सीधा जवाब
सोमनाथ मंदिर (प्रभास पाटन, गिर सोमनाथ ज़िला, गुजरात) भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में पहला माना जाता है। दर्शन सुबह 6 बजे से रात लगभग 9:30–10 बजे तक होते हैं। आरती दिन में तीन बार — सुबह 7, दोपहर 12 और शाम 7 बजे। मंदिर ट्रस्ट का “जय सोमनाथ” लाइट एंड साउंड शो रोज़ रात 7:45–8:45 होता है। सामान्य दर्शन निःशुल्क है।
⏰ सोमनाथ मंदिर — दर्शन व आरती समय 2026
| दर्शन | सुबह 6:00 – रात लगभग 9:30/10:00 |
| आरती | प्रातः 7:00 · मध्याह्न 12:00 · सायं 7:00 |
| लाइट एंड साउंड शो | “जय सोमनाथ” — रोज़ रात 7:45 – 8:45 (भारी बारिश में नहीं) |
| प्रवेश | सामान्य दर्शन निःशुल्क |
सोमनाथ मंदिर दर्शन समय (Somnath Temple Timings)
सोमनाथ मंदिर में दर्शन सुबह 6 बजे शुरू होकर रात लगभग 9:30–10 बजे तक चलते हैं। आरती और विशेष पूजा के समय गर्भगृह में कुछ देर दर्शन रुकते हैं; बाकी पूरे दिन लगातार दर्शन होते हैं। मंदिर अरब सागर के तट पर है, इसलिए शाम की आरती के समय समुद्र और मंदिर का दृश्य सबसे सुंदर होता है।
| समय | क्या होता है |
|---|---|
| 6:00 AM | मंदिर खुलता है, दर्शन आरंभ |
| 7:00 AM | प्रातः आरती |
| 12:00 PM | मध्याह्न आरती |
| 7:00 PM | सायं आरती |
| 7:45 – 8:45 PM | लाइट एंड साउंड शो “जय सोमनाथ” |
| ~9:30 – 10:00 PM | मंदिर बंद |
महाशिवरात्रि, सावन के सोमवार और कार्तिक पूर्णिमा पर भारी भीड़ होती है और मंदिर देर तक खुला रहता है। कार्तिक पूर्णिमा पर यहाँ बड़ा मेला लगता है।
लाइट एंड साउंड शो
मंदिर ट्रस्ट का “जय सोमनाथ” शो रोज़ रात 7:45 से 8:45 बजे होता है, जिसमें सोमनाथ के हज़ारों वर्ष के इतिहास को प्रकाश और ध्वनि के माध्यम से दिखाया जाता है। भारी बारिश के दिनों में शो नहीं होता।
सोमनाथ मंदिर — इतिहास और महत्व
सोमनाथ को द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रथम माना जाता है। पुराणों के अनुसार चंद्रदेव (सोम) ने यहाँ शिव की आराधना कर दक्ष प्रजापति के श्राप से मुक्ति पाई थी — इसी से नाम “सोमनाथ” पड़ा। यह स्थान प्रभास तीर्थ कहलाता है, जहाँ हिरण, कपिला और सरस्वती नदियों का त्रिवेणी संगम है।
इतिहास में मंदिर कई बार आक्रमणों में तोड़ा गया और हर बार भक्तों ने उसे फिर से खड़ा किया — इसलिए इसे “अनश्वर” आस्था का प्रतीक माना जाता है। स्वतंत्रता के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल की पहल पर मंदिर का पुनर्निर्माण हुआ और 11 मई 1951 को राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने प्राण प्रतिष्ठा की। वर्तमान मंदिर चालुक्य (कैलाश महामेरु प्रासाद) शैली में बना है।
मंदिर परिसर में बाण स्तंभ है, जिस पर लिखा है कि इस बिंदु से दक्षिण ध्रुव तक सीधी रेखा में कोई भूमि नहीं है। पास ही भालका तीर्थ है, जहाँ मान्यता के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण ने देह-त्याग की लीला की।
