अमावस्या कब है? अगली अमावस्या 10 अक्टूबर 2026 व सूची

कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि · मावस

अमावस्या कब है? अगली अमावस्या, तिथि समय और 2026-27 अमावस्या सूची

अगली अमावस्या — जयपुर/राजस्थान संदर्भ में अश्विन (सर्वपितृ) अमावस्या शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को है, जो पितृ पक्ष का अंतिम दिन है। अमावस्या हर हिंदू मास के कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि है, जिसे राजस्थान में “मावस” भी कहते हैं। पितृ तर्पण, स्नान और दान के लिए यह तिथि विशेष मानी जाती है।

अगली अमावस्या10 अक्टूबर 2026, शनिवार
पंचांग आधारअश्विन कृष्ण अमावस्या

सीधा जवाब

अगली अमावस्या कब है?

📅 शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 — अश्विन / सर्वपितृ अमावस्या   ⏳

  • 🌑 अश्विन कृष्ण अमावस्या — प्रारंभ: 9 अक्टूबर, 9:35 PM · समाप्त: 10 अक्टूबर, 9:19 PM
  • 🙏 पितृ पक्ष 26 सितंबर (पूर्णिमा श्राद्ध) से 10 अक्टूबर 2026 तक

📌 यह पितृ पक्ष का अंतिम दिन है — जिन पितरों की मृत्यु-तिथि ज्ञात न हो, उनके लिए इसी दिन श्राद्ध-तर्पण की परंपरा है। शनिवार को पड़ने के कारण इसे शनिश्चरी अमावस्या भी कहा जाएगा।

समय जयपुर (IST) के अनुसार; तिथि का समय खगोलीय गणना से। आपके शहर में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है।

अमावस्या कब है?

अमावस्या हर हिंदू मास में एक बार आती है — कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जब चंद्रमा दिखाई नहीं देता। वर्ष में सामान्यतः 12 अमावस्याएँ होती हैं, और अधिक मास वाले वर्ष में 13। अगली अमावस्या 10 अक्टूबर 2026 (शनिवार) को सर्वपितृ अमावस्या है, और उसके बाद कार्तिक अमावस्या पर दीपावली 8 नवंबर 2026 को है।

अमावस्या तिथि भी सूर्य-चंद्र की स्थिति से तय होती है, इसलिए यह किसी दिन दोपहर या रात में शुरू होकर अगले दिन तक चल सकती है। यदि किसी दूसरी सूची में तारीख अलग दिखे, तो पहले देखें कि वहाँ कौन-सा शहर चुना गया है।

दर्श अमावस्या और स्नान-दान अमावस्या — दो दिन क्यों?

पंचांग में कई बार अमावस्या दो दिनों में दिखाई देती है — यह गलती नहीं है:

  • दर्श अमावस्या: जिस दिन अमावस्या तिथि दिन में (विशेषकर दोपहर/शाम को) उपस्थित हो। दीपावली का लक्ष्मी पूजन भी उसी शाम होता है जब प्रदोष काल में अमावस्या हो।
  • स्नान-दान अमावस्या: जिस दिन सूर्योदय के समय अमावस्या तिथि हो — तीर्थ-स्नान और दान प्रायः इसी दिन किए जाते हैं।

उदाहरण: 2026 में कार्तिक अमावस्या तिथि 8 नवंबर सुबह 11:27 बजे से 9 नवंबर दोपहर 12:31 बजे तक है। इसलिए दीपावली का लक्ष्मी पूजन 8 नवंबर की शाम है, जबकि पंचांग में कार्तिक अमावस्या (स्नान-दान) 9 नवंबर को दिखाई गई है।

