Home एकादशी कैलेंडर इन्दिरा एकादशी 2026: व्रत कथा, पूजा विधि, महत्व, पारण नियम एवं संपूर्ण जानकारी

इन्दिरा एकादशी 2026: व्रत कथा, पूजा विधि, महत्व, पारण नियम एवं संपूर्ण जानकारी

📅 दिनांक अक्टूबर 6, 2026 (मंगलवार)
🗓️ तिथि आश्विन, कृष्ण एकादशी
⏰ प्रारम्भ अक्टू॰ 06, 02:07 AM
⏰ समाप्त अक्टू॰ 07, 12:34 AM

1. दशमी तिथि से तैयारी

  • सात्विक भोजन ग्रहण करें।
  • पितरों का स्मरण करें।
  • ब्रह्मचर्य और संयम का पालन करें।

2. प्रातःकाल स्नान करें

एकादशी के दिन ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

3. व्रत का संकल्प लें

भगवान विष्णु के समक्ष जल लेकर व्रत का संकल्प करें।

संकल्प मंत्र:

मम समस्त पापक्षयपूर्वक पितृमोक्षप्राप्त्यर्थं श्रीविष्णुप्रीत्यर्थं इन्दिरा एकादशी व्रतमहं करिष्ये।

4. भगवान विष्णु की पूजा करें

  • भगवान विष्णु का चित्र या प्रतिमा स्थापित करें।
  • गंगाजल से शुद्धिकरण करें।
  • चंदन, अक्षत, पुष्प एवं तुलसी दल अर्पित करें।
  • धूप एवं दीप प्रज्वलित करें।
  • नैवेद्य अर्पित करें।

5. पितृ तर्पण एवं स्मरण

  • अपने पितरों का स्मरण करें।
  • यथाशक्ति तर्पण एवं श्राद्ध कर्म करें।
  • व्रत का पुण्य पितरों को समर्पित करने का संकल्प लें।

6. मंत्र जाप एवं कथा श्रवण

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः॥

  • विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
  • इन्दिरा एकादशी व्रत कथा पढ़ें या सुनें।
  • हरिनाम संकीर्तन करें।

7. दान-पुण्य करें

गरीबों, ब्राह्मणों और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र एवं दक्षिणा का दान करें।

8. द्वादशी को पारण

द्वादशी तिथि में शुभ समय पर व्रत का पारण करें।


इन्दिरा एकादशी पर क्या करें?

✅ भगवान विष्णु की पूजा करें।
✅ पितरों का स्मरण एवं तर्पण करें।
✅ विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
✅ दान-पुण्य करें।
✅ ब्राह्मणों को भोजन कराएं।
✅ भजन, कीर्तन एवं सत्संग करें।


इन्दिरा एकादशी पर क्या न करें?

❌ चावल का सेवन न करें।
❌ मांस, मदिरा एवं तामसिक भोजन न करें।
❌ झूठ, निंदा और अपशब्दों से बचें।
❌ क्रोध एवं विवाद न करें।
❌ पितरों का अपमान या अनादर न करें।


व्रत में क्या खा सकते हैं?

  • फल
  • दूध
  • दही
  • मखाना
  • साबूदाना
  • कुट्टू का आटा
  • सिंघाड़े का आटा
  • राजगीरा
  • सूखे मेवे

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इन्दिरा एकादशी का मुख्य महत्व क्या है?
यह एकादशी पितरों की शांति, मोक्ष और सद्गति के लिए विशेष रूप से की जाती है।
इन्दिरा एकादशी किस महीने में आती है?
यह आश्विन मास के कृष्ण पक्ष में, पितृ पक्ष के दौरान आती है।
इन्दिरा एकादशी की कथा किससे संबंधित है?
यह कथा राजा इन्द्रसेन, उनके पिता और महर्षि नारद से संबंधित है।
क्या इन्दिरा एकादशी पर पितृ तर्पण करना चाहिए?
हाँ, यह दिन पितरों के स्मरण, तर्पण और श्राद्ध कर्म के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
क्या महिलाएं इन्दिरा एकादशी का व्रत कर सकती हैं?
हाँ, महिलाएं और पुरुष दोनों श्रद्धापूर्वक यह व्रत कर सकते हैं।
क्या इस दिन चावल खाना चाहिए?
नहीं, एकादशी के दिन चावल का सेवन वर्जित माना गया है।
व्रत का पारण कब करना चाहिए?
द्वादशी तिथि में निर्धारित शुभ समय के भीतर पारण करना चाहिए।
इन्दिरा एकादशी का सबसे बड़ा फल क्या है?
पितरों की सद्गति, भगवान विष्णु की कृपा, पापों से मुक्ति और मोक्ष की प्राप्ति।
शेयर करें: WhatsApp Facebook

एकादशी पर खाटू दर्शन की योजना?

पहले से होटल और टैक्सी बुक करें — एकादशी पर भारी भीड़ होती है।

अभी बुक करें

📚 सन्दर्भ एवं अधिक जानकारी