करवा चौथ 2026
Karwa Chauth 2026 — Date, Moonrise Time, Puja Muhurat, Sargi, Vrat Katha, Puja Vidhi और संपूर्ण व्रत Guide
सीधा जवाब / QUICK ANSWER
करवा चौथ 2026 गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को है। New Delhi के अनुसार Karwa Chauth Puja Muhurat शाम 5:38 PM से 6:56 PM और Moonrise Time 8:17 PM है। चतुर्थी तिथि 29 अक्टूबर को 1:06 AM से 10:09 PM तक रहेगी। व्रत सूर्योदय से पहले सरगी के साथ शुरू होता है और चंद्र दर्शन व अर्घ्य के बाद पारण किया जाता है।
📅 29 अक्टूबर 2026 | 🗓️ गुरुवार | 🪔 Puja 5:38 PM–6:56 PM | 🌙 Delhi Moonrise 8:17 PM | 💧 परंपरागत निर्जला व्रत

इस Guide में क्या मिलेगा?
करवा चौथ 2026 कब है?
Karwa Chauth 2026 गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को है। यह व्रत उत्तर भारतीय पूर्णिमांत पंचांग के अनुसार कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को रखा जाता है और इसे करक चतुर्थी भी कहा जाता है। विवाहित महिलाएं परंपरागत रूप से पति की दीर्घायु, स्वास्थ्य, सुख और परिवार की मंगलकामना के लिए सूर्योदय से चंद्रोदय तक व्रत रखती हैं।
करवा चौथ केवल उपवास का दिन नहीं है। सरगी, व्रत संकल्प, माता पार्वती और शिव परिवार की पूजा, करवा, व्रत कथा, सोलह श्रृंगार, चंद्रमा को अर्घ्य और चंद्रोदय के बाद पारण—इन सभी परंपराओं के कारण यह उत्तर भारत के प्रमुख वैवाहिक पर्वों में गिना जाता है।
| विवरण | तिथि / समय |
|---|---|
| Karwa Chauth 2026 Date | गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 |
| चतुर्थी तिथि प्रारंभ | 29 अक्टूबर, 1:06 AM |
| चतुर्थी तिथि समाप्त | 29 अक्टूबर, 10:09 PM |
| New Delhi सूर्योदय | लगभग 6:31 AM |
| Karwa Chauth Puja Muhurat | 5:38 PM से 6:56 PM |
| New Delhi व्रत अवधि | 6:31 AM से 8:17 PM |
| Delhi Moonrise Time | 8:17 PM |
| पारण | चंद्र दर्शन और अर्घ्य के बाद |
| अन्य नाम | करक चतुर्थी / Karaka Chaturthi |
Karwa Chauth 2026 Moonrise Time — चांद कितने बजे निकलेगा?
New Delhi में Karwa Chauth 2026 Moonrise Time लगभग 8:17 PM है। चंद्रमा के दर्शन के बाद अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जाता है, इसलिए करवा चौथ के दिन “आज चांद कितने बजे निकलेगा?” और “Karwa Chauth moonrise time today” सबसे अधिक खोजे जाने वाले प्रश्नों में रहते हैं।
पूरे भारत के लिए एक ही Moonrise Time सही नहीं हो सकता। शहर की longitude-latitude और स्थानीय क्षितिज के कारण समय बदलता है। Calculated moonrise के बाद भी बादल, ऊंची इमारतों या स्थानीय horizon के कारण चंद्रमा दिखाई देने में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है।
Karwa Chauth 2026 City-wise Moonrise Time
| शहर | Puja Muhurat | Moonrise Time |
|---|---|---|
| Delhi / New Delhi | 5:38 PM–6:56 PM | 8:17 PM |
| Jaipur | 5:46 PM–7:03 PM | 8:28 PM |
| Lucknow | 5:26 PM–6:43 PM | 8:06 PM |
| Kolkata | 5:01 PM–6:17 PM | 7:47 PM |
नोट: City-wise timings Panchang calculations पर आधारित हैं। अपने सटीक location के लिए स्थानीय समय verify करें।
करवा चौथ क्या है और इसका महत्व क्या है?
