Home एकादशी कैलेंडर पापांकुशा एकादशी 2026: व्रत कथा, पूजा विधि, महत्व, पारण नियम एवं संपूर्ण जानकारी

पापांकुशा एकादशी 2026: व्रत कथा, पूजा विधि, महत्व, पारण नियम एवं संपूर्ण जानकारी

📅 दिनांक अक्टूबर 22, 2026 (बृहस्पतिवार)
🗓️ तिथि आश्विन, शुक्ल एकादशी
⏰ प्रारम्भ अक्टू॰ 21, 02:11 PM
⏰ समाप्त अक्टू॰ 22, 02:47 PM

1. दशमी तिथि से तैयारी

  • सात्विक भोजन ग्रहण करें।
  • तामसिक भोजन और बुरी आदतों से दूर रहें।
  • मन, वचन और कर्म की शुद्धता बनाए रखें।

2. प्रातःकाल स्नान करें

एकादशी के दिन ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

3. व्रत का संकल्प लें

भगवान विष्णु के समक्ष जल लेकर व्रत का संकल्प करें।

संकल्प मंत्र:

मम समस्त पापक्षयपूर्वक श्रीपद्मनाभप्रीत्यर्थं पापांकुशा एकादशी व्रतमहं करिष्ये।

4. भगवान विष्णु (पद्मनाभ) की पूजा करें

  • भगवान विष्णु का चित्र या प्रतिमा स्थापित करें।
  • गंगाजल से शुद्धिकरण करें।
  • चंदन, अक्षत, पुष्प एवं तुलसी दल अर्पित करें।
  • धूप और दीप प्रज्वलित करें।
  • फल एवं नैवेद्य अर्पित करें।

5. मंत्र जाप करें

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः॥

या

ॐ पद्मनाभाय नमः॥

6. कथा एवं भजन

  • पापांकुशा एकादशी व्रत कथा का पाठ करें।
  • विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
  • भगवान विष्णु के भजन एवं कीर्तन करें।

7. दान-पुण्य करें

इस दिन अन्न, वस्त्र, फल, गौसेवा और जरूरतमंदों की सहायता का विशेष महत्व है।

8. द्वादशी को पारण

द्वादशी तिथि में शुभ समय पर व्रत का पारण करें।


पापांकुशा एकादशी पर क्या करें?

✅ भगवान पद्मनाभ की पूजा करें।
✅ तुलसी दल अर्पित करें।
✅ विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
✅ दान-पुण्य करें।
✅ गौसेवा एवं जरूरतमंदों की सहायता करें।
✅ भजन, कीर्तन एवं सत्संग करें।


पापांकुशा एकादशी पर क्या न करें?

❌ चावल का सेवन न करें।
❌ मांस, मदिरा एवं तामसिक भोजन न करें।
❌ झूठ, निंदा और अपशब्दों से बचें।
❌ क्रोध एवं विवाद न करें।
❌ किसी का अपमान न करें।


व्रत में क्या खा सकते हैं?

  • फल
  • दूध
  • दही
  • मखाना
  • साबूदाना
  • कुट्टू का आटा
  • सिंघाड़े का आटा
  • राजगीरा
  • सूखे मेवे

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पापांकुशा एकादशी किस महीने में आती है?
पापांकुशा एकादशी आश्विन मास के शुक्ल पक्ष में आती है।
पापांकुशा एकादशी किस देवता को समर्पित है?
यह भगवान विष्णु के पद्मनाभ स्वरूप को समर्पित है।
पापांकुशा एकादशी की कथा किससे संबंधित है?
यह कथा विन्ध्य पर्वत के क्षेत्र में रहने वाले क्रोधन नामक शिकारी से संबंधित है।
पापांकुशा एकादशी का मुख्य महत्व क्या है?
यह एकादशी पापों के नाश, आध्यात्मिक उन्नति और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने के लिए की जाती है।
क्या महिलाएं पापांकुशा एकादशी का व्रत कर सकती हैं?
हाँ, महिलाएं और पुरुष दोनों श्रद्धा और भक्ति के साथ यह व्रत कर सकते हैं।
क्या इस दिन चावल खाना चाहिए?
नहीं, एकादशी के दिन चावल का सेवन वर्जित माना जाता है।
व्रत का पारण कब करना चाहिए?
द्वादशी तिथि में निर्धारित शुभ समय के भीतर पारण करना चाहिए।
पापांकुशा एकादशी का सबसे बड़ा फल क्या है?
पापों का नाश, भगवान विष्णु की कृपा, सुख-समृद्धि और मोक्ष की प्राप्ति।
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