सितंबर 2026 में दो एकादशी पड़ रही हैं—7 सितंबर को अजा एकादशी और 22 सितंबर को पार्श्व एकादशी। खाटू श्याम में हर एकादशी पर दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन इस बार पहली एकादशी जन्माष्टमी और सप्ताहांत के तुरंत बाद आने के कारण अधिक व्यस्त रह सकती है।
अजा एकादशी सोमवार को है। कृष्ण जन्माष्टमी 4 सितंबर, शुक्रवार को मनाई जाएगी और इसके बाद शनिवार-रविवार है। ऐसे में कई परिवार जन्माष्टमी से एकादशी तक खाटू या आसपास रुकने की योजना बना सकते हैं।
7 सितंबर: अजा एकादशी
अजा एकादशी भाद्रपद कृष्ण पक्ष में आती है। प्रचलित पंचांग के अनुसार एकादशी तिथि 6 सितंबर की शाम शुरू होकर 7 सितंबर की शाम तक रहेगी। व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए पारण 8 सितंबर को होगा; सही समय शहर के अनुसार देखा जाएगा।
यात्रा के लिहाज से 6 सितंबर की शाम और 7 सितंबर की सुबह रींगस से खाटू जाने वाले वाहनों तथा मंदिर मार्ग पर भीड़ बढ़ सकती है। एक दिन रुकने की योजना हो तो कमरा पहले तय करना बेहतर रहेगा, क्योंकि उसी सप्ताह जन्माष्टमी भी है।
22 सितंबर: पार्श्व एकादशी
महीने की दूसरी एकादशी 22 सितंबर, मंगलवार को है। इसे पार्श्व एकादशी या परिवर्तिनी एकादशी कहा जाता है। जन्माष्टमी वाले सप्ताहांत से अलग होने के कारण यह स्वतंत्र यात्रा की योजना बनाने वालों के लिए दूसरी तारीख है।
रुणिचा एक्सप्रेस का बदला हुआ मार्ग 24 सितंबर तक लागू है, इसलिए 22 सितंबर की एकादशी पर भी यह ट्रेन रींगस होकर चलेगी। दिल्ली, रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ की ओर से आने वाले यात्री ट्रेन संख्या 14087/14088 में रींगस का ठहराव देख सकते हैं।
रींगस से खाटू पहुंचने की व्यवस्था
रींगस जंक्शन से खाटू श्याम मंदिर की दूरी करीब 17 किलोमीटर है। स्टेशन के बाहर बस, साझा जीप और टैक्सी मिलती हैं। एकादशी पर वाहन मिलते रहते हैं, लेकिन सवारियों और सड़क की भीड़ के कारण सामान्य दिनों से अधिक समय लग सकता है।
मंदिर के विशेष दर्शन समय की सूचना तिथि के पास जारी हो सकती है। यात्रा टिकट, कमरे और लौटने का समय तय करते हुए किसी पुराने एकादशी कार्यक्रम को इस बार का कार्यक्रम मानना ठीक नहीं होगा।
दोनों तारीखों में सबसे बड़ा अंतर सप्ताह का है: 7 सितंबर जन्माष्टमी वाले लंबे सप्ताहांत से जुड़ा है, जबकि 22 सितंबर मंगलवार को है। यात्री अपनी छुट्टी, रेल उपलब्धता और ठहरने की जरूरत के अनुसार इनमें से तारीख चुन सकते हैं।
स्रोत: 2026 एकादशी कैलेंडर