 – रात 10:00 (दोपहर 2–4 बंद) | सुबह मंगला आरती (~5 बजे) से रात शयन आरती (~9–10 बजे) तक; मौसम अनुसार बदलता है |
| सबसे ज़्यादा भीड़ | एकादशी, रविवार, फाल्गुन मेला | मंगलवार, शनिवार, चैत्र व आश्विन पूर्णिमा मेला |
| बड़ा मेला | फाल्गुन लक्खी मेला — 2027 में 18–20 मार्च | आश्विन (शरद) पूर्णिमा — 25 अक्टूबर 2026 · चैत्र पूर्णिमा / हनुमान जयंती — 20 अप्रैल 2027 |
| नज़दीकी रेलवे स्टेशन | रींगस जंक्शन (RGS) — 17–18 km | सुजानगढ़ (SUJH) — करीब 25–27 km |
| नज़दीकी एयरपोर्ट | जयपुर (JAI) — ~95 km | जयपुर (JAI) — ~165 km |
| प्रसिद्ध भेंट | निशान, गुलाब, इत्र, मोरपंख | नारियल, सिंदूर-चोला, लड्डू-चूरमा |
🙏 खाटू श्याम जी मंदिर — पूरी जानकारी
खाटू श्याम जी, महाभारत के वीर बर्बरीक का पूजित रूप हैं — घटोत्कच के पुत्र और भीम के पौत्र, जिन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के माँगने पर अपना शीश दान कर दिया था। श्रीकृष्ण ने उन्हें वरदान दिया कि कलियुग में वे “श्याम” नाम से पूजे जाएँगे। इसीलिए भक्त उन्हें हारे का सहारा और कलियुग के देव कहते हैं। पूरी कथा: बर्बरीक शीश दान कथा।
- दर्शन व आरती (कमेटी बोर्ड के अनुसार): मंदिर सुबह 4:30 खुलता है · मंगला 4:45 · श्रृंगार 7:15 · भोग 12:30 · दोपहर 2:00–4:00 बंद · संध्या 7:15 PM · शयन 9:45 PM · रात 10:00 बंद। विवरण: खाटू श्याम दर्शन समय।
- श्याम कुंड: मंदिर के पास का पवित्र कुंड, जहाँ से बाबा का शीश प्रकट होना माना जाता है — श्याम कुंड।
- फाल्गुन मेला: खाटू का सबसे बड़ा मेला, लाखों भक्त निशान लेकर पैदल आते हैं — फाल्गुन मेला गाइड।
- एकादशी: हर एकादशी पर भारी भीड़ — तारीखें: एकादशी कैलेंडर।
- आरती, चालीसा, मंत्र: खाटू श्याम आरती · चालीसा · मंत्र।
🚩 सालासर बालाजी मंदिर — पूरी जानकारी
सालासर बालाजी, हनुमान जी का राजस्थान का सबसे बड़ा धाम माना जाता है। मान्यता है कि 1754 ई. (विक्रम संवत 1811) में नागौर ज़िले के आसोटा गाँव में खेत जोतते समय एक किसान को हनुमान जी की प्रतिमा मिली। उसी समय सालासर के संत मोहनदास जी को स्वप्न में आदेश हुआ और प्रतिमा सालासर लाकर स्थापित की गई। मोहनदास जी और उनकी बहन कान्ही बाई की समाधि आज भी मंदिर परिसर में है।
- अनोखी प्रतिमा: यहाँ बालाजी दाढ़ी-मूँछ के साथ विराजते हैं, जो दूसरे प्रमुख हनुमान मंदिरों से अलग है।
- नारियल बाँधने की परंपरा: भक्त मन्नत के लिए मंदिर परिसर में लाल कपड़े में नारियल बाँधते हैं।
- आरती (लगभग): मंगला आरती सुबह ~5 बजे, राजभोग सुबह ~10–10:30, धूप व मोहनदास जी की आरती शाम ~5–6 बजे, बालाजी की संध्या आरती ~6–7:30 बजे और शयन आरती रात ~9–10 बजे। सर्दी-गर्मी में समय 30–60 मिनट बदलता है — मंदिर में लगी सूचना देखें।
