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खाटू श्याम जी के 108 नाम — अर्थ सहित सम्पूर्ण नामावली

हारे का सहारा खाटू श्याम

खाटू श्याम जी के 108 नाम का जप हिन्दू भक्ति परंपरा में सबसे पवित्र साधनाओं में से एक है। जब भक्त खाटू श्याम जी के 108 नाम प्रतिदिन जपते हैं तो बाबा की विशेष कृपा प्राप्त होती है — मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और जीवन में शांति आती है। इस article में आपको खाटू श्याम जी के 108 नाम अर्थ सहित और जप की सही विधि मिलेगी।


खाटू श्याम जी के 108 नाम क्यों जपें?

108 की संख्या हिन्दू धर्म में divine number मानी जाती है। इसे संस्कृत में “अष्टोत्तरशत” कहते हैं। खाटू श्याम जी के 108 नाम जपने के ये लाभ हैं:

  • मन की एकाग्रता: नाम जप से mind focused और शांत होता है
  • Negative energy दूर: घर और जीवन में positive energy आती है
  • मनोकामना पूर्ति: 40 दिन नित्य जप से बाबा की कृपा अवश्य मिलती है
  • Spiritual growth: एकादशी पर जप विशेष फलदायी है
  • बाबा से connection: हर नाम बाबा के एक दिव्य गुण का प्रतीक है
💡 Tip: एकादशी के दिन खाटू श्याम जी के 108 नाम का जप 3 बार करने से विशेष फल मिलता है।

108 का Divine Significance

  • Astronomy: सूर्य की diameter पृथ्वी से ठीक 108 गुना है
  • Sanskrit: 54 letters × 2 (masculine + feminine) = 108
  • Yoga: मानव शरीर में 108 marma points हैं
  • Japa Mala: माला में 108 beads होते हैं — इसीलिए
  • Mathematics: 1×2×2×3×3×3 = 108 — एक perfect number

श्री खाटू श्याम जी के 108 नाम — सम्पूर्ण नामावली

॥ श्री खाटू श्याम जी अष्टोत्तरशत नामावली ॥

1. श्याम — साँवले और मनोहर
2. खाटू नरेश — खाटू के राजा
3. बर्बरीक — महाभारत के महावीर
4. हारे का सहारा — हारों के रक्षक
5. श्याम सुंदर — सुंदर श्याम वर्ण वाले
6. घटोत्कच नंदन — घटोत्कच के पुत्र
7. भीम पौत्र — भीम के पोते
8. त्रिबाणधारी — तीन बाणों के धारक
9. कृष्ण प्रिय — कृष्ण के प्रिय
10. शीश दानी — शीश का दान करने वाले
11. वीर शिरोमणि — वीरों में श्रेष्ठ
12. कलियुग देव — कलियुग के देवता
13. मनोकामना पूरक — इच्छा पूर्ण करने वाले
14. भक्त वत्सल — भक्तों से प्रेम करने वाले
15. दीनदयाल — दीनों पर दया करने वाले
16. संकट हरण — संकट हरने वाले
17. कृपा सागर — कृपा के सागर
18. लीलाधर — दिव्य लीलाएं करने वाले
19. निशान स्वामी — निशान के देवता
20. शिव वरदान प्राप्त — शिव से वर पाने वाले
21. महाबली — महान बलशाली
22. रणधीर — युद्ध में धैर्यवान
23. सत्यप्रतिज्ञ — सत्य प्रतिज्ञा वाले
24. मातृभक्त — माता के भक्त
25. दानवीर — महान दानी
26. सर्वज्ञ — सब जानने वाले
27. अजेय — जिन्हें कोई जीत न सके
28. कारुणिक — करुणा करने वाले
29. शरणागत वत्सल — शरण में आए की रक्षा
30. पापनाशक — पापों का नाश करने वाले
31. भव भय हरण — संसार का भय दूर करने वाले
32. मोक्षदायक — मोक्ष प्रदान करने वाले
33. जगत पालक — जगत के पालनहार
34. विश्वनाथ — विश्व के स्वामी
35. देवाधिदेव — देवों के देव
36. अभय दायक — निर्भयता देने वाले
37. रोगनाशक — रोगों का नाश करने वाले
38. दरिद्र नाशक — गरीबी दूर करने वाले
39. शत्रु भंजक — शत्रुओं को नष्ट करने वाले
40. सुख कर्ता — सुख देने वाले
41. दुख हर्ता — दुख हरने वाले
42. सर्व सम्पत्ति दायक — सम्पत्ति देने वाले
43. कल्याणकारी — सबका कल्याण करने वाले
44. प्रसन्नमुख — प्रसन्न मुखवाले
45. विजयी — विजय देने वाले
46. सत्संगप्रिय — सत्संग से प्रेम करने वाले
47. भजन प्रियभजन से प्रसन्न होने वाले
48. लाल श्याम — लाल वस्त्रधारी श्याम
49. मुरलीधर — मुरली बजाने वाले
50. गोविंद — गायों के पालक
51. माधव — लक्ष्मी के पति
52. केशव — सुंदर केशवाले
53. हृषीकेश — इंद्रियों के स्वामी
54. पुरुषोत्तम — पुरुषों में उत्तम
55. दामोदर — बाल-लीला में बंधे
56. त्रिलोकनाथ — तीनों लोकों के स्वामी
57. चतुर्भुज — चार भुजाओं वाले
58. पीताम्बर — पीले वस्त्र धारक
59. वनमाली — वन के फूलों की माला वाले
60. शंखधारी — शंख धारण करने वाले
61. चक्रपाणि — चक्र हाथ में वाले
62. गदाधर — गदा धारण करने वाले
63. नारायण — जल में निवास करने वाले
64. विष्णु — सर्वव्यापी
65. जनार्दन — भक्तों की रक्षा करने वाले
66. वासुदेव — वसुदेव के पुत्र
67. देवकीनंदन — देवकी के पुत्र
68. यशोदानंदन — यशोदा के नंदन
69. गोकुलेश्वर — गोकुल के स्वामी
70. द्वारकाधीश — द्वारका के राजा
71. कंसारि — कंस के शत्रु
72. मुरारि — मुर राक्षस के शत्रु
73. गिरिधर — गोवर्धन उठाने वाले
74. योगेश्वर — योग के स्वामी
75. जगदीश — जगत के ईश्वर
76. अच्युत — जो कभी पतित न हों
77. अनंत — जिनका कोई अंत नहीं
78. भक्ताभिष्ट दायक — भक्तों की इच्छा पूर्ण करने वाले
79. स्वयंभू — स्वयं प्रकट होने वाले
80. निर्गुण — गुणों से परे
81. सगुण — दिव्य गुणों वाले
82. आनंद स्वरूप — आनंद के स्वरूप
83. सत्यस्वरूप — सत्य के स्वरूप
84. चैतन्य स्वरूप — चेतना के स्वरूप
85. प्रेम मूर्ति — प्रेम की मूर्ति
86. करुणा मूर्ति — करुणा की मूर्ति
87. शक्ति स्वरूप — शक्ति के स्वरूप
88. ज्ञान स्वरूप — ज्ञान के स्वरूप
89. भक्ति स्वरूप — भक्ति के स्वरूप
90. वैराग्य दायक — वैराग्य देने वाले
91. मुक्ति दायक — मुक्ति देने वाले
92. लोकनायक — लोगों के नेता
93. जीवन दाता — जीवन देने वाले
94. भय नाशक — भय नष्ट करने वाले
95. धर्म रक्षक — धर्म की रक्षा करने वाले
96. सत्य प्रकाशक — सत्य का प्रकाश करने वाले
97. शांति दायक — शांति देने वाले
98. रींगस ईश — रींगस क्षेत्र के देवता
99. सीकर गौरव — सीकर जिले का गौरव
100. राजस्थान भूषण — राजस्थान का गहना
101. भारत गौरव — भारत का गौरव
102. एकादशी प्रियएकादशी पर प्रसन्न होने वाले
103. फाल्गुन उत्सव प्रभु — फाल्गुन मेले के स्वामी
104. निशान यात्रा प्रिय — निशान यात्रा से प्रसन्न
105. चूरमा प्रिय — चूरमा भोग पसंद करने वाले
106. श्याम कुंड निवासी — श्याम कुंड में विराजमान
107. खाटू ग्राम वासी — खाटू ग्राम में निवास करने वाले
108. जय श्री श्याम — जिनकी जय सदा होती रहे