करवा चौथ हिंदू परंपरा का एक महत्वपूर्ण व्रत है, जिसे विशेष रूप से राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और उत्तर भारत के कई क्षेत्रों में व्यापक रूप से मनाया जाता है। आज देश और विदेश में रहने वाले भारतीय परिवार भी इसे श्रद्धा से मनाते हैं।
“करवा” या “करक” पूजा में प्रयुक्त छोटे पात्र से जुड़ा शब्द है। इस दिन माता पार्वती को अखंड सौभाग्य का प्रतीक मानकर भगवान शिव, भगवान गणेश और भगवान कार्तिकेय के साथ उनकी पूजा की जाती है। चंद्र देव को अर्घ्य देकर व्रत पूर्ण किया जाता है।
अलग-अलग समुदायों में पूजा, सरगी, बाया, कथा, थाली फेरने और पारण की रीति थोड़ी अलग हो सकती है। इसलिए घर की पुरानी पारिवारिक परंपरा को समझना भी करवा चौथ की तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
करवा चौथ की सरगी क्या होती है?
सरगी वह भोजन है जो व्रत शुरू होने से पहले सूर्योदय से पूर्व ग्रहण किया जाता है। कई पंजाबी और उत्तर भारतीय परिवारों में इसे सास अपनी बहू को आशीर्वाद के रूप में देती हैं। इसमें परिवार की परंपरा के अनुसार फल, सूखे मेवे, नारियल, फेनी या सेवई, मठरी, मिठाई और अन्य व्यंजन रखे जा सकते हैं।
यदि कोई स्वस्थ व्यक्ति परंपरागत निर्जला व्रत रखने जा रहा है, तो सरगी को केवल भारी मिठाइयों और तले हुए भोजन तक सीमित रखने के बजाय संतुलित रखना अधिक व्यावहारिक है। फल, मेवे, दही अथवा परिवार में स्वीकार्य पौष्टिक भोजन और पर्याप्त hydration सूर्योदय से पहले लेना उपयोगी हो सकता है।
सरगी में क्या खाएं?
- फल और मौसमी ताजे फल
- बादाम, अखरोट, काजू और अन्य सूखे मेवे
- नारियल और परिवार की परंपरा के अनुसार फेनी या सेवई
- दही या अन्य हल्का पौष्टिक भोजन, यदि परिवार में स्वीकार्य हो
- पर्याप्त पानी और अन्य स्वीकार्य तरल सूर्योदय से पहले
बहुत अधिक नमकीन, अत्यधिक तला हुआ भोजन और बहुत अधिक मिठाई कुछ लोगों में प्यास या भारीपन बढ़ा सकती है। स्वास्थ्य की स्थिति होने पर fasting और भोजन संबंधी निर्णय चिकित्सक की सलाह से लें।
सरगी कितने बजे खानी चाहिए?
सरगी स्थानीय सूर्योदय से पहले पूरी कर लेनी चाहिए। New Delhi में 29 अक्टूबर 2026 को सूर्योदय लगभग 6:31 AM है, इसलिए वहां सरगी इससे पहले पूरी की जाएगी। पूरे भारत के लिए किसी एक fixed “4 AM” या “5 AM” समय को लागू करना सही नहीं है।
करवा चौथ व्रत का संकल्प कैसे लें?
सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और श्रद्धा से व्रत का संकल्प लें। परंपरागत रूप से व्रती चंद्र दर्शन तक व्रत पूर्ण करने और परिवार के सुख-सौभाग्य की प्रार्थना करती हैं।
परंपरागत संकल्प मंत्र
मम सुखसौभाग्य पुत्रपौत्रादि सुस्थिर श्री प्राप्तये करक चतुर्थी व्रतमहं करिष्ये।
करवा चौथ पूजा सामग्री — पूरी सूची
पूजा सामग्री परिवार और क्षेत्र के अनुसार थोड़ी अलग हो सकती है। सामान्य रूप से नीचे दी गई सामग्री पहले से तैयार रखना सुविधाजनक रहता है। “Karwa Chauth Puja Samagri” खोजने वाले पाठकों के लिए यह एक उपयोगी checklist भी है:
मिट्टी या धातु का करवा और स्वच्छ जल
रोली, कुमकुम, अक्षत, हल्दी, मौली
घी या तेल, रुई की बाती और माचिस
फूल, फल, मिठाई, सिंदूर और दक्षिणा
गौरा माता/पार्वती, शिवजी, गणेश जी का चित्र या प्रतिमा
छलनी, अर्घ्य के लिए करवा या लोटा
करवा चौथ कथा पुस्तक या विश्वसनीय पाठ
बाया, मठरी या अन्य पारंपरिक सामग्री
करवा चौथ की संपूर्ण पूजा विधि
- सरगी और प्रारंभिक तैयारी — सूर्योदय से पहले सरगी ग्रहण करें और दिन की पूजा सामग्री तैयार रखें।
- स्नान और संकल्प — स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और श्रद्धा से व्रत का संकल्प लें।
- पूजा स्थान तैयार करें — संध्या से पहले साफ स्थान पर चौकी स्थापित करें।
- गौरा माता और शिव परिवार की स्थापना — माता पार्वती, भगवान शिव, गणेश जी और कार्तिकेय का स्मरण व पूजन करें।
- करवा स्थापित करें — करवे में स्वच्छ जल भरकर पूजा की थाली के पास रखें।
- दीप प्रज्वलित करें — दीपक जलाकर भगवान गणेश का स्मरण करें और पूजा आरंभ करें।
- माता पार्वती की पूजा — रोली, अक्षत, फूल और अन्य उपलब्ध सामग्री से श्रद्धापूर्वक पूजन करें।
- Karwa Chauth Vrat Katha — परिवार या समूह की परंपरा के अनुसार कथा पढ़ें अथवा सुनें।
- चंद्रोदय की प्रतीक्षा — पूजा के बाद अपने शहर के Moonrise Time के अनुसार चंद्रमा की प्रतीक्षा करें।
- चंद्र दर्शन और अर्घ्य — चंद्रमा दिखाई देने पर जल अर्पित करें और प्रार्थना करें।
- छलनी की परंपरा — जहां परिवार में प्रथा हो, छलनी से चंद्रमा और फिर पति को देखा जाता है।
- पारण — चंद्र पूजा के बाद जल ग्रहण करके और परिवार की परंपरा के अनुसार भोजन लेकर व्रत पूर्ण करें।
करवा चौथ 2026 पूजा मुहूर्त
New Delhi के अनुसार Karwa Chauth Puja Muhurat 29 अक्टूबर 2026 को शाम 5:38 PM से 6:56 PM है। इस अवधि में संध्या पूजा और व्रत कथा की जा सकती है। शहर बदलने के साथ स्थानीय सूर्यास्त और प्रदोष काल बदलते हैं, इसलिए स्थानीय पूजा मुहूर्त भी बदल सकता है।
करवा चौथ पर किन देवी-देवताओं की पूजा होती है?