- मेले: चैत्र पूर्णिमा (हनुमान जयंती) और आश्विन पूर्णिमा पर बड़े मेले; हर मंगलवार-शनिवार को विशेष भीड़।
- प्रसाद: लड्डू, चूरमा, नारियल; मंदिर के बाहर प्रसाद और पूजा-सामग्री की दुकानें।
सालासर बालाजी का पूरा इतिहास, कथा और दर्शन जानकारी: सालासर बालाजी मंदिर गाइड।
🚗 खाटू श्याम से सालासर बालाजी — सड़क मार्ग (~103 km)
मुख्य रास्ता: खाटू → (राज्य मार्ग) NH52 → सीकर बाइपास → सीकर–सालासर मार्ग (SH20) → सालासर। मंदिर से मंदिर दूरी OpenStreetMap रूटिंग (OSRM) से लगभग 103 km है; कई जगह यह 110 km लिखी मिलती है, जो शहर के अंदर से जाने पर होती है। ध्यान दें — रींगस इस रास्ते में नहीं पड़ता; वह खाटू से उलटी दिशा में है।
| पड़ाव | खाटू से (लगभग) | ध्यान दें |
|---|---|---|
| खाटू श्याम जी | 0 km | सुबह जल्दी निकलें |
| NH52 पर पहुँचना | ~10 km | पलसाना की ओर |
| सीकर बाइपास | ~45 km | चाय-नाश्ता, पेट्रोल |
| सालासर बालाजी | ~103 km | मंदिर के पास पार्किंग |
दूरी OSRM से; पड़ाव की दूरियाँ अनुमानित। मंगलवार-शनिवार और पूर्णिमा पर सालासर में भीड़ के कारण गाड़ी दूर खड़ी करनी पड़ सकती है।
🚌 खाटू श्याम से सालासर बस से
खाटू से सालासर की सीधी बस कम मिलती है। सामान्य तरीका: खाटू बस स्टैंड (मंदिर से करीब 500 m) से सीकर की बस, फिर सीकर बस स्टैंड से सालासर की RSRTC/निजी बस। सीकर से सालासर के लिए दिन भर बसें मिलती हैं।
- कुल किराया: लगभग ₹80–120 (अनुमान)।
- कुल समय: बस बदलने समेत 3–3.5 घंटे।
- सुझाव: वापसी की आख़िरी बस का समय सीकर बस स्टैंड पर पूछ लें; शाम के बाद बसें कम हो जाती हैं।
और जानकारी: खाटू बस शेड्यूल · सीकर से खाटू श्याम जी।
🚆 ट्रेन से — क्या सीधी ट्रेन है?
खाटू श्याम से सालासर के बीच कोई सीधी ट्रेन नहीं है, और दोनों मंदिरों में रेलवे स्टेशन नहीं है। खाटू का स्टेशन रींगस जंक्शन है और सालासर का नज़दीकी स्टेशन सुजानगढ़ (करीब 25–27 km)। ट्रेन से दो धाम करने पर समय ज़्यादा लगता है, इसलिए खाटू–सालासर के बीच बस या टैक्सी बेहतर है। दूर के शहरों से आने वाले रींगस (खाटू) या सुजानगढ़ (सालासर) तक ट्रेन ले सकते हैं — सुजानगढ़ से सालासर के लिए जीप/टैक्सी मिलती है।
🚕 खाटू से सालासर टैक्सी किराया (अनुमान)
| विकल्प | सेडान (Dzire/Etios) | SUV (Ertiga/Innova) |
|---|---|---|
| एक तरफ़ (खाटू → सालासर) | ₹1,800–2,500 | ₹2,500–3,500 |
| दो धाम, पूरा दिन (खाटू–सालासर–खाटू) | ₹4,000 से | ₹5,500 से |
किराए बाज़ार दरों के अनुमान हैं; मेले, एकादशी और पूर्णिमा पर बढ़ जाते हैं — बुकिंग के समय पक्का करें। खाटू टैक्सी बुकिंग
