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Janmashtami Jhanki Decoration Ideas 2026: घर में लड्डू गोपाल की झांकी सजाने के 11 आसान तरीके

घर पर फूलों के झूले, मोरपंख, मटकी और रंगोली से सजी लड्डू गोपाल की जन्माष्टमी झांकी

Janmashtami Jhanki Decoration Ideas 2026 खोज रहे
परिवारों के लिए सुंदर झांकी बनाने के लिए बहुत महंगा सामान खरीदना
जरूरी नहीं है। साफ कपड़ा, फूलों की माला, मजबूत झूला, मोरपंख,
छोटी मटकी, रंगोली और सुरक्षित लाइटें छोटे पूजा-स्थान को भी सुंदर
जन्माष्टमी झांकी में बदल सकती हैं। कृष्ण जन्माष्टमी 2026 शुक्रवार,
4 सितंबर को है। तिथि, व्रत और पूजा से जुड़ी जानकारी के लिए

कृष्ण जन्माष्टमी 2026

का मुख्य पृष्ठ देखें।

यह लेख उन परिवारों के लिए है जो Janmashtami Jhanki,
Laddu Gopal Jhanki Decoration या घर पर जन्माष्टमी
सजावट के आसान तरीके खोज रहे हैं। सजावट ऐसी होनी चाहिए जिसमें
लड्डू गोपाल सबसे अधिक दिखाई दें और पूजा, भोग, आरती तथा परिवार के
बैठने के लिए भी पर्याप्त जगह बची रहे।

बहुत ज्यादा सामान रखने से कान्हा जी की झांकी बिखरी हुई लग सकती है।
झूले, दीपक और बिजली के तार गलत जगह रखे हों तो परेशानी भी हो सकती है।
यहां बताए गए 11 तरीकों को घर में उपलब्ध जगह, सामान और परिवार की
परंपरा के अनुसार आसानी से अपनाया जा सकता है।

पर्व की तारीख शुक्रवार, 4 सितंबर 2026
सजावट में लगने वाला समय साधारण जन्माष्टमी झांकी के लिए लगभग 45 से 60 मिनट
और विस्तृत झांकी के लिए लगभग 90 मिनट
उपयुक्त जगह घर का साफ और शांत कोना; लगभग 3 × 4 फुट जगह भी
पर्याप्त हो सकती है
अच्छा रंग-संयोजन नीला, पीला और सफेद; खाटू श्याम भाव के लिए थोड़ा
मरून, केसरिया या सुनहरा रंग
मुख्य सामान साफ कपड़ा, सुरक्षित झूला, फूल, मोरपंख, बांसुरी,
छोटी मटकी, रंगोली और हल्की एलईडी लाइटें
सबसे जरूरी सावधानी दीपक को कपड़े, फूल, बच्चों और बिजली के तारों से दूर रखें

जन्माष्टमी झांकी सजावट शुरू करने से पहले जगह तैयार करें

पूजा के लिए ऐसी जगह चुनें जहां लोगों का लगातार आना-जाना न हो।
चौकी, झूला और भोग की थाली रखने के बाद भी सामने बैठने तथा आरती करने
के लिए पर्याप्त जगह बचनी चाहिए। घर छोटा है तो दीवार के सहारे सीधी
पृष्ठभूमि बनाएं और सजावट को चौकी के आसपास ही रखें।

सबसे पहले जगह साफ करें और वहां रखा अतिरिक्त सामान हटा दें। पूजा की
चौकी मजबूत और बराबर होनी चाहिए। यदि चौकी हिल रही हो तो पहले उसे
अच्छी तरह जमा लें। लड्डू गोपाल के वस्त्र, मुकुट, आसन और झूले का आकार
भी पहले देख लें।

पृष्ठभूमि के लिए कपड़ा लगाते समय ध्यान रखें कि वह दीपक या बिजली के
तारों को न छुए। कपड़े को खुले पिन से लगाने के बजाय मजबूत टेप या
चिपकने वाले हुक से लगाना अधिक सुरक्षित रहता है।