अमावस्या सूची — अक्टूबर 2026 से सितंबर 2027

तारीख दिन अमावस्या तिथि (जयपुर) विशेष
10 अक्टूबर 2026 शनिवार अश्विन / सर्वपितृ अमावस्या 9 अक्टू. 9:35 PM – 10 अक्टू. 9:19 PM पितृ पक्ष समापन — विवरण
8 नवंबर 2026 रविवार दीपावली (दर्श अमावस्या) 8 नव. 11:27 AM – 9 नव. 12:31 PM लक्ष्मी पूजन मुहूर्त 6:03 – 7:59 PM — दीपावली 2026 कब है
9 नवंबर 2026 सोमवार कार्तिक अमावस्या (वही तिथि) स्नान-दान
8 दिसंबर 2026 मंगलवार मार्गशीर्ष अमावस्या 8 दिस. 4:12 AM – 9 दिस. 6:21 AM पितृ तर्पण, स्नान-दान
7 जनवरी 2027 गुरुवार पौष अमावस्या 6 जन. 11:13 PM – 8 जन. 1:53 AM स्नान-दान
6 फरवरी 2027 शनिवार माघ (मौनी) अमावस्या 5 फर. 7:05 PM – 6 फर. 9:25 PM मौन व्रत, संगम स्नान — विवरण
7 मार्च 2027 रविवार दर्श अमावस्या 7 मार्च 1:46 PM – 8 मार्च 2:58 PM —
8 मार्च 2027 सोमवार फाल्गुन अमावस्या (वही तिथि) सोमवती अमावस्या
6 अप्रैल 2027 मंगलवार चैत्र अमावस्या 6 अप्रैल 5:40 AM – 7 अप्रैल 5:20 AM भौमवती अमावस्या
6 मई 2027 गुरुवार वैशाख अमावस्या 5 मई 6:16 PM – 6 मई 4:27 PM —
4 जून 2027 शुक्रवार ज्येष्ठ अमावस्या 4 जून 4:05 AM – 5 जून 1:09 AM शनि जयंती की परंपरा वाला दिन
4 जुलाई 2027 रविवार आषाढ़ अमावस्या 3 जुलाई 12:05 PM – 4 जुलाई 8:31 AM दर्श अमावस्या 3 जुलाई
2 अगस्त 2027 सोमवार श्रावण अमावस्या 1 अगस्त 7:19 PM – 2 अगस्त 3:34 PM हरियाली अमावस्या · सोमवती
31 अगस्त 2027 मंगलवार भाद्रपद अमावस्या 31 अगस्त 2:40 AM – 11:10 PM भौमवती अमावस्या
30 सितंबर 2027 गुरुवार आश्विन अमावस्या 29 सितंबर 10:54 AM – 30 सितंबर 8:05 AM स्नान-दान; सर्वपितृ अमावस्या (श्राद्ध) एक दिन पहले, 29 सितंबर

सारी तारीखें और तिथि-समय जयपुर पंचांग के अनुसार हैं। लक्ष्मी पूजन मुहूर्त जयपुर का है; दूसरे शहर में यह कुछ मिनट अलग होगा।

प्रमुख अमावस्याओं का संक्षिप्त परिचय

सर्वपितृ अमावस्या — 10 अक्टूबर 2026

अश्विन कृष्ण अमावस्या पितृ पक्ष का अंतिम दिन है। मान्यता है कि जिन पूर्वजों की मृत्यु-तिथि ज्ञात न हो, या जिनका श्राद्ध अपनी तिथि पर न हो सका हो, उनका श्राद्ध-तर्पण इस दिन किया जा सकता है। इसे महालया अमावस्या भी कहा जाता है। देखें पितृ पक्ष।

दीपावली — 8 नवंबर 2026

कार्तिक अमावस्या की रात दीपावली मनाई जाती है। जयपुर पंचांग के अनुसार लक्ष्मी पूजन का मुहूर्त 8 नवंबर 2026, शाम 6:03 से 7:59 बजे तक है, और प्रदोष काल शाम 5:40 से 8:16 बजे तक। यह वर्ष की सबसे प्रसिद्ध अमावस्या है।

मौनी अमावस्या — 6 फरवरी 2027

माघ मास की अमावस्या को मौनी अमावस्या कहते हैं। इस दिन मौन रखकर स्नान-दान की परंपरा है, और प्रयागराज के संगम पर माघ मेले के दौरान यह स्नान का प्रमुख दिन माना जाता है।

सोमवती अमावस्या — 8 मार्च 2027

जब अमावस्या सोमवार को पड़ती है तो उसे सोमवती अमावस्या कहते हैं। 2027 में फाल्गुन अमावस्या (8 मार्च) सोमवार को है। इस दिन स्नान-दान और पीपल पूजन की परंपरा है।

