सीधा जवाब
छठ पूजा 2026 कब है?
📅 रविवार, 15 नवंबर 2026 ⏳
- 🕉️ कार्तिक शुक्ल षष्ठी — प्रारंभ: 14 नवंबर, 11:25 PM · समाप्त: 16 नवंबर, 2:02 AM
- 🌅 सूर्योदय 6:46 AM · सूर्यास्त 5:36 PM
📌 14 नवंबर या 15 नवंबर? षष्ठी तिथि 14 नवंबर, 11:25 PM से 16 नवंबर, 2:02 AM तक रहेगी, इसलिए दोनों तारीखों को लेकर भ्रम रहता है। पंचांग के अनुसार छठ पूजा रविवार, 15 नवंबर 2026 को मनाया जाएगा।
समय जयपुर (IST) के अनुसार; तिथि का समय खगोलीय गणना से। आपके शहर में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है।
छठ पूजा 2026 कब है? Chhath Puja 2026 Date, मुहूर्त व पूजा विधि
छठ पूजा 2026 (Chhath Puja 2026) 15 नवंबर 2026, रविवार को है। छठ पूजा सूर्योपासना से जुड़ा बहुदिवसीय पर्व है, जिसका विशेष प्रचलन बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड और संबंधित प्रवासी समुदायों में है।
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इस पेज पर क्या मिलेगा
- छठ पूजा 2026 की तारीख
- छठ पूजा क्या है?
- पूजा / पालन का सरल क्रम
- पूजा सामग्री की सामान्य सूची
- परंपरा और क्षेत्रीय अंतर
- संबंधित प्रमुख तिथियाँ
- संबंधित उपयोगी पेज
- English Summary
- सामान्य प्रश्न
- पंचांग स्रोत
छठ पूजा 2026 कब है? तारीख और पंचांग आधार
छठ पूजा 2026 15 नवंबर 2026, रविवार को है। इसका पंचांग आधार कार्तिक शुक्ल षष्ठी है।
हिंदू पर्वों की तारीख और पूजा-काल में स्थानीय सूर्योदय, चंद्रोदय, तिथि-प्रवेश, प्रदोष या पर्व-विशेष नियमों के कारण शहर के अनुसार अंतर हो सकता है। इसलिए Jaipur/Rajasthan reference स्पष्ट रूप से अलग रखा गया है।
| विवरण | जानकारी | ध्यान रखें |
|---|---|---|
| छठ पूजा 2026 | 15 नवंबर 2026, रविवार | Jaipur/Rajasthan reference |
| पंचांग आधार | कार्तिक शुक्ल षष्ठी | क्षेत्रानुसार पालन बदल सकता है |
| पूजा समय | अपने शहर के Panchang से देखें | जयपुर के अनुसार |
छठ पूजा 2026 के चार दिन — नहाय-खाय से उषा अर्घ्य तक
छठ चार दिन का व्रत-पर्व है। 2026 में यह 13 नवंबर (नहाय-खाय) से शुरू होकर 16 नवंबर (उषा अर्घ्य) को पूरा होगा। मुख्य दिन — संध्या अर्घ्य — रविवार, 15 नवंबर है।
| दिन | तारीख | क्या होता है |
|---|---|---|
| पहला दिन — नहाय-खाय | 13 नवंबर, शुक्रवार | स्नान के बाद सात्त्विक भोजन (प्रायः कद्दू-भात, चने की दाल) से व्रत की शुरुआत |
| दूसरा दिन — खरना | 14 नवंबर, शनिवार | दिन भर उपवास; शाम को गुड़ की खीर और रोटी का प्रसाद, उसके बाद लगभग 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू |
| तीसरा दिन — संध्या अर्घ्य | 15 नवंबर, रविवार | डूबते सूर्य को अर्घ्य — घाट या जलाशय पर |