घर में Janmashtami Jhanki सजाने के 11 आसान तरीके

1. हल्के रंग के साफ कपड़े से पृष्ठभूमि बनाएं

क्रीम, सफेद, हल्का पीला या हल्का नीला कपड़ा लड्डू गोपाल की पोशाक
और फूलों को साफ दिखाता है। बहुत ज्यादा छपाई वाले कई कपड़े एक साथ
लगाने से सजावट बिखरी हुई दिखाई दे सकती है। एक मुख्य रंग चुनें और
किनारों पर मरून, केसरिया या सुनहरे कपड़े की पतली पट्टी लगाएं।

कपड़े में सिलवटें हों तो उसे लगाने से पहले सीधा कर लें। पृष्ठभूमि
इतनी चौड़ी होनी चाहिए कि पीछे की दीवार या अलमारी का सामान दिखाई
न दे, लेकिन बिजली के बटन, खिड़की या पूजा-अलमारी का रास्ता भी बंद
नहीं होना चाहिए।

2. फूलों का छोटा मेहराब बनाएं

Janmashtami Flower Decoration के लिए गेंदे, गुलाब,
मोगरा या आसानी से मिलने वाले मौसमी फूलों का उपयोग किया जा सकता है।
चौकी के पीछे फूलों का छोटा मेहराब बनाएं। ताजे फूल कम हों तो कृत्रिम
फूलों की साफ माला के साथ कुछ ताजे फूल लगा सकते हैं।

माला इतनी नीचे न रखें कि वह मुकुट, मोरपंख या झूले को छूने लगे।
पूजा में चढ़ाने वाले फूल अलग रखें। फूलों की माला को दीपक और बिजली
की लाइटों से भी पर्याप्त दूरी पर रखें।

3. लड्डू गोपाल के झूले की सुंदर सजावट करें

Janmashtami Jhula Decoration करते समय सुंदरता के
साथ झूले की मजबूती पर भी ध्यान देना जरूरी है। झूले को चौकी के
बिल्कुल किनारे पर न रखें। उसे बीच में या थोड़ा पीछे रखें, ताकि
झुलाते समय उसके गिरने का खतरा न रहे।

झूले पर बहुत अधिक फूल, कपड़ा, मोती या लटकन लगाने से लड्डू गोपाल का
स्वरूप छिप सकता है। सजावट को झूले के दोनों किनारों तक सीमित रखें।
यदि बच्चे लड्डू गोपाल को झुलाएंगे तो झूले की डोरी छोटी और मजबूत
रखें तथा किसी बड़े व्यक्ति को पास बैठाएं।

4. मोरपंख और बांसुरी से कृष्ण भाव जोड़ें

मोरपंख और बांसुरी श्रीकृष्ण की पहचान से जुड़ी प्रमुख वस्तुएं हैं।
एक बहुत बड़ा मोरपंख लगाने के बजाय दो या तीन सुंदर पंख पर्याप्त
होते हैं। इन्हें मुकुट के पास, झूले के पीछे या फूलों के बीच लगाया
जा सकता है।

बांसुरी को ऐसी जगह रखें जहां वह लड्डू गोपाल की प्रतिमा पर दबाव
न डाले। आरती या वस्त्र बदलते समय उसके गिरने का खतरा भी नहीं होना
चाहिए। मोरपंख और बांसुरी के पीछे हल्की पीली रोशनी रखने से वे अधिक
सुंदर दिखाई देते हैं।

5. छोटी मटकी और माखन-मिश्री का कोना बनाएं

Janmashtami Matki Decoration के लिए छोटी मिट्टी की
मटकी पर पीले, लाल या नीले कपड़े की पतली पट्टी बांधें। उस पर छोटे
मोती, फूल या मोरपंख लगाया जा सकता है। मटकी को झूले के पास रखें,
लेकिन ऐसी जगह नहीं जहां वह आसानी से गिर सके।

सफेद कपास से माखन जैसा रूप और मिश्री की ढकी हुई कटोरी बाल कृष्ण
की माखन-लीला का भाव जोड़ती है। सजावट के लिए रखी वस्तुओं और वास्तविक
भोग को अलग रखें। असली माखन-मिश्री पूजा से थोड़ी देर पहले रखें।

