Home Temple Guide फाल्गुन मेला गाइड 2027 — खाटू श्याम जी (18–20 मार्च): तिथि, निशान यात्रा, ठहरना

फाल्गुन मेला गाइड 2027 — खाटू श्याम जी (18–20 मार्च): तिथि, निशान यात्रा, ठहरना

🕐 Darshan Timings

सत्रखुलताबंद
🌅 सुबह4:30 AM2:00 PM
🌇 शाम4:00 PM10:00 PM
📅 Ekadashi24 घंटे खुला (midnight to midnight)

दोपहर 2:00–4:00 PM मंदिर बंद रहता है। मौसम व त्योहारों पर समय बदल सकता है। Source: श्री श्याम मंदिर कमेटी कार्यालय बोर्ड (सितंबर 2026)

🪔 Aarti Schedule

सामान्य दिन — श्री श्याम मंदिर कमेटी बोर्ड अनुसार (सितंबर 2026)

मंगला आरती सूर्योदय से पहले — पहली आरती
4:45 AM
श्रृंगार आरती विशेष श्रृंगार दर्शन
7:15 AM
भोग आरती दोपहर भोग आरती
12:30 PM
संध्या आरती सायंकाल दर्शन
7:15 PM
शयन आरती अंतिम आरती — मंदिर बंद से पूर्व
9:45 PM

🙏 Darshan Types

TypeTimingFee
Samanya DarshanTemple open hoursFree
VIP (Protocol) DarshanOnly on official government recommendation (QR); closed during melaNo paid pass

📋 Rules & Facilities

  • 👔 Dress Code: Modest, traditional clothing preferred
  • 📸 Photography: Not permitted inside sanctum
  • 📱 Mobile Phone: Allowed outside; keep silent inside
  • 🏛️ Facilities: Prasad counter, cloakroom, drinking water, seating

फाल्गुन मेला खाटू श्याम जी का सबसे बड़ा वार्षिक उत्सव है। यह फाल्गुन शुक्ल पक्ष की एकादशी के आसपास होता है, जब देश भर से लाखों श्याम भक्त निशान लेकर पैदल खाटू पहुँचते हैं। 2027 में मुख्य मेला 18 से 20 मार्च 2027 (गुरुवार से शनिवार) तक रहेगा, और मुख्य दिन 18 मार्च — आमलकी एकादशी है।

फाल्गुन मेला 2027 — मुख्य तिथियाँ

तारीख दिन क्या है
18 मार्च 2027 गुरुवार फाल्गुन शुक्ल एकादशी (आमलकी एकादशी) — मेले का मुख्य दिन
19 मार्च 2027 शुक्रवार द्वादशी
20 मार्च 2027 शनिवार त्रयोदशी
21 मार्च 2027 रविवार होलिका दहन

मुख्य तिथियों से 2–3 दिन पहले से ही खाटू और रींगस में भीड़ बढ़ने लगती है, इसलिए 15 से 21 मार्च के बीच यात्रा की योजना सोच-समझकर बनाएँ। पूरी इवेंट जानकारी: फाल्गुन मेला 2027

फाल्गुन मेले का महत्व

मान्यता है कि बाबा श्याम (बर्बरीक) ने महाभारत युद्ध से पहले भगवान श्रीकृष्ण को अपना शीश दान किया था, और कलियुग में वे “श्याम” नाम से पूजे जाने का वरदान पाकर खाटू में प्रकट हुए। फाल्गुन शुक्ल एकादशी को बाबा के दरबार में विशेष श्रृंगार और उत्सव होता है, इसलिए यह मेला “हारे का सहारा” बाबा श्याम के भक्तों के लिए साल का सबसे बड़ा अवसर माना जाता है। बाबा की कथा विस्तार से पढ़ें: खाटू श्याम जी कौन हैं

निशान यात्रा — मेले की पहचान

फाल्गुन मेले की सबसे खास परंपरा निशान यात्रा है। भक्त केसरिया, नीले और पीले ध्वज (निशान) लेकर भजन गाते हुए पैदल चलते हैं। ज़्यादातर यात्री रींगस से खाटू (लगभग 17 km) की पदयात्रा करते हैं, जबकि कई मंडल जयपुर, दिल्ली और हरियाणा से कई दिनों की पैदल यात्रा करके आते हैं। रास्ते भर सेवा शिविरों में पानी, भोजन और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था रहती है।

  • निशान यात्रा में आरामदायक जूते, टोपी और पानी की बोतल साथ रखें।
  • रात में पैदल चलते समय समूह के साथ रहें और सड़क के किनारे चलें।
  • बच्चों और बुज़ुर्गों के साथ हों तो बीच-बीच में विश्राम शिविरों पर रुकें।

मेले के दौरान दर्शन

सामान्य दिनों में मंदिर सुबह 4:30 बजे खुलता है, दोपहर 2 से 4 बजे बंद रहता है और रात 10 बजे बंद होता है (दर्शन समय)। मेले के दिनों में भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर समिति दर्शन अवधि और लाइन की व्यवस्था बदलती है — मेला अवधि का समय यात्रा से ठीक पहले मंदिर समिति की सूचना से ज़रूर जाँचें। मुख्य दिनों पर दर्शन की लाइन में कई घंटे लग सकते हैं।

