Home एकादशी कैलेंडर परम (अपरा) एकादशी 2026: व्रत कथा, पूजा विधि, महत्व, पारण नियम एवं संपूर्ण जानकारी

परम (अपरा) एकादशी 2026: व्रत कथा, पूजा विधि, महत्व, पारण नियम एवं संपूर्ण जानकारी

📅 दिनांक जून 11, 2026 (बृहस्पतिवार)
🗓️ तिथि ज्येष्ठ, कृष्ण एकादशी
⏰ प्रारम्भ जून 11, 12:57 AM
⏰ समाप्त जून 11, 10:36 PM

1. दशमी तिथि से नियमों का पालन

  • सात्विक भोजन ग्रहण करें।
  • ब्रह्मचर्य और संयम का पालन करें।
  • क्रोध, झूठ और तामसिक भोजन से दूर रहें।

2. प्रातःकाल स्नान करें

एकादशी के दिन ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नान करें तथा स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

3. व्रत का संकल्प लें

भगवान विष्णु के समक्ष जल लेकर व्रत का संकल्प करें।

संकल्प मंत्र:

मम समस्त पापक्षयपूर्वक श्रीविष्णुप्रीत्यर्थं अपरा एकादशी व्रतमहं करिष्ये।

4. भगवान विष्णु की पूजा करें

  • भगवान विष्णु का चित्र या प्रतिमा स्थापित करें।
  • गंगाजल से शुद्धिकरण करें।
  • चंदन, अक्षत, पुष्प एवं तुलसी दल अर्पित करें।
  • धूप और दीप प्रज्वलित करें।
  • नैवेद्य अर्पित करें।

5. मंत्र जाप करें

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः॥

या

ॐ विष्णवे नमः॥

6. कथा एवं भजन

  • अपरा एकादशी व्रत कथा का श्रवण करें।
  • विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
  • रात्रि में भजन-कीर्तन एवं जागरण करें।

7. द्वादशी को पारण करें

द्वादशी तिथि में शुभ समय पर व्रत का पारण करें और दान-पुण्य करें।


अपरा एकादशी पर क्या करें?

✅ भगवान विष्णु की पूजा करें।
✅ तुलसी दल अर्पित करें।
✅ विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
✅ दान-पुण्य करें।
✅ गरीबों और जरूरतमंदों की सहायता करें।
✅ भजन, कीर्तन एवं सत्संग करें।


अपरा एकादशी पर क्या न करें?

❌ चावल का सेवन न करें।
❌ मांस, मदिरा एवं तामसिक भोजन न करें।
❌ झूठ, छल-कपट और निंदा से बचें।
❌ क्रोध एवं विवाद न करें।
❌ किसी का अपमान न करें।


व्रत में क्या खा सकते हैं?

  • फल
  • दूध
  • दही
  • मखाना
  • साबूदाना
  • कुट्टू का आटा
  • सिंघाड़े का आटा
  • राजगीरा
  • सूखे मेवे

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अपरा एकादशी किस महीने में आती है?
अपरा एकादशी ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष में आती है।
अपरा एकादशी को परम एकादशी क्यों कहा जाता है?
क्योंकि यह असीम पुण्य प्रदान करने वाली और पापों का नाश करने वाली एकादशी मानी जाती है।
अपरा एकादशी की कथा किससे संबंधित है?
यह कथा राजा महिध्वज, उनके भाई वज्रध्वज और एक महान ऋषि द्वारा किए गए व्रत से संबंधित है।
क्या महिलाएं अपरा एकादशी का व्रत कर सकती हैं?
हाँ, महिलाएं और पुरुष दोनों श्रद्धा और भक्ति के साथ यह व्रत कर सकते हैं।
क्या अपरा एकादशी पर चावल खाना चाहिए?
नहीं, एकादशी के दिन चावल का सेवन वर्जित माना गया है।
व्रत का पारण कब करना चाहिए?
द्वादशी तिथि में निर्धारित पारण समय के भीतर पारण करना चाहिए।
अपरा एकादशी का सबसे बड़ा फल क्या है?
पापों का नाश, भगवान विष्णु की कृपा और मोक्ष की प्राप्ति।
इस दिन कौन-सा दान करना शुभ माना जाता है?
अन्न, जल, वस्त्र, फल और दक्षिणा का दान अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है।
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