सीधा जवाब
सर्व पितृ अमावस्या 2026 कब है?
📅 शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 ⏳
- 🕉️ आश्विन कृष्ण अमावस्या — प्रारंभ: 9 अक्टूबर, 9:36 PM · समाप्त: 10 अक्टूबर, 9:20 PM
- 🌅 सूर्योदय 6:23 AM · सूर्यास्त 6:03 PM
📌 9 अक्टूबर या 10 अक्टूबर? अमावस्या तिथि 9 अक्टूबर, 9:36 PM से 10 अक्टूबर, 9:20 PM तक रहेगी, इसलिए दोनों तारीखों को लेकर भ्रम रहता है। पंचांग के अनुसार सर्व पितृ अमावस्या शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को मनाया जाएगा।
समय जयपुर (IST) के अनुसार; तिथि का समय खगोलीय गणना से। आपके शहर में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है।
सर्व पितृ अमावस्या 2026 कब है? Sarva Pitru Amavasya (Mahalaya) 2026 Date, मुहूर्त व पूजा विधि
सर्व पितृ अमावस्या 2026 (Sarva Pitru Amavasya 2026) 10 अक्टूबर 2026, शनिवार को है। सर्व पितृ अमावस्या पितृ पक्ष के समापन से जुड़ी तिथि है। श्राद्ध, तर्पण और पारिवारिक स्मरण की विधियाँ कुल-परंपरा के अनुसार अलग हो सकती हैं।
अन्य नाम: सर्व पितृ अमावस्या को महालया अमावस्या, पितृ विसर्जनी अमावस्या और पश्चिमी उत्तर प्रदेश–हरियाणा में कनागत की अमावस भी कहते हैं (पितृ पक्ष को वहाँ “कनागत” कहा जाता है)।
इस पेज पर क्या मिलेगा
- सर्व पितृ अमावस्या 2026 की तारीख
- सर्व पितृ अमावस्या क्या है?
- पूजा / पालन का सरल क्रम
- पूजा सामग्री की सामान्य सूची
- परंपरा और क्षेत्रीय अंतर
- संबंधित प्रमुख तिथियाँ
- संबंधित उपयोगी पेज
- English Summary
- सामान्य प्रश्न
- पंचांग स्रोत
सर्व पितृ अमावस्या 2026 कब है? तारीख और पंचांग आधार
सर्व पितृ अमावस्या 2026 10 अक्टूबर 2026, शनिवार को है। इसका पंचांग आधार आश्विन अमावस्या है।
हिंदू पर्वों की तारीख और पूजा-काल में स्थानीय सूर्योदय, चंद्रोदय, तिथि-प्रवेश, प्रदोष या पर्व-विशेष नियमों के कारण शहर के अनुसार अंतर हो सकता है। इसलिए Jaipur/Rajasthan reference स्पष्ट रूप से अलग रखा गया है।
| विवरण | जानकारी | ध्यान रखें |
|---|---|---|
| सर्व पितृ अमावस्या 2026 | 10 अक्टूबर 2026, शनिवार | Jaipur/Rajasthan reference |
| पंचांग आधार | आश्विन अमावस्या | क्षेत्रानुसार पालन बदल सकता है |
| पूजा समय | अपने शहर के Panchang से देखें | जयपुर के अनुसार |
पितृ पक्ष 2026 — श्राद्ध तिथियाँ (जयपुर)
पितृ पक्ष 2026 26 सितंबर (पूर्णिमा श्राद्ध) से शुरू होकर 10 अक्टूबर (सर्वपितृ अमावस्या) को समाप्त होगा। जिस तिथि को पूर्वज का देहांत हुआ हो, उसी तिथि के श्राद्ध-दिन पर श्राद्ध करने की परंपरा है; तिथि ज्ञात न हो तो सर्वपितृ अमावस्या पर श्राद्ध किया जाता है। जयपुर पंचांग के अनुसार पूरी सूची:
| तारीख | दिन | श्राद्ध | विशेष |
|---|---|---|---|
| 26 सितंबर | शनिवार | पूर्णिमा श्राद्ध | पितृ पक्ष आरंभ |
| 27 सितंबर | रविवार | प्रतिपदा श्राद्ध | |
| 28 सितंबर | सोमवार | द्वितीया श्राद्ध | |
| 29 सितंबर | मंगलवार | तृतीया श्राद्ध | महा भरणी |
