नवरात्रि 2026 कब है? Navratri (Navaratri) 2026 Date, मुहूर्त व पूजा विधि

✍️ लेखक: Team Khatuwalebaba.in📅 प्रकाशित: 13 अगस्त 2026🔄 अपडेट: 22 अक्टूबर 2026पंचांग स्रोतों से सत्यापित

अगली नवरात्रि कब है?

शारदीय नवरात्रि 2026 (11–20 अक्टूबर) समाप्त हो चुकी है। अगली नवरात्रि: माघ गुप्त नवरात्रि — 7 फरवरी 2027 और चैत्र नवरात्रि 2027 — 7 अप्रैल से (राम नवमी 15 अप्रैल 2027)। सभी त्योहारों की तारीख: व्रत-त्योहार कब है।

सीधा जवाब

नवरात्रि 2026 कब है?

📅 रविवार, 11 अक्टूबर 2026   ⏳

  • 🕉️ आश्विन शुक्ल प्रतिपदा — प्रारंभ: 10 अक्टूबर, 9:20 PM · समाप्त: 11 अक्टूबर, 9:32 PM
  • 🌅 सूर्योदय 6:24 AM · सूर्यास्त 6:02 PM

📌 10 अक्टूबर या 11 अक्टूबर? प्रतिपदा तिथि 10 अक्टूबर, 9:20 PM से 11 अक्टूबर, 9:32 PM तक रहेगी, इसलिए दोनों तारीखों को लेकर भ्रम रहता है। पंचांग के अनुसार नवरात्रि रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को मनाया जाएगा।

समय जयपुर (IST) के अनुसार; तिथि का समय खगोलीय गणना से। आपके शहर में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है।

आज — शारदीय नवरात्रि 2026, दिन 4 (Navratri Day 4)

📅 बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 — माँ कूष्मांडा

घटस्थापना 11 अक्टूबर को हो चुकी है; पूरे 9 दिन की तालिका: नवरात्रि 2026 कब है →

स्रोत: Drik Panchang (शारदीय नवरात्रि 2026)।

शारदीय नवरात्रि 2026 — 9 दिन, 9 देवियाँ और 9 रंग (Navratri 9 Colours 2026)

दिन / तारीख देवी रंग
1 · 11 अक्टूबर (रवि) घटस्थापना, शैलपुत्री नारंगी
2 · 12 अक्टूबर (सोम) ब्रह्मचारिणी सफ़ेद
3 · 13 अक्टूबर (मंगल) चंद्रघंटा लाल
4 · 14 अक्टूबर (बुध) कूष्मांडा रॉयल ब्लू
5 · 15 अक्टूबर (गुरु) स्कंदमाता पीला
6 · 16 अक्टूबर (शुक्र) कात्यायनी हरा
7 · 17 अक्टूबर (शनि) कालरात्रि स्लेटी (ग्रे)
8 · 18 अक्टूबर (रवि) सप्तमी तिथि जारी बैंगनी
9 · 19 अक्टूबर (सोम) दुर्गा अष्टमी — महागौरी · महानवमी — सिद्धिदात्री (संधि पूजा 10:27–11:15 AM, दिल्ली) मोरपंखी हरा
10 · 20 अक्टूबर (मंगल) नवरात्रि पारण, दुर्गा विसर्जन, विजयादशमी (दशहरा) —

स्रोत: Drik Panchang, नई दिल्ली — शारदीय नवरात्रि 2026 कैलेंडर। इस वर्ष अष्टमी और नवमी एक ही दिन (19 अक्टूबर) हैं।

📘 नवरात्रि पूजा विधि 2026 — ई-बुक (PDF)
घटस्थापना से विसर्जन तक 9 दिनों की क्रमवार विधि व मंत्र — मोबाइल पर खोलकर पूजा करें।

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📿 घर पर पूजा कैसे करें: नवरात्रि पूजा विधि (9 दिन) → · घटस्थापना विधि → · दुर्गा पूजा विधि →

🌺 स्थान संदर्भ: जयपुर, राजस्थान (IST) | अंतिम समीक्षा: 14 अगस्त 2026 | घटस्थापना का सटीक समय शहर के अनुसार बदल सकता है।