करवा चौथ की पूजा में मुख्य रूप से माता पार्वती या गौरा माता, भगवान शिव, भगवान गणेश, भगवान कार्तिकेय और चंद्र देव का स्मरण किया जाता है। माता पार्वती को सौभाग्य और दांपत्य मंगल का प्रतीक माना जाता है।
माता पार्वती के लिए प्रार्थना
नमः शिवायै शर्वाण्यै सौभाग्यं संतति शुभाम्।
प्रयच्छ भक्तियुक्तानां नारीणां हरवल्लभे॥
करवा चौथ व्रत कथा — वीरावती की कथा
करवा चौथ से जुड़ी सबसे प्रसिद्ध कथाओं में वीरावती और उसके सात भाइयों की कथा है। परंपरा के अनुसार वीरावती अपने सात भाइयों की इकलौती और अत्यंत प्रिय बहन थी। विवाह के बाद उसने करवा चौथ का व्रत रखा और चंद्रमा निकलने तक बिना भोजन और जल के रहने का संकल्प किया।
दिन बीतने के साथ भूख-प्यास के कारण उसकी अवस्था कमजोर होने लगी। बहन की परेशानी देखकर भाइयों ने उसे जल्दी व्रत खुलवाने का उपाय किया। एक भाई ने दूर पेड़ के पास दीपक जलाया और उसे छलनी या पत्तों की ओट से इस प्रकार दिखाया कि दूर से वह चंद्रमा जैसा प्रतीत हो।
वीरावती ने उसे वास्तविक चंद्रमा समझकर अर्घ्य दिया और व्रत खोल लिया। कथा के अनुसार इसके बाद उसे अशुभ समाचार मिला। अपनी भूल का ज्ञान होने पर उसने पश्चाताप किया और पूर्ण श्रद्धा से व्रत तथा तपस्या की। अंततः उसकी निष्ठा से प्रसन्न होकर देवी की कृपा से उसके पति का जीवन पुनः प्राप्त हुआ।
इस कथा का संदेश श्रद्धा, धैर्य और संकल्प को अधूरा न छोड़ने से जोड़ा जाता है। विभिन्न क्षेत्रों में कथा के पाठ और विवरणों में थोड़े अंतर मिल सकते हैं, इसलिए अपने परिवार में प्रचलित कथा को भी प्राथमिकता दी जा सकती है।
छलनी से चांद क्यों देखते हैं?
आज करवा चौथ की सबसे प्रसिद्ध रस्मों में छलनी से चंद्रमा देखने की परंपरा है। इसे लोकप्रिय रूप से वीरावती की कथा से जोड़ा जाता है, जिसमें नकली चंद्रमा दिखाए जाने की घटना आती है। कई परिवारों में चंद्रमा को छलनी से देखकर उसी के बाद पति को देखने की रस्म की जाती है।
यह ध्यान रखना उपयोगी है कि अलग-अलग क्षेत्रों की धार्मिक और पारिवारिक परंपराएं एक समान नहीं हैं। इसलिए छलनी का प्रयोग कैसे किया जाए, इसके लिए घर की परंपरा को प्राथमिकता दें।
चंद्रमा को अर्घ्य कैसे दें?
चंद्रोदय होने के बाद करवा या लोटे में जल लेकर खुले स्थान पर जाएं। चंद्र देव का स्मरण करें और धीरे-धीरे जल अर्पित करें। इसके बाद परिवार में प्रचलित प्रार्थना, छलनी और पति के दर्शन की रस्म पूरी की जा सकती है। चंद्र पूजा समाप्त होने के बाद पारण किया जाता है।
अगर करवा चौथ पर चांद दिखाई न दे तो क्या करें?
बादल, बारिश, धुंध, प्रदूषण या ऊंची इमारतों के कारण calculated Moonrise Time के बाद भी चंद्रमा दिखाई देने में देर हो सकती है। ऐसी स्थिति में पहले कुछ समय प्रतीक्षा करें और खुले horizon वाले स्थान से देखने का प्रयास करें।
शादी के बाद पहला करवा चौथ
शादी के बाद आने वाला पहला करवा चौथ कई परिवारों में विशेष रूप से मनाया जाता है। First Karwa Chauth पर सरगी, वस्त्र, मेहंदी, श्रृंगार, बाया और उपहारों की तैयारी सामान्य करवा चौथ की तुलना में अधिक विस्तृत हो सकती है।
क्योंकि अलग-अलग समुदायों में first Karwa Chauth की रस्में अलग हैं, Internet की किसी सामान्य online checklist को अंतिम नियम न मानें। शादी से पहले दोनों परिवारों से यह पूछ लेना उपयोगी रहता है कि सरगी कौन देगा, बाया की परंपरा है या नहीं, शाम की पूजा कहां होगी और पारण किस रीति से किया जाएगा।
बाया क्या होता है?
