षट्तिला एकादशी 2026 | व्रत कथा, पूजा विधि, महत्व, तिल दान
षट्तिला एकादशी व्रत कथा
प्राचीन समय में एक ब्राह्मणी थी जो अत्यंत धार्मिक और तपस्विनी थी। वह नियमित रूप से व्रत, जप और भगवान की पूजा करती थी, लेकिन कभी अन्न या भोजन का दान नहीं करती थी।
उसकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु एक साधु का रूप धारण कर उसके द्वार पर पहुंचे और भिक्षा मांगी। ब्राह्मणी ने भिक्षा में केवल मिट्टी का एक ढेला दे दिया।
समय आने पर वह दिव्य लोक पहुंची, लेकिन वहां उसे एक सुंदर भवन तो मिला, परंतु उसमें भोजन और आवश्यक वस्तुओं का अभाव था।
उसने भगवान से इसका कारण पूछा। तब भगवान ने बताया कि तुमने तप और पूजा तो बहुत की, लेकिन अन्नदान और सेवा नहीं की। इसलिए तुम्हें यह फल प्राप्त हुआ।
भगवान के निर्देश पर उसने षट्तिला एकादशी का व्रत किया, तिल और अन्न का दान किया। इसके प्रभाव से उसका जीवन पूर्ण सुख और समृद्धि से भर गया।
इस कथा से शिक्षा मिलती है कि पूजा के साथ-साथ दान और सेवा भी आवश्यक है।
षट्तिला एकादशी पर क्या करें?
✅ भगवान विष्णु की पूजा करें।
✅ तुलसी दल अर्पित करें।
✅ तिल का दान करें।
✅ गरीबों और जरूरतमंदों को अन्न दान दें।
✅ विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
✅ सात्विक जीवन एवं सदाचार का पालन करें।
क्या न करें?
❌ चावल का सेवन न करें।
❌ क्रोध और विवाद से बचें।
❌ झूठ न बोलें।
❌ किसी का अपमान न करें।
❌ मांस, मदिरा और तामसिक भोजन से दूर रहें।
व्रत में क्या खा सकते हैं?
- फल
- दूध
- दही
- मखाना
- साबूदाना
- कुट्टू का आटा
- सिंघाड़े का आटा
- राजगीरा
- सूखे मेवे
षट्तिला एकादशी के मंत्र
विष्णु मंत्र
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः॥
श्री हरि मंत्र
ॐ विष्णवे नमः॥
विष्णु गायत्री मंत्र
ॐ नारायणाय विद्महे।
वासुदेवाय धीमहि।
तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥
एकादशी पर खाटू दर्शन की योजना?
पहले से होटल और टैक्सी बुक करें — एकादशी पर भारी भीड़ होती है।
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📚 सन्दर्भ एवं अधिक जानकारी
- Drik Panchang — Ekadashi Dates & Muhurat 2026 ↗ — Accurate tithi timings
- Sikar.rajasthan.gov.in — Official Govt Website ↗ — Sikar district official information
- Wikipedia — Ekadashi ↗ — Complete Ekadashi history