श्री खाटू श्याम जी की आरती
श्री खाटू श्याम जी की आरती — प्रतिदिन पाँच बार आरती होती है। इस आरती का पाठ करने से बाबा की कृपा प्राप्त होती है।
खाटू श्याम जी की आरती प्रतिदिन मंदिर में 5 बार होती है — मंगला से शयन तक। यह आरती बाबा श्याम की भक्ति का सबसे सुंदर और शक्तिशाली माध्यम है। घर पर खाटू श्याम जी की आरती करने से भी उतना ही फल मिलता है जितना मंदिर में दर्शन करने से। इस page पर आपको खाटू श्याम जी की आरती के सम्पूर्ण lyrics, अर्थ और गाने की सही विधि मिलेगी।
खाटू श्याम जी की आरती — आरती समय 2026
| आरती | समय | महत्व |
|---|---|---|
| मंगला आरती | 4:45 AM | बाबा का दिन शुरू — सबसे पवित्र |
| श्रृंगार आरती | 7:15 AM | नए वस्त्र और श्रृंगार के बाद |
| राजभोग आरती | 12:30 PM | दोपहर का भोग अर्पण |
| सन्ध्या आरती | 7:15 PM | शाम की पूजा — सबसे भव्य |
| शयन आरती | 9:45 PM | बाबा को शयन कराना |
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खाटू श्याम जी की आरती — सम्पूर्ण Lyrics
॥ ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे ॥
यह श्री खाटू श्याम जी की सबसे प्रचलित आरती की टेक (मुख्य पंक्ति) है, जो मंदिर और घरों में गाई जाती है। आरती का पूरा पाठ हम मंदिर से प्रकाशित/प्रचलित मुद्रित आरती-पुस्तिका से मिलान करके यहाँ जोड़ रहे हैं — ताकि एक भी शब्द गलत न छपे। तब तक अपनी आरती-पुस्तिका या मंदिर में बिकने वाली पुस्तक से पाठ करें।
नोट: इस पेज पर पहले दिए गए अंतरे प्रामाणिक आरती के नहीं थे, इसलिए हटा दिए गए हैं।
खाटू श्याम जी की आरती — अर्थ और महत्व
आरती क्यों करें?
आरती शब्द संस्कृत के “आ + रति” से बना है — जिसका अर्थ है पूर्ण प्रेम से भगवान की उपासना। जब भक्त दीपक जलाकर बाबा की आरती करते हैं तो यह केवल एक ritual नहीं है — यह एक direct connection है बाबा श्याम से।
आरती के प्रमुख भाव
- “हारे का सहारा” — जो हार मान चुके हैं, बाबा उनके लिए हैं
- “शीश दान” — बर्बरीक का सर्वोच्च बलिदान याद दिलाता है
- “कलियुग में श्याम” — आज के युग में बाबा की प्रासंगिकता
घर पर खाटू श्याम जी की आरती कैसे करें
- प्रातः स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनें
- बाबा श्याम की photo या murti के सामने घी का दीपक जलाएं
- अगरबत्ती और फूल अर्पित करें
- दीपक को clockwise 7 बार बाबा के सामने घुमाएं
- खाटू श्याम जी की आरती गाएं — मन में पूर्ण श्रद्धा रखें
- आरती के बाद चालीसा पाठ करें
- प्रसाद अर्पित करें और परिवार में बाँटें
खाटू श्याम जी की आरती के लाभ
मनोकामना पूर्ति
नित्य आरती से बाबा की कृपा
मन की शांति
आरती से negative energy दूर
घर में सुख
परिवार में खुशहाली आती है
Frequently Asked Questions — खाटू श्याम जी की आरती
❓ खाटू श्याम जी की आरती कितने बजे होती है?
खाटू मंदिर में प्रतिदिन 5 आरतियाँ होती हैं — मंगला (4:45 AM), श्रृंगार (7:15 AM), भोग (12:30 PM), सन्ध्या (7:15 PM) और शयन (9:45 PM)। मंदिर 4:30 AM खुलता है, दोपहर 2–4 बजे बंद रहता है और रात 10 बजे बंद होता है (श्री श्याम मंदिर कमेटी बोर्ड, सितंबर 2026)।
❓ खाटू श्याम जी की आरती घर पर कैसे करें?