6. बाल कृष्ण के छोटे चरणचिह्न बनाएं

घर के प्रवेश द्वार या पूजा-स्थान के पास छोटे चरणचिह्न बनाना बाल
कृष्ण के आगमन का सुंदर भाव प्रस्तुत करता है। चरणचिह्न चावल के घोल,
रंगोली के रंग या तैयार छाप की सहायता से बनाए जा सकते हैं।

चरणचिह्न ऐसे रास्ते में न बनाएं जहां लोगों का बार-बार आना-जाना हो।
चावल का घोल बहुत पतला या फिसलन वाला न रखें। छोटी जगह में पूजा-चौकी
के सामने दो या चार चरणचिह्न बनाना भी पर्याप्त है।

7. फूलों की छोटी रंगोली बनाएं

गेंदे और गुलाब की पंखुड़ियों से चौकी के सामने गोल रंगोली बनाई जा
सकती है। रंगोली के बीच में बड़ा दीपक रखने के बजाय आरती की थाली के
लिए स्थान खाली रखें।

रंगोली बहुत बड़ी न बनाएं, वरना बैठने और आने-जाने की जगह कम हो जाएगी।
नीले, पीले, सफेद और लाल रंग का सीमित उपयोग झांकी को सुंदर बनाता है।
घर में छोटे बच्चे हों तो सूखे रंगों के बजाय फूलों की पंखुड़ियां
अधिक सुविधाजनक रहती हैं।

8. गोकुल और वृंदावन की छोटी झांकी बनाएं

Krishna Janmashtami Jhanki को गोकुल का रूप देने के
लिए हरे कपड़े या कागज, छोटी गौ-माता की प्रतिमा, पेड़, मटकी और
कागज के छोटे घर लगाए जा सकते हैं। इसे मुख्य पूजा-चौकी के एक ओर
रखें, ताकि लड्डू गोपाल सबसे अधिक दिखाई दें।

बच्चों को पेड़, बादल, बांसुरी, गाय या छोटी मटकी बनाने में शामिल
किया जा सकता है। इससे सजावट परिवार की गतिविधि बन जाती है और बच्चों
को श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं के बारे में समझाने का अवसर मिलता है।

9. हल्की और सुरक्षित एलईडी लाइटें लगाएं

नीली, पीली या हल्की सुनहरी एलईडी लाइटें जन्माष्टमी झांकी को सुंदर
बनाती हैं। कई रंगों वाली तेज चमकती लाइटों के बजाय एक या दो रंगों
का उपयोग करें। बहुत तेज रोशनी से लड्डू गोपाल का मुख साफ दिखाई
देने के बजाय चमकदार लग सकता है।

बिजली के तारों को कपड़े के पीछे या चौकी के किनारे अच्छी तरह बांध
दें। खुले तार, ढीला प्लग और पानी के पास बिजली की लाइटें न रखें।
पंचामृत, जल और भोग की कटोरियां बिजली के तारों से अलग स्थान पर रखें।

10. बच्चों की बनाई सजावट को भी जगह दें

बच्चों से मोरपंख, बांसुरी, मटकी, गाय, मुकुट या बाल कृष्ण का छोटा
चित्र बनवाया जा सकता है। चित्रों को मुख्य प्रतिमा के पीछे बहुत अधिक
संख्या में लगाने के बजाय पास की दीवार पर एक क्रम में लगाएं।

इससे पूजा-स्थान साफ रहता है और बच्चों की बनाई सजावट भी सम्मान के
साथ दिखाई देती है। छोटे बच्चों को कैंची, खुला दीपक, बिजली के तार,
कांच की वस्तुएं और बहुत छोटी सजावटी चीजें न दें।

11. फोटो लेने के लिए सामने की जगह साफ रखें

परिवार के सदस्य झांकी के साथ फोटो लेना चाहें तो चौकी के सामने की
जगह खाली रखें। आसपास रखे डिब्बे, अतिरिक्त तार, कपड़े और घरेलू सामान
पहले ही हटा दें।

कैमरे की तेज फ्लैश सीधे लड्डू गोपाल के मुख पर न डालें। पूजा के दौरान
बार-बार फोटो लेने के बजाय सजावट पूरी होने के बाद या आरती शुरू होने
से पहले कुछ फोटो लेना बेहतर रहेगा।

जन्माष्टमी झांकी में खाटू श्याम जी का भाव कैसे जोड़ें?

