गोवर्धन पूजा (अन्नकूट) 2026 कब है? Govardhan Puja 2026 Date, मुहूर्त, छप्पन भोग व कथा

✍️ लेखक: Team Khatuwalebaba.in📅 प्रकाशित: 9 अगस्त 2026🔄 अपडेट: 18 अक्टूबर 2026पंचांग स्रोतों से सत्यापित

गोवर्धन पूजा 2026 कब है?

Govardhan Puja 2026 — तिथि, अन्नकूट, छप्पन भोग, गौ पूजा और कथा

सीधा जवाब / QUICK ANSWER

गोवर्धन पूजा (अन्नकूट) 2026 कब है?

📅 मंगलवार, 10 नवंबर 2026   ⏳ 11 दिन बाकी

गोवर्धन पूजा 2026 मंगलवार, 10 नवंबर 2026 को है — 9 नवंबर को नहीं। यह कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा का दिन है, दीपावली 2026 के दो दिन बाद। इसे अन्नकूट भी कहा जाता है, जब भगवान कृष्ण को छप्पन भोग अर्पित किया जाता है।

  • 🕉️ कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा — प्रारंभ: 9 नवंबर, 12:32 PM · समाप्त: 10 नवंबर, 2:01 PM
  • 🌅 प्रातःकाल पूजा: लगभग 6:34 AM – 8:45 AM (दिल्ली) · जयपुर में सूर्योदय 6:42 AM
  • 🙏 इसी दिन बलि प्रतिपदा; अगले दिन 11 नवंबर को भाई दूज

📌 9 नवंबर या 10 नवंबर? 9 नवंबर को सूर्योदय के समय अमावस्या है और प्रतिपदा दोपहर 12:32 PM से शुरू होती है। गोवर्धन पूजा प्रातःकाल की प्रतिपदा में होती है, जो केवल 10 नवंबर को मिलती है।

📅 10 नवंबर 2026  |  🗓️ मंगलवार  |  ⛰️ कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा  |  🍲 अन्नकूट / छप्पन भोग

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कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा

स्रोत: Drik Panchang — 2027 Hindu Festivals Calendar, जयपुर। 2027 के सभी व्रत-त्योहार →

गोवर्धन पूजा 2026 कब है — 9 या 10 नवंबर?

गोवर्धन पूजा 2026 मंगलवार, 10 नवंबर को है। कई वेबसाइट इसे 9 नवंबर बता रही हैं, जो गलत है। कारण यह है कि अमावस्या तिथि 9 नवंबर तक खिंचती है, और गोवर्धन पूजा कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को होती है — जो 10 नवंबर से शुरू होती है। इसी वजह से दिवाली (8 नवंबर) और गोवर्धन पूजा के बीच एक दिन का अंतर आ रहा है।

विवरण तिथि
गोवर्धन पूजा 2026 मंगलवार, 10 नवंबर 2026
हिंदू तिथि कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा
अन्य नाम अन्नकूट, पड़वा, बलि प्रतिपदा
अगले दिन भाई दूज — 11 नवंबर

गोवर्धन पूजा क्यों की जाती है?

गोवर्धन पूजा भगवान कृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाने की स्मृति है। भागवत पुराण की कथा के अनुसार ब्रजवासी हर वर्ष इंद्र देव की पूजा करते थे। बालक कृष्ण ने उन्हें समझाया कि असली पालन तो गोवर्धन पर्वत करता है — वही चारा देता है, वर्षा रोकता है और गायों का पोषण करता है। ब्रजवासियों ने इंद्र की जगह गोवर्धन की पूजा शुरू कर दी।

इससे क्रोधित होकर इंद्र ने मूसलाधार वर्षा बरसाई। तब कृष्ण ने अपनी कनिष्ठा उंगली पर पूरा गोवर्धन पर्वत उठा लिया और सात दिन तक समस्त ब्रजवासियों तथा गायों को उसकी छाया में शरण दी। अंत में इंद्र का अहंकार टूटा और उन्होंने क्षमा माँगी।

कथा का भाव यही है — प्रकृति और गौ-सेवा ही असली पूजा है, और अहंकार चाहे देवता का हो, टूटता ज़रूर है।

अन्नकूट और छप्पन भोग क्या है?

“अन्नकूट” का शाब्दिक अर्थ है अन्न का पर्वत। इस दिन विभिन्न प्रकार के अनाज, सब्ज़ियाँ, मिठाइयाँ और पकवान पर्वत के आकार में सजाकर भगवान कृष्ण को अर्पित किए जाते हैं — यह गोवर्धन पर्वत का प्रतीक होता है।

छप्पन भोग की परंपरा इससे जुड़ी है। मान्यता है कि बाल कृष्ण दिन में आठ बार भोजन करते थे, और सात दिन तक पर्वत उठाए रहने के कारण वे भोजन नहीं कर सके — आठ गुना सात यानी छप्पन। इसीलिए उन्हें छप्पन प्रकार के व्यंजन अर्पित किए जाते हैं। मथुरा, वृंदावन और नाथद्वारा के मंदिरों में यह आयोजन सबसे भव्य होता है।

गोवर्धन पूजा की विधि क्या है?

