खाटू श्याम जी — सम्पूर्ण जानकारी
Who is Khatu Shyam Ji? Complete Reference Guide — Katha, Mandir, Darshan, Ekadashi 2026
| असली नाम | बर्बरीक (Barbarik) |
| पिता | घटोत्कच |
| दादा | भीम (Pandava) |
| वरदान दाता | भगवान श्रीकृष्ण |
| अन्य नाम | श्याम बाबा, हारे का सहारा |
| मंदिर स्थान | खाटू ग्राम, सीकर, राजस्थान |
| निकटतम रेलवे | रींगस Junction (17 km) |
| दिल्ली से दूरी | 290 km (4-5 घंटे) |
| जयपुर से दूरी | 80 km (1.5 घंटे) |
| मंदिर खुलने का समय | 5:30 AM (सर्दी) / 5:00 AM (गर्मी) |
| मंदिर बंद | 10:00 PM | दोपहर 12:30–4:00 PM |
| सन्ध्या आरती | 7:30 PM (सर्दी) / 8:00 PM (गर्मी) |
| फाल्गुन मेला 2026 | 10–12 मार्च 2026 ✅ |
| वार्षिक भक्त | 50+ लाख |
| प्रसाद | चूरमा, बेसन लड्डू, पंचामृत |
खाटू श्याम जी राजस्थान के सीकर जिले के खाटू ग्राम में स्थित एक प्रसिद्ध हिन्दू मंदिर के देवता हैं। इन्हें महाभारत काल के महावीर बर्बरीक का अवतार माना जाता है जिन्हें भगवान श्रीकृष्ण ने “श्याम” नाम और “हारे का सहारा” का वरदान दिया था। प्रतिवर्ष 50 लाख से अधिक भक्त दर्शन के लिए आते हैं।
खाटू श्याम जी कौन हैं? — परिचय
खाटू श्याम जी का वास्तविक नाम बर्बरीक था। वे भीम के पोते और घटोत्कच के पुत्र थे। बर्बरीक ने भगवान शिव की तपस्या से तीन अमोघ बाण प्राप्त किए। महाभारत युद्ध से पूर्व उन्होंने श्रीकृष्ण को शीश दान दिया — इसीलिए उन्हें “शीश के दानी” कहते हैं। कृष्ण ने वरदान दिया कि कलियुग में वे “श्याम” नाम से पूजे जाएंगे।
विस्तृत कथा → खाटू श्याम जी की सम्पूर्ण कथा
दर्शन और आरती समय 2026
| आरती / समय | सर्दी (Oct–Mar) | गर्मी (Apr–Sep) |
|---|---|---|
| मंगला आरती | 4:30 AM | 4:00 AM |
| मंदिर खुलना | 5:30 AM | 5:00 AM |
| श्रृंगार आरती | 8:00 AM | 7:30 AM |
| राजभोग आरती | 12:00 PM | 11:30 AM |
| दोपहर बंद | 12:30–4:00 PM | 12:00–4:30 PM |
| सन्ध्या आरती | 7:30 PM | 8:00 PM |
| शयन / बंद | 10:00 PM | 10:30 PM |
पूरी जानकारी → Darshan Timings 2026
एकादशी 2026 — खाटू में विशेष महत्व
एकादशी खाटू श्याम जी के भक्तों के लिए सर्वाधिक पवित्र दिन है। 2026 की प्रमुख एकादशियाँ:
- निर्जला एकादशी — 25 जून 2026
- देवशयनी एकादशी — 25 जुलाई 2026
- देवुत्थान एकादशी — नवम्बर 2026
- वैकुण्ठ एकादशी — दिसम्बर 2026
सभी 24 तारीखें → एकादशी कैलेंडर 2026
फाल्गुन मेला — 10–12 मार्च 2026 ✅ सम्पन्न
फाल्गुन शुक्ल एकादशी से त्रयोदशी तक — 30-40 लाख भक्त तीन दिनों में आए। हज़ारों भक्त निशान यात्रा में पैदल चलकर खाटू पहुँचे।
अगला मेला → फाल्गुन मेला 2027
खाटू कैसे पहुँचें
कहाँ रुकें
- 🏨 Hotels: ₹500–₹3,000/रात → Hotels देखें
- 🛕 Dharamshalas: निःशुल्क–₹500/रात → Dharamshalas देखें
भक्ति परंपराएं
कथा
आरती
एकादशी
प्रसाद
निशान
अर्जी
Frequently Asked Questions
❓ खाटू श्याम जी कौन हैं?
खाटू श्याम जी महाभारत काल के बर्बरीक हैं — भीम के पोते और घटोत्कच के पुत्र। श्रीकृष्ण ने उन्हें शीश दान के बदले “श्याम” नाम और “हारे का सहारा” का वरदान दिया। राजस्थान के खाटू ग्राम में पूजे जाते हैं।
❓ खाटू श्याम जी मंदिर कहाँ है?
सीकर जिला, राजस्थान। जयपुर से 80 km, दिल्ली से 290 km। Nearest station रींगस Junction (17 km)।
❓ खाटू श्याम जी मंदिर कितने बजे खुलता है?
सर्दियों में 5:30 AM, गर्मियों में 5:00 AM। दोपहर 12:30–4:00 PM बंद। रात 10:00 PM को बंद।
❓ “हारे का सहारा” का अर्थ क्या है?
बर्बरीक ने माता को प्रतिज्ञा दी कि वे हारे हुए पक्ष की सहायता करेंगे। श्रीकृष्ण ने यही वरदान दिया। जो जीवन में हार जाए, बाबा उसका सहारा बनते हैं।
❓ दिल्ली से खाटू कितनी दूर है?
290 km, NH-48 से 4-5 घंटे। Same-day return possible है।
❓ फाल्गुन मेला 2026 कब था?
10–12 मार्च 2026, फाल्गुन शुक्ल एकादशी से त्रयोदशी। 30-40 लाख भक्त आए। अगला → फाल्गुन मेला 2027
❓ खाटू श्याम जी का प्रसाद क्या है?
चूरमा सबसे प्रिय है। बेसन लड्डू, पंचामृत और फूलमाला भी चढ़ाई जाती है। Online Prasad भी उपलब्ध है।
📅 Plan Visit
📖 Devotional
॥ जय श्री श्याम — हारे का सहारा, श्याम हमारा ॥