देवशयनी एकादशी 2026: व्रत कथा, पूजा विधि, महत्व, पारण नियम एवं संपूर्ण जानकारी ⭐
भविष्योत्तर पुराण के अनुसार प्राचीन काल में राजा मान्धाता नामक एक महान और धर्मपरायण राजा राज्य करते थे। उनके राज्य में सभी लोग सुखी और समृद्ध थे।
एक समय राज्य में लगातार तीन वर्षों तक वर्षा नहीं हुई। अकाल के कारण प्रजा अत्यंत दुखी हो गई। खेत सूख गए, पशु-पक्षी कष्ट सहने लगे और यज्ञ-हवन भी बंद हो गए।
राजा मान्धाता इस संकट का समाधान खोजने के लिए महान ऋषि अंगिरा के आश्रम पहुंचे। उन्होंने ऋषि से राज्य में पड़ रहे अकाल का कारण पूछा।
ऋषि अंगिरा ने राजा को बताया कि आषाढ़ शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी का व्रत करने और भगवान विष्णु की उपासना करने से राज्य के सभी संकट दूर हो सकते हैं।
राजा ने पूरे राज्य के साथ श्रद्धापूर्वक देवशयनी एकादशी का व्रत किया। भगवान विष्णु की कृपा से शीघ्र ही वर्षा हुई, राज्य में समृद्धि लौट आई और सभी कष्ट समाप्त हो गए।
इस प्रकार देवशयनी एकादशी के प्रभाव से राजा और उनकी प्रजा को सुख एवं समृद्धि प्राप्त हुई।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
एकादशी पर खाटू दर्शन की योजना?
पहले से होटल और टैक्सी बुक करें — एकादशी पर भारी भीड़ होती है।
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📚 सन्दर्भ एवं अधिक जानकारी
- Drik Panchang — Ekadashi Dates & Muhurat 2026 ↗ — Accurate tithi timings
- Sikar.rajasthan.gov.in — Official Govt Website ↗ — Sikar district official information
- Wikipedia — Ekadashi ↗ — Complete Ekadashi history