  1. गोवर्धन बनाना — आँगन या द्वार के सामने गाय के गोबर से गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाएं। बीच में कृष्ण जी की छवि रखें।
  2. सजावट — आकृति पर फूल, रोली, अक्षत और दीपक सजाएं। पेड़-पौधों और गायों की आकृतियाँ भी बनाई जाती हैं।
  3. अन्नकूट अर्पण — विविध पकवान, सब्ज़ियाँ और मिठाइयाँ पर्वत के आकार में सजाकर भोग लगाएं।
  4. गौ पूजा — गाय और बछड़े को स्नान कराकर तिलक लगाएं, माला पहनाएं और हरा चारा या गुड़ खिलाएं।
  5. परिक्रमा — गोवर्धन आकृति की सात बार परिक्रमा करें।
  6. मंत्र और आरती — “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” का जाप करके आरती करें।
  7. प्रसाद वितरण — अन्नकूट का प्रसाद परिवार, पड़ोसियों और ज़रूरतमंदों में बाँटें।

क्षेत्र के अनुसार अलग परंपराएँ

क्षेत्र परंपरा
ब्रज — मथुरा, वृंदावन गोवर्धन पर्वत की 21 km परिक्रमा, सबसे बड़ा अन्नकूट आयोजन
गुजरात बेस्तु वरस — नववर्ष का पहला दिन
महाराष्ट्र बलि प्रतिपदा — राजा बलि की स्मृति
राजस्थान गौ पूजा और अन्नकूट, नाथद्वारा में विशेष आयोजन
🐄 गोबर को लेकर: परंपरा में गोवर्धन की आकृति गाय के गोबर से बनाई जाती है। शहरों में यह उपलब्ध न हो तो मिट्टी से भी बनाई जा सकती है — परंपरा में भाव को मुख्य माना गया है, सामग्री को नहीं।

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FAQ

Q: अन्नकूट 2026 कब है? (When is Annakut 2026?)

अन्नकूट गोवर्धन पूजा के दिन ही, मंगलवार 10 नवंबर 2026 को है।

Q: गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है? (What is the Govardhan Puja muhurat?)

प्रातःकाल पूजा का समय दिल्ली के अनुसार लगभग 6:34 AM से 8:45 AM है। प्रतिपदा तिथि 10 नवंबर दोपहर 2:01 PM तक रहती है।

Q: गोवर्धन पूजा कितने दिन बाकी है?

गोवर्धन पूजा 10 नवंबर 2026 को है — ⏳ 11 दिन बाकी।

Q: गोवर्धन पूजा 2026 में कब है?

गोवर्धन पूजा मंगलवार, 10 नवंबर 2026 को है, 9 नवंबर को नहीं। यह कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा का दिन है।

Q: When is Govardhan Puja 2026?

Govardhan Puja 2026 falls on Tuesday, 10 November 2026, on Kartika Shukla Pratipada — two days after Diwali, because Amavasya extends into 9 November.

Q: गोवर्धन पूजा दिवाली के अगले दिन क्यों नहीं है?

क्योंकि 2026 में अमावस्या तिथि 9 नवंबर तक खिंचती है। प्रतिपदा 10 नवंबर से शुरू होती है, इसलिए बीच में एक दिन का अंतर आ गया।

Q: छप्पन भोग में 56 ही व्यंजन क्यों?

मान्यता है कि बाल कृष्ण दिन में आठ बार भोजन करते थे और सात दिन तक पर्वत उठाए रहे — आठ गुना सात यानी छप्पन।

Q: अन्नकूट का अर्थ क्या है?

अन्न का पर्वत। विविध पकवान पर्वत के आकार में सजाकर अर्पित किए जाते हैं, जो गोवर्धन पर्वत का प्रतीक होता है।

Q: गोवर्धन पूजा में गाय की पूजा क्यों होती है?

कथा में कृष्ण ने पर्वत उठाकर ब्रजवासियों के साथ गायों की भी रक्षा की थी। इसलिए इस दिन गौ पूजा अभिन्न अंग है।

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References

  1. Drik Panchang — Hindu Calendar for New Delhi
  2. Prokerala — Govardhan Puja
  3. Shri Shyam Mandir — official temple site

सभी तिथियाँ भारत (IST), नई दिल्ली के अनुसार, एक से अधिक पंचांग स्रोतों से cross-verified. मुहूर्त सूर्योदय-सूर्यास्त पर आधारित है और शहर के अनुसार बदलता है। Updated July 2026.

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