Home एकादशी कैलेंडर योगिनी एकादशी 2026: व्रत कथा, पूजा विधि, महत्व, पारण नियम एवं संपूर्ण जानकारी

योगिनी एकादशी 2026: व्रत कथा, पूजा विधि, महत्व, पारण नियम एवं संपूर्ण जानकारी

📅 दिनांक जुलाई 10, 2026 (शुक्रवार)
🗓️ तिथि आषाढ़, कृष्ण एकादशी
⏰ प्रारम्भ जुलाई 10, 08:16 AM
⏰ समाप्त जुलाई 11, 05:22 AM

1. दशमी तिथि से तैयारी

  • सात्विक भोजन ग्रहण करें।
  • ब्रह्मचर्य एवं संयम का पालन करें।
  • क्रोध, झूठ और तामसिक भोजन से दूर रहें।

2. प्रातःकाल स्नान करें

एकादशी के दिन ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नान करें तथा स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

3. व्रत का संकल्प लें

भगवान विष्णु के समक्ष जल लेकर व्रत का संकल्प करें।

संकल्प मंत्र:

मम समस्त पापक्षयपूर्वक श्रीविष्णुप्रीत्यर्थं योगिनी एकादशी व्रतमहं करिष्ये।

4. भगवान विष्णु की पूजा करें

  • भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
  • गंगाजल से शुद्धिकरण करें।
  • चंदन, अक्षत, पुष्प एवं तुलसी दल अर्पित करें।
  • धूप एवं दीप प्रज्वलित करें।
  • नैवेद्य अर्पित करें।

5. मंत्र जाप करें

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः॥

या

ॐ विष्णवे नमः॥

6. कथा एवं भजन

  • योगिनी एकादशी व्रत कथा का पाठ करें।
  • विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
  • भजन, कीर्तन और भगवान का स्मरण करें।

7. रात्रि जागरण

संभव हो तो रात्रि में भगवान विष्णु के नाम का कीर्तन करें और जागरण करें।

8. द्वादशी को पारण

द्वादशी तिथि में शुभ समय पर व्रत का पारण करें और दान-पुण्य करें।


योगिनी एकादशी पर क्या करें?

✅ भगवान विष्णु की पूजा करें।
✅ तुलसी दल अर्पित करें।
✅ विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
✅ दान-पुण्य करें।
✅ जरूरतमंदों की सहायता करें।
✅ भजन, कीर्तन और सत्संग करें।


योगिनी एकादशी पर क्या न करें?

❌ चावल का सेवन न करें।
❌ मांस, मदिरा एवं तामसिक भोजन न करें।
❌ झूठ, निंदा और अपशब्दों से बचें।
❌ क्रोध एवं विवाद न करें।
❌ किसी का अपमान न करें।


व्रत में क्या खा सकते हैं?

  • फल
  • दूध
  • दही
  • मखाना
  • साबूदाना
  • कुट्टू का आटा
  • सिंघाड़े का आटा
  • राजगीरा
  • सूखे मेवे

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

योगिनी एकादशी किस महीने में आती है?
योगिनी एकादशी आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष में आती है।
योगिनी एकादशी का मुख्य महत्व क्या है?
यह एकादशी पापों से मुक्ति, रोगों के निवारण और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने के लिए की जाती है।
योगिनी एकादशी की कथा किससे संबंधित है?
यह कथा कुबेर के सेवक हेममाली और उनकी पत्नी विशालाक्षी से संबंधित है।
योगिनी एकादशी पर किस देवता की पूजा की जाती है?
इस दिन भगवान श्रीहरि विष्णु की पूजा की जाती है।
क्या महिलाएं योगिनी एकादशी का व्रत कर सकती हैं?
हाँ, महिलाएं और पुरुष दोनों श्रद्धापूर्वक यह व्रत कर सकते हैं।
क्या योगिनी एकादशी पर चावल खाना चाहिए?
नहीं, एकादशी के दिन चावल का सेवन वर्जित माना जाता है।
व्रत का पारण कब करना चाहिए?
द्वादशी तिथि में निर्धारित शुभ समय के भीतर पारण करना चाहिए।
योगिनी एकादशी का सबसे बड़ा फल क्या है?
पापों का नाश, रोगों से मुक्ति, भगवान विष्णु की कृपा और मोक्ष की प्राप्ति।
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