Home एकादशी कैलेंडर विजया एकादशी 2026: व्रत कथा, पूजा विधि, महत्व, पारण नियम एवं संपूर्ण जानकारी

विजया एकादशी 2026: व्रत कथा, पूजा विधि, महत्व, पारण नियम एवं संपूर्ण जानकारी

📅 दिनांक मार्च 11, 2026 (बुधवार)
🗓️ तिथि फाल्गुन, कृष्ण एकादशी
⏰ प्रारम्भ मार्च 10, 10:09 PM
⏰ समाप्त मार्च 11, 11:12 PM

1. दशमी से नियमों का पालन

  • दशमी तिथि से ही सात्विक भोजन ग्रहण करें।
  • ब्रह्मचर्य और संयम का पालन करें।
  • क्रोध एवं विवाद से बचें।

2. प्रातःकाल स्नान

एकादशी के दिन ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

3. व्रत का संकल्प

भगवान विष्णु के समक्ष जल लेकर व्रत का संकल्प करें।

संकल्प मंत्र:

मम समस्त पापक्षयपूर्वक श्रीविष्णुप्रीत्यर्थं विजया एकादशी व्रतमहं करिष्ये।

4. भगवान विष्णु की पूजा

  • पूजा स्थान को गंगाजल से शुद्ध करें।
  • भगवान विष्णु का चित्र या प्रतिमा स्थापित करें।
  • चंदन, अक्षत, पुष्प एवं तुलसी दल अर्पित करें।
  • धूप एवं दीप जलाएं।
  • फल एवं नैवेद्य अर्पित करें।

5. मंत्र जाप

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः॥

या

ॐ विष्णवे नमः॥

6. कथा एवं भजन

  • विजया एकादशी की कथा पढ़ें या सुनें।
  • विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
  • रात्रि में भजन-कीर्तन एवं जागरण करें।

7. द्वादशी को पारण

अगले दिन द्वादशी तिथि में शुभ समय पर व्रत का पारण करें तथा जरूरतमंदों को दान दें।


विजया एकादशी पर क्या करें?

✅ भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें।
✅ तुलसी दल अर्पित करें।
✅ विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
✅ गरीबों को अन्न एवं वस्त्र दान करें।
✅ सत्संग, भजन एवं कीर्तन करें।
✅ सात्विक आचरण अपनाएं।


विजया एकादशी पर क्या न करें?

❌ चावल का सेवन न करें।
❌ मांस, मदिरा एवं तामसिक भोजन से दूर रहें।
❌ झूठ, निंदा और अपशब्दों से बचें।
❌ किसी का अपमान न करें।
❌ क्रोध और विवाद से दूर रहें।


व्रत में क्या खा सकते हैं?

  • फल
  • दूध
  • दही
  • मखाना
  • साबूदाना
  • कुट्टू का आटा
  • सिंघाड़े का आटा
  • राजगीरा
  • सूखे मेवे

विजया एकादशी के मंत्र

विष्णु मंत्र

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः॥

श्री हरि मंत्र

ॐ विष्णवे नमः॥

विष्णु गायत्री मंत्र

ॐ नारायणाय विद्महे।
वासुदेवाय धीमहि।
तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विजया एकादशी कब मनाई जाती है?
फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को विजया एकादशी मनाई जाती है।
विजया एकादशी का मुख्य महत्व क्या है?
यह व्रत जीवन में सफलता, विजय और बाधाओं के नाश के लिए किया जाता है।
विजया एकादशी की कथा किससे जुड़ी है?
यह कथा भगवान श्रीराम और लंका विजय से संबंधित है।
क्या महिलाएं विजया एकादशी का व्रत कर सकती हैं?
हाँ, महिलाएं और पुरुष दोनों श्रद्धापूर्वक यह व्रत कर सकते हैं।
क्या विजया एकादशी पर चावल खाना चाहिए?
नहीं, एकादशी के दिन चावल का सेवन वर्जित माना गया है।
व्रत का पारण कब करना चाहिए?
द्वादशी तिथि में निर्धारित पारण समय के भीतर करना चाहिए।
विजया एकादशी का फल क्या है?
सफलता, विजय, भगवान विष्णु की कृपा, पापों से मुक्ति और आध्यात्मिक उन्नति।
विजया एकादशी पर कौन सा दान करना शुभ माना जाता है?
अन्न, वस्त्र, फल, तिल, गुड़ और दक्षिणा का दान शुभ माना जाता है।
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