| 30 सितंबर | बुधवार | चतुर्थी व पंचमी श्राद्ध | एक ही दिन दो तिथियाँ |
| 1 अक्टूबर | गुरुवार | षष्ठी श्राद्ध | |
| 2 अक्टूबर | शुक्रवार | सप्तमी श्राद्ध | |
| 3 अक्टूबर | शनिवार | अष्टमी श्राद्ध | |
| 4 अक्टूबर | रविवार | नवमी श्राद्ध | |
| 5 अक्टूबर | सोमवार | दशमी श्राद्ध | |
| 6 अक्टूबर | मंगलवार | एकादशी श्राद्ध | इसी दिन इंदिरा एकादशी |
| 7 अक्टूबर | बुधवार | द्वादशी श्राद्ध | मघा श्राद्ध |
| 8 अक्टूबर | गुरुवार | त्रयोदशी श्राद्ध | |
| 9 अक्टूबर | शुक्रवार | चतुर्दशी श्राद्ध | |
| 10 अक्टूबर | शनिवार | सर्वपितृ अमावस्या | पितृ पक्ष समापन |
2026 में चतुर्थी और पंचमी का श्राद्ध एक ही दिन (30 सितंबर) पड़ रहा है। दूसरे शहर में तिथि-समय कुछ मिनट अलग हो सकता है, इसलिए श्राद्ध का दिन तय करने से पहले अपने शहर का पंचांग या परिवार के पुरोहित से पुष्टि कर लें। विस्तार से: पितृ पक्ष गाइड।
सर्व पितृ अमावस्या क्या है? परंपरा को सही संदर्भ में समझें
इस तिथि से जुड़ी पितृ-स्मरण, मौन, स्नान या तर्पण की परंपराएँ परिवार और क्षेत्र के अनुसार भिन्न होती हैं। श्राद्ध-विधि जैसे कर्मों में कुल-परंपरा और योग्य आचार्य/पंडित का मार्गदर्शन लिया जा सकता है।
सर्व पितृ अमावस्या पितृ पक्ष के समापन से जुड़ी तिथि है। श्राद्ध, तर्पण और पारिवारिक स्मरण की विधियाँ कुल-परंपरा के अनुसार अलग हो सकती हैं। इस पेज का उद्देश्य किसी स्थानीय रीति को पूरे भारत के लिए अनिवार्य बताना नहीं है। शास्त्रीय उल्लेख, मंदिर-परंपरा, पारिवारिक विधि और लोक-परंपरा को एक-दूसरे के स्थान पर नहीं रखा गया है।
पंचांग से क्या तय होता है?
तिथि, वार और जहाँ आवश्यक हो वहाँ पूजा-काल। ये गणनाएँ स्थान-आधारित हो सकती हैं, इसलिए सटीक समय के लिए सही शहर चुनना महत्वपूर्ण है।
परिवार की परंपरा क्या तय करती है?
मंत्र, कथा, नैवेद्य, व्रत की कठोरता, दान और विस्तृत पूजा क्रम परिवार, क्षेत्र या संप्रदाय के अनुसार अलग हो सकता है।
सर्व पितृ अमावस्या पूजा विधि / पालन — सरल और प्रचलित क्रम
- दिन की सही तिथि और स्थानीय सूर्योदय की पुष्टि करें।
- परिवार में प्रचलित पितृ-स्मरण या मौन-साधना का क्रम अपनाएँ।
- तर्पण/श्राद्ध करना हो तो कुल-परंपरा के अनुसार विधि रखें।
- दान की परंपरा हो तो अपनी क्षमता के अनुसार उपयोगी वस्तु चुनें।
- किसी कर्म के निश्चित सांसारिक परिणाम का दावा न मानें।
विस्तृत पूजा-विधियों के लिए पूजा विधि संग्रह देखें। यदि आपके परिवार में पुरोहित, गुरु या परंपरागत विधि है तो उसी को प्राथमिकता देना उचित है।
सर्व पितृ अमावस्या पूजा सामग्री — सामान्य सूची
इस पर्व के लिए पूरे भारत में एक जैसी अनिवार्य सामग्री-सूची मानना उचित नहीं है। नीचे सामान्य और उपयोगी सामग्री दी गई है; परिवार की परंपरा के अनुसार इसमें बदलाव हो सकता है।
सामान्य सामग्री
- स्वच्छ जल
- कुश/तिल केवल जहाँ पारिवारिक विधि में प्रचलित हों
- दीपक
- दान हेतु उपयोगी सामग्री
- स्थानीय विधि के अनुसार अन्य सामग्री
क्या अनिवार्य नहीं मानना चाहिए?
