हिंदू त्योहार कैलेंडर 2026-27
Hindu Festival Calendar — महीने के हिसाब से व्रत, एकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या और मेला तिथियाँ, साथ में खाटू श्याम जी दर्शन की planning
महीने के अनुसार हिंदू कैलेंडर — Month-wise Hindu Calendar
हिंदू त्योहार कैलेंडर चंद्रमा और सूर्य दोनों की गति पर आधारित है, इसलिए हर त्योहार की अंग्रेज़ी तारीख हर साल बदलती है। इसी वजह से भक्तों को हर महीने की सही तिथि जानना ज़रूरी होता है। नीचे हर महीने का अलग pillar page है — उसमें उस महीने की पूरी व्रत लिस्ट, तिथि, पक्ष, नक्षत्र और खाटू श्याम जी दर्शन के लिए सबसे अच्छे दिन दिए गए हैं।
इस महीने की मुख्य तिथियाँ — Key Dates Right Now
नीचे चल रहे महीने की बड़ी तिथियाँ दी गई हैं। हर तिथि के सामने 🔔 button दबाकर आप उसे सीधे Google Calendar में जोड़ सकते हैं, .ics reminder download कर सकते हैं या WhatsApp पर परिवार को भेज सकते हैं।
| तिथि / Date | त्योहार / Festival | महत्व |
|---|---|---|
| 9 अगस्त, रविवार | कामिका एकादशी / Kamika Ekadashi | श्रावण कृष्ण एकादशी — एकादशी कैलेंडर → |
| 12 अगस्त, बुधवार | हरियाली अमावस्या / Hariyali Amavasya | श्रावण अमावस्या — स्नान, दान, पितृ तर्पण |
| 15 अगस्त, शनिवार | हरियाली तीज / Hariyali Teej | राजस्थान का सबसे बड़ा सावन पर्व |
| 17 अगस्त, सोमवार | नाग पंचमी / Nag Panchami | सावन सोमवार व्रत भी इसी दिन |
| 23 अगस्त, रविवार | पुत्रदा एकादशी / Putrada Ekadashi | खाटू में एकादशी दर्शन की सबसे बड़ी भीड़ |
| 28 अगस्त, शुक्रवार | रक्षाबंधन / Raksha Bandhan | श्रावण पूर्णिमा — नारली पूर्णिमा भी |
पूरी लिस्ट देखें: अगस्त 2026 के सभी व्रत-त्योहार →
.ics file Google Calendar, Apple Calendar और Outlook तीनों में import होती है — हर त्योहार से एक दिन पहले reminder अपने आप मिलेगा।
खाटू श्याम जी दर्शन और त्योहार — कब जाएं?
खाटू श्याम जी मंदिर में भीड़ सीधे हिंदू कैलेंडर से जुड़ी है। हर एकादशी पर मंदिर में सबसे ज़्यादा भक्त आते हैं और उस दिन दर्शन 24 घंटे खुले रहते हैं। आम दिनों में दर्शन का समय 4:30 AM – 10:00 PM रहता है। साल का सबसे बड़ा आयोजन फाल्गुन मेला है — 2027 में 18–20 मार्च (पूरा उत्सव 15–21 मार्च)।
🔴 सबसे ज़्यादा भीड़
हर एकादशी, फाल्गुन मेला, कार्तिक पूर्णिमा, जन्माष्टमी — hotel 2–3 महीने पहले book करें।
🟢 आराम से दर्शन
कृष्ण पक्ष के सामान्य दिन, सोमवार से गुरुवार — line कम, धर्मशाला आसानी से मिलती है।
🚕 यात्रा planning
नज़दीकी स्टेशन रींगस जंक्शन (RGS) — 17 km. टैक्सी बुक करें या ट्रेन शेड्यूल देखें।
त्योहार पर खाटू यात्रा की पूरी तैयारी
हिंदू कैलेंडर कैसे काम करता है — How the Hindu Calendar Works
हिंदू पंचांग एक lunisolar calendar है — इसमें महीना चंद्रमा से और साल सूर्य से तय होता है। एक चांद्र महीना लगभग 29.5 दिन का होता है, इसलिए 12 चांद्र महीने मिलकर लगभग 354 दिन बनते हैं — सौर वर्ष से करीब 11 दिन कम। इसी अंतर को बराबर करने के लिए हर 2–3 साल में एक अधिक मास (Adhik Maas) जोड़ा जाता है। यही कारण है कि होली, दिवाली या रक्षाबंधन की अंग्रेज़ी तारीख हर साल बदल जाती है।
