Home एकादशी कैलेंडर कामदा एकादशी 2026: व्रत कथा, पूजा विधि, महत्व, पारण नियम एवं संपूर्ण जानकारी

कामदा एकादशी 2026: व्रत कथा, पूजा विधि, महत्व, पारण नियम एवं संपूर्ण जानकारी

📅 दिनांक अप्रैल 24, 2026 (शुक्रवार)
🗓️ तिथि चैत्र, शुक्ल एकादशी
⏰ प्रारम्भ अप्रैल 23, 05:29 PM
⏰ समाप्त अप्रैल 24, 03:52 PM

1. दशमी तिथि से तैयारी

  • सात्विक भोजन ग्रहण करें।
  • क्रोध, झूठ और तामसिक आहार से दूर रहें।
  • मन, वचन और कर्म की शुद्धता बनाए रखें।

2. प्रातःकाल स्नान करें

एकादशी के दिन ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

3. व्रत का संकल्प लें

भगवान विष्णु के समक्ष जल लेकर व्रत का संकल्प करें।

संकल्प मंत्र:

मम समस्त पापक्षयपूर्वक श्रीविष्णुप्रीत्यर्थं कामदा एकादशी व्रतमहं करिष्ये।

4. भगवान विष्णु की पूजा करें

  • भगवान विष्णु का चित्र या प्रतिमा स्थापित करें।
  • गंगाजल से शुद्धिकरण करें।
  • चंदन, अक्षत, पुष्प एवं तुलसी दल अर्पित करें।
  • धूप और दीप प्रज्वलित करें।
  • फल एवं नैवेद्य अर्पित करें।

5. मंत्र जाप करें

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः॥

या

ॐ विष्णवे नमः॥

6. कथा एवं भजन

  • कामदा एकादशी व्रत कथा का श्रवण करें।
  • विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
  • रात्रि में भजन-कीर्तन एवं जागरण करें।

7. द्वादशी को पारण करें

द्वादशी तिथि में शुभ समय पर व्रत का पारण करें तथा ब्राह्मणों एवं जरूरतमंदों को दान दें।


कामदा एकादशी पर क्या करें?

✅ भगवान विष्णु की पूजा करें।
✅ तुलसी दल अर्पित करें।
✅ विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
✅ दान-पुण्य करें।
✅ भजन-कीर्तन करें।
✅ मनोकामना पूर्ति हेतु प्रार्थना करें।


कामदा एकादशी पर क्या न करें?

❌ चावल का सेवन न करें।
❌ मांस, मदिरा एवं तामसिक भोजन से दूर रहें।
❌ झूठ, निंदा और अपशब्दों से बचें।
❌ क्रोध और विवाद न करें।
❌ किसी का अपमान न करें।


व्रत में क्या खा सकते हैं?

  • फल
  • दूध
  • दही
  • मखाना
  • साबूदाना
  • कुट्टू का आटा
  • सिंघाड़े का आटा
  • राजगीरा
  • सूखे मेवे

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कामदा एकादशी किस महीने में आती है?
कामदा एकादशी चैत्र मास के शुक्ल पक्ष में आती है।
कामदा एकादशी का मुख्य महत्व क्या है?
यह एकादशी मनोकामनाओं की पूर्ति, शाप से मुक्ति और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने के लिए की जाती है।
कामदा एकादशी की कथा किससे संबंधित है?
यह कथा गंधर्व ललित और उसकी पत्नी ललिता से संबंधित है।
क्या महिलाएं कामदा एकादशी का व्रत कर सकती हैं?
हाँ, महिलाएं और पुरुष दोनों श्रद्धापूर्वक यह व्रत कर सकते हैं।
क्या कामदा एकादशी पर चावल खाना चाहिए?
नहीं, एकादशी के दिन चावल का सेवन वर्जित माना जाता है।
व्रत का पारण कब करना चाहिए?
द्वादशी तिथि में निर्धारित शुभ समय के भीतर पारण करना चाहिए।
कामदा एकादशी का सबसे बड़ा फल क्या है?
मनोकामनाओं की पूर्ति, पापों से मुक्ति, भगवान विष्णु की कृपा और सुख-समृद्धि।
क्या कामदा एकादशी वैवाहिक जीवन के लिए लाभकारी है?
हाँ, यह व्रत पति-पत्नी के रिश्ते में प्रेम, विश्वास और सुख-शांति बढ़ाने वाला माना जाता है।
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