देवउठनी एकादशी 2026 | Dev Uthani Ekadashi 2026 Date, Puja Vidhi & Panchang

✍️ लेखक: Team Khatuwalebaba.in📅 प्रकाशित: 16 अगस्त 2026पंचांग स्रोतों से सत्यापित
Jaipur / Rajasthan reference · कार्तिक शुक्ल एकादशी

देवउठनी एकादशी 2026 | Dev Uthani Ekadashi 2026 Date, Puja Vidhi & Panchang

देवउठनी एकादशी 2026 (Dev Uthani Ekadashi 2026) 20 नवंबर 2026, शुक्रवार को है। देवउठनी या प्रबोधिनी एकादशी कार्तिक शुक्ल एकादशी है और विष्णु-उपासना तथा चातुर्मास-समापन की प्रचलित परंपराओं से जुड़ी है।

इस पेज में पंचांग-आधारित तारीख और समय को स्थानीय, पारिवारिक तथा संप्रदायिक परंपराओं से अलग पहचान के साथ प्रस्तुत किया गया है। जहाँ Jaipur-specific सटीक समय सत्यापित है, वही समय दिया गया है।

देवउठनी एकादशी 2026 | Dev Uthani Ekadashi 2026
तुलसी पूजा का सांकेतिक दृश्य। फोटो: Prathvi Acharya / Wikimedia Commons, Wikimedia Commons license. चित्र सांकेतिक है।
पंचांग सत्यापन: मुख्य तारीख Jaipur/Rajasthan reference और प्रकाशित Hindu calendar sources से cross-check की गई है। समय संबंधी नोट: बिना Jaipur-specific verification के कोई अनुमानित मुहूर्त प्रकाशित नहीं किया गया है। जहाँ पूजा-काल आवश्यक हो, अपने शहर का Panchang देखें।
पर्वदेवउठनी एकादशी
तारीख20 नवंबर 2026
पंचांग आधारकार्तिक शुक्ल एकादशी
स्थान referenceJaipur / Rajasthan

इस पेज पर क्या मिलेगा

देवउठनी एकादशी 2026 कब है? तारीख और पंचांग आधार

देवउठनी एकादशी 2026 20 नवंबर 2026, शुक्रवार को है। इसका पंचांग आधार कार्तिक शुक्ल एकादशी है।

हिंदू पर्वों की तारीख और पूजा-काल में स्थानीय सूर्योदय, चंद्रोदय, तिथि-प्रवेश, प्रदोष या पर्व-विशेष नियमों के कारण शहर के अनुसार अंतर हो सकता है। इसलिए Jaipur/Rajasthan reference स्पष्ट रूप से अलग रखा गया है।

विवरण जानकारी ध्यान रखें
देवउठनी एकादशी 2026 20 नवंबर 2026, शुक्रवार Jaipur/Rajasthan reference
पंचांग आधार कार्तिक शुक्ल एकादशी क्षेत्रानुसार पालन बदल सकता है
पूजा समय अपने शहर के Panchang से देखें अनुमानित समय प्रकाशित नहीं किया गया

देवउठनी एकादशी क्या है? परंपरा को सही संदर्भ में समझें

एकादशी-व्रत वैष्णव परंपराओं में महत्वपूर्ण है, लेकिन उपवास की कठोरता, पारण और पूजा-विधि परिवार/संप्रदाय के अनुसार बदल सकती है।

देवउठनी या प्रबोधिनी एकादशी कार्तिक शुक्ल एकादशी है और विष्णु-उपासना तथा चातुर्मास-समापन की प्रचलित परंपराओं से जुड़ी है। इस पेज का उद्देश्य किसी स्थानीय रीति को पूरे भारत के लिए अनिवार्य बताना नहीं है। शास्त्रीय उल्लेख, मंदिर-परंपरा, पारिवारिक विधि और लोक-परंपरा को एक-दूसरे के स्थान पर नहीं रखा गया है।

पंचांग से क्या तय होता है?

तिथि, वार और जहाँ आवश्यक हो वहाँ पूजा-काल। ये गणनाएँ स्थान-आधारित हो सकती हैं, इसलिए सटीक समय के लिए सही शहर चुनना महत्वपूर्ण है।

परिवार की परंपरा क्या तय करती है?