ठहरने की व्यवस्था

मेले के समय खाटू की लगभग सभी धर्मशालाएँ और होटल कई सप्ताह पहले भर जाते हैं। तारीख तय होते ही ठहरने की व्यवस्था कर लें। खाटू में जगह न मिले तो रींगस (17 km) या सीकर (लगभग 45 km) में रुकना भी विकल्प है। ध्यान रखें कि कई ट्रस्ट धर्मशालाएँ किसी भी “ऑनलाइन बुकिंग” वेबसाइट को अधिकृत नहीं करतीं — अनजान वेबसाइट या व्यक्ति को अग्रिम भुगतान न करें।

कैसे पहुँचें और यातायात

  • ट्रेन: नज़दीकी स्टेशन रींगस जंक्शन (RGS) है। मेले में कई विशेष ट्रेनें चलती हैं — ट्रेन समय-सारणी देखें।
  • सड़क: जयपुर से खाटू लगभग 80 km है — जयपुर से खाटू रूट। मेले में रींगस–खाटू मार्ग पर पैदल यात्रियों की भारी भीड़ रहती है, इसलिए गाड़ी से 3–4 घंटे अतिरिक्त समय लेकर चलें।
  • पार्किंग: मेले के दिनों में निजी वाहन मंदिर से काफ़ी पहले रोक दिए जाते हैं — पार्किंग की जानकारी पहले देख लें।
  • टैक्सी: रींगस या जयपुर से टैक्सी पहले से तय कर लें और किराया, टोल व पार्किंग शुल्क साफ़ पूछ लें।

मेले में जाने से पहले ज़रूरी सावधानियाँ

  • बच्चों की जेब में नाम, फ़ोन नंबर और ठहरने की जगह लिखी पर्ची रखें।
  • समूह के लिए एक तय मिलने की जगह (जैसे कोई बड़ा द्वार या धर्मशाला) पहले ही बता दें।
  • कीमती सामान, ज़्यादा नकदी और गहने साथ न रखें; UPI का उपयोग करें।
  • मार्च में दिन गर्म और रातें हल्की ठंडी होती हैं — हल्का गर्म कपड़ा साथ रखें।
  • भीड़ में धक्का-मुक्की से बचें और पुलिस व स्वयंसेवकों के निर्देश मानें।

मेले में सवामणी और भंडारा

बहुत से भक्त मेले में बाबा को सवामणी भोग अर्पित करते हैं। मेले में हलवाई और भोग की व्यवस्था पहले से बुक रहती है, इसलिए सवामणी की व्यवस्था 1–2 महीने पहले कर लें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फाल्गुन मेला 2027 कब है? (When is Falgun Mela 2027?)

मुख्य मेला 18 से 20 मार्च 2027 तक है। मुख्य दिन 18 मार्च 2027 (गुरुवार) — फाल्गुन शुक्ल एकादशी है।

फाल्गुन मेले में कितने दिन पहले ठहरने की व्यवस्था करें? (How early should I arrange a stay?)

कम से कम 1–2 महीने पहले। मुख्य तिथियों के आसपास खाटू और रींगस दोनों में कमरे जल्दी भर जाते हैं।

क्या फाल्गुन मेले में निशान लेकर पैदल जा सकते हैं? (Can we walk with a Nishan?)

हाँ, ज़्यादातर भक्त रींगस से खाटू तक लगभग 17 km निशान लेकर पैदल जाते हैं। पूरी जानकारी निशान यात्रा पेज पर है।

मेले में दर्शन में कितना समय लगता है? (How long does darshan take during the Mela?)

मुख्य दिनों पर लाइन में कई घंटे लग सकते हैं। मुख्य तिथियों से पहले या बाद के दिनों में, और सुबह जल्दी, भीड़ अपेक्षाकृत कम रहती है।

क्या मेले में गाड़ी मंदिर तक जाती है? (Can vehicles go up to the temple?)

नहीं, मेले के दिनों में निजी वाहन मंदिर से पहले तय पार्किंग स्थलों पर रोक दिए जाते हैं। वहाँ से पैदल जाना पड़ता है।

फाल्गुन मेले में मंदिर कब खुला रहता है? (What are the temple timings during the Mela?)

मेले में दर्शन व्यवस्था मंदिर समिति भीड़ के अनुसार तय करती है। यात्रा से पहले समिति की ताज़ा सूचना देखें; सामान्य दिनों का समय यहाँ है।

तिथियाँ पंचांग के अनुसार हैं (अपडेट: सितंबर 2026)। मेले की आधिकारिक व्यवस्थाएँ श्री श्याम मंदिर कमेटी और प्रशासन की घोषणा के अनुसार बदल सकती हैं।

॥ जय श्री श्याम ॥

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How to Reach Khatu Shyam Ji Temple

🚆

By Train

Ringas Junction (17 km)

Ringas Junction is the nearest railhead, ~17 km from Khatu. Shared autos and taxis available from the station to the temple.

View Train Schedule →
✈️

By Air

Jaipur International (90 km)

Jaipur International Airport is the nearest, ~90 km from Khatu. Taxis and buses available from Jaipur to Khatu (2 hrs).

Full Guide →
🚌

By Bus

Via Reengus / Sikar

Regular RSRTC and private buses from Jaipur, Sikar and Reengus. Special buses during Phalgun Mela season.

🚕

By Taxi

Door-to-door · Transparent pricing

Verified taxis from Delhi (310 km), Jaipur (80 km), Sikar (47 km) and Ringas (17 km). Fare may vary — confirm before booking.

Book a Taxi →

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