यदि आप नवरात्रि 2026 की सही नवरात्रि तारीख, Navratri Dates या Navratri ka calendar खोज रहे हैं, तो इस पृष्ठ पर चैत्र नवरात्रि 2026, शारदीय नवरात्रि 2026 और जयपुर के घटस्थापना मुहूर्त 2026 की जानकारी एक जगह दी गई है। साथ में दुर्गा अष्टमी, महानवमी, नवरात्रि पारण और विजयादशमी की तारीखें भी अलग-अलग दी गई हैं, ताकि “नवरात्रि कब समाप्त होती है?” जैसे प्रश्न में भ्रम न रहे।

📅 अगले वर्ष

शारदीय नवरात्रि (घटस्थापना) 2027 कब है? — गुरुवार, 30 सितंबर 2027

आश्विन शुक्ल प्रतिपदा; दशहरा 9 अक्टूबर 2027

स्रोत: Drik Panchang — 2027 Hindu Festivals Calendar, जयपुर। 2027 के सभी व्रत-त्योहार →

🛕 नवरात्रि में खाटू और जीण माता की यात्रा?

नवरात्रि में खाटू से लगभग 46 km दूर जीण माता में नवरात्रि मेला लगता है — कई भक्त एक ही यात्रा में खाटू श्याम जी और जीण माता दोनों के दर्शन करते हैं। मेले के दिनों में ठहरने की बुकिंग पहले कर लें।

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शारदीय नवरात्रि 2026 — तारीख और मुख्य जानकारी

शारदीय नवरात्रि 2026 रविवार, 11 अक्टूबर से आरंभ होगी। जयपुर पंचांग के अनुसार नवरात्रि 11 अक्टूबर को घटस्थापना के साथ शुरू होगी। दुर्गा अष्टमी और महानवमी दोनों 19 अक्टूबर को हैं, तथा विजयादशमी/दशहरा 20 अक्टूबर 2026 को है।

🕉️ जयपुर घटस्थापना मुहूर्त — 11 अक्टूबर 2026
मुख्य अवधि: सुबह 6:24 से 10:17 बजे तक
अभिजित अवधि: सुबह 11:50 से दोपहर 12:37 बजे तक
दूसरे शहर के लिए अपने स्थान का पंचांग अवश्य देखें — यह समय केवल जयपुर के लिए है।

नवरात्रि तारीख 2026 — मुख्य तिथियाँ एक नज़र में

तारीख अवसर
19 मार्च 2026 चैत्र नवरात्रि आरंभ
26 मार्च 2026 राम नवमी
11 अक्टूबर 2026 शारदीय नवरात्रि आरंभ और घटस्थापना
20 अक्टूबर 2026 विजयादशमी / दशहरा

यह Navratri Dates 2026 सारांश नवरात्रि 2026 की प्रमुख तिथियों को जल्दी देखने के लिए है; 2027 और 2028 की विस्तृत नवरात्रि तारीख नीचे दी गई है।

“नवरात्रि की अंतिम तारीख” का अर्थ क्या है?

अलग-अलग वेबसाइटों पर “नवरात्रि की अंतिम तारीख” का अर्थ अलग हो सकता है — इससे नौवाँ पूजा-दिन, नवमी तिथि, नवरात्रि पारण, विजयादशमी, या दुर्गा विसर्जन में से किसी का भी आशय लिया जा सकता है। इसी कारण नीचे इन सभी चरणों की तारीख अलग-अलग स्पष्ट की गई है, बजाय एक ही “समाप्ति तारीख” में सबको मिलाने के।

Navratri ka calendar — नवरात्रि तारीख 2026, 2027 और 2028

घटस्थापना का घड़ी के अनुसार समय शहर-विशिष्ट होता है, इसलिए जहां जयपुर के लिए सटीक समय उपलब्ध है, वहां घंटे-मिनट तक दिया गया है।

चैत्र नवरात्रि 2026 — तारीख, राम नवमी और पारण

  • आरंभ: 19 मार्च 2026, गुरुवार
  • राम नवमी: 26 मार्च 2026
  • नवरात्रि पारण: 27 मार्च 2026

चैत्र नवरात्रि 2026 की नवरात्रि तारीख 19 मार्च थी। राम नवमी 26 मार्च और नवरात्रि पारण 27 मार्च को रहा।

शारदीय नवरात्रि 2026 — तारीख, अष्टमी, नवमी और दशहरा

  • आरंभ और घटस्थापना: 11 अक्टूबर 2026, रविवार
  • जयपुर घटस्थापना: सुबह 6:24–10:17 (अभिजित: 11:50–12:37)
  • दुर्गा अष्टमी और महानवमी: 19 अक्टूबर
  • विजयादशमी / दशहरा / पारण: 20 अक्टूबर

