Home एकादशी कैलेंडर निर्जला एकादशी 2026: व्रत कथा, पूजा विधि, महत्व, पारण नियम एवं संपूर्ण जानकारी

निर्जला एकादशी 2026: व्रत कथा, पूजा विधि, महत्व, पारण नियम एवं संपूर्ण जानकारी

📅 दिनांक जून 25, 2026 (बृहस्पतिवार)
🗓️ तिथि ज्येष्ठ, शुक्ल एकादशी
⏰ प्रारम्भ जून 24, 06:12 PM
⏰ समाप्त जून 25, 08:09 PM

महाभारत काल में पांडवों में से भीमसेन अत्यंत बलशाली थे, लेकिन उन्हें अत्यधिक भूख लगती थी। माता कुंती, द्रौपदी, युधिष्ठिर, अर्जुन, नकुल और सहदेव सभी एकादशी का व्रत रखते थे, परंतु भीमसेन के लिए पूरे दिन भूखे रहना कठिन था।

एक दिन भीमसेन ने महर्षि वेदव्यास से कहा कि वे सभी धार्मिक नियमों का पालन करना चाहते हैं, लेकिन प्रत्येक एकादशी का व्रत रखना उनके लिए संभव नहीं है।

तब महर्षि वेदव्यास ने उन्हें ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की निर्जला एकादशी का व्रत करने की सलाह दी और कहा कि यदि वे इस दिन बिना अन्न और जल के व्रत करें, तो उन्हें वर्षभर की सभी एकादशियों का पुण्य प्राप्त होगा।

वेदव्यास जी के निर्देशानुसार भीमसेन ने निर्जला एकादशी का व्रत किया। भगवान विष्णु की कृपा से उन्हें सभी एकादशियों के व्रत का फल प्राप्त हुआ।

तभी से यह एकादशी भीमसेनी एकादशी के नाम से भी प्रसिद्ध हुई।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

निर्जला एकादशी क्यों मनाई जाती है?
भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने और सभी एकादशियों के समान पुण्य प्राप्त करने के लिए।
निर्जला एकादशी को भीमसेनी एकादशी क्यों कहते हैं?
क्योंकि महाभारत काल में भीमसेन ने महर्षि वेदव्यास के निर्देश पर यह व्रत किया था।
क्या निर्जला एकादशी में पानी पी सकते हैं?
परंपरागत रूप से इस व्रत में जल भी ग्रहण नहीं किया जाता। हालांकि स्वास्थ्य कारणों से व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार व्रत कर सकता है।
निर्जला एकादशी किस देवता को समर्पित है?
यह भगवान श्रीहरि विष्णु को समर्पित है।
क्या महिलाएं निर्जला एकादशी का व्रत कर सकती हैं?
हाँ, महिलाएं और पुरुष दोनों श्रद्धापूर्वक यह व्रत कर सकते हैं।
व्रत का पारण कब करना चाहिए?
द्वादशी तिथि में निर्धारित पारण समय के भीतर करना चाहिए।
निर्जला एकादशी का सबसे बड़ा फल क्या है?
सभी 24 एकादशियों के व्रत के समान पुण्य, पापों का नाश और मोक्ष की प्राप्ति।
यदि स्वास्थ्य कारणों से निर्जल व्रत संभव न हो तो क्या करें?
ऐसी स्थिति में श्रद्धा के साथ फलाहार या जल ग्रहण करके भी भगवान विष्णु की पूजा की जा सकती है।
शेयर करें: WhatsApp Facebook

एकादशी पर खाटू दर्शन की योजना?

पहले से होटल और टैक्सी बुक करें — एकादशी पर भारी भीड़ होती है।

अभी बुक करें

📅 अन्य एकादशी 2026

📅 कामदा एकादशी 2026: व्रत कथा, पूजा विधि, महत्व, पारण नियम एवं संपूर्ण जानकारी 📅 परिवर्तिनी एकादशी 2026: व्रत कथा, पूजा विधि, महत्व, पारण नियम एवं संपूर्ण जानकारी 📅 उत्पन्ना एकादशी 2026: व्रत कथा, पूजा विधि, महत्व, पारण नियम एवं संपूर्ण जानकारी 📅 मोहिनी एकादशी 2026: व्रत कथा, पूजा विधि, महत्व, पारण नियम एवं संपूर्ण जानकारी

📚 सन्दर्भ एवं अधिक जानकारी