- किसी निश्चित संख्या में वस्तु रखना, जब तक आपकी परंपरा में स्पष्ट नियम न हो
- महँगी सामग्री खरीदना
- किसी वस्तु को निश्चित धन-लाभ या इच्छा-पूर्ति से जोड़ना
- दूसरे क्षेत्र की सामग्री-सूची को अपने परिवार पर अनिवार्य रूप से लागू करना
सर्व पितृ अमावस्या की परंपराएँ — क्षेत्र और परिवार के अनुसार अंतर
भारत में एक ही पर्व का पालन अलग-अलग भाषाई, क्षेत्रीय और संप्रदायिक परंपराओं में अलग रूप से हो सकता है। सर्व पितृ अमावस्या के मामले में भी भोजन, व्रत, पूजा-सामग्री, कथा और मंदिर-आयोजन में अंतर मिल सकता है।
“यही एक सही विधि है” जैसी भाषा से बचना बेहतर है। यदि किसी विशेष क्षेत्र की परंपरा बताई जाए तो उस region का नाम स्पष्ट करना चाहिए।
सर्व पितृ अमावस्या से संबंधित प्रमुख तिथियाँ और पेज
| संबंधित विषय | आगे पढ़ें |
|---|---|
| दशहरा / विजयादशमी | दशहरा 2026 कब है |
| शरद पूर्णिमा | विस्तृत जानकारी |
| नवरात्रि तारीखें | नवरात्रि 2026 कब है |
| करवा चौथ | करवा चौथ 2026 कब है |
पूरे महीने की सूची के लिए संबंधित मासिक हिंदू कैलेंडर देखें।
सर्वपितृ अमावस्या और खाटू श्याम जी यात्रा
बहुत-से परिवार पितृ पक्ष में नए शुभ कार्य टालते हैं और सर्वपितृ अमावस्या पर पितरों का श्राद्ध-तर्पण करके ही आगे की तीर्थयात्रा की योजना बनाते हैं। 2026 में सर्वपितृ अमावस्या (10 अक्टूबर) के अगले ही दिन, रविवार 11 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि शुरू हो रही है और दशहरा 20 अक्टूबर को है — इसलिए अक्टूबर का दूसरा पखवाड़ा खाटू श्याम जी के दर्शन के लिए लोकप्रिय रहता है।
पितृ पक्ष के बीच 6 अक्टूबर को इंदिरा एकादशी है, जिसे पितरों की शांति से जोड़ा जाता है। एकादशी पर खाटू में सामान्य दिनों से कहीं अधिक भीड़ रहती है — इस दिन यात्रा कर रहे हों तो ठहरने की व्यवस्था पहले करें। पूरी सूची: एकादशी कैलेंडर।
Sarva Pitru Amavasya 2026 — Date & Panchang Summary
Sarva Pitru Amavasya 2026 falls on October 10, 2026 for the Jaipur/Rajasthan reference used on this page. The traditional calendar basis is आश्विन अमावस्या. Rituals, fasting practices and exact timings may vary by location and family tradition.
Location-specific timings should be checked for the city where the पालन is taking place. This page avoids using an unverified muhurta from another city.
सर्व पितृ अमावस्या 2026 — सामान्य प्रश्न
सर्व पितृ अमावस्या 2026 कब है?
सर्व पितृ अमावस्या 2026 10 अक्टूबर 2026, शनिवार को है। इस page में Jaipur/Rajasthan reference को प्राथमिक रखा गया है।
सर्व पितृ अमावस्या किस तिथि से जुड़ा है?
यह आश्विन अमावस्या से जुड़ा पालन है। स्थान और परंपरा के अनुसार पूजा समय या पालन में अंतर हो सकता है।
क्या सर्व पितृ अमावस्या की पूजा-विधि पूरे भारत में एक जैसी है?
नहीं। परिवार, क्षेत्र, मंदिर और संप्रदाय के अनुसार पूजा-विधि, नैवेद्य और व्रत की पद्धति बदल सकती है।
क्या Jaipur का मुहूर्त दूसरे शहर में उपयोग किया जा सकता है?
स्थान-आधारित पंचांग समय सीधे दूसरे शहर पर लागू नहीं करना चाहिए। सूर्योदय, चंद्रोदय और अन्य गणनाएँ शहर के अनुसार बदल सकती हैं।
सर्व पितृ अमावस्या से जुड़े अन्य पेज कहाँ देखें?
इस page के संबंधित उपयोगी पेज section में मासिक कैलेंडर, पूजा-विधि और संबंधित festival pages के links दिए गए हैं।
पितृ पक्ष 2026 कब से कब तक है?
जयपुर पंचांग के अनुसार पितृ पक्ष 2026, 26 सितंबर (पूर्णिमा श्राद्ध) से 10 अक्टूबर (सर्वपितृ अमावस्या) तक है।
सर्वपितृ अमावस्या के बाद नवरात्रि कब शुरू है?
2026 में शारदीय नवरात्रि रविवार, 11 अक्टूबर से शुरू है — सर्वपितृ अमावस्या के अगले दिन। दशहरा 20 अक्टूबर को है।
पंचांग स्रोत और सत्यापन
- Drik Panchang — Jaipur Hindu Calendar 2026 — Jaipur/Rajasthan date cross-check के लिए।
- Prokerala — संबंधित मासिक Hindu Calendar — festival-date cross-check के लिए। Exact timings default location के हो सकते हैं, इसलिए Jaipur मुहूर्त के रूप में सीधे उपयोग नहीं किए गए।
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