Home एकादशी कैलेंडर आमलकी एकादशी 2026: व्रत कथा, पूजा विधि, महत्व, पारण नियम एवं संपूर्ण जानकारी

आमलकी एकादशी 2026: व्रत कथा, पूजा विधि, महत्व, पारण नियम एवं संपूर्ण जानकारी

📅 दिनांक मार्च 25, 2026 (बुधवार)
🗓️ तिथि फाल्गुन, शुक्ल एकादशी
⏰ प्रारम्भ मार्च 24, 11:11 PM
⏰ समाप्त मार्च 25, 09:28 PM

1. दशमी से नियमों का पालन

  • सात्विक भोजन ग्रहण करें।
  • क्रोध, झूठ और तामसिक आहार से दूर रहें।
  • संयम एवं सदाचार का पालन करें।

2. प्रातःकाल स्नान करें

एकादशी के दिन ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

3. व्रत का संकल्प लें

भगवान विष्णु के समक्ष जल लेकर व्रत का संकल्प करें।

संकल्प मंत्र:

मम समस्त पापक्षयपूर्वक श्रीविष्णुप्रीत्यर्थं आमलकी एकादशी व्रतमहं करिष्ये।

4. भगवान विष्णु की पूजा करें

  • पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें।
  • भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
  • चंदन, अक्षत, पुष्प एवं तुलसी दल अर्पित करें।
  • धूप एवं दीप प्रज्वलित करें।
  • नैवेद्य अर्पित करें।

5. आंवला वृक्ष की पूजा करें

आमलकी एकादशी के दिन आंवले के वृक्ष की पूजा विशेष रूप से की जाती है।

  • आंवले के वृक्ष को जल अर्पित करें।
  • दीपक जलाएं।
  • रोली, अक्षत एवं पुष्प अर्पित करें।
  • वृक्ष की परिक्रमा करें।
  • भगवान विष्णु का स्मरण करें।

6. मंत्र जाप और कथा श्रवण

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः॥

  • विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
  • आमलकी एकादशी व्रत कथा सुनें।
  • रात्रि जागरण एवं भजन-कीर्तन करें।

7. द्वादशी को पारण

द्वादशी तिथि में शुभ समय पर व्रत का पारण करें और दान-पुण्य करें।


आमलकी एकादशी पर क्या करें?

✅ भगवान विष्णु की पूजा करें।
✅ तुलसी दल अर्पित करें।
✅ आंवला वृक्ष की पूजा करें।
✅ विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
✅ दान एवं सेवा करें।
✅ भजन-कीर्तन और जागरण करें।


आमलकी एकादशी पर क्या न करें?

❌ चावल का सेवन न करें।
❌ मांस, मदिरा एवं तामसिक भोजन से दूर रहें।
❌ झूठ और निंदा से बचें।
❌ क्रोध एवं विवाद न करें।
❌ किसी का अपमान न करें।


व्रत में क्या खा सकते हैं?

  • फल
  • दूध
  • दही
  • मखाना
  • साबूदाना
  • कुट्टू का आटा
  • सिंघाड़े का आटा
  • राजगीरा
  • सूखे मेवे

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आमलकी एकादशी किस देवता को समर्पित है?
आमलकी एकादशी भगवान श्रीहरि विष्णु को समर्पित है।
आमलकी एकादशी पर आंवले के वृक्ष की पूजा क्यों की जाती है?
शास्त्रों के अनुसार आंवले के वृक्ष में भगवान विष्णु और अन्य देवताओं का निवास माना जाता है, इसलिए इसकी पूजा का विशेष महत्व है।
आमलकी एकादशी की कथा किससे संबंधित है?
यह कथा वैदिशा नगरी के राजा चैत्ररथ और एक शिकारी से संबंधित है।
क्या महिलाएं आमलकी एकादशी का व्रत कर सकती हैं?
हाँ, महिलाएं और पुरुष दोनों यह व्रत कर सकते हैं।
क्या आमलकी एकादशी पर चावल खा सकते हैं?
नहीं, एकादशी के दिन चावल का सेवन वर्जित माना गया है।
व्रत का पारण कब करना चाहिए?
द्वादशी तिथि में निर्धारित पारण समय के भीतर करना चाहिए।
आमलकी एकादशी का मुख्य फल क्या है?
भगवान विष्णु की कृपा, पापों से मुक्ति, सुख-समृद्धि और मोक्ष की प्राप्ति।
क्या आंवला दान करना शुभ माना जाता है?
हाँ, आमलकी एकादशी पर आंवला, अन्न, वस्त्र और दक्षिणा का दान शुभ माना जाता है।
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