🗓️ दो धाम यात्रा प्लान — खाटू श्याम + सालासर बालाजी
एक दिन में (टैक्सी/कार से)
- सुबह 4:45 — खाटू में मंगला आरती, या 7:15 की श्रृंगार आरती के दर्शन।
- सुबह 8:00–8:30 — सालासर के लिए रवाना (~2–2.5 घंटे)।
- सुबह 10:30–12:00 — सालासर बालाजी दर्शन, नारियल-प्रसाद, अंजनी माता मंदिर।
- दोपहर 1:00 — भोजन, फिर वापसी। खाटू लौट रहे हैं तो ध्यान रखें कि खाटू मंदिर 2:00–4:00 बंद रहता है।
दो दिन में (बिना जल्दबाज़ी)
- दिन 1: खाटू श्याम जी — शाम की संध्या आरती, रात खाटू में।
- दिन 2: सुबह मंगला आरती → जीण माता → सालासर बालाजी, शाम की आरती सालासर में। तैयार मार्ग: खाटू–सालासर–जीण माता 2 दिन।
कब जाएँ: अक्टूबर–मार्च का मौसम सबसे अच्छा। भीड़ से बचना हो तो खाटू में एकादशी/रविवार और सालासर में मंगलवार/शनिवार से बचें। आने वाला बड़ा मौका: सालासर में आश्विन (शरद) पूर्णिमा मेला — 25 अक्टूबर 2026; उस दिन भारी भीड़ रहेगी।
↩️ सालासर बालाजी से खाटू श्याम जी (वापसी रास्ता)
Salasar to Khatu Shyam distance भी लगभग 103 km ही है — सालासर → सीकर बाइपास → NH52 → खाटू। बहुत-से भक्त पहले सालासर (मंगलवार/शनिवार) और फिर खाटू (एकादशी/रविवार) जाते हैं। बस से: सालासर से सीकर, सीकर से खाटू/रींगस की बस। खाटू पहुँचने का समय ऐसा रखें कि दोपहर 2–4 के बंद समय में न फँसें — शाम 4 बजे के बाद पहुँचकर संध्या आरती (7:15 PM) के दर्शन अच्छे रहते हैं।
खाटू श्याम जी से आसपास के प्रमुख धामों की दूरी
खाटू–सालासर यात्रा में भक्त अक्सर इन धामों को भी जोड़ते हैं। सड़क दूरी (लगभग):
| धाम | खाटू से दूरी | रास्ता गाइड |
|---|---|---|
| जीण माता | 46 km | खाटू से जीण माता |
| सालासर बालाजी | 103 km | यही पेज |
| रानी सती दादी, झुंझुनूं | 110 km | खाटू से रानी सती |
| पुष्कर | 178 km | खाटू से पुष्कर |
| करणी माता, देशनोक | 287 km | खाटू से करणी माता |
| सांवलिया सेठ (मंडफिया) | लगभग 380 km | खाटू से सांवलिया सेठ |
सालासर से जीण माता लगभग 85 km है — तीनों धाम (खाटू, सालासर, जीण माता) एक साथ करने का प्लान: एक दिन की यात्रा · दो दिन की यात्रा।
🛕 रास्ते और आसपास के धाम
- अंजनी माता मंदिर, सालासर: सालासर बालाजी से करीब 2 km, हनुमान जी की माता का मंदिर — ज़्यादातर भक्त यहाँ भी दर्शन करते हैं।
- जीण माता और हर्षनाथ मंदिर — सीकर ज़िले के प्राचीन मंदिर, दो धाम यात्रा में जोड़े जा सकते हैं: सालासर से जीण माता।
- रानी सती मंदिर, झुंझुनू — सीकर से उत्तर की ओर।
- करणी माता, देशनोक — सालासर से आगे बीकानेर की ओर: खाटू से करणी माता।
- सभी तैयार मार्ग: खाटू यात्रा सर्किट।
🏨 कहाँ ठहरें — खाटू और सालासर