शारदीय नवरात्रि 2026 की शुरुआत 11 अक्टूबर को है। जयपुर के लिए घटस्थापना मुहूर्त 2026 सुबह 6:24–10:17 और अभिजित अवधि 11:50–12:37 है।

2027 — चैत्र नवरात्रि

  • आरंभ: 7 अप्रैल 2027, बुधवार
  • जयपुर घटस्थापना: सुबह 6:12–7:26
  • दुर्गा अष्टमी: 14 अप्रैल
  • राम नवमी: 15 अप्रैल, गुरुवार (जयपुर मध्याह्न मुहूर्त 11:10 AM–1:44 PM)
  • नवरात्रि पारण: 15 अप्रैल

2027 — शारदीय नवरात्रि

  • आरंभ: 30 सितंबर 2027, गुरुवार
  • दुर्गा अष्टमी: 7 अक्टूबर
  • महानवमी: 8 अक्टूबर
  • विजयादशमी / पारण: 9 अक्टूबर
  • दुर्गा विसर्जन: 10 अक्टूबर

2028 — चैत्र नवरात्रि

  • आरंभ: 27 मार्च 2028, सोमवार
  • नवरात्रि पारण: 4 अप्रैल

2028 — शारदीय नवरात्रि

  • आरंभ: 19 सितंबर 2028, मंगलवार
  • दुर्गा अष्टमी / महानवमी: 26 सितंबर
  • नवमी, पारण और विजयादशमी: 27 सितंबर
  • दुर्गा विसर्जन: 28 सितंबर

महत्वपूर्ण: तिथि का आरंभ और समाप्ति स्थानीय सूर्योदय पर निर्भर करती है, इसलिए अलग-अलग शहरों में पूजा-मुहूर्त का घड़ी वाला समय बदल सकता है। जयपुर और राजस्थान के लिए मासिक विवरण हेतु अक्टूबर 2026 व्रत और त्योहार देखें।

19 अक्टूबर को अष्टमी और नवमी दोनों क्यों हैं?

हिंदू तिथियां ग्रेगोरियन कैलेंडर की तरह रात 12 बजे शुरू और समाप्त नहीं होतीं — किसी तिथि का परिवर्तन सुबह, दोपहर, शाम या रात में हो सकता है। जयपुर पंचांग में 19 अक्टूबर की एक अवधि तक अष्टमी और उसके बाद नवमी आती है, इसी कारण एक ही ग्रेगोरियन तारीख पर दुर्गा अष्टमी और महानवमी दोनों का उल्लेख मिल सकता है।

घटस्थापना मुहूर्त 2026 देखते समय तीन बातें ध्यान रखें

1. स्थान पहले चुनें: जयपुर का समय दिल्ली, मुंबई, लंदन या किसी अन्य शहर पर सीधे लागू नहीं करना चाहिए।
2. प्रतिपदा तिथि देखें: घटस्थापना की समय-गणना प्रतिपदा तिथि, स्थानीय सूर्योदय और दिन की अवधि के संदर्भ में पढ़ी जाती है।
3. पूजा विधि अलग देखें: घटस्थापना की क्रमवार पूजा विधि और सामग्री के लिए यह पृष्ठ देखें →

चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग के बारे में

कई सामान्य लेख चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग को सीधे “पूरी तरह वर्जित” लिख देते हैं। घटस्थापना से संबंधित पंचांग-नियमों में इनसे यथासंभव बचने की सलाह दी जाती है, लेकिन इन्हें अपने-आप में पूर्ण निषेध के रूप में प्रस्तुत करना सही नहीं होगा। उपयुक्त समय तय करते समय प्रतिपदा तिथि, स्थानीय सूर्योदय और हिंदू मध्याह्न से पहले की उपलब्ध अवधि को भी साथ देखना आवश्यक है।

व्यावहारिक नियम: किसी दूसरे शहर से कॉपी किया हुआ मुहूर्त उपयोग न करें — अपने शहर का पंचांग खोलकर उसी तारीख का घटस्थापना समय देखें।

नवरात्रि वर्ष में कितनी बार आती है?

