शरद पूर्णिमा 2026 कब है? Sharad Purnima (Kojagari) 2026 Date, मुहूर्त व पूजा विधि

✍️ लेखक: Team Khatuwalebaba.in📅 प्रकाशित: 16 अगस्त 2026🔄 अपडेट: 18 अक्टूबर 2026पंचांग स्रोतों से सत्यापित

सीधा जवाब

शरद पूर्णिमा 2026 कब है?

📅 रविवार, 25 अक्टूबर 2026   ✅ इस वर्ष यह पर्व बीत चुका है — अगले वर्ष की तिथि जल्द अपडेट होगी

  • 🕉️ आश्विन शुक्ल पूर्णिमा — प्रारंभ: 25 अक्टूबर, 11:57 AM · समाप्त: 26 अक्टूबर, 9:42 AM
  • 🌅 सूर्योदय 6:32 AM · सूर्यास्त 5:49 PM · 🌙 चंद्रोदय 5:04 PM

📌 25 अक्टूबर या 26 अक्टूबर? पूर्णिमा तिथि 25 अक्टूबर, 11:57 AM से 26 अक्टूबर, 9:42 AM तक रहेगी, इसलिए दोनों तारीखों को लेकर भ्रम रहता है। पंचांग के अनुसार शरद पूर्णिमा रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को मनाया जाएगा।

समय जयपुर (IST) के अनुसार; तिथि का समय खगोलीय गणना से। आपके शहर में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है।

आश्विन पूर्णिमा

शरद पूर्णिमा 2026 कब है? Sharad Purnima (Kojagari) 2026 Date, मुहूर्त व पूजा विधि

शरद पूर्णिमा 2026 (Sharad Purnima 2026) 25 अक्टूबर 2026, रविवार को है। शरद पूर्णिमा आश्विन पूर्णिमा से जुड़ा पर्व है; कोजागरी और चंद्र-दर्शन से जुड़ी परंपराएँ क्षेत्रानुसार भिन्न मिलती हैं।

शरद पूर्णिमा 2026 | Sharad Purnima 2026
जयपुर में पूर्णिमा की रात का दृश्य। फोटो: Pranavkoowal / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0. चित्र सांकेतिक है।
पर्वशरद पूर्णिमा
तारीख25 अक्टूबर 2026
पंचांग आधारआश्विन पूर्णिमा
स्थान referenceJaipur / Rajasthan

📅 अगले वर्ष

शरद पूर्णिमा 2027 कब है? — गुरुवार, 14 अक्टूबर 2027

आश्विन शुक्ल पूर्णिमा

स्रोत: Drik Panchang — 2027 Hindu Festivals Calendar, जयपुर। 2027 के सभी व्रत-त्योहार →

🛕 शरद पूर्णिमा पर खाटू दर्शन?

पूर्णिमा पर खाटू में सामान्य दिनों से अधिक भीड़ रहती है। शरद ऋतु (अक्टूबर–मार्च) खाटू यात्रा का सबसे अच्छा मौसम है — सुबह जल्दी या रात की आरती के आसपास दर्शन सबसे आरामदायक रहते हैं।

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इस पेज पर क्या मिलेगा

शरद पूर्णिमा 2026 कब है? तारीख और पंचांग आधार

शरद पूर्णिमा 2026 25 अक्टूबर 2026, रविवार को है। इसका पंचांग आधार आश्विन पूर्णिमा है।

हिंदू पर्वों की तारीख और पूजा-काल में स्थानीय सूर्योदय, चंद्रोदय, तिथि-प्रवेश, प्रदोष या पर्व-विशेष नियमों के कारण शहर के अनुसार अंतर हो सकता है। इसलिए Jaipur/Rajasthan reference स्पष्ट रूप से अलग रखा गया है।

विवरण जानकारी ध्यान रखें
शरद पूर्णिमा 2026 25 अक्टूबर 2026, रविवार Jaipur/Rajasthan reference
पंचांग आधार आश्विन पूर्णिमा क्षेत्रानुसार पालन बदल सकता है
पूजा समय अपने शहर के Panchang से देखें जयपुर के अनुसार

शरद पूर्णिमा 2026 — खीर रखने का समय, चंद्रोदय और कोजागरी मुहूर्त

चंद्रोदय (जयपुर) लगभग 5:04 PM, रविवार 25 अक्टूबर
खीर चाँदनी में रखें 25 अक्टूबर की रात — चंद्रोदय के बाद, जब आँगन/छत पर चाँदनी सीधी पड़े
कोजागरी लक्ष्मी पूजा (निशीथ काल) लगभग 11:45 PM (25 अक्टूबर) से 12:36 AM (26 अक्टूबर) तक
पूर्णिमा तिथि 25 अक्टूबर 11:57 AM से 26 अक्टूबर 9:42 AM तक
खीर का प्रसाद 26 अक्टूबर की सुबह, स्नान के बाद

समय जयपुर/मध्य भारत के अनुसार अनुमानित; निशीथ काल का समय उज्जैन-आधारित पंचांग गणना से — आपके शहर में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है।

25 या 26 अक्टूबर — खीर किस रात रखें?