कुछ उत्तर भारतीय परिवारों में करवा चौथ पर बाया देने की परंपरा है। यह मायके की ओर से ससुराल के लिए भेजे जाने वाले कपड़े, मिठाई, सूखे मेवे, पूजा सामग्री या अन्य उपहारों से जुड़ा हो सकता है। इसकी सामग्री और महत्व अलग-अलग परिवारों में बदलते हैं और इसे पूरे भारत में एक समान धार्मिक नियम नहीं माना जाना चाहिए।
करवा चौथ पर सोलह श्रृंगार
विवाहित महिलाएं करवा चौथ पर विशेष वस्त्र और श्रृंगार करती हैं। कई क्षेत्रों में इसे सोलह श्रृंगार से जोड़ा जाता है। इसमें परिवार की परंपरा के अनुसार सिंदूर, मंगलसूत्र, बिंदी, मेहंदी, चूड़ियां, काजल, पायल और अन्य श्रृंगार सामग्री शामिल हो सकती है।
लाल, गुलाबी, मैरून और नारंगी जैसे रंग इस पर्व पर लोकप्रिय हैं, लेकिन केवल लाल वस्त्र पहनना पूरे भारत में अनिवार्य धार्मिक नियम नहीं है।
क्या करवा चौथ का व्रत निर्जला होता है?
परंपरागत करवा चौथ व्रत (Karwa Chauth fast) सूर्योदय से चंद्र दर्शन तक भोजन और जल के बिना रखा जाता है। व्यवहार में परिवार, आयु और स्वास्थ्य के अनुसार लोग अलग तरीके भी अपनाते हैं। धार्मिक परंपरा का पालन करते समय स्वास्थ्य को नजरअंदाज करना उचित नहीं है।
क्या गर्भवती महिलाएं करवा चौथ का व्रत रख सकती हैं?
गर्भावस्था में fasting का निर्णय व्यक्तिगत स्वास्थ्य, trimester, hydration और डॉक्टर की सलाह पर निर्भर होना चाहिए। बिना चिकित्सकीय सलाह के लंबे समय का निर्जला व्रत न रखें। यदि परिवार में परंपरा निभानी हो तो पूजा, संकल्प या modified fast जैसे विकल्पों पर परिवार और चिकित्सक दोनों से चर्चा की जा सकती है।
क्या मधुमेह में करवा चौथ का व्रत रखना चाहिए?
Diabetes में लंबे समय तक भोजन और जल न लेना blood glucose management तथा hydration को प्रभावित कर सकता है। दवा या insulin का schedule स्वयं न बदलें। जो व्यक्ति fasting करना चाहता है उसे पहले अपनी healthcare team से चर्चा करनी चाहिए और अस्वस्थता के संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
क्या अविवाहित लड़कियां करवा चौथ रख सकती हैं?
मुख्य परंपरा में करवा चौथ विवाहित महिलाओं से जुड़ा है, लेकिन कुछ परिवारों और क्षेत्रों में अविवाहित महिलाएं भी अच्छे जीवनसाथी की कामना से व्रत रखती हैं। यह स्थानीय और पारिवारिक परंपरा का विषय है, कोई एक सार्वभौमिक नियम नहीं।
क्या पति भी करवा चौथ का व्रत रख सकता है?
आधुनिक परिवारों में कुछ पति भी पत्नी के साथ व्रत रखते हैं। परंपरागत विधि महिलाओं से जुड़ी रही है, लेकिन दंपति इसे परस्पर प्रेम, सम्मान और मंगलकामना के रूप में साथ निभाना चाहें तो यह व्यक्तिगत निर्णय है।
करवा चौथ के दिन क्या नहीं करना चाहिए?