लोकप्रचलित महाभारत कथा के अनुसार वीर बर्बरीक के शीशदान से
प्रसन्न होकर भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें अपना “श्याम” नाम दिया
और कलियुग में पूजे जाने का वरदान दिया। इसी कारण जन्माष्टमी का
पर्व बाबा श्याम के भक्तों के लिए भी विशेष भाव रखता है।

इस कथा को विस्तार से पढ़ने के लिए

बर्बरीक से खाटू श्याम बनने की कथा

देखें।

घर की झांकी में खाटू श्याम जी का भाव जोड़ने के लिए नीले और पीले
रंग के साथ थोड़ा मरून या केसरिया रंग रखा जा सकता है। हल्की नीली
पृष्ठभूमि, पीली फूल-माला और मरून आसन का मेल सुंदर दिखाई देता है।

बाबा श्याम की छोटी छवि को लड्डू गोपाल के साथ बहुत पास रखने के
बजाय अलग साफ स्थान पर सम्मानपूर्वक रखें। यह परिवार की श्रद्धा
के अनुसार की जाने वाली सजावट है, इसे जन्माष्टमी की जरूरी
पूजा-विधि न माना जाए।

बाबा श्याम, खाटू धाम और मंदिर की जानकारी के लिए

खाटू श्याम जी के बारे में संपूर्ण जानकारी

पढ़ें।

लगभग 90 मिनट में जन्माष्टमी झांकी सजाने का आसान क्रम

  1. पहले 15 मिनट:
    पूजा की जगह साफ करें, चौकी और झूले का आकार देखें तथा सारा
    सामान पास में तैयार रखें।
  2. अगले 15 मिनट:
    पीछे साफ कपड़ा लगाएं और उसे चिपकने वाले हुक या मजबूत टेप से
    अच्छी तरह बांध दें।
  3. अगले 20 मिनट:
    चौकी, आसन और झूला रखें। उसके बाद फूलों की माला लगाएं और
    देखें कि झूला अच्छी तरह टिका हुआ है।
  4. अगले 15 मिनट:
    मोरपंख, बांसुरी, छोटी मटकी और गोकुल की छोटी झांकी सजाएं।
  5. अगले 10 मिनट:
    चरणचिह्न या फूलों की रंगोली बनाएं और भोग रखने की जगह खाली रखें।
  6. अगले 10 मिनट:
    हल्की एलईडी लाइटें लगाएं और सभी तारों को किनारे पर अच्छी तरह
    बांध दें।
  7. आखिरी 5 मिनट:
    झूला, दीपक, बिजली के तार और आने-जाने की जगह अच्छी तरह जांच लें।
    इसके बाद पूजा और भोग का सामान रखें।

कम सामान में घर पर जन्माष्टमी सजावट कैसे करें?

Janmashtami Decoration at Home के लिए घर में पहले
से उपलब्ध साफ कपड़ा, एक छोटी फूल-माला, मोरपंख, मिट्टी की मटकी और
हल्की लाइटें पर्याप्त हो सकती हैं। हर वर्ष नया सजावटी सामान खरीदना
जरूरी नहीं है।

पुराने साफ कपड़े के किनारों पर सुनहरी फीता लगाकर उसे सुंदर पृष्ठभूमि
बनाया जा सकता है। घर में रखी छोटी लकड़ी की चौकी पर साफ कपड़ा बिछाकर
झूला रखें। कृत्रिम फूलों की पुरानी माला को साफ करके उसके बीच कुछ
ताजे फूल लगा दें।

मिट्टी की छोटी मटकी को हल्दी, कुमकुम, फूल और कपड़े की पट्टी से सजा
सकते हैं। कम सामान वाली झांकी में हर वस्तु साफ दिखाई देती है और
पूजा करना भी आसान रहता है।

लड्डू गोपाल झांकी सजावट में कौन-से रंग अच्छे लगते हैं?