॥ जय श्री श्याम ॥


खाटू श्याम जी के 108 नाम जप की विधि

  1. प्रातः स्नान के बाद स्वच्छ आसन पर बैठें — पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करें
  2. बाबा श्याम की photo या murti के सामने दीपक और अगरबत्ती जलाएं
  3. पहले आरती करें
  4. Tulsi mala (108 beads) लेकर प्रत्येक नाम पर एक bead जपें
  5. जप धीरे-धीरे, स्पष्ट उच्चारण के साथ करें — rush न करें
  6. अंत में चालीसा पाठ करें
  7. प्रसाद चढ़ाएं और परिवार में बाँटें

विशेष अवसरों पर खाटू श्याम जी के 108 नाम जप

अवसर कितनी बार जपें विशेष फल
प्रतिदिन 1 बार मन की शांति, positive energy
एकादशी 3 बार मनोकामना पूर्ति की संभावना अधिक
गुरुवार 2 बार बाबा श्याम का विशेष दिन — फल तीव्र
40 दिन nonstop 1 बार daily बड़ी मनोकामना — अवश्य पूर्ण होती है

Frequently Asked Questions — खाटू श्याम जी के 108 नाम

❓ खाटू श्याम जी के 108 नाम जप से क्या होता है?

खाटू श्याम जी के 108 नाम जप से मन की शांति, negative energy से मुक्ति, बाबा की कृपा और मनोकामना पूर्ति होती है। नित्य जप से जीवन में positive changes आते हैं।

❓ खाटू श्याम जी के 108 नाम कब जपें?

प्रातः काल sunrise से पहले सबसे अच्छा समय है। एकादशी पर, गुरुवार को और बाबा के जन्मोत्सव पर विशेष फल मिलता है।

❓ क्या महिलाएं भी खाटू श्याम जी के 108 नाम जप कर सकती हैं?

हाँ, बिल्कुल। बाबा श्याम के दरबार में सभी समान हैं। महिलाएं भी पूर्ण श्रद्धा से खाटू श्याम जी के 108 नाम जप कर सकती हैं।

❓ खाटू श्याम जी के 108 नाम किस माला से जपें?

Tulsi की माला सबसे शुभ मानी जाती है। Crystal या Sphatik mala भी use कर सकते हैं। Plastic mala use न करें।

❓ खाटू श्याम जी के 108 नाम कितने दिन जपने से मनोकामना पूर्ण होती है?

कोई fixed timeline नहीं है — यह बाबा की इच्छा पर निर्भर है। लेकिन 11, 21 या 40 दिन तक नित्य जप करने पर अधिकांश भक्तों को परिणाम मिलते हैं।

108 नाम जपे — अब बाबा के दर्शन भी करें

Ekadashi या गुरुवार पर खाटू आएं

॥ जय श्री श्याम ॥

बाबा श्याम के दर्शन करें

Hotel, Taxi और Ekadashi — सब यहाँ