अमावस्या पर क्या करें और क्या न करें

  • प्रातः स्नान — संभव हो तो पवित्र नदी या तीर्थ में।
  • परंपरा हो तो पितरों के लिए जल-तर्पण या श्राद्ध।
  • सामर्थ्य के अनुसार अन्न, वस्त्र, तिल या दक्षिणा का दान।
  • पीपल को जल अर्पित करना और दीपक जलाना।
  • सात्त्विक भोजन; मांसाहार, मदिरा और तामसिक भोजन से परहेज़।
  • वाद-विवाद और क्रोध से बचना।
ये पारंपरिक नियम हैं और क्षेत्र, परिवार व संप्रदाय के अनुसार अलग हो सकते हैं। श्राद्ध-तर्पण की सटीक विधि के लिए अपने परिवार की परंपरा या पुरोहित का मार्गदर्शन लें।

अमावस्या और खाटू श्याम जी

पौराणिक मान्यता के अनुसार श्री श्याम बाबा को भगवान श्रीकृष्ण से “हारे का सहारा” के रूप में पूजे जाने का वरदान मिला — देखें खाटू श्याम जी कौन हैं। कई भक्त अमावस्या पर पितरों का स्मरण करके खाटू दर्शन की यात्रा आरंभ करते हैं।

खाटू श्याम जी मंदिर सामान्यतः सुबह 4:30 बजे खुलता है, दोपहर 2 से 4 बजे बंद रहता है और रात 10 बजे बंद होता है। मंगला आरती 4:45 AM, श्रृंगार आरती 7:15 AM, भोग आरती 12:30 PM, संध्या आरती 7:15 PM और शयन आरती 9:45 PM पर होती है (श्री श्याम मंदिर कमेटी का बोर्ड, सितंबर 2026)। पर्व के दिनों में व्यवस्था बदल सकती है — दर्शन समय गाइड देखें।

यात्रा, पूजा और तिथि से जुड़ी जरूरी बातें

  • स्नान-दान और दर्श अमावस्या का दिन अलग हो सकता है; अपने संकल्प के अनुसार तारीख चुनें।
  • तिथि-समय और मुहूर्त शहर-विशिष्ट होते हैं; दूसरे शहर का समय सीधे उपयोग न करें।
  • धार्मिक मान्यता और लोकपरंपरा को निश्चित भौतिक परिणाम की गारंटी के रूप में न लें।
  • व्रत या उपवास में स्वास्थ्य, आयु और चिकित्सकीय आवश्यकता को प्राथमिकता दें।

संबंधित उपयोगी जानकारी

अमावस्या — सामान्य प्रश्न

अगली अमावस्या कब है?

जयपुर/राजस्थान संदर्भ में अगली अमावस्या 10 अक्टूबर 2026, शनिवार को सर्वपितृ अमावस्या है। तिथि 9 अक्टूबर रात 9:35 बजे शुरू होकर 10 अक्टूबर रात 9:19 बजे तक रहेगी।

मावस और अमावस्या में क्या अंतर है?

कोई अंतर नहीं है। “मावस” अमावस्या का ही लोकप्रचलित नाम है, जो राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में बोला जाता है।

सर्वपितृ अमावस्या 2026 कब है?

सर्वपितृ अमावस्या 10 अक्टूबर 2026, शनिवार को है। पितृ पक्ष 26 सितंबर (पूर्णिमा श्राद्ध) से शुरू होकर इसी दिन समाप्त होता है।

दीपावली 2026 कब है — 8 या 9 नवंबर?

जयपुर पंचांग के अनुसार दीपावली का लक्ष्मी पूजन रविवार, 8 नवंबर 2026 की शाम है (मुहूर्त 6:03 से 7:59 बजे)। कार्तिक अमावस्या का स्नान-दान 9 नवंबर को दिखाया गया है।

अमावस्या के दिन क्या करना चाहिए?

परंपरा के अनुसार स्नान, पितृ तर्पण, दान, पीपल को जल अर्पण और सात्त्विक भोजन किया जाता है। मांसाहार, मदिरा और वाद-विवाद से बचने की सलाह दी जाती है।

सोमवती अमावस्या 2027 कब है?

2027 में फाल्गुन अमावस्या 8 मार्च, सोमवार को है, इसलिए यह सोमवती अमावस्या है।

पंचांग संदर्भ

  1. Drik Panchang — Jaipur Amavasya 2026
  2. Drik Panchang — Jaipur Lakshmi Puja 2026
  3. mPanchang — मार्च 2027 पर्व सूची


🙏 इस जानकारी को परिवार व मित्रों से शेयर करें / Share