राम नवमी 2027 कब है? 15 अप्रैल (गुरुवार) | Ram Navami 2027 Date

✍️ लेखक: Team Khatuwalebaba.in📅 प्रकाशित: 24 सितंबर 2026पंचांग स्रोतों से सत्यापित
चैत्र शुक्ल नवमी · श्रीराम जन्मोत्सव

राम नवमी 2027 कब है? तारीख, मध्याह्न मुहूर्त, पूजा विधि और चैत्र नवरात्रि

राम नवमी 2027 — जयपुर/राजस्थान पंचांग के अनुसार गुरुवार, 15 अप्रैल 2027 को है। यह चैत्र शुक्ल नवमी का दिन है, जब भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव मनाया जाता है, और इसी दिन चैत्र नवरात्रि पूर्ण होती है। पूजा का सबसे शुभ समय मध्याह्न है — सुबह 11:10 से दोपहर 1:44 बजे तक।

राम नवमी15 अप्रैल 2027, गुरुवार
मध्याह्न मुहूर्त11:10 AM – 1:44 PM
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सीधा जवाब

राम नवमी 2027 कब है?

📅 गुरुवार, 15 अप्रैल 2027 — चैत्र शुक्ल नवमी   ⏳

  • 🕛 मध्याह्न मुहूर्त: सुबह 11:10 से दोपहर 1:44 बजे (अवधि 2 घंटे 33 मिनट); मध्याह्न क्षण 12:27 बजे
  • 🌙 नवमी तिथि: 14 अप्रैल दोपहर 3:23 बजे से 15 अप्रैल दोपहर 1:20 बजे तक

📌 14 या 15 अप्रैल? नवमी तिथि 14 अप्रैल की दोपहर शुरू होती है, लेकिन उस दिन मध्याह्न के समय अष्टमी रहती है। श्रीराम का जन्म मध्याह्न में माना जाता है, और 15 अप्रैल के मध्याह्न में नवमी तिथि है — इसलिए राम नवमी 15 अप्रैल को है।

समय जयपुर (IST) के अनुसार; आपके शहर में मुहूर्त कुछ मिनट अलग हो सकता है।

राम नवमी क्यों मनाई जाती है?

राम नवमी भगवान विष्णु के सातवें अवतार श्रीराम के जन्म का उत्सव है। वाल्मीकि रामायण के अनुसार श्रीराम का जन्म अयोध्या में राजा दशरथ और माता कौशल्या के यहाँ चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी को हुआ था। परंपरा में माना जाता है कि उनका जन्म दिन के मध्य भाग — मध्याह्न — में हुआ, इसीलिए राम नवमी की मुख्य पूजा दोपहर में की जाती है, न कि सुबह या शाम।

श्रीराम को मर्यादा पुरुषोत्तम कहा जाता है — ऐसे आदर्श पुरुष जिन्होंने पुत्र, भाई, पति और राजा के रूप में हर संबंध की मर्यादा निभाई। इसलिए राम नवमी केवल जन्मोत्सव नहीं, बल्कि सत्य, धर्म और कर्तव्य-पालन के आदर्श को याद करने का दिन भी है। अयोध्या, सीतामढ़ी, भद्राचलम और देश भर के राम मंदिरों में इस दिन विशेष आयोजन होते हैं।

चैत्र नवरात्रि 2027 और राम नवमी

राम नवमी चैत्र नवरात्रि का नौवाँ और अंतिम दिन है। 2027 में चैत्र नवरात्रि 7 अप्रैल को घटस्थापना से शुरू होगी और 15 अप्रैल को राम नवमी के साथ पूर्ण होगी। जो परिवार नौ दिन का व्रत रखते हैं, वे इसी दिन नवरात्रि का पारण भी करते हैं।

तारीख (2027) दिन पर्व
7 अप्रैल बुधवार घटस्थापना, शैलपुत्री पूजा — चैत्र नवरात्रि आरंभ
14 अप्रैल बुधवार दुर्गा अष्टमी (महागौरी), संधि पूजा 2:59–3:47 PM
15 अप्रैल गुरुवार राम नवमी (सिद्धिदात्री पूजा), नवरात्रि पारण
20 अप्रैल मंगलवार चैत्र पूर्णिमा — हनुमान जयंती
14 मई शुक्रवार सीता नवमी

नवरात्रि की दिन-वार पूजा विधि: नवरात्रि पूजा विधि · अष्टमी और कन्या पूजन: महागौरी पूजा।