बाबा की photo के सामने घी का दीपक जलाएं, clockwise 7 बार घुमाएं और खाटू श्याम जी की आरती गाएं। सुबह और शाम दोनों समय आरती करना उत्तम है।
❓ खाटू श्याम जी की सबसे महत्वपूर्ण आरती कौन सी है?
मंगला आरती (4:45 AM) और श्रृंगार आरती (7:15 AM) सबसे पवित्र मानी जाती हैं। एकादशी के दिन की आरती विशेष फलदायी होती है।
❓ क्या खाटू श्याम जी की आरती रोज़ करनी चाहिए?
हाँ, नित्य आरती करना सबसे उत्तम है। जो भक्त प्रतिदिन खाटू श्याम जी की आरती करते हैं उन पर बाबा की विशेष कृपा रहती है।
❓ खाटू श्याम जी की आरती के बाद क्या करें?
आरती के बाद चालीसा पाठ करें, प्रसाद चढ़ाएं और परिवार में बाँटें। 108 नाम का जप भी कर सकते हैं।
मंदिर में आरती के दर्शन करें
श्रृंगार आरती (8 AM) के लिए Hotel book करें — temple के पास
॥ जय श्री श्याम — हारे का सहारा, श्याम हमारा ॥
Khatu Shyam Ji Aarti Schedule — सभी आरतियों का समय →
Darshan Timings 2026 — मंदिर खुलने का समय →
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
खाटू श्याम जी की आरती कितने बजे होती है?
खाटू श्याम जी की प्रतिदिन पाँच आरतियाँ होती हैं — मंगला 4:45 AM, श्रृंगार 7:15 AM, भोग 12:30 PM, संध्या 7:15 PM और शयन 9:45 PM। मंदिर सुबह 4:30 बजे खुलता है, दोपहर 2 से 4 बजे बंद रहता है और रात 10 बजे बंद होता है (श्री श्याम मंदिर कमेटी बोर्ड, सितंबर 2026)।
खाटू श्याम जी की सबसे लोकप्रिय आरती कौन-सी है?
संध्या आरती में सबसे अधिक भीड़ रहती है। पहली बार खाटू आने वाले भक्त इसे देखने के लिए 45–60 मिनट पहले पहुँचें।
क्या घर पर भी खाटू श्याम जी की आरती कर सकते हैं?
हाँ। बाबा के चित्र के सामने घी का दीपक जलाएँ, थाली को घड़ी की दिशा में घुमाएँ और "ॐ जय श्री श्याम हरे" आरती गाएँ।
खाटू श्याम जी की आरती के बोल क्या हैं?
सबसे प्रचलित आरती की टेक है — "ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे"। पूरा पाठ हम प्रचलित मुद्रित आरती-पुस्तिका से शब्दशः मिलान करके इस पेज पर जोड़ रहे हैं।
आरती और स्तुति में क्या अंतर है?
आरती दीपक घुमाकर की जाने वाली पूजा-विधि है जो मंदिर में निर्धारित समय पर होती है; स्तुति गुणगान है जो कभी भी की जा सकती है।
खाटू श्याम जी की आरती लाइव कहाँ देखें?
कई YouTube और सोशल मीडिया चैनल आरती का प्रसारण करते हैं। किसी चैनल को आधिकारिक मानने से पहले श्री श्याम मंदिर कमेटी की वेबसाइट से पुष्टि कर लें।
आरती के समय क्या नियम पालन करने चाहिए?
जूते-चप्पल बाहर उतारें, मोबाइल साइलेंट रखें, हाथ जोड़कर शांत खड़े रहें और आरती की ज्योति को दोनों हाथों से स्पर्श कर माथे पर लगाएँ।
खाटू श्याम जी के दर्शन की योजना बनाएं
होटल, धर्मशाला, टैक्सी और प्रसाद — सब एक जगह।