पूर्णिमा तिथि 25 अक्टूबर दोपहर से शुरू होकर 26 अक्टूबर सुबह समाप्त हो जाती है। शरद पूर्णिमा की खीर, चंद्र-दर्शन और कोजागरी लक्ष्मी पूजा — तीनों रात से जुड़े हैं, और पूर्णिमा की पूरी रात 25 अक्टूबर को ही पड़ती है। इसलिए खीर 25 अक्टूबर (रविवार) की रात रखें और प्रसाद 26 अक्टूबर की सुबह लें।

चाँदनी में खीर रखने की परंपरा

लोक-मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से पूर्ण होता है और उसकी किरणों में अमृत जैसा गुण होता है। इसी भाव से घरों में दूध-चावल की खीर बनाकर रातभर खुले आसमान के नीचे चाँदनी में रखी जाती है और अगली सुबह परिवार इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करता है।

  • खीर साफ़ बर्तन में बनाएँ; कई परिवार चाँदी या मिट्टी के पात्र को शुभ मानते हैं।
  • बर्तन को पतले सूती कपड़े या जाली से ढकें, ताकि चाँदनी पड़ती रहे पर कीड़े-धूल न गिरें।
  • छत या आँगन में ऐसी जगह रखें जहाँ चाँदनी सीधी आए और जानवर न पहुँचें।
  • सुबह स्नान के बाद पहले भगवान को भोग लगाकर फिर प्रसाद बाँटें।

कोजागरी लक्ष्मी पूजा — कैसे करें?

“कोजागरी” का भाव है — “कौन जाग रहा है?”। मान्यता है कि इस रात माँ लक्ष्मी पृथ्वी पर विचरण करती हैं और जागरण करने वाले भक्तों पर कृपा करती हैं। इसलिए कई घरों में (विशेषकर बंगाल, ओडिशा, असम, मिथिला और महाराष्ट्र में) रात में लक्ष्मी पूजा व जागरण होता है:

  1. शाम को घर साफ़ करके मुख्य द्वार और पूजा-स्थान पर दीपक जलाएँ।
  2. चौकी पर माँ लक्ष्मी का चित्र/प्रतिमा रखकर रोली, अक्षत, फूल और नैवेद्य (खीर, बताशे, नारियल) अर्पित करें।
  3. निशीथ काल (लगभग 11:45 PM–12:36 AM) में लक्ष्मी मंत्र या आरती करें।
  4. चंद्रमा को जल/दूध से अर्घ्य दें और खीर चाँदनी में रखें।
  5. संभव हो तो रात में भजन-कीर्तन के साथ जागरण करें।

शरद पूर्णिमा क्या है? परंपरा को सही संदर्भ में समझें

पूर्णिमा से जुड़े व्रत और पूजा-पद्धतियाँ क्षेत्र, परिवार और उपास्य देवता के अनुसार बदलती हैं। चंद्र-दर्शन, स्नान, दान या सत्यनारायण पूजा कुछ घरों में प्रचलित हैं, लेकिन सभी स्थानों पर एक जैसी विधि नहीं है।

शरद पूर्णिमा आश्विन पूर्णिमा से जुड़ा पर्व है; कोजागरी और चंद्र-दर्शन से जुड़ी परंपराएँ क्षेत्रानुसार भिन्न मिलती हैं। इस पेज का उद्देश्य किसी स्थानीय रीति को पूरे भारत के लिए अनिवार्य बताना नहीं है। शास्त्रीय उल्लेख, मंदिर-परंपरा, पारिवारिक विधि और लोक-परंपरा को एक-दूसरे के स्थान पर नहीं रखा गया है।

पंचांग से क्या तय होता है?

तिथि, वार और जहाँ आवश्यक हो वहाँ पूजा-काल। ये गणनाएँ स्थान-आधारित हो सकती हैं, इसलिए सटीक समय के लिए सही शहर चुनना महत्वपूर्ण है।

परिवार की परंपरा क्या तय करती है?