सामान्य बोलचाल में “नवरात्रि” से प्रायः चैत्र नवरात्रि या शारदीय नवरात्रि का आशय लिया जाता है, लेकिन कई हिंदू पंचांग वर्ष में चार नवरात्रियां सूचीबद्ध करते हैं:

  • माघ गुप्त नवरात्रि — माघ शुक्ल पक्ष
  • चैत्र नवरात्रि — चैत्र शुक्ल पक्ष, वसंत ऋतु
  • आषाढ़ गुप्त नवरात्रि — आषाढ़ शुक्ल पक्ष
  • शारदीय नवरात्रि — आश्विन शुक्ल पक्ष, शरद ऋतु

चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि में क्या अंतर है?

चैत्र नवरात्रि

  • चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से आरंभ
  • सामान्यतः मार्च या अप्रैल में
  • वसंत नवरात्रि, राम नवरात्रि नाम भी प्रचलित
  • राम नवमी इसी अवधि में आती है
  • महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा, दक्षिण भारत में उगादी के समय

शारदीय नवरात्रि

  • आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से आरंभ
  • सामान्यतः सितंबर या अक्टूबर में
  • इसके बाद विजयादशमी/दशहरा आता है
  • दुर्गा पूजा, गरबा जैसी परंपराएं क्षेत्र अनुसार अलग

दोनों को “हर जगह बिल्कुल समान पूजा” कहना उचित नहीं है — कई मूल पूजा-परंपराएं और घटस्थापना का आधार दोनों में मिलता-जुलता हो सकता है, लेकिन क्षेत्रीय, पारिवारिक और संप्रदायगत पालन में अंतर हो सकता है।

अलग वेबसाइटों पर नवरात्रि की तारीख अलग क्यों दिख सकती है?

1. हिंदू तिथि और ग्रेगोरियन तारीख एक जैसी नहीं हैं: प्रतिपदा, अष्टमी, नवमी और दशमी रात 12 बजे से शुरू होना आवश्यक नहीं है — एक तिथि दिन के किसी भी समय बदल सकती है।
2. सूर्योदय और स्थान महत्वपूर्ण हैं: पंचांग स्थानीय सूर्योदय और भौगोलिक स्थान के आधार पर तैयार किया जाता है, इसी कारण जयपुर, दिल्ली, मुंबई और विदेशों के शहरों में घटस्थापना का सटीक समय अलग हो सकता है।
3. “नवरात्रि समाप्त” का अर्थ अलग हो सकता है: कुछ स्रोत नौवां दिन बताते हैं, कुछ नवमी तिथि का अंत, कुछ पारण, कुछ विजयादशमी — और दुर्गा पूजा परंपरा में विसर्जन की तारीख अलग दिखाई जा सकती है। इसलिए इन सभी को एक ही “समाप्ति तारीख” में मिलाना उचित नहीं है।
4. क्षेत्रीय परंपराएं अलग हो सकती हैं: शारदीय नवरात्रि, दुर्गा पूजा, आयुध पूजा, सरस्वती पूजा और दुर्गा विसर्जन के पालन का स्वरूप अलग-अलग क्षेत्रों में बदल सकता है — क्षेत्रीय प्रथा को सार्वभौमिक शास्त्रीय नियम के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए।

नवदुर्गा के नाम — नौ दिनों का सरल संदर्भ

तिथि-क्षय या तिथि-वृद्धि के कारण किसी ग्रेगोरियन तारीख पर “दिन संख्या” और चंद्र तिथि का सीधा 1:1 मिलान हर वर्ष आवश्यक नहीं है, इसलिए उस वर्ष के पंचांग को प्राथमिकता दें। पूर्ण विधि सहित नौ दिनों की सूची:

शारदीय नवरात्रि 2026 और खाटू श्याम जी यात्रा

2026 में शारदीय नवरात्रि सर्वपितृ अमावस्या (10 अक्टूबर) के अगले दिन शुरू हो रही है। पितृ पक्ष समाप्त होने के बाद बहुत-से परिवार नवरात्रि और दशहरे के दिनों में खाटू श्याम जी के दर्शन की योजना बनाते हैं, इसलिए अक्टूबर का दूसरा पखवाड़ा खाटू में व्यस्त रहता है।

खाटू के पास के शक्ति-स्थल: नवरात्रि में खाटू आने वाले कई श्रद्धालु आसपास के देवी मंदिरों के दर्शन भी जोड़ते हैं — जीण माता (खाटू से लगभग 46 km), जहाँ चैत्र और आश्विन नवरात्रि में बड़ा मेला लगता है, और शाकंभरी माता, सकराय धाम (खाटू से लगभग 54 km)। नवरात्रि मेले के दिनों में इन मार्गों पर भीड़ अधिक रहती है।

