दिल्ली और हरियाणा से खाटू श्याम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सितंबर तक रेल यात्रा आसान हो गई है। दिल्ली-जैसलमेर के बीच चलने वाली गाड़ी संख्या 14087/14088 रुणिचा एक्सप्रेस को 21 अगस्त से 24 सितंबर 2026 तक सीकर और रींगस के रास्ते चलाया जा रहा है। रींगस में ठहराव मिलने से यात्री यहां उतरकर खाटू श्याम के लिए रवाना हो सकेंगे।
यह बदलाव स्थायी नहीं है। रेलवे लाइन के दोहरीकरण से जुड़े काम के कारण ट्रेन का मार्ग करीब 35 दिनों के लिए बदला गया है। इस दौरान दिल्ली, रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ की ओर से आने वाले यात्रियों के साथ झुंझुनूं तथा सीकर जिले के लोगों को भी लंबी दूरी की ट्रेन मिल गई है।
रुणिचा एक्सप्रेस का मार्ग क्यों बदला गया?
उत्तर पश्चिम रेलवे के फुलेरा–रींगस–रेवाड़ी रेलखंड पर कुंड, पाली और खोरी स्टेशनों के बीच दोहरीकरण का काम चल रहा है। इसके लिए रेलवे ने ब्लॉक लिया है, जिसके कारण रुणिचा एक्सप्रेस को निर्धारित मार्ग के बजाय शेखावाटी से होकर चलाया जा रहा है।
रेलवे के इस फैसले से चिड़ावा, झुंझुनूं, नवलगढ़, सीकर और रींगस को अस्थायी रूप से दिल्ली तथा जैसलमेर के बीच सीधी रेल सेवा मिल गई है।
इन स्टेशनों से होकर चलेगी रुणिचा एक्सप्रेस
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| ट्रेन नंबर | 14087/14088 दिल्ली–जैसलमेर–दिल्ली रुणिचा एक्सप्रेस |
| बदले मार्ग की अवधि | 21 अगस्त से 24 सितंबर 2026 |
| प्रमुख स्टेशन | रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, लोहारू, चिड़ावा, झुंझुनूं, नवलगढ़, सीकर और रींगस |
| खाटू श्याम के लिए स्टेशन | रींगस जंक्शन |
| रींगस से मंदिर की दूरी | लगभग 17 किलोमीटर |
दिल्ली से रवाना होने के बाद ट्रेन रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ और लोहारू होते हुए चिड़ावा पहुंचेगी। इसके बाद झुंझुनूं, नवलगढ़, सीकर और रींगस में ठहराव होगा। रींगस से ट्रेन आगे जोधपुर और जैसलमेर की ओर जाएगी। वापसी में गाड़ी संख्या 14088 भी इसी बदले हुए रास्ते से दिल्ली आएगी।
खाटू श्याम जाने वालों को क्या लाभ मिलेगा?
दिल्ली और आसपास के शहरों से आने वाले श्रद्धालु रुणिचा एक्सप्रेस में रींगस तक का टिकट ले सकते हैं। इससे जयपुर या किसी दूसरे स्टेशन पर ट्रेन बदलने की जरूरत कम होगी। खासकर उन यात्रियों के लिए यह सुविधा अच्छी है जिन्हें अपने शहर से रींगस के लिए मनपसंद समय की ट्रेन नहीं मिल रही थी।
रींगस जंक्शन से खाटू श्याम मंदिर लगभग 17 किलोमीटर दूर है। स्टेशन के बाहर खाटू के लिए बस, साझा जीप और टैक्सी मिल जाती हैं। अकेले या दो यात्रियों के लिए साझा वाहन ठीक रहता है, जबकि परिवार के साथ आने वाले यात्री टैक्सी ले सकते हैं। एकादशी और सप्ताहांत पर सड़क की भीड़ के कारण अधिक समय लग सकता है।
शेखावाटी के यात्रियों को भी बड़ी सुविधा
इस बदलाव से सीकर और झुंझुनूं जिले के यात्रियों को भी लाभ हुआ है। चिड़ावा, झुंझुनूं, नवलगढ़ और सीकर से अब दिल्ली, रेवाड़ी, जोधपुर तथा जैसलमेर के लिए रुणिचा एक्सप्रेस पकड़ी जा सकती है। झुंझुनूं के राणी सती दादी मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को भी दोनों दिशाओं से सीधी ट्रेन मिली है।
24 सितंबर के बाद मार्ग बदल सकता है
रुणिचा एक्सप्रेस का रींगस और सीकर होकर संचालन फिलहाल 24 सितंबर 2026 तक घोषित है। इसके बाद ट्रेन पुराने मार्ग पर लौट सकती है। इसलिए यात्रा की तारीख तय करते समय ट्रेन संख्या 14087 या 14088 के सामने रींगस का ठहराव देख लें। रेलवे अवधि बढ़ाता है तो इसकी अलग सूचना जारी होगी।
स्रोत: रुणिचा एक्सप्रेस मार्ग परिवर्तन संबंधी रिपोर्ट