Home एकादशी कैलेंडर कामिका एकादशी 2026: व्रत कथा, पूजा विधि, महत्व, पारण नियम एवं संपूर्ण जानकारी

कामिका एकादशी 2026: व्रत कथा, पूजा विधि, महत्व, पारण नियम एवं संपूर्ण जानकारी

📅 दिनांक अगस्त 9, 2026 (रविवार)
🗓️ तिथि श्रावण, कृष्ण एकादशी
⏰ प्रारम्भ अगस्त 08, 01:59 PM
⏰ समाप्त अगस्त 09, 11:04 AM

1. दशमी तिथि से तैयारी

  • सात्विक भोजन ग्रहण करें।
  • तामसिक भोजन और बुरी आदतों से दूर रहें।
  • मन, वचन और कर्म की शुद्धता बनाए रखें।

2. प्रातःकाल स्नान करें

एकादशी के दिन ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नान करें तथा स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

3. व्रत का संकल्प लें

भगवान विष्णु के समक्ष जल लेकर व्रत का संकल्प करें।

संकल्प मंत्र:

मम समस्त पापक्षयपूर्वक श्रीविष्णुप्रीत्यर्थं कामिका एकादशी व्रतमहं करिष्ये।

4. भगवान विष्णु की पूजा करें

  • भगवान विष्णु का चित्र या प्रतिमा स्थापित करें।
  • गंगाजल से शुद्धिकरण करें।
  • चंदन, अक्षत, पुष्प एवं तुलसी दल अर्पित करें।
  • धूप एवं दीप प्रज्वलित करें।
  • नैवेद्य अर्पित करें।

5. तुलसी पूजन करें

कामिका एकादशी पर तुलसी माता की पूजा का विशेष महत्व है।

  • तुलसी को जल अर्पित करें।
  • दीपक जलाएं।
  • तुलसी की परिक्रमा करें।
  • भगवान विष्णु का स्मरण करें।

6. मंत्र जाप एवं कथा श्रवण

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः॥

  • विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
  • कामिका एकादशी व्रत कथा सुनें।
  • हरिनाम संकीर्तन करें।

7. रात्रि जागरण

संभव हो तो भगवान विष्णु के भजन एवं कीर्तन के साथ जागरण करें।

8. द्वादशी को पारण

द्वादशी तिथि में शुभ समय पर व्रत का पारण करें और दान-पुण्य करें।


कामिका एकादशी पर क्या करें?

✅ भगवान विष्णु की पूजा करें।
✅ तुलसी माता की पूजा करें।
✅ विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
✅ भजन-कीर्तन करें।
✅ दान-पुण्य करें।
✅ जरूरतमंदों की सहायता करें।


कामिका एकादशी पर क्या न करें?

❌ चावल का सेवन न करें।
❌ मांस, मदिरा और तामसिक भोजन न करें।
❌ झूठ, निंदा और अपशब्दों से बचें।
❌ क्रोध और विवाद न करें।
❌ किसी का अपमान न करें।


व्रत में क्या खा सकते हैं?

  • फल
  • दूध
  • दही
  • मखाना
  • साबूदाना
  • कुट्टू का आटा
  • सिंघाड़े का आटा
  • राजगीरा
  • सूखे मेवे

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कामिका एकादशी किस महीने में आती है?
कामिका एकादशी श्रावण मास के कृष्ण पक्ष में आती है।
कामिका एकादशी का मुख्य महत्व क्या है?
यह एकादशी पापों के नाश, मनोकामनाओं की पूर्ति और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने के लिए की जाती है।
कामिका एकादशी पर तुलसी पूजा क्यों की जाती है?
तुलसी माता भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय हैं, इसलिए इस दिन तुलसी पूजन का विशेष महत्व है।
कामिका एकादशी की कथा किससे संबंधित है?
यह कथा एक क्षत्रिय द्वारा ब्राह्मण हत्या के पाप से मुक्ति प्राप्त करने से संबंधित है।
क्या महिलाएं कामिका एकादशी का व्रत कर सकती हैं?
हाँ, महिलाएं और पुरुष दोनों श्रद्धापूर्वक यह व्रत कर सकते हैं।
क्या इस दिन चावल खाना चाहिए?
नहीं, एकादशी के दिन चावल का सेवन वर्जित माना जाता है।
व्रत का पारण कब करना चाहिए?
द्वादशी तिथि में निर्धारित शुभ समय के भीतर पारण करना चाहिए।
कामिका एकादशी का सबसे बड़ा फल क्या है?
पापों का नाश, भगवान विष्णु की कृपा और मोक्ष की प्राप्ति।
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