खाटू श्याम मंदिर आने वाले रेल यात्रियों के लिए नया स्टेशन बनाने की तैयारी आगे बढ़ी है। रेल मंत्रालय के अनुसार यह स्टेशन सीकर–रींगस रेलखंड पर पलसाना और बावड़ी ठिकरिया स्टेशनों के बीच बनाया जाएगा। प्रस्तावित स्थान मंदिर से करीब 11 किलोमीटर दूर है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 7 जुलाई 2026 को खाटू श्याम मंदिर ट्रस्ट के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद परियोजना की जानकारी दी। मंत्रालय ने स्टेशन का स्थान, काम का क्रम और प्रस्तावित यात्री सुविधाएं सार्वजनिक की हैं। हालांकि स्टेशन के चालू होने की तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।
पहले रेल लाइन का तकनीकी काम होगा
परियोजना में सबसे पहले मौजूदा रेल लाइन से जुड़े इंजीनियरिंग और सिग्नलिंग के काम किए जाएंगे। नई रेल लाइन को वर्तमान नेटवर्क से जोड़ने के बाद स्टेशन भवन का निर्माण शुरू होगा। इसका अर्थ है कि भवन का नक्शा सामने आने और स्टेशन पर ट्रेनें रुकने के बीच अभी कई चरण बाकी हैं।
रेल मंत्रालय ने प्रस्तावित स्टेशन में आधुनिक टिकट कार्यालय, बड़ा प्रतीक्षालय, स्वच्छ शौचालय और यात्रियों की दूसरी जरूरी सुविधाएं देने की बात कही है। भवन की बनावट में राजस्थान की स्थापत्य और सांस्कृतिक पहचान को जगह दी जाएगी।
रींगस से दूरी कम होगी, लेकिन मंदिर तक स्थानीय वाहन चलेंगे
फिलहाल खाटू श्याम जाने वाले अधिकतर रेल यात्री रींगस जंक्शन पर उतरते हैं। रींगस से मंदिर की दूरी करीब 17 किलोमीटर है। नया स्टेशन प्रस्तावित स्थान पर बनता है तो यह दूरी लगभग छह किलोमीटर कम हो जाएगी।
स्टेशन मंदिर परिसर के भीतर नहीं होगा। वहां से खाटू तक बस, टैक्सी या दूसरी स्थानीय परिवहन व्यवस्था की जरूरत बनी रहेगी। परियोजना का असली असर इस बात पर भी निर्भर करेगा कि स्टेशन से मंदिर के बीच सड़क, वाहन और भीड़ की व्यवस्था कैसे बनाई जाती है।
अभी टिकट में नया स्टेशन नहीं मिलेगा
रेल मंत्रालय की घोषणा निर्माण योजना से जुड़ी है; नया स्टेशन अभी यात्री सेवा में शामिल नहीं हुआ है। स्टेशन कोड, यहां रुकने वाली ट्रेनें और समय-सारणी बाद में तय होगी। तब तक यात्रियों के लिए रींगस जंक्शन ही मुख्य रेल पड़ाव है।
नई परियोजना से रींगस पर उतरने वाली भीड़ का कुछ हिस्सा बंट सकता है और दिल्ली, हरियाणा तथा दूसरे राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा छोटी हो सकती है। स्थानीय लोगों के लिए भी सीकर–रींगस रेलखंड पर एक नया स्टेशन जुड़ जाएगा।
अब अगला महत्वपूर्ण पड़ाव तकनीकी काम की शुरुआत और निर्माण की समय-सीमा है। रेलवे की ओर से इसका कार्यक्रम जारी होने पर ही यह स्पष्ट होगा कि स्टेशन कब तक तैयार होगा और यहां किन ट्रेनों का ठहराव दिया जाएगा।
स्रोत: रेल मंत्रालय की 7 जुलाई 2026 की आधिकारिक सूचना