| चौथा दिन — उषा अर्घ्य | 16 नवंबर, सोमवार | उगते सूर्य को अर्घ्य, फिर व्रत का पारण |
अर्घ्य का समय (लगभग)
संध्या अर्घ्य सूर्यास्त के समय और उषा अर्घ्य सूर्योदय के समय दिया जाता है, इसलिए यह समय हर शहर में अलग होता है:
| शहर | संध्या अर्घ्य — 15 नवंबर (सूर्यास्त) | उषा अर्घ्य — 16 नवंबर (सूर्योदय) |
|---|---|---|
| जयपुर | लगभग 5:36 PM | लगभग 6:47 AM |
| पटना | लगभग 5:00 PM | लगभग 6:07 AM |
| नई दिल्ली | लगभग 5:27 PM | लगभग 6:44 AM |
| मुंबई | लगभग 5:59 PM | लगभग 6:46 AM |
| कोलकाता | लगभग 4:52 PM | लगभग 5:49 AM |
ये समय सूर्यास्त-सूर्योदय पर आधारित अनुमान हैं और शहर के भीतर भी कुछ मिनट बदल सकते हैं। घाट पर पहुँचने का समय स्थानीय पंचांग और छठ समिति की सूचना से तय करें।
छठ पूजा क्या है? परंपरा को सही संदर्भ में समझें
सूर्योपासना से जुड़े पर्वों में अर्घ्य, स्नान, नैवेद्य और सूर्य-स्मरण की परंपराएँ मिलती हैं। समय और विधि स्थान के सूर्योदय/सूर्यास्त तथा स्थानीय परंपरा से प्रभावित हो सकते हैं।
छठ पूजा सूर्योपासना से जुड़ा बहुदिवसीय पर्व है, जिसका विशेष प्रचलन बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड और संबंधित प्रवासी समुदायों में है। इस पेज का उद्देश्य किसी स्थानीय रीति को पूरे भारत के लिए अनिवार्य बताना नहीं है। शास्त्रीय उल्लेख, मंदिर-परंपरा, पारिवारिक विधि और लोक-परंपरा को एक-दूसरे के स्थान पर नहीं रखा गया है।
पंचांग से क्या तय होता है?
तिथि, वार और जहाँ आवश्यक हो वहाँ पूजा-काल। ये गणनाएँ स्थान-आधारित हो सकती हैं, इसलिए सटीक समय के लिए सही शहर चुनना महत्वपूर्ण है।
परिवार की परंपरा क्या तय करती है?
मंत्र, कथा, नैवेद्य, व्रत की कठोरता, दान और विस्तृत पूजा क्रम परिवार, क्षेत्र या संप्रदाय के अनुसार अलग हो सकता है।
छठ पूजा पूजा विधि / पालन — सरल और प्रचलित क्रम
- स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त और तिथि की पुष्टि करें।
- स्वच्छ होकर सूर्य-स्मरण करें।
- परिवार में प्रचलित हो तो सूर्य को जल-अर्घ्य दिया जा सकता है।
- फल या सात्त्विक नैवेद्य अर्पित करें।
- दान/व्रत अपनी क्षमता और स्वास्थ्य के अनुसार रखें।
विस्तृत पूजा-विधियों के लिए पूजा विधि संग्रह देखें। यदि आपके परिवार में पुरोहित, गुरु या परंपरागत विधि है तो उसी को प्राथमिकता देना उचित है।
छठ पूजा पूजा सामग्री — सामान्य सूची
इस पर्व के लिए पूरे भारत में एक जैसी अनिवार्य सामग्री-सूची मानना उचित नहीं है। नीचे सामान्य और उपयोगी सामग्री दी गई है; परिवार की परंपरा के अनुसार इसमें बदलाव हो सकता है।
सामान्य सामग्री
- अर्घ्य के लिए स्वच्छ जल
- अर्घ्य पात्र
- दीपक
- फल/नैवेद्य
- परिवार की परंपरा अनुसार अन्य सामग्री
क्या अनिवार्य नहीं मानना चाहिए?