दर्शन कैसे करें — व्यावहारिक जानकारी
- सामान्य दर्शन: निःशुल्क; सुबह 6–8 बजे भीड़ सबसे कम।
- सामान: मोबाइल, कैमरा और बैग प्रवेश से पहले क्लोकरूम में जमा कराने होते हैं।
- पूजा व कमरे: पूजा और अतिथि-गृह बुकिंग केवल मंदिर ट्रस्ट की आधिकारिक वेबसाइट somnath.org या ट्रस्ट कार्यालय से करें — ट्रस्ट निजी नंबर, UPI या WhatsApp से बुकिंग/दान नहीं माँगता।
- पास के दर्शन: भालका तीर्थ, त्रिवेणी संगम, गीता मंदिर, पांच पांडव गुफा।
- पहनावा: शालीन, पारंपरिक वस्त्र।
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सोमनाथ मंदिर कैसे पहुँचें
| साधन | जानकारी |
|---|---|
| 🚆 ट्रेन | वेरावल जंक्शन — मंदिर से लगभग 6–7 km; सोमनाथ स्टेशन भी पास है |
| ✈️ हवाई जहाज़ | केशोद हवाई अड्डा लगभग 50 km; राजकोट व दीव भी विकल्प |
| 🚌 सड़क | अहमदाबाद, राजकोट, जूनागढ़ और द्वारका से सीधी बसें |
| 🛺 शहर में | वेरावल से ऑटो/टैक्सी द्वारा प्रभास पाटन |
सोमनाथ और खाटू श्याम जी
सोमनाथ के ज्योतिर्लिंग और खाटू के बाबा श्याम — दोनों के भक्त गुजरात और राजस्थान के बीच तीर्थ यात्रा करते हैं। महाभारत की कथा दोनों को जोड़ती है: बर्बरीक ने महाभारत युद्ध से पहले श्रीकृष्ण को शीश-दान किया, और प्रभास क्षेत्र (सोमनाथ) वही भूमि है जहाँ श्रीकृष्ण ने अपनी लीला पूर्ण की। खाटू श्याम जी (बर्बरीक) भीम के पौत्र और घटोत्कच के पुत्र थे, जिन्हें भगवान श्रीकृष्ण ने कलियुग में “श्याम” नाम से पूजे जाने का वरदान दिया — पूरी कथा: खाटू श्याम जी कौन हैं।
गुजरात में बाबा श्याम
गुजरात के कई शहरों — अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, राजकोट — में बाबा श्याम के मंदिर हैं और एकादशी पर कीर्तन होते हैं। पूरी सूची: गुजरात के खाटू श्याम मंदिर।
गुजरात से खाटू श्याम जी
वेरावल (सोमनाथ) से खाटू श्याम जी की सड़क दूरी लगभग 800 km और अहमदाबाद से लगभग 700 km है। रास्ता, ट्रेन और किराया: वेरावल से खाटू श्याम जी · अहमदाबाद से खाटू श्याम जी। खाटू पहुँचने पर: खाटू श्याम दर्शन समय · धर्मशाला सूची · खाटू श्याम मंदिर गाइड।
दूसरे ज्योतिर्लिंग व धाम: काशी विश्वनाथ · केदारनाथ · सभी मंदिरों के दर्शन समय।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
What are Somnath temple timings? सोमनाथ मंदिर कब खुलता है?
सोमनाथ मंदिर सुबह 6 बजे खुलता है और रात लगभग 9:30–10 बजे बंद होता है; आरती के समय कुछ देर को छोड़कर दिन भर दर्शन होते हैं।
What are Somnath aarti timings? सोमनाथ की आरती कब होती है?
दिन में तीन आरतियाँ — प्रातः 7 बजे, मध्याह्न 12 बजे और सायं 7 बजे।
What time is the Somnath light and sound show? सोमनाथ लाइट एंड साउंड शो कब होता है?
