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साईं बाबा पूजा विधि

📅 21 अगस्त 2026 ⏱️ 3 मिनट पढ़ने का समय
साईं बाबा पूजा विधि के लिए सजी पूजा चौकी और प्रमुख सामग्री

शिरडी के साईं बाबा (निर्वाण 1918, विजयादशमी) के भक्त उन्हें सभी धर्मों को जोड़ने वाले संत के रूप में पूजते हैं। उनका मूल संदेश है “श्रद्धा और सबुरी” (विश्वास और धैर्य) तथा “सबका मालिक एक”। साईं पूजा के लिए गुरुवार का दिन विशेष माना जाता है। इस पृष्ठ पर घर पर साईं पूजा का सरल क्रम, शिरडी की चार आरतियाँ और लोकप्रिय साईं व्रत की जानकारी है।

पूजा सामग्री

  • साईं बाबा का चित्र या मूर्ति, पीला/सफ़ेद वस्त्र
  • चंदन, फूल (विशेषकर पीले फूल / गेंदा), माला, अगरबत्ती
  • घी या तेल का दीपक — बाबा द्वारकामाई में सदा दीप जलाते थे
  • उदी (विभूति) — शिरडी की पवित्र राख; उपलब्ध न हो तो केवल स्मरण करें
  • भोग: खिचड़ी, पीली मिठाई/बेसन के लड्डू, फल, दूध, पेड़े
  • साईं सच्चरित्र (हेमाडपंत रचित) पुस्तक

गुरुवार साईं पूजा विधि — चरणबद्ध

  1. स्नान व स्थान: स्नान कर पूजा स्थान साफ़ करें, चौकी पर पीला वस्त्र बिछाकर बाबा का चित्र रखें।
  2. अभिषेक/स्नान: मूर्ति हो तो जल/दूध से स्नान कराएँ; चित्र हो तो जल छिड़कें और साफ़ कपड़े से पोंछें।
  3. पूजन: चंदन का तिलक लगाएँ, फूल-माला अर्पित करें, दीपक और अगरबत्ती जलाएँ।
  4. मंत्र/नाम जप: “ॐ साईं राम” या “ॐ साईं नाथाय नमः” का 108 बार जप करें।
  5. पाठ: साईं सच्चरित्र का एक अध्याय पढ़ें — कई भक्त सात दिन में पूरा पारायण (सप्ताह) करते हैं।
  6. भोग: खिचड़ी या पीली मिठाई का भोग लगाएँ।
  7. आरती: “आरती साईं बाबा, सौख्यदातार जीवा” गाएँ।
  8. सेवा: भूखे को भोजन, पशु-पक्षियों को दाना — बाबा की शिक्षा के अनुसार सेवा को पूजा का अंग मानें।

शिरडी की चार दैनिक आरतियाँ

आरती समय (लगभग)
काकड़ आरती प्रातःकाल
मध्याह्न आरती दोपहर 12 बजे
धूप आरती सूर्यास्त के समय
शेज आरती रात्रि

शिरडी के सटीक आरती और दर्शन समय श्री साईंबाबा संस्थान ट्रस्ट से जाँच लें; ये समय-समय पर बदलते हैं।

9 गुरुवार साईं व्रत

  • किसी भी गुरुवार से साईं बाबा का नाम लेकर शुरू करें और लगातार 9 गुरुवार करें।
  • व्रत में फलाहार या एक समय भोजन लें; पूरी तरह भूखे रहना आवश्यक नहीं माना जाता।
  • हर गुरुवार पूजा, साईं कथा और आरती करें; संभव हो तो साईं मंदिर जाएँ।
  • किसी गुरुवार बाधा आए (जैसे अस्वस्थता या यात्रा) तो उसे गिनती में न लेकर अगले गुरुवार करें।
  • 9वें गुरुवार उद्यापन में 5 गरीबों को भोजन कराएँ और साईं व्रत पुस्तिकाएँ बाँटें (प्रचलित परंपरा)।

ध्यान रखें

  • ✅ बाबा ने दिखावे से अधिक श्रद्धा, सबुरी और दान पर ज़ोर दिया — महँगी सामग्री आवश्यक नहीं।
  • ✅ गुरुवार को गुरु पूजा का दिन भी माना जाता है — गुरु पूर्णिमा पूजा विधि देखें।

इस पूजा से जुड़े उपयोगी पृष्ठ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

साईं बाबा की पूजा किस दिन करें? (Which day for Sai puja?)

गुरुवार को विशेष माना जाता है, पर श्रद्धा से किसी भी दिन पूजा की जा सकती है।

साईं बाबा को क्या भोग लगाएँ? (What bhog to offer?)

खिचड़ी, पीली मिठाई, बेसन के लड्डू, पेड़े, दूध और फल।

9 गुरुवार साईं व्रत कैसे करें? (How to do 9 Thursday vrat?)

लगातार 9 गुरुवार फलाहार या एक समय भोजन के साथ पूजा, कथा और आरती करें; 9वें गुरुवार गरीबों को भोजन कराकर उद्यापन करें।

साईं बाबा का मंत्र क्या है? (Sai Baba mantra)

सबसे प्रचलित नाम जप “ॐ साईं राम” है; “ॐ साईं नाथाय नमः” भी जपा जाता है।

शिरडी में कितनी आरतियाँ होती हैं? (How many aartis in Shirdi?)

चार — काकड़ आरती, मध्याह्न आरती, धूप आरती और शेज आरती।

यह पूजा विधि प्रचलित लोक-परंपरा और शास्त्रीय संदर्भों पर आधारित सरल घरेलू क्रम है। अपनी कुल-परंपरा या आचार्य के निर्देश को प्राथमिकता दें।

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