Home एकादशी कैलेंडर अजा एकादशी 2026: व्रत कथा, पूजा विधि, महत्व, पारण नियम एवं संपूर्ण जानकारी

अजा एकादशी 2026: व्रत कथा, पूजा विधि, महत्व, पारण नियम एवं संपूर्ण जानकारी

📅 दिनांक सितम्बर 7, 2026 (सोमवार)
🗓️ तिथि भाद्रपद, कृष्ण एकादशी
⏰ प्रारम्भ सित॰ 06, 07:29 PM
⏰ समाप्त सित॰ 07, 05:03 PM

1. दशमी तिथि से तैयारी

  • सात्विक भोजन ग्रहण करें।
  • ब्रह्मचर्य और संयम का पालन करें।
  • तामसिक भोजन और नकारात्मक विचारों से दूर रहें।

2. प्रातःकाल स्नान करें

एकादशी के दिन ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नान करें तथा स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

3. व्रत का संकल्प लें

भगवान विष्णु के समक्ष जल लेकर व्रत का संकल्प करें।

संकल्प मंत्र:

मम समस्त पापक्षयपूर्वक श्रीविष्णुप्रीत्यर्थं अजा एकादशी व्रतमहं करिष्ये।

4. भगवान विष्णु की पूजा करें

  • भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
  • गंगाजल से शुद्धिकरण करें।
  • चंदन, अक्षत, पुष्प एवं तुलसी दल अर्पित करें।
  • धूप और दीप प्रज्वलित करें।
  • फल एवं नैवेद्य अर्पित करें।

5. मंत्र जाप करें

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः॥

या

ॐ नारायणाय नमः॥

6. कथा श्रवण एवं भजन

  • अजा एकादशी व्रत कथा का पाठ करें।
  • विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
  • भजन, कीर्तन और हरिनाम संकीर्तन करें।

7. रात्रि जागरण

संभव हो तो भगवान विष्णु के भजन और स्मरण के साथ जागरण करें।

8. द्वादशी को पारण

द्वादशी तिथि में शुभ समय पर व्रत का पारण करें तथा दान-पुण्य करें।


अजा एकादशी पर क्या करें?

✅ भगवान विष्णु की पूजा करें।
✅ तुलसी दल अर्पित करें।
✅ विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
✅ दान-पुण्य करें।
✅ भजन-कीर्तन एवं सत्संग करें।
✅ जरूरतमंदों की सहायता करें।


अजा एकादशी पर क्या न करें?

❌ चावल का सेवन न करें।
❌ मांस, मदिरा एवं तामसिक भोजन न करें।
❌ झूठ, निंदा और अपशब्दों से बचें।
❌ क्रोध और विवाद न करें।
❌ किसी का अपमान न करें।


व्रत में क्या खा सकते हैं?

  • फल
  • दूध
  • दही
  • मखाना
  • साबूदाना
  • कुट्टू का आटा
  • सिंघाड़े का आटा
  • राजगीरा
  • सूखे मेवे

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अजा एकादशी किस महीने में आती है?
अजा एकादशी भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष में आती है।
अजा एकादशी की कथा किससे संबंधित है?
यह कथा सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र से संबंधित है।
अजा एकादशी का मुख्य महत्व क्या है?
यह एकादशी पापों के नाश, कष्टों से मुक्ति और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने के लिए की जाती है।
क्या महिलाएं अजा एकादशी का व्रत कर सकती हैं?
हाँ, महिलाएं और पुरुष दोनों श्रद्धापूर्वक यह व्रत कर सकते हैं।
क्या अजा एकादशी पर चावल खाना चाहिए?
नहीं, एकादशी के दिन चावल का सेवन वर्जित माना गया है।
व्रत का पारण कब करना चाहिए?
द्वादशी तिथि में निर्धारित शुभ समय के भीतर पारण करना चाहिए।
अजा एकादशी का सबसे बड़ा फल क्या है?
पापों से मुक्ति, संकटों का नाश, भगवान विष्णु की कृपा और मोक्ष की प्राप्ति।
अजा एकादशी पर कौन-सा दान करना शुभ माना जाता है?
अन्न, वस्त्र, फल, दक्षिणा और जरूरतमंदों की सहायता करना शुभ माना जाता है।
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