हर महीना दो पक्षों में बंटा होता है — शुक्ल पक्ष (अमावस्या से पूर्णिमा तक, चंद्रमा बढ़ता है) और कृष्ण पक्ष (पूर्णिमा से अमावस्या तक, चंद्रमा घटता है)। हर पक्ष में 15 तिथियाँ होती हैं। ज़्यादातर व्रत-त्योहार तिथि पर तय होते हैं, तारीख पर नहीं — जैसे एकादशी हर पक्ष की 11वीं तिथि को आती है, यानी महीने में दो बार।
उत्तर भारत में पूर्णिमांत (Purnimanta) प्रणाली चलती है, जिसमें महीना पूर्णिमा पर खत्म होता है। गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में अमांत (Amanta) प्रणाली चलती है, जिसमें महीना अमावस्या पर खत्म होता है। इसी वजह से एक ही त्योहार का “महीना” अलग-अलग राज्यों में अलग बताया जाता है, जबकि अंग्रेज़ी तारीख वही रहती है। इस site पर सभी तिथियाँ भारत (IST) के अनुसार दी गई हैं।
FAQ — हिंदू त्योहार कैलेंडर 2026-27
Q: Hindu festival dates change every year — why?
The Hindu calendar is lunisolar. A lunar year is roughly 354 days against the 365-day solar year, so festival dates shift by about 11 days each year and get corrected by an extra month (Adhik Maas) every 2–3 years. That is why Diwali or Raksha Bandhan never falls on the same English date twice in a row.
Q: हिंदू त्योहार की तारीख हर साल क्यों बदलती है?
हिंदू पंचांग चंद्रमा और सूर्य दोनों पर आधारित है। चांद्र वर्ष लगभग 354 दिन का होता है और सौर वर्ष 365 दिन का, इसलिए हर साल तारीख करीब 11 दिन पीछे खिसक जाती है। इस अंतर को हर 2–3 साल में अधिक मास जोड़कर ठीक किया जाता है।
Q: How do I add these festival dates to my phone calendar?
Open any month page on this calendar and press the .ics Download button in the share box. The file imports into Google Calendar, Apple Calendar and Outlook, and sets a reminder one day before every festival. For a single festival, press the 🔔 button next to that row.
Q: एकादशी महीने में कितनी बार आती है?
एकादशी हर महीने दो बार आती है — एक कृष्ण पक्ष में और एक शुक्ल पक्ष में। खाटू श्याम जी मंदिर में एकादशी पर दर्शन 24 घंटे खुले रहते हैं। पूरी लिस्ट: एकादशी कैलेंडर →
Q: Which festival brings the biggest crowd to Khatu Shyam Ji?
Falgun Mela is the largest gathering of the year — 18–20 March 2027 for the main three days, with the full festival running 15–21 March 2027. Ekadashi days and Kartik Purnima are the next busiest. Book hotels or a dharamshala two to three months in advance for these dates.
Q: शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष में क्या फर्क है?
शुक्ल पक्ष अमावस्या के बाद शुरू होता है और पूर्णिमा तक चलता है — इस दौरान चंद्रमा बढ़ता है। कृष्ण पक्ष पूर्णिमा के बाद शुरू होकर अमावस्या पर खत्म होता है — इस दौरान चंद्रमा घटता है। दोनों पक्ष 15-15 तिथि के होते हैं।
Q: Are these dates valid for NRIs outside India?
All dates on this calendar are calculated for India (IST). Because tithi begins and ends at a specific moment, devotees in the USA, UK, Canada or Australia will often observe the same festival one day earlier on their local date. Check your local panchang before fixing a vrat.
References
- Drik Panchang — Hindu Calendar
- Prokerala — Hindu Calendar with daily panchang
- Shri Shyam Mandir — official temple site