Home एकादशी कैलेंडर पापमोचिनी एकादशी 2026: व्रत कथा, पूजा विधि, महत्व, पारण नियम एवं संपूर्ण जानकारी

पापमोचिनी एकादशी 2026: व्रत कथा, पूजा विधि, महत्व, पारण नियम एवं संपूर्ण जानकारी

📅 दिनांक अप्रैल 9, 2026 (बृहस्पतिवार)
🗓️ तिथि चैत्र, कृष्ण एकादशी
⏰ प्रारम्भ अप्रैल 09, 03:39 AM
⏰ समाप्त अप्रैल 10, 03:46 AM

1. दशमी तिथि से नियमों का पालन

  • सात्विक भोजन ग्रहण करें।
  • ब्रह्मचर्य का पालन करें।
  • क्रोध, झूठ और नकारात्मक विचारों से बचें।

2. प्रातःकाल स्नान करें

एकादशी के दिन ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नान करें तथा स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

3. व्रत का संकल्प लें

भगवान विष्णु के समक्ष जल लेकर व्रत का संकल्प करें।

संकल्प मंत्र:

मम समस्त पापक्षयपूर्वक श्रीविष्णुप्रीत्यर्थं पापमोचिनी एकादशी व्रतमहं करिष्ये।

4. भगवान विष्णु की पूजा करें

  • भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
  • गंगाजल से शुद्धिकरण करें।
  • चंदन, अक्षत, पुष्प और तुलसी दल अर्पित करें।
  • धूप एवं दीप प्रज्वलित करें।
  • नैवेद्य अर्पित करें।

5. मंत्र जाप करें

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः॥

या

ॐ विष्णवे नमः॥

6. कथा एवं भजन

  • पापमोचिनी एकादशी व्रत कथा पढ़ें या सुनें।
  • विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
  • भजन-कीर्तन एवं भगवान के नाम का स्मरण करें।

7. द्वादशी को पारण करें

द्वादशी तिथि में शुभ मुहूर्त के दौरान व्रत का पारण करें और जरूरतमंदों को दान दें।


पापमोचिनी एकादशी पर क्या करें?

✅ भगवान विष्णु की पूजा करें।
✅ तुलसी दल अर्पित करें।
✅ विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
✅ दान-पुण्य करें।
✅ भजन एवं कीर्तन करें।
✅ आत्मचिंतन और प्रार्थना करें।


पापमोचिनी एकादशी पर क्या न करें?

❌ चावल का सेवन न करें।
❌ मांस, मदिरा एवं तामसिक भोजन से दूर रहें।
❌ झूठ और छल-कपट से बचें।
❌ क्रोध और विवाद न करें।
❌ किसी का अपमान न करें।


व्रत में क्या खा सकते हैं?

  • फल
  • दूध
  • दही
  • मखाना
  • साबूदाना
  • कुट्टू का आटा
  • सिंघाड़े का आटा
  • राजगीरा
  • सूखे मेवे

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पापमोचिनी एकादशी किस महीने में आती है?
पापमोचिनी एकादशी चैत्र मास के कृष्ण पक्ष में आती है।
पापमोचिनी एकादशी का मुख्य महत्व क्या है?
यह एकादशी पापों से मुक्ति, आत्मशुद्धि और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने के लिए की जाती है।
पापमोचिनी एकादशी की कथा किससे संबंधित है?
यह कथा मेधावी ऋषि और अप्सरा मंजुघोषा से संबंधित है।
क्या महिलाएं पापमोचिनी एकादशी का व्रत कर सकती हैं?
हाँ, महिलाएं और पुरुष दोनों श्रद्धा के साथ यह व्रत कर सकते हैं।
क्या पापमोचिनी एकादशी पर चावल खाना चाहिए?
नहीं, एकादशी के दिन चावल का सेवन वर्जित माना गया है।
व्रत का पारण कब करना चाहिए?
द्वादशी तिथि में निर्धारित पारण समय के भीतर करना चाहिए।
पापमोचिनी एकादशी का सबसे बड़ा फल क्या है?
समस्त पापों का नाश, मानसिक शांति, भगवान विष्णु की कृपा और मोक्ष की प्राप्ति।
इस दिन कौन-सा दान करना शुभ माना जाता है?
अन्न, वस्त्र, फल, दक्षिणा और जरूरतमंदों की सहायता करना शुभ माना जाता है।
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