खाटू में (मंगला आरती के लिए):
- श्री श्याम लगन आश्रय — कमरा ₹1,120 से।
- अनमोल रतन धर्मशाला — कमरा ₹900 से।
- होटल वेलकम एंड रेस्टोरेंट — मंदिर से करीब 500 m।
- भोजन: सर्वोत्तम भोजनालय (किफायती थाली) · MB तोरण द्वार रेस्टोरेंट।
सालासर में: मंदिर ट्रस्ट और कई समाजों की धर्मशालाएँ हैं; मंगलवार-शनिवार और पूर्णिमा पर पहले से फ़ोन करके कमरा पक्का करें। खाटू के सभी विकल्प: धर्मशाला सूची · होटल · भोजनालय।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल — Khatu Shyam to Salasar Balaji
खाटू श्याम से सालासर बालाजी की दूरी कितनी है? (Khatu Shyam to Salasar Balaji distance)
मंदिर से मंदिर सड़क दूरी लगभग 103 km है, सीकर होकर। कार/टैक्सी से 2–2.5 घंटे और बस से (सीकर में बदलकर) 3–3.5 घंटे।
सालासर बालाजी से खाटू श्याम की दूरी कितनी है? (Salasar to Khatu Shyam distance)
उतनी ही — लगभग 103 km, सालासर → सीकर बाइपास → NH52 → खाटू।
क्या खाटू श्याम और सालासर बालाजी एक दिन में कर सकते हैं?
हाँ। सुबह खाटू में आरती के दर्शन करके 8–8:30 बजे निकलें, 10:30–11 बजे तक सालासर पहुँचें और शाम तक वापसी करें। टैक्सी से यह सबसे आसान है।
खाटू श्याम से सालासर बस कैसे जाएँ? (Khatu Shyam to Salasar by bus)
खाटू बस स्टैंड से सीकर, फिर सीकर से सालासर की बस। कुल किराया लगभग ₹80–120 और समय 3–3.5 घंटे (अनुमान)।
खाटू से सालासर टैक्सी का किराया कितना है? (Khatu to Salasar taxi fare)
सेडान में एक तरफ़ लगभग ₹1,800–2,500 और पूरे दिन का दो धाम पैकेज ₹4,000 से (अनुमान)। मेले व पूर्णिमा पर दरें बढ़ जाती हैं।
क्या खाटू से सालासर के लिए ट्रेन है?
नहीं, कोई सीधी ट्रेन नहीं है। खाटू का स्टेशन रींगस और सालासर का नज़दीकी स्टेशन सुजानगढ़ है; दोनों मंदिरों के बीच बस या टैक्सी बेहतर है।
सालासर बालाजी मंदिर कितने बजे खुलता है? (Salasar Balaji timings)
सुबह करीब 5 बजे मंगला आरती से दर्शन शुरू होते हैं और रात करीब 9–10 बजे शयन आरती तक चलते हैं; सर्दी-गर्मी में समय बदलता है। मंगलवार और शनिवार को सबसे ज़्यादा भीड़ रहती है।
सालासर का मेला कब है?
सालासर में चैत्र पूर्णिमा (हनुमान जयंती) और आश्विन पूर्णिमा पर बड़े मेले लगते हैं — अगला आश्विन पूर्णिमा मेला 25 अक्टूबर 2026 और हनुमान जयंती 20 अप्रैल 2027 को है (पंचांग के अनुसार)।
स्रोत: सड़क दूरी — OpenStreetMap आधारित रूटिंग (OSRM) · खाटू मंदिर समय — श्री श्याम मंदिर कमेटी बोर्ड (सितंबर 2026) · सालासर आरती समय — सार्वजनिक स्रोत (मौसम अनुसार बदलते हैं) · पर्व तिथियाँ — द्रिक पंचांग (जयपुर) · बस/टैक्सी किराए बाज़ार दरों के अनुमान · अद्यतन: 6 अक्टूबर 2026