Internet पर करवा चौथ को लेकर कई “क्या करें/क्या न करें” lists मिलती हैं, लेकिन उनमें से अनेक बातें स्थानीय मान्यताओं पर आधारित होती हैं। किसी विशेष रंग, दिशा, वस्तु या घरेलू कार्य को पूरे भारत के लिए धार्मिक रूप से वर्जित बताना उचित नहीं है। अपने परिवार की परंपरा और विश्वसनीय धार्मिक मार्गदर्शन को प्राथमिकता दें।
करवा चौथ की तैयारी एक दिन पहले कैसे करें?
- करवा, छलनी, पूजा थाली, दीपक और अन्य पूजा सामग्री पहले से तैयार रखें।
- सरगी की सामग्री और सूर्योदय का local time पहले से देखें।
- Mehndi और श्रृंगार की तैयारी एक दिन पहले की जा सकती है।
- अपने शहर का Karwa Chauth 2026 Moonrise Time save कर लें।
- यदि कोई नियमित medicine लेते हैं तो fasting से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
- शाम की पूजा के लिए घर में साफ और शांत स्थान तैयार करें।
करवा चौथ 2026 का पूरा दिन — सुबह से चंद्रोदय तक
| समय / चरण | क्या करें |
|---|---|
| सूर्योदय से पहले | सरगी, hydration और आवश्यक तैयारी पूरी करें |
| सुबह | स्नान, संकल्प और दिन की पूजा सामग्री व्यवस्थित करें |
| दोपहर | विश्राम, कथा/पूजा की तैयारी, मेहंदी या श्रृंगार |
| संध्या | स्थानीय Puja Muhurat में गौरा माता और शिव परिवार की पूजा |
| पूजा के दौरान | Vrat Katha सुनें या पढ़ें और परिवार की रस्में पूरी करें |
| Moonrise | चंद्र दर्शन, अर्घ्य और परिवार की परंपरा अनुसार छलनी की रस्म |
| पारण | जल ग्रहण करें और फिर हल्का भोजन लें |
करवा चौथ और संकष्टी चतुर्थी
करवा चौथ कृष्ण पक्ष की चतुर्थी पर आता है और इसी तिथि का संबंध Sankashti Chaturthi से भी होता है। विभिन्न क्षेत्रों में पंचांग के महीने का नाम अलग दिखाई दे सकता है, लेकिन 2026 में करवा चौथ पूरे भारत में 29 अक्टूबर को ही मनाया जाएगा।
करवा चौथ के बाद कौन-से प्रमुख त्योहार आते हैं?
करवा चौथ के बाद अहोई अष्टमी और फिर दीपावली पर्व श्रृंखला की तैयारियां तेज हो जाती हैं। हमारे संबंधित pages पर धनतेरस 2026 और दिवाली 2026 की तिथि और पूजा संबंधी जानकारी भी देख सकते हैं।
करवा चौथ के आसपास खाटू श्याम जी यात्रा की तैयारी
यात्रा से पहले ठहरने, Parking, Train और Darshan से जुड़ी जानकारी देख लें।
.ics file Google Calendar, Apple Calendar और Outlook तीनों में import होती है — हर त्योहार से एक दिन पहले reminder अपने आप मिलेगा।
करवा चौथ 2026 — सामान्य प्रश्न
Q: करवा चौथ 2026 कब है?
करवा चौथ गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को है। यह कार्तिक कृष्ण चतुर्थी का व्रत है।
Q: When is Karwa Chauth 2026?
Karwa Chauth 2026 falls on Thursday, 29 October 2026. The traditional fast is completed after moonrise and Chandra Arghya.
Q: Delhi में Karwa Chauth 2026 का चांद कितने बजे निकलेगा?
New Delhi में calculated Moonrise Time 8:17 PM है। वास्तविक चंद्र दर्शन बादल या स्थानीय क्षितिज के कारण कुछ देर बाद हो सकता है।
Q: Karwa Chauth 2026 Puja Muhurat क्या है?