- किसी निश्चित संख्या में वस्तु रखना, जब तक आपकी परंपरा में स्पष्ट नियम न हो
- महँगी सामग्री खरीदना
- किसी वस्तु को निश्चित धन-लाभ या इच्छा-पूर्ति से जोड़ना
- दूसरे क्षेत्र की सामग्री-सूची को अपने परिवार पर अनिवार्य रूप से लागू करना
छठ पूजा की परंपराएँ — क्षेत्र और परिवार के अनुसार अंतर
भारत में एक ही पर्व का पालन अलग-अलग भाषाई, क्षेत्रीय और संप्रदायिक परंपराओं में अलग रूप से हो सकता है। छठ पूजा के मामले में भी भोजन, व्रत, पूजा-सामग्री, कथा और मंदिर-आयोजन में अंतर मिल सकता है।
“यही एक सही विधि है” जैसी भाषा से बचना बेहतर है। यदि किसी विशेष क्षेत्र की परंपरा बताई जाए तो उस region का नाम स्पष्ट करना चाहिए।
छठ पूजा से संबंधित प्रमुख तिथियाँ और पेज
| संबंधित विषय | आगे पढ़ें |
|---|---|
| अहोई अष्टमी | विस्तृत जानकारी |
| गोवत्स द्वादशी | विस्तृत जानकारी |
| काली चौदस | विस्तृत जानकारी |
| देवउठनी एकादशी | विस्तृत जानकारी |
पूरे महीने की सूची के लिए संबंधित मासिक हिंदू कैलेंडर देखें।
छठ के बाद खाटू श्याम जन्मोत्सव — 20 नवंबर
छठ के पाँच दिन बाद, शुक्रवार 20 नवंबर 2026 को कार्तिक शुक्ल एकादशी — देवउठनी एकादशी — है, जिसे खाटू में खाटू श्याम जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। राजस्थान, दिल्ली-NCR और बिहार-पूर्वांचल से आने वाले कई परिवार छठ पूरा करके इसी सप्ताह खाटू दर्शन की योजना बनाते हैं। जन्मोत्सव और एकादशी पर खाटू में सामान्य दिनों से कहीं अधिक भीड़ रहती है, इसलिए होटल/धर्मशाला पहले से बुक करें।
Chhath Puja 2026 — Date & Panchang Summary
Chhath Puja 2026 falls on November 15, 2026 for the Jaipur/Rajasthan reference used on this page. The traditional calendar basis is कार्तिक शुक्ल षष्ठी. Rituals, fasting practices and exact timings may vary by location and family tradition.
Location-specific timings should be checked for the city where the पालन is taking place. This page avoids using an unverified muhurta from another city.
छठ पूजा 2026 — सामान्य प्रश्न
छठ पूजा 2026 कब है?
छठ पूजा 2026 15 नवंबर 2026, रविवार को है। इस page में Jaipur/Rajasthan reference को प्राथमिक रखा गया है।
छठ पूजा किस तिथि से जुड़ा है?
यह कार्तिक शुक्ल षष्ठी से जुड़ा पालन है। स्थान और परंपरा के अनुसार पूजा समय या पालन में अंतर हो सकता है।
क्या छठ पूजा की पूजा-विधि पूरे भारत में एक जैसी है?
नहीं। परिवार, क्षेत्र, मंदिर और संप्रदाय के अनुसार पूजा-विधि, नैवेद्य और व्रत की पद्धति बदल सकती है।
क्या Jaipur का मुहूर्त दूसरे शहर में उपयोग किया जा सकता है?
स्थान-आधारित पंचांग समय सीधे दूसरे शहर पर लागू नहीं करना चाहिए। सूर्योदय, चंद्रोदय और अन्य गणनाएँ शहर के अनुसार बदल सकती हैं।
छठ पूजा से जुड़े अन्य पेज कहाँ देखें?
इस page के संबंधित उपयोगी पेज section में मासिक कैलेंडर, पूजा-विधि और संबंधित festival pages के links दिए गए हैं।
छठ पूजा 2026 के चार दिन कौन-से हैं?
नहाय-खाय 13 नवंबर (शुक्रवार), खरना 14 नवंबर (शनिवार), संध्या अर्घ्य 15 नवंबर (रविवार) और उषा अर्घ्य 16 नवंबर (सोमवार) को है।
छठ पूजा 2026 में अर्घ्य का समय क्या है?
संध्या अर्घ्य 15 नवंबर को सूर्यास्त के समय (जयपुर में लगभग 5:36 PM, पटना में लगभग 5:00 PM) और उषा अर्घ्य 16 नवंबर को सूर्योदय के समय (जयपुर में लगभग 6:47 AM, पटना में लगभग 6:07 AM) दिया जाएगा।
पंचांग स्रोत और सत्यापन
- Drik Panchang — Jaipur Hindu Calendar 2026 — Jaipur/Rajasthan date cross-check के लिए।
- Prokerala — संबंधित मासिक Hindu Calendar — festival-date cross-check के लिए। Exact timings default location के हो सकते हैं, इसलिए Jaipur मुहूर्त के रूप में सीधे उपयोग नहीं किए गए।
इसके आसपास के अन्य व्रत-त्योहार
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