सूरजगढ़ निशान यात्रा 2027 रविवार, 14 मार्च 2027 को सूरजगढ़ (ज़िला झुंझुनूं) से खाटू धाम के लिए प्रस्थान करेगी। यह घोषणा सूरजगढ़ प्राचीन श्याम मंदिर कमेटी की है, और यात्रा महंत श्री मनोहर लाल जी इंदौरिया के सानिध्य में निकलेगी। सफ़ेद निशान, जिस पर नीले घोड़े पर सवार बाबा श्याम का चिह्न होता है, परंपरा के अनुसार फाल्गुन मेले में खाटू मंदिर के शिखर पर सबसे पहले चढ़ाया जाता है। फाल्गुन मेले का मुख्य दिन गुरुवार, 18 मार्च 2027 है।
🚩 सूरजगढ़ निशान यात्रा 2027 — संक्षेप में
- प्रस्थान: रविवार, 14 मार्च 2027, सूरजगढ़ से
- आयोजक: सूरजगढ़ प्राचीन श्याम मंदिर कमेटी
- सानिध्य: महंत श्री मनोहर लाल जी इंदौरिया
- मार्ग: सूरजगढ़ → खाटू धाम, पैदल लगभग 152 km
- फाल्गुन मेला: गुरुवार, 18 मार्च 2027 (श्री श्याम मंदिर कमेटी कैलेंडर)
- खाटू में निशान दर्शन स्थल: प्राचीन निशान भवन, मंडा रोड


सूरजगढ़ का निशान क्या है
खाटू की निशान परंपरा में सूरजगढ़ के निशान का स्थान सबसे ऊँचा माना जाता है। सूरजगढ़ प्राचीन श्याम मंदिर से हर वर्ष फाल्गुन मेले के लिए यह निशान पैदल खाटू लाया जाता है। निशान सफ़ेद रंग का होता है और उस पर नीले घोड़े पर सवार बाबा श्याम का चिह्न बना होता है। आयोजक कमेटी इसे “भारत वर्ष की सर्वप्रथम निशान यात्रा” बताती है।
परंपरा के अनुसार फाल्गुन मेले में खाटू मंदिर के शिखर पर सबसे पहले सूरजगढ़ का निशान चढ़ाया जाता है, और यह परंपरा 300 से अधिक वर्षों से चली आ रही बताई जाती है। भक्तों की मान्यता है कि यह प्राचीन निशान बाबा श्याम के मुकुट के श्रृंगार का सौभाग्य पाता है, इसलिए श्याम भक्तों में इसे विशेष पूजनीय माना जाता है।
2027 की यात्रा — तारीखें
| तारीख | क्या | स्रोत |
|---|---|---|
| रविवार, 14 मार्च 2027 | सूरजगढ़ से खाटू धाम के लिए निशान यात्रा का प्रस्थान | सूरजगढ़ प्राचीन श्याम मंदिर कमेटी |
| 14 मार्च से मेले तक | सूरजगढ़ से खाटू तक पैदल यात्रा (लगभग 152 km) | मार्ग व पड़ाव की जानकारी कमेटी से लें |
| गुरुवार, 18 मार्च 2027 | श्री श्याम फाल्गुन मेला (फाल्गुन शुक्ल एकादशी) | श्री श्याम मंदिर कमेटी वार्षिक कैलेंडर |
| शुक्रवार, 19 मार्च 2027 | फाल्गुन शुक्ल द्वादशी | श्री श्याम मंदिर कमेटी वार्षिक कैलेंडर |
| 21–22 मार्च 2027 | होली (होलिका दहन) व धुलण्डी | श्री श्याम मंदिर कमेटी वार्षिक कैलेंडर |
पड़ाव, रास्ते का समय और खाटू पहुँचने की सटीक तारीख के लिए आयोजक कमेटी की सूचना देखें; हम केवल पुष्ट तारीखें प्रकाशित करते हैं। पूरा वार्षिक कैलेंडर: खाटू श्याम मंदिर कैलेंडर 2026-27।
खाटू में सूरजगढ़ निशान के दर्शन — प्राचीन निशान भवन
खाटू में प्राचीन निशान भवन, सूरजगढ़ धाम, मंडा रोड को “प्राचीन सूरजगढ़ निशान दर्शन स्थल” बताया गया है। यह खाटूश्याम मंदिर के नज़दीक, पैदल दर्शन मार्ग पर स्थित है। भवन में ठहरने के लिए AC कमरे, बड़े समूहों के लिए हॉल, खुला टैरेस गार्डन और बस व कार की पार्किंग की सुविधा बताई गई है। पूरी जानकारी: प्राचीन निशान भवन (सूरजगढ़ धाम)।
निशान यात्रा में शामिल होने वाले भक्तों के लिए