Laddu Gopal Jhanki Decoration में नीला, पीला,
सफेद, केसरिया और सुनहरा रंग सुंदर लगता है। नीला रंग श्रीकृष्ण के
श्याम स्वरूप का भाव देता है, जबकि पीला रंग पीतांबर की याद दिलाता है।

सफेद रंग फूलों, मोतियों और माखन-मिश्री के साथ अच्छा लगता है।
मरून या गहरा लाल रंग आसन, चौकी की किनारी या फूलों के बीच थोड़ी
मात्रा में लगाया जा सकता है।

दो प्रमुख रंग और उनके साथ एक हल्का रंग रखें। बहुत अधिक रंग लेने
से झांकी सुंदर होने के बजाय ज्यादा भरी हुई दिखाई दे सकती है।

घर के मंदिर में जन्माष्टमी सजावट कैसे करें?

Janmashtami Mandir Decoration करते समय मंदिर या
पूजा-अलमारी के आकार के अनुसार ही सामान रखें। छोटी पूजा-अलमारी में
बड़ा झूला, कई मटकियां और बहुत अधिक फूल लगाने से लड्डू गोपाल का
स्वरूप छिप सकता है।

मंदिर के पीछे हल्का कपड़ा लगाएं, दोनों ओर छोटी फूल-माला रखें और
सामने भोग के लिए जगह छोड़ें। मोरपंख और बांसुरी को ऊपर या किनारे
लगाएं। मंदिर के अंदर बिजली का खुला तार या गर्म होने वाली लाइट न रखें।

अगर मंदिर में झूले के लिए जगह नहीं है तो लड्डू गोपाल को सुंदर आसन
पर विराजमान करें और झूला मंदिर के पास अलग चौकी पर रखें। सजावट का
आकार छोटा होने से उसका महत्व कम नहीं होता।

भोग रखने के लिए अलग और साफ स्थान बनाएं

भोग की थाली को फूलों, बिजली के तारों और सजावटी सामान के बीच न रखें।
चौकी के एक ओर साफ स्थान बनाएं जहां पंचामृत, माखन-मिश्री, पंजीरी,
फल और अन्य प्रसाद रखा जा सके।

दूध, दही, माखन और पंचामृत को पूजा से बहुत पहले बाहर न रखें। गर्मी
अधिक हो तो इन्हें ढककर ठंडी जगह रखें और पूजा के समय ही लाएं।
जन्माष्टमी के प्रसाद में पंजीरी बनानी हो तो

पंजीरी प्रसाद से जुड़ी विधियां

देख सकते हैं।

दीपक, बिजली के तार और बच्चों की सुरक्षा

  • दीपक को पर्दे, सूखे फूल, कागज, प्लास्टिक और बिजली के तारों
    से पर्याप्त दूरी पर रखें।
  • पंचामृत, जल और भोग के पास बिजली का खुला जोड़ या ढीला प्लग
    न रखें।
  • झूले की डोरी, चौकी और लड्डू गोपाल के आसन को पूजा से पहले
    अच्छी तरह जांच लें।
  • खुले पिन, नुकीले तार, टूटने वाला कांच और बहुत छोटी सजावटी
    वस्तुएं बच्चों की पहुंच से दूर रखें।
  • बच्चों को झूला झुलाते समय अकेला न छोड़ें।
  • घर से बाहर जाने या सोने से पहले सजावटी लाइटें और दीपक बंद
    कर दें।

Janmashtami Jhanki Decoration में होने वाली सामान्य गलतियां

  • बहुत ज्यादा सामान रखना:
    इससे लड्डू गोपाल का स्वरूप छिप जाता है और पूजा करना कठिन हो
    सकता है।
  • कई रंगों का एक साथ उपयोग:
    दो मुख्य रंग और एक हल्का रंग अधिक सुंदर दिखाई देता है।
  • कमजोर झूला रखना:
    केवल सुंदर दिखने वाला लेकिन अस्थिर झूला उपयोग न करें।
  • भोग बहुत पहले रखना:
    दूध, माखन, दही और फल पूजा के निकट समय पर रखें।
  • खुले बिजली के तार छोड़ना:
    सभी तारों को किनारे पर बांधें और पानी से दूर रखें।
  • दीपक को कपड़े के पास रखना:
    खुली लौ और सजावटी कपड़े के बीच पर्याप्त दूरी रखें।
  • बैठने की जगह न छोड़ना:
    आरती, पूजा और परिवार के बैठने के लिए सामने का हिस्सा खुला रखें।
  • फोटो के लिए पूजा रोकना:
    फोटो सजावट पूरी होने के बाद या आरती से पहले लें।

जन्माष्टमी की रात झांकी को कैसे संभालें?