मंदिर ट्रस्ट का “जय सोमनाथ” शो रोज़ रात 7:45 से 8:45 बजे होता है; भारी बारिश में शो नहीं होता।
Is Somnath the first Jyotirlinga? क्या सोमनाथ पहला ज्योतिर्लिंग है?
हाँ, द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र में सोमनाथ का नाम सबसे पहले आता है, इसलिए इसे प्रथम ज्योतिर्लिंग माना जाता है।
Is darshan free at Somnath? क्या सोमनाथ में दर्शन निःशुल्क है?
हाँ, सामान्य दर्शन निःशुल्क है; पूजा और अतिथि-गृह की बुकिंग मंदिर ट्रस्ट की आधिकारिक वेबसाइट somnath.org से होती है।
Are mobile phones allowed in Somnath temple? क्या सोमनाथ मंदिर में मोबाइल ले जा सकते हैं?
नहीं, मोबाइल, कैमरा और बैग प्रवेश से पहले क्लोकरूम में जमा करने होते हैं।
Who rebuilt the present Somnath temple? वर्तमान सोमनाथ मंदिर किसने बनवाया?
स्वतंत्रता के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल की पहल पर पुनर्निर्माण हुआ और 11 मई 1951 को राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने प्राण प्रतिष्ठा की।
What is Baan Stambh at Somnath? सोमनाथ का बाण स्तंभ क्या है?
मंदिर परिसर का एक स्तंभ, जिस पर लिखा है कि यहाँ से दक्षिण ध्रुव तक सीधी रेखा में कोई भूमि नहीं है।
What is Bhalka Tirth? भालका तीर्थ क्या है?
सोमनाथ के पास वह स्थान जहाँ मान्यता के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण को बाण लगा और उन्होंने देह-त्याग की लीला की।
What is the best time to visit Somnath? सोमनाथ जाने का सबसे अच्छा समय कौन-सा है?
अक्टूबर से मार्च का मौसम सुहावना रहता है; दिन में सुबह 6–8 बजे भीड़ कम और शाम की आरती का दृश्य सबसे सुंदर होता है।
Which is the nearest railway station to Somnath? सोमनाथ का नज़दीकी रेलवे स्टेशन कौन-सा है?
वेरावल जंक्शन, मंदिर से लगभग 6–7 km; सोमनाथ स्टेशन भी पास है।
How far is Somnath from Khatu Shyam Ji? सोमनाथ से खाटू श्याम जी कितनी दूर है?
वेरावल (सोमनाथ) से खाटू श्याम जी लगभग 800 km सड़क मार्ग से; अहमदाबाद होकर राजस्थान पहुँचा जाता है।
Are there Khatu Shyam temples in Gujarat? क्या गुजरात में खाटू श्याम जी के मंदिर हैं?
हाँ, अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा और राजकोट जैसे शहरों में बाबा श्याम के मंदिर हैं; पूरी सूची हमारी गुजरात मंदिर निर्देशिका में है।
When is the biggest crowd at Somnath? सोमनाथ में सबसे ज़्यादा भीड़ कब होती है?
महाशिवरात्रि, सावन के सोमवार और कार्तिक पूर्णिमा मेले पर।
How to book rooms at Somnath? सोमनाथ में कमरे कैसे बुक करें?
मंदिर ट्रस्ट के अतिथि-गृह केवल आधिकारिक वेबसाइट somnath.org या ट्रस्ट कार्यालय से बुक करें; निजी नंबर या UPI पर भुगतान न करें।
स्रोत: श्री सोमनाथ ट्रस्ट (somnath.org) — लाइट एंड साउंड शो व बुकिंग सूचना; दर्शन व आरती समय मंदिर सूचनाओं व प्रकाशित यात्री गाइडों से; दूरी KhatuWaleBaba.in रूट गाइड से।