मंत्र, कथा, नैवेद्य, व्रत की कठोरता, दान और विस्तृत पूजा क्रम परिवार, क्षेत्र या संप्रदाय के अनुसार अलग हो सकता है।

देवउठनी एकादशी पूजा विधि / पालन — सरल और प्रचलित क्रम

परंपरा संबंधी नोट: नीचे दिया गया क्रम सामान्य गृह-पालन के लिए सरल रूपरेखा है। इसे किसी एक शास्त्रीय संप्रदाय की सार्वभौमिक अनिवार्य विधि न मानें।
  1. एकादशी तिथि और अगले दिन पारण समय स्थानीय पंचांग में देखें।
  2. विष्णु/कृष्ण की सामान्य गृह-पूजा करें।
  3. दीप, पुष्प और परिवार में प्रचलित नैवेद्य अर्पित करें।
  4. व्रत की कठोरता स्वास्थ्य और व्यक्तिगत परिस्थिति के अनुसार चुनें।
  5. पारण स्थानीय पंचांग और परंपरा के अनुसार करें।

विस्तृत पूजा-विधियों के लिए पूजा विधि संग्रह देखें। यदि आपके परिवार में पुरोहित, गुरु या परंपरागत विधि है तो उसी को प्राथमिकता देना उचित है।

देवउठनी एकादशी पूजा सामग्री — सामान्य सूची

इस पर्व के लिए पूरे भारत में एक जैसी अनिवार्य सामग्री-सूची मानना उचित नहीं है। नीचे सामान्य और उपयोगी सामग्री दी गई है; परिवार की परंपरा के अनुसार इसमें बदलाव हो सकता है।

सामान्य सामग्री

  • दीपक
  • पुष्प
  • स्वच्छ जल
  • तुलसी-पत्र जहाँ परंपरा में उपयोग हो
  • फल/सात्त्विक नैवेद्य

क्या अनिवार्य नहीं मानना चाहिए?

  • किसी निश्चित संख्या में वस्तु रखना, जब तक आपकी परंपरा में स्पष्ट नियम न हो
  • महँगी सामग्री खरीदना
  • किसी वस्तु को निश्चित धन-लाभ या इच्छा-पूर्ति से जोड़ना
  • दूसरे क्षेत्र की सामग्री-सूची को अपने परिवार पर अनिवार्य रूप से लागू करना

देवउठनी एकादशी की परंपराएँ — क्षेत्र और परिवार के अनुसार अंतर

भारत में एक ही पर्व का पालन अलग-अलग भाषाई, क्षेत्रीय और संप्रदायिक परंपराओं में अलग रूप से हो सकता है। देवउठनी एकादशी के मामले में भी भोजन, व्रत, पूजा-सामग्री, कथा और मंदिर-आयोजन में अंतर मिल सकता है।

“यही एक सही विधि है” जैसी भाषा से बचना बेहतर है। यदि किसी किसी विशेष क्षेत्र की परंपरा बताई जाए तो उस region का नाम स्पष्ट करना चाहिए।

स्वास्थ्य संबंधी सावधानी: लंबा, निर्जला या कठोर उपवास हर व्यक्ति के लिए उपयुक्त नहीं हो सकता। दवा लेने वाले, गर्भवती महिलाएँ, बच्चे, वृद्ध या किसी स्वास्थ्य स्थिति वाले व्यक्ति चिकित्सकीय सलाह और अपनी क्षमता को प्राथमिकता दें।

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Dev Uthani Ekadashi 2026 — Date & Panchang Summary

Dev Uthani Ekadashi 2026 falls on November 20, 2026 for the Jaipur/Rajasthan reference used on this page. The traditional calendar basis is कार्तिक शुक्ल एकादशी. Rituals, fasting practices and exact timings may vary by location and family tradition.

Location-specific timings should be checked for the city where the पालन is taking place. This page avoids using an unverified muhurta from another city.

देवउठनी एकादशी 2026 — सामान्य प्रश्न

देवउठनी एकादशी 2026 कब है?

देवउठनी एकादशी 2026 20 नवंबर 2026, शुक्रवार को है। इस page में Jaipur/Rajasthan reference को प्राथमिक रखा गया है।

देवउठनी एकादशी किस तिथि से जुड़ा है?

यह कार्तिक शुक्ल एकादशी से जुड़ा पालन है। स्थान और परंपरा के अनुसार पूजा समय या पालन में अंतर हो सकता है।

क्या देवउठनी एकादशी की पूजा-विधि पूरे भारत में एक जैसी है?

नहीं। परिवार, क्षेत्र, मंदिर और संप्रदाय के अनुसार पूजा-विधि, नैवेद्य और व्रत की पद्धति बदल सकती है।

क्या Jaipur का मुहूर्त दूसरे शहर में उपयोग किया जा सकता है?

स्थान-आधारित पंचांग समय सीधे दूसरे शहर पर लागू नहीं करना चाहिए। सूर्योदय, चंद्रोदय और अन्य गणनाएँ शहर के अनुसार बदल सकती हैं।

देवउठनी एकादशी से जुड़े अन्य पेज कहाँ देखें?

इस page के संबंधित उपयोगी पेज section में मासिक कैलेंडर, पूजा-विधि और संबंधित festival pages के links दिए गए हैं।

पंचांग स्रोत और सत्यापन

  1. Drik Panchang — Jaipur Hindu Calendar 2026 — Jaipur/Rajasthan date cross-check के लिए।
  2. Prokerala — संबंधित मासिक Hindu Calendar — festival-date cross-check के लिए। Exact timings default location के हो सकते हैं, इसलिए Jaipur मुहूर्त के रूप में सीधे उपयोग नहीं किए गए।