दशहरे के बाद एकादशी: पापांकुशा एकादशी गुरुवार, 22 अक्टूबर को है — एकादशी पर खाटू में सामान्य दिनों से कहीं अधिक भीड़ रहती है।

खाटू श्याम जी मंदिर का समय: मंदिर सुबह 4:30 बजे खुलता है और रात 10 बजे बंद होता है, पर दोपहर 2 से 4 बजे बंद रहता है। मंगला आरती 4:45 AM, श्रृंगार आरती 7:15 AM, भोग आरती 12:30 PM, संध्या आरती 7:15 PM और शयन आरती 9:45 PM (श्री श्याम मंदिर कमेटी का बोर्ड, सितंबर 2026)। त्योहार के दिनों में व्यवस्था बदल सकती है — दर्शन समय गाइड देखें। ठहरने के लिए: होटल, धर्मशाला।

नवरात्रि से जुड़ी जानकारी — सही पृष्ठ चुनें

नवरात्रि पूजा विधि
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Navratri Dates 2026-2028 — English Quick Summary

Readers searching “Navratri Dates 2026” can use the summary below for the Jaipur/Rajasthan reference; exact Ghatasthapana clock time should still be checked for the reader’s own city.

For the Jaipur/Rajasthan reference: Shardiya Navratri 2026 begins October 11, with Durga Ashtami and Maha Navami both falling on October 19 in the Jaipur calendar, and Vijayadashami/Dussehra plus Navratri Parana on October 20. Jaipur’s Ghatasthapana window on October 11 runs 6:24 AM-10:17 AM, with an Abhijit window from 11:50 AM-12:37 PM. Chaitra Navratri 2026 began March 19, with Rama Navami on March 26 and Parana on March 27. In 2027, Chaitra Navratri starts April 7 and Shardiya Navratri starts September 30. In 2028, Chaitra Navratri starts March 27 and Shardiya Navratri starts September 19. Always use a location-specific panchang for exact Ghatasthapana timings — Jaipur’s time does not directly apply to other cities.

🪔 त्योहारों का मौसम 2026 — क्रम से

  1. नवरात्रि 2026 कब है? (Navratri) — 11 अक्टूबर से (यह पेज)
  2. दशहरा 2026 कब है? (Dussehra / Dashara) — 20 अक्टूबर
  3. करवा चौथ 2026 कब है? (Karwa / Karva Chauth) — 29 अक्टूबर
  4. दीपावली 2026 कब है? (Diwali / Deepawali) — 8 नवंबर
  5. देवउठनी एकादशी 2026 कब है? (Dev Uthani Gyaras) — 20 नवंबर

सभी तारीखें जयपुर पंचांग के अनुसार · 2026–27 के सभी व्रत-त्योहार · अक्टूबर 2026 कैलेंडर · नवंबर 2026 कैलेंडर

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FAQ — नवरात्रि 2026, नवरात्रि तारीख और घटस्थापना मुहूर्त

Q: नवरात्रि 2026 कब है?

2026 में चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से आरंभ हुई थी। आगामी शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर 2026 से आरंभ होगी। जयपुर कैलेंडर के अनुसार दुर्गा अष्टमी और महानवमी 19 अक्टूबर तथा विजयादशमी/दशहरा 20 अक्टूबर को है।

Q: Navratri ka calendar 2026 में कौन-कौन सी मुख्य तारीखें हैं?

Navratri ka calendar 2026 में चैत्र नवरात्रि 2026 का आरंभ 19 मार्च और शारदीय नवरात्रि 2026 का आरंभ 11 अक्टूबर है। 19 अक्टूबर को दुर्गा अष्टमी/महानवमी और 20 अक्टूबर को विजयादशमी/दशहरा का Jaipur calendar reference है।

Q: शारदीय नवरात्रि 2026 कब शुरू और कब समाप्त होगी?

शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर 2026 को घटस्थापना से आरंभ होती है। नौवां दिन 19 अक्टूबर है, जबकि 20 अक्टूबर को नवरात्रि पारण और विजयादशमी है — इसलिए “नवरात्रि समाप्ति” और “पारण” को अलग समझना उपयोगी है।

Q: जयपुर में घटस्थापना मुहूर्त 2026 का समय क्या है?

