सितंबर 2026 धार्मिक पर्वों से भरा महीना है। महीने की शुरुआत जन्माष्टमी से होगी, इसके तीन दिन बाद अजा एकादशी आएगी। मध्य सितंबर में हरतालिका तीज, गणेश चतुर्थी और राधा अष्टमी हैं, जबकि महीने के आखिरी सप्ताह में पार्श्व एकादशी, अनंत चतुर्दशी और पितृ पक्ष की शुरुआत होगी।
खाटू श्याम यात्रा की योजना बना रहे श्रद्धालुओं के लिए 4 सितंबर की जन्माष्टमी और 7 तथा 22 सितंबर की एकादशी प्रमुख तारीखें हैं। जन्माष्टमी शुक्रवार को पड़ने के कारण पहले सप्ताहांत में बाहर से आने वाले यात्रियों की आवाजाही बढ़ सकती है।
सितंबर 2026 के प्रमुख व्रत और त्योहार
| तारीख | दिन | पर्व |
|---|---|---|
| 4 सितंबर | शुक्रवार | कृष्ण जन्माष्टमी |
| 7 सितंबर | सोमवार | अजा एकादशी |
| 10 सितंबर | गुरुवार | भाद्रपद अमावस्या |
| 13 सितंबर | रविवार | हरतालिका तीज |
| 14 सितंबर | सोमवार | गणेश चतुर्थी |
| 18 सितंबर | शुक्रवार | राधा अष्टमी |
| 22 सितंबर | मंगलवार | पार्श्व या परिवर्तिनी एकादशी |
| 25 सितंबर | शुक्रवार | अनंत चतुर्दशी और गणेश विसर्जन |
| 26 सितंबर | शनिवार | पितृ पक्ष आरंभ |
4 से 7 सितंबर का समय खाटू यात्रियों के लिए खास
4 सितंबर को जन्माष्टमी, फिर शनिवार–रविवार और 7 सितंबर को अजा एकादशी है। चार दिनों के इस क्रम में दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से खाटू आने वाले श्रद्धालु जन्माष्टमी और एकादशी को साथ जोड़कर यात्रा बना सकते हैं।
रेल से आने वालों के लिए रींगस जंक्शन मुख्य स्टेशन है। रुणिचा एक्सप्रेस 24 सितंबर तक रींगस होकर चल रही है, इसलिए सितंबर की दोनों एकादशी पर भी यह विकल्प उपलब्ध रहेगा। ट्रेन की तारीख और रींगस का ठहराव टिकट लेते समय देख लेना चाहिए।
22 सितंबर को दूसरी एकादशी
महीने की दूसरी एकादशी 22 सितंबर, मंगलवार को है। इसे पार्श्व एकादशी या परिवर्तिनी एकादशी कहा जाता है। मंगलवार कार्यदिवस है, फिर भी एकादशी पर खाटू में दूर-दूर से भक्त आते हैं। एक दिन पहले पहुंचने वाले यात्रियों के कारण 21 सितंबर की शाम से भी आवाजाही बढ़ सकती है।
पंचांग की तिथि सूर्योदय और स्थान के अनुसार बदल सकती है। व्रत और पारण का समय अपने शहर के पंचांग से लेना बेहतर है, जबकि खाटू में दर्शन और यातायात की व्यवस्था स्थानीय सूचना के अनुसार चलेगी।
इस महीने यात्रा तय करते समय त्योहार की तारीख के साथ सप्ताह का दिन भी देखें। जन्माष्टमी वाला सप्ताहांत अधिक व्यस्त रह सकता है, जबकि 22 सितंबर की एकादशी अलग दिन की यात्रा चाहने वालों के लिए दूसरा अवसर है।
स्रोत: सितंबर 2026 हिंदू पर्व कैलेंडर