New Delhi में पूजा का समय 5:38 PM से 6:56 PM है। दूसरे शहरों में स्थानीय सूर्यास्त के अनुसार मुहूर्त अलग होगा।
Q: चतुर्थी तिथि कब शुरू और समाप्त होगी?
New Delhi Panchang के अनुसार चतुर्थी तिथि 29 अक्टूबर 2026 को 1:06 AM से शुरू होकर 10:09 PM तक रहेगी।
Q: सरगी क्या होती है?
सरगी सूर्योदय से पहले ग्रहण किया जाने वाला भोजन है। कई परिवारों में सास बहू को सरगी और आशीर्वाद देती हैं।
Q: सरगी कितने बजे खानी चाहिए?
सरगी अपने शहर के स्थानीय सूर्योदय से पहले पूरी कर लेनी चाहिए।
Q: करवा चौथ का व्रत कब खोला जाता है?
चंद्रमा के दर्शन और अर्घ्य के बाद परिवार की परंपरा के अनुसार जल ग्रहण करके व्रत खोला जाता है।
Q: करवा चौथ में पानी पी सकते हैं?
परंपरागत Karwa Chauth fast निर्जला माना जाता है। लेकिन स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर डॉक्टर की सलाह को प्राथमिकता दें।
Q: करवा चौथ पर किसकी पूजा की जाती है?
माता पार्वती या गौरा माता, भगवान शिव, गणेश जी, कार्तिकेय और चंद्र देव की पूजा की जाती है।
Q: छलनी से चंद्रमा क्यों देखते हैं?
यह लोकप्रिय परंपरा वीरावती की व्रत कथा से जोड़ी जाती है। परिवार के अनुसार इसकी विधि में अंतर हो सकता है।
Q: अगर बादल के कारण चंद्रमा न दिखे तो?
Calculated moonrise के बाद कुछ समय प्रतीक्षा करें और खुले स्थान से देखने का प्रयास करें। पारण की धार्मिक विधि के लिए अपने परिवार की परंपरा या स्थानीय पुरोहित का मार्गदर्शन लें।
Q: क्या कुंवारी लड़कियां Karwa Chauth fast रख सकती हैं?
कुछ परिवारों और क्षेत्रों में अविवाहित महिलाएं भी अच्छे जीवनसाथी की कामना से व्रत रखती हैं। यह पारिवारिक और क्षेत्रीय परंपरा का विषय है।
Q: क्या पति भी करवा चौथ का व्रत रख सकता है?
आज कुछ दंपति साथ में व्रत रखते हैं। यह व्यक्तिगत और पारिवारिक निर्णय है।
Q: Jaipur में Karwa Chauth 2026 moonrise time क्या है?
Jaipur में calculated Moonrise Time लगभग 8:28 PM है।
Q: Lucknow में Karwa Chauth का चांद कब निकलेगा?
Lucknow में calculated Moonrise Time लगभग 8:06 PM है।
Q: Kolkata में Karwa Chauth Moonrise Time क्या है?
Kolkata में calculated Moonrise Time लगभग 7:47 PM है।
संबंधित पेज
References
- Drik Panchang — Karwa Chauth 2026, Delhi date, Puja Muhurat and Moonrise
- Drik Panchang — Jaipur Karwa Chauth 2026 timings
- Drik Panchang — Lucknow Karwa Chauth 2026 timings
- Drik Panchang — Kolkata Karwa Chauth 2026 timings
- Drik Panchang — Karwa Chauth पूजा विधि
तिथि, Puja Muhurat और Moonrise calculations स्थान के अनुसार बदल सकते हैं। ऊपर दिए गए मुख्य timings New Delhi के लिए हैं। City-wise समय publish करने से पहले स्थानीय पंचांग से अंतिम verification करना उचित है। स्वास्थ्य संबंधी जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है और medical advice का विकल्प नहीं है। Updated August 2026.