Home एकादशी कैलेंडर परम (अपरा) एकादशी 2026: व्रत कथा, पूजा विधि, महत्व, पारण नियम एवं संपूर्ण जानकारी

परम (अपरा) एकादशी 2026: व्रत कथा, पूजा विधि, महत्व, पारण नियम एवं संपूर्ण जानकारी

📅 दिनांक जून 11, 2026 (बृहस्पतिवार)
🗓️ तिथि ज्येष्ठ, कृष्ण एकादशी
⏰ प्रारम्भ जून 11, 12:57 AM
⏰ समाप्त जून 11, 10:36 PM

पौराणिक कथा के अनुसार प्राचीन समय में महिध्वज नामक एक धर्मात्मा राजा राज्य करते थे। वे न्यायप्रिय, दयालु और भगवान विष्णु के परम भक्त थे। उनके छोटे भाई का नाम वज्रध्वज था, जो अत्यंत ईर्ष्यालु और क्रूर स्वभाव का था।

एक दिन वज्रध्वज ने ईर्ष्या के कारण अपने बड़े भाई महिध्वज की हत्या कर दी और उनके शरीर को जंगल में एक पीपल वृक्ष के नीचे दबा दिया।

अकाल मृत्यु के कारण राजा महिध्वज की आत्मा प्रेत योनि में भटकने लगी और अनेक कष्ट सहने लगी।

कुछ समय बाद एक महान तपस्वी ऋषि उस स्थान से गुजरे। उन्होंने अपनी दिव्य दृष्टि से पूरी घटना जान ली और प्रेत योनि में भटक रही आत्मा पर दया की।

ऋषि ने ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की अपरा एकादशी का व्रत किया और उसका पुण्य राजा महिध्वज की आत्मा को समर्पित कर दिया।

व्रत के प्रभाव से राजा महिध्वज को प्रेत योनि से मुक्ति मिली और उन्हें दिव्य लोकों की प्राप्ति हुई।

यह कथा दर्शाती है कि अपरा एकादशी का व्रत गंभीर पापों और कष्टों से भी मुक्ति दिलाने की शक्ति रखता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अपरा एकादशी किस महीने में आती है?
अपरा एकादशी ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष में आती है।
अपरा एकादशी को परम एकादशी क्यों कहा जाता है?
क्योंकि यह असीम पुण्य प्रदान करने वाली और पापों का नाश करने वाली एकादशी मानी जाती है।
अपरा एकादशी की कथा किससे संबंधित है?
यह कथा राजा महिध्वज, उनके भाई वज्रध्वज और एक महान ऋषि द्वारा किए गए व्रत से संबंधित है।
क्या महिलाएं अपरा एकादशी का व्रत कर सकती हैं?
हाँ, महिलाएं और पुरुष दोनों श्रद्धा और भक्ति के साथ यह व्रत कर सकते हैं।
क्या अपरा एकादशी पर चावल खाना चाहिए?
नहीं, एकादशी के दिन चावल का सेवन वर्जित माना गया है।
व्रत का पारण कब करना चाहिए?
द्वादशी तिथि में निर्धारित पारण समय के भीतर पारण करना चाहिए।
अपरा एकादशी का सबसे बड़ा फल क्या है?
पापों का नाश, भगवान विष्णु की कृपा और मोक्ष की प्राप्ति।
इस दिन कौन-सा दान करना शुभ माना जाता है?
अन्न, जल, वस्त्र, फल और दक्षिणा का दान अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है।
शेयर करें: WhatsApp Facebook

एकादशी पर खाटू दर्शन की योजना?

पहले से होटल और टैक्सी बुक करें — एकादशी पर भारी भीड़ होती है।

अभी बुक करें

📅 अन्य एकादशी 2026

📅 पापांकुशा एकादशी 2026: व्रत कथा, पूजा विधि, महत्व, पारण नियम एवं संपूर्ण जानकारी 📅 विजया एकादशी 2026: व्रत कथा, पूजा विधि, महत्व, पारण नियम एवं संपूर्ण जानकारी 📅 योगिनी एकादशी 2026: व्रत कथा, पूजा विधि, महत्व, पारण नियम एवं संपूर्ण जानकारी 📅 देवउठनी एकादशी 2026: व्रत कथा, पूजा विधि, महत्व, तुलसी विवाह, पारण नियम एवं संपूर्ण जानकारी

📚 सन्दर्भ एवं अधिक जानकारी