राम नवमी की सरल पूजा विधि

  1. सुबह स्नान और संकल्प: स्नान के बाद पूजा स्थान साफ़ करें और व्रत/पूजा का संकल्प लें।
  2. स्थापना: चौकी पर पीला या लाल वस्त्र बिछाकर श्रीराम दरबार (राम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी) का चित्र या प्रतिमा रखें। कई घरों में बाल राम को पालने में झुलाने की परंपरा है।
  3. मध्याह्न पूजा: 11:10 से 1:44 बजे के बीच, विशेषकर 12:27 बजे के आसपास, रोली-चंदन, अक्षत, पीले फूल, तुलसी दल और धूप-दीप से पूजा करें।
  4. भोग: पंचामृत, फल, मिठाई, और परंपरा के अनुसार धनिया-गुड़ की पंजीरी या खीर अर्पित करें।
  5. पाठ और आरती: रामचरितमानस के बालकांड (राम जन्म प्रसंग) का पाठ, “श्री राम जय राम जय जय राम” का जाप, और अंत में आरती करें।
  6. हनुमान जी की पूजा: श्रीराम के साथ हनुमान जी की पूजा और हनुमान चालीसा का पाठ भी शुभ माना जाता है।

विस्तृत विधि और सामग्री सूची: राम नवमी पूजा विधि।

राम नवमी व्रत के नियम

  • व्रत प्रायः फलाहारी रखा जाता है — फल, दूध, दही, साबूदाना, कुट्टू या सिंघाड़े का आटा; अनाज, प्याज़-लहसुन और सामान्य नमक से परहेज़ किया जाता है।
  • कुछ लोग निराहार व्रत रखते हैं, जबकि कई परिवार केवल मध्याह्न पूजा तक उपवास करते हैं — दोनों परंपराएँ प्रचलित हैं।
  • गर्भवती महिलाएँ, बुज़ुर्ग और दवा लेने वाले लोग कठोर व्रत के बजाय फलाहार चुनें।
  • दिन भर राम नाम का जाप, रामायण पाठ और दान-पुण्य को इस दिन विशेष फलदायी माना जाता है।

राम नवमी और खाटू श्याम जी की यात्रा

अप्रैल में खाटू का मौसम गर्म होने लगता है, इसलिए राम नवमी के आसपास दर्शन की योजना बना रहे हैं तो सुबह जल्दी मंदिर पहुँचें। मंदिर सुबह 4:30 बजे खुलता है और दोपहर 2 से 4 बजे बंद रहता है — राम नवमी की मध्याह्न पूजा घर पर करके शाम के दर्शन भी एक अच्छा विकल्प है। चैत्र नवरात्रि के दिनों में खाटू के आसपास के देवी मंदिरों — जीण माता (लगभग 46 km) और शाकंभरी देवी — में भी विशेष भीड़ रहती है।

संबंधित उपयोगी जानकारी

राम नवमी 2027 — सामान्य प्रश्न

राम नवमी 2027 कब है? (Ram Navami 2027 date)

राम नवमी 2027 गुरुवार, 15 अप्रैल को है। नवमी तिथि 14 अप्रैल दोपहर 3:23 बजे से 15 अप्रैल दोपहर 1:20 बजे तक रहेगी (जयपुर पंचांग)।

राम नवमी पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है? (Puja muhurat)

मध्याह्न मुहूर्त सुबह 11:10 बजे से दोपहर 1:44 बजे तक है, और मध्याह्न का क्षण दोपहर 12:27 बजे है — परंपरा में यही श्रीराम के जन्म का समय माना जाता है।

राम नवमी 14 अप्रैल को है या 15 अप्रैल को? (14 or 15 April?)

नवमी तिथि 14 अप्रैल की दोपहर शुरू होती है, पर 14 अप्रैल के मध्याह्न में अष्टमी रहती है। 15 अप्रैल के मध्याह्न में नवमी है, इसलिए राम नवमी 15 अप्रैल को मनाई जाएगी।

चैत्र नवरात्रि 2027 कब से कब तक है? (Chaitra Navratri 2027)

चैत्र नवरात्रि 7 अप्रैल 2027 (घटस्थापना) से शुरू होकर 15 अप्रैल को राम नवमी के साथ पूर्ण होती है; दुर्गा अष्टमी 14 अप्रैल को है।

राम नवमी का व्रत कैसे खोलें? (Vrat parana)

व्रत रखने वाले मध्याह्न पूजा और आरती के बाद, या परिवार की परंपरा के अनुसार नवमी तिथि समाप्त होने के बाद फलाहार या सात्विक भोजन से व्रत खोलते हैं।

सीता नवमी 2027 कब है? (Sita Navami 2027)

सीता नवमी शुक्रवार, 14 मई 2027 को है — यह वैशाख शुक्ल नवमी को माता सीता के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाई जाती है।

पंचांग संदर्भ

  • Drik Panchang — Rama Navami 2027, Jaipur (तिथि, मध्याह्न मुहूर्त)
  • Drik Panchang — Chaitra Navratri 2027 Calendar, Jaipur
  • Drik Panchang — Purnima Dates 2027, Jaipur (चैत्र पूर्णिमा)


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