मंत्र, कथा, नैवेद्य, व्रत की कठोरता, दान और विस्तृत पूजा क्रम परिवार, क्षेत्र या संप्रदाय के अनुसार अलग हो सकता है।

शरद पूर्णिमा पूजा विधि / पालन — सरल और प्रचलित क्रम

परंपरा संबंधी नोट: नीचे दिया गया क्रम सामान्य गृह-पालन के लिए सरल रूपरेखा है। इसे किसी एक शास्त्रीय संप्रदाय की सार्वभौमिक अनिवार्य विधि न मानें।
  1. स्नान के बाद पूजा-स्थान तैयार करें।
  2. अपने इष्टदेव या परिवार में प्रचलित पूर्णिमा पूजा करें।
  3. दीप, पुष्प और सात्त्विक नैवेद्य अर्पित किया जा सकता है।
  4. चंद्र-दर्शन की परंपरा हो तो स्थानीय चंद्रोदय समय देखें।
  5. दान या व्रत-पारण परिवार की परंपरा और स्वास्थ्य के अनुसार करें।

विस्तृत पूजा-विधियों के लिए पूजा विधि संग्रह देखें। यदि आपके परिवार में पुरोहित, गुरु या परंपरागत विधि है तो उसी को प्राथमिकता देना उचित है।

शरद पूर्णिमा पूजा सामग्री — सामान्य सूची

इस पर्व के लिए पूरे भारत में एक जैसी अनिवार्य सामग्री-सूची मानना उचित नहीं है। नीचे सामान्य और उपयोगी सामग्री दी गई है; परिवार की परंपरा के अनुसार इसमें बदलाव हो सकता है।

सामान्य सामग्री

  • दीपक
  • पुष्प
  • जल
  • फल या सात्त्विक नैवेद्य
  • परिवार में प्रचलित पूजा सामग्री

क्या अनिवार्य नहीं मानना चाहिए?

  • किसी निश्चित संख्या में वस्तु रखना, जब तक आपकी परंपरा में स्पष्ट नियम न हो
  • महँगी सामग्री खरीदना
  • किसी वस्तु को निश्चित धन-लाभ या इच्छा-पूर्ति से जोड़ना
  • दूसरे क्षेत्र की सामग्री-सूची को अपने परिवार पर अनिवार्य रूप से लागू करना

शरद पूर्णिमा की परंपराएँ — क्षेत्र और परिवार के अनुसार अंतर

भारत में एक ही पर्व का पालन अलग-अलग भाषाई, क्षेत्रीय और संप्रदायिक परंपराओं में अलग रूप से हो सकता है। शरद पूर्णिमा के मामले में भी भोजन, व्रत, पूजा-सामग्री, कथा और मंदिर-आयोजन में अंतर मिल सकता है।

“यही एक सही विधि है” जैसी भाषा से बचना बेहतर है। यदि किसी किसी विशेष क्षेत्र की परंपरा बताई जाए तो उस region का नाम स्पष्ट करना चाहिए।

स्वास्थ्य संबंधी सावधानी: लंबा, निर्जला या कठोर उपवास हर व्यक्ति के लिए उपयुक्त नहीं हो सकता। दवा लेने वाले, गर्भवती महिलाएँ, बच्चे, वृद्ध या किसी स्वास्थ्य स्थिति वाले व्यक्ति चिकित्सकीय सलाह और अपनी क्षमता को प्राथमिकता दें।

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Sharad Purnima 2026 — Date & Panchang Summary

Sharad Purnima 2026 falls on October 25, 2026 for the Jaipur/Rajasthan reference used on this page. The traditional calendar basis is आश्विन पूर्णिमा. Rituals, fasting practices and exact timings may vary by location and family tradition.

Location-specific timings should be checked for the city where the पालन is taking place. This page avoids using an unverified muhurta from another city.

शरद पूर्णिमा 2026 — सामान्य प्रश्न

शरद पूर्णिमा 2026 कब है?

शरद पूर्णिमा 2026 25 अक्टूबर 2026, रविवार को है। इस page में Jaipur/Rajasthan reference को प्राथमिक रखा गया है।

शरद पूर्णिमा किस तिथि से जुड़ा है?

यह आश्विन पूर्णिमा से जुड़ा पालन है। स्थान और परंपरा के अनुसार पूजा समय या पालन में अंतर हो सकता है।

क्या शरद पूर्णिमा की पूजा-विधि पूरे भारत में एक जैसी है?

नहीं। परिवार, क्षेत्र, मंदिर और संप्रदाय के अनुसार पूजा-विधि, नैवेद्य और व्रत की पद्धति बदल सकती है।

क्या Jaipur का मुहूर्त दूसरे शहर में उपयोग किया जा सकता है?

स्थान-आधारित पंचांग समय सीधे दूसरे शहर पर लागू नहीं करना चाहिए। सूर्योदय, चंद्रोदय और अन्य गणनाएँ शहर के अनुसार बदल सकती हैं।

शरद पूर्णिमा से जुड़े अन्य पेज कहाँ देखें?

इस page के संबंधित उपयोगी पेज section में मासिक कैलेंडर, पूजा-विधि और संबंधित festival pages के links दिए गए हैं।

पंचांग स्रोत और सत्यापन

  1. Drik Panchang — Jaipur Hindu Calendar 2026 — Jaipur/Rajasthan date cross-check के लिए।
  2. Prokerala — संबंधित मासिक Hindu Calendar — festival-date cross-check के लिए। Exact timings default location के हो सकते हैं, इसलिए Jaipur मुहूर्त के रूप में सीधे उपयोग नहीं किए गए।

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