11 अक्टूबर 2026 को जयपुर के लिए मुख्य घटस्थापना अवधि सुबह 6:24 से 10:17 और अभिजित अवधि 11:50 से 12:37 है। दूसरे शहर में स्थानीय पंचांग के अनुसार समय देखें।

Q: चैत्र नवरात्रि 2027 कब है?

चैत्र नवरात्रि 2027 का आरंभ 7 अप्रैल को है। जयपुर के लिए उपलब्ध गणना में घटस्थापना सुबह 6:12 से 7:26 तक दी गई है। दुर्गा अष्टमी 14 अप्रैल को, और राम नवमी व नवरात्रि पारण दोनों 15 अप्रैल (गुरुवार) को हैं।

Q: नवरात्रि 2028 कब है?

चैत्र नवरात्रि 2028, 27 मार्च से आरंभ होती है और पारण 4 अप्रैल को है। शारदीय नवरात्रि 19 सितंबर से आरंभ होती है — 27 सितंबर को नवमी, पारण और विजयादशमी है तथा 28 सितंबर को दुर्गा विसर्जन है।

Q: नवरात्रि 9 दिन की है या 10 दिन?

नवरात्रि का मुख्य उपासना-क्रम नौ दिनों से जुड़ा है। शारदीय नवरात्रि के बाद दशमी तिथि पर विजयादशमी आती है। तिथि की अवधि, तिथि-क्षय और तिथि-वृद्धि के कारण ग्रेगोरियन कैलेंडर पर हर वर्ष सरल 1 से 9 का क्रम दिखाई देना आवश्यक नहीं है।

Q: क्या चैत्र और शारदीय नवरात्रि की पूजा बिल्कुल समान होती है?

कई मूल पूजा-परंपराएं और घटस्थापना की विधि समान या मिलती-जुलती हो सकती हैं, लेकिन क्षेत्रीय, पारिवारिक और संप्रदायगत परंपराएं बदल सकती हैं — इसलिए हर स्थान पर पूजा-विधि बिल्कुल समान मानना उचित नहीं है।

Q: क्या चित्रा नक्षत्र या वैधृति योग में घटस्थापना पूरी तरह वर्जित है?

उपलब्ध पंचांग-नियमों में इनसे यथासंभव बचने की सलाह मिलती है, लेकिन इन्हें पूर्ण निषेध के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं है — प्रतिपदा तिथि, स्थानीय सूर्योदय और उपलब्ध समयावधि को साथ देखना चाहिए।

Q: मेरे शहर में घटस्थापना का समय अलग क्यों है?

पंचांग स्थानीय सूर्योदय और भौगोलिक स्थान पर आधारित होता है, इसी कारण जयपुर, दिल्ली, मुंबई और विदेशों के शहरों में सटीक घड़ी का समय अलग हो सकता है।

Q: नवरात्रि में खाटू श्याम जी के दर्शन के साथ कौन-से देवी मंदिर जा सकते हैं?

खाटू के पास जीण माता (लगभग 46 km) और शाकंभरी माता, सकराय धाम (लगभग 54 km) प्रमुख शक्ति-स्थल हैं। जीण माता में चैत्र और आश्विन नवरात्रि में बड़ा मेला लगता है।

स्रोत और समीक्षा पद्धति

इस पृष्ठ में पंचांग-आधारित कैलेंडर तथ्यों और पूजा/परंपरा से संबंधित जानकारी को एक ही प्रकार का प्रमाण नहीं माना गया है। तारीख और शहर-विशिष्ट मुहूर्त के लिए स्थान-आधारित पंचांग पृष्ठ प्राथमिक संदर्भ हैं।

नवरात्रि तारीख और घटस्थापना मुहूर्त 2026 जैसे समय-संवेदनशील विवरण त्योहार के नज़दीक जयपुर/राजस्थान के स्थान-विशिष्ट पंचांग से दोबारा जाँचे जाएंगे।

प्रमुख संदर्भ: Drik Panchang (2026 Shardiya Ghatasthapana Jaipur, Jaipur Hindu Calendar 2026, Chaitra/Shardiya Navratri Calendar 2027-2028) | KhatuWaleBaba.in — अक्टूबर 2026 व्रत और त्योहार

अद्यतन नीति: भविष्य के वर्षों के सटीक मुहूर्त को त्योहार के नज़दीक आने पर जयपुर/राजस्थान के लिए दोबारा जांचना चाहिए। यदि किसी शहर-विशिष्ट पंचांग में अलग समय हो, तो उसी शहर की गणना को प्राथमिकता दें।

॥ जय माता दी ॥

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