मध्यरात्रि पूजा से पहले एक बार फूलों, झूले, दीपक और बिजली के तारों
को फिर से देख लें। ताजे फूल मुरझा गए हों तो केवल खराब फूल हटा दें।
पूरी सजावट दोबारा बदलने की जरूरत नहीं है।

भोग लगाने से पहले चौकी के आसपास हाथ साफ रखें। आरती के समय झूले की
लंबी डोरी को सामने न फैलने दें। परिवार में अधिक लोग हों तो एक-एक
करके लड्डू गोपाल को झुलाएं।

पूजा पूरी होने के बाद दीपक को सुरक्षित स्थान पर रखें। बिजली की
सजावटी लाइटें पूरी रात चालू रखने के बजाय परिवार की सुविधा और सुरक्षा
के अनुसार बंद कर देना बेहतर है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Janmashtami Jhanki Decoration के लिए कौन-सा सामान चाहिए?

साफ पृष्ठभूमि का कपड़ा, मजबूत चौकी, सुरक्षित झूला, फूलों की माला,
मोरपंख, बांसुरी, छोटी मटकी, रंगोली और हल्की एलईडी लाइटें पर्याप्त
हैं। घर की जगह और परिवार की परंपरा के अनुसार सामान कम या ज्यादा
किया जा सकता है।

छोटी जगह में जन्माष्टमी झांकी कैसे सजाएं?

हल्के रंग का साफ कपड़ा, छोटा मजबूत झूला, दो फूल-मालाएं, मोरपंख,
छोटी मटकी और हल्की एलईडी लाइटें रखें। सामने पूजा और आने-जाने के
लिए थोड़ी जगह खाली रखें।

जन्माष्टमी झांकी में कौन-से रंग अच्छे लगते हैं?

नीला, पीला, सफेद, केसरिया और मरून रंग अच्छे लगते हैं। दो प्रमुख
रंग और उनके साथ एक हल्का रंग चुनने से झांकी साफ और सुंदर दिखाई
देती है।

क्या कृत्रिम फूलों से जन्माष्टमी झांकी सजा सकते हैं?

हाँ, साफ और गंधरहित कृत्रिम फूलों की माला उपयोग की जा सकती है।
पूजा में चढ़ाने वाले ताजे फूल अलग रखें और कृत्रिम फूलों को दीपक
से दूर लगाएं।

लड्डू गोपाल का झूला कहां रखना चाहिए?

झूले को मजबूत और बराबर चौकी पर बीच में या थोड़ा पीछे रखें।
उसे चौकी के बिल्कुल किनारे पर न रखें और झुलाने से पहले उसकी
डोरी तथा आधार अच्छी तरह जांच लें।

खाटू श्याम जी का भाव जन्माष्टमी झांकी में कैसे जोड़ें?

नीला, पीला और मरून रंग-संयोजन, श्रीकृष्ण और बर्बरीक की कथा का
छोटा परिचय तथा बाबा श्याम की अलग सम्मानित छवि रखी जा सकती है।
इसे जन्माष्टमी की जरूरी पूजा-विधि न माना जाए।

घर की जन्माष्टमी झांकी सजाने में कितना समय लगता है?

सामान पहले से तैयार हो तो साधारण झांकी लगभग 45 से 60 मिनट में
और फूल, झूला, रंगोली तथा लाइटों वाली विस्तृत झांकी लगभग
90 मिनट में तैयार हो सकती है।

क्या जन्माष्टमी की झांकी में असली दीपक रखना जरूरी है?

यह परिवार की परंपरा पर निर्भर करता है। असली दीपक रखें तो उसे
कपड़े, फूल, बिजली के तार और बच्चों से दूर सुरक्षित स्थान पर रखें।
सजावट के लिए एलईडी दीपक का उपयोग भी किया जा सकता है।

Prakash Bengani
लेखक / Author
Prakash Bengani

Founder, KhatuWaleBaba.in — खाटू श्याम जी yatra का सम्पूर्ण portal। हर hotel, dharamshala और route की जानकारी local team द्वारा verified। WordPress.org पर 844 मंदिरों की Temple Directory plugin के developer।

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