- पंजीकरण व व्यवस्था: सूरजगढ़ से यात्रा में शामिल होना हो तो रवानगी का समय, पड़ाव और भोजन-ठहराव की जानकारी आयोजक कमेटी से पहले ले लें।
- स्वास्थ्य: रोज़ लंबी दूरी पैदल चलनी होती है। आरामदायक जूते, पानी, प्राथमिक चिकित्सा और छाले की दवा साथ रखें।
- नियम: निशान यात्रा में सात्त्विक भोजन, नशे से दूरी और अनुशासन की परंपरा है: निशान यात्रा — नियम व तैयारी।
- सड़क पर सावधानी: समूह में, सड़क के किनारे एक कतार में चलें; रात में चमकीले कपड़े या टॉर्च रखें।
- केवल दर्शन के लिए जाना हो: यात्रा का स्वागत देखने या निशान के दर्शन के लिए खाटू में प्राचीन निशान भवन और मेले के दिनों में मंदिर परिसर सबसे उपयुक्त हैं।
फाल्गुन मेला 2027 की तैयारी
सूरजगढ़ निशान के साथ ही फाल्गुन मेले में देश भर से हज़ारों निशान यात्राएँ खाटू पहुँचती हैं, और रींगस से खाटू का 17 km का मार्ग पैदल यात्रियों से भर जाता है। मेले के दिनों में वाहनों पर प्रतिबंध लग सकते हैं और ठहरने की जगह पहले से भर जाती है।
- पूरी मेला गाइड: फाल्गुन मेला 2027
- ठहरना: खाटू में कमरा — बजट अनुसार · सभी धर्मशालाएँ
- रींगस से पैदल: रींगस से खाटू (17 km)
- निशान का महत्व: खाटू श्याम जी का निशान
- घर बैठे दर्शन: आज के लाइव दर्शन
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सूरजगढ़ निशान यात्रा 2027 कब शुरू होगी? (When does the Surajgarh Nishan Yatra 2027 start?)
सूरजगढ़ प्राचीन श्याम मंदिर कमेटी की घोषणा के अनुसार निशान यात्रा रविवार, 14 मार्च 2027 को सूरजगढ़ से खाटू धाम के लिए प्रस्थान करेगी। फाल्गुन मेले का मुख्य दिन गुरुवार, 18 मार्च 2027 है।
सूरजगढ़ का निशान क्या है? (What is the Surajgarh Nishan?)
सूरजगढ़ (ज़िला झुंझुनूं) के प्राचीन श्याम मंदिर से फाल्गुन मेले पर पैदल लाया जाने वाला सफ़ेद निशान, जिस पर नीले घोड़े पर सवार बाबा श्याम का चिह्न होता है। परंपरा के अनुसार यही निशान फाल्गुन मेले में खाटू मंदिर के शिखर पर सबसे पहले चढ़ाया जाता है।
सूरजगढ़ से खाटू कितनी दूर है? (Distance Surajgarh to Khatu)
निशान यात्रा का मार्ग लगभग 152 km का बताया जाता है। यात्रा 14 मार्च को शुरू होकर फाल्गुन मेले से पहले खाटू पहुँचती है।
सूरजगढ़ का निशान खाटू में कहाँ देख सकते हैं? (Where to see the nishan in Khatu?)
खाटू में मंडा रोड पर स्थित प्राचीन निशान भवन (सूरजगढ़ धाम) को “प्राचीन सूरजगढ़ निशान दर्शन स्थल” बताया गया है। यह मंदिर के पास पैदल दर्शन मार्ग पर है।
क्या आम भक्त सूरजगढ़ निशान यात्रा में शामिल हो सकते हैं? (Can devotees join?)
निशान यात्रा में शामिल होने, ठहरने और मार्ग की व्यवस्था की जानकारी सूरजगढ़ प्राचीन श्याम मंदिर कमेटी से लें। यात्रा अनुशासन और भक्ति के साथ चलती है; पैदल यात्रा से पहले अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
स्रोत: सूरजगढ़ प्राचीन श्याम मंदिर कमेटी की निशान यात्रा 2027 घोषणा; श्री श्याम मंदिर कमेटी (रजि.), खाटूश्यामजी का वार्षिक कैलेंडर 2026-27 (वि.सं. 2083); प्राचीन निशान भवन की सूचना। परंपरा व मान्यताएँ भक्ति परंपरा के अनुसार हैं।