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माता दुर्गा पूजा विधि

📅 21 अगस्त 2026 ⏱️ 3 मिनट पढ़ने का समय
माता दुर्गा पूजा विधि के लिए सजी पूजा चौकी और प्रमुख सामग्री

माता दुर्गा शक्ति, साहस और रक्षा की देवी हैं। उनकी पूजा रोज़, हर मंगलवार और शुक्रवार, हर मास की दुर्गाष्टमी, और विशेष रूप से चैत्र और शारदीय नवरात्रि में होती है। नीचे घर पर की जाने वाली सामान्य दुर्गा पूजा विधि है; नौ दिनों की अलग-अलग विधि नवरात्रि पूजा विधि में है।

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शारदीय नवरात्रि 2026 की तारीखें और घटस्थापना मुहूर्त नवरात्रि 2026 पेज पर देखें।

दुर्गा पूजा सामग्री

  • माता दुर्गा का चित्र या प्रतिमा, चौकी, लाल कपड़ा
  • लाल चुनरी, सोलह श्रृंगार की सामग्री
  • लाल फूल — गुड़हल विशेष प्रिय, गुलाब; फूलों की माला
  • रोली, कुमकुम, हल्दी, अक्षत, मौली, लौंग, इलायची, पान-सुपारी, नारियल
  • घी का दीपक, धूप, कपूर
  • भोग: हलवा-चना-पूरी, खीर, फल, मिठाई
  • दुर्गा सप्तशती या दुर्गा चालीसा की पुस्तक

दुर्गा पूजा विधि — चरणबद्ध

  1. तैयारी: स्नान करके साफ वस्त्र पहनें। उत्तर-पूर्व दिशा में चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर माता को स्थापित करें।
  2. गणेश पूजा और संकल्प: पहले गणेश जी का ध्यान करें, फिर संकल्प लें।
  3. ध्यान: “सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥”
  4. आवाहन और स्नान: फूल अर्पित करके आवाहन करें; प्रतिमा पर जल छिड़कें।
  5. श्रृंगार: लाल चुनरी, सोलह श्रृंगार, रोली-कुमकुम और सिंदूर अर्पित करें।
  6. पुष्प: लाल गुड़हल, गुलाब और माला चढ़ाएँ।
  7. मंत्र जप: नवार्ण मंत्र “ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे” 108 बार, या “ॐ दुं दुर्गायै नमः”।
  8. पाठ: दुर्गा चालीसा, सिद्ध कुंजिका स्तोत्र या दुर्गा सप्तशती का पाठ।
  9. भोग: हलवा-चना-पूरी, खीर या फल।
  10. आरती: “जय अम्बे गौरी” आरती करें और प्रसाद बाँटें।

कन्या पूजन (अष्टमी / नवमी)

  1. 2 से 10 वर्ष की नौ कन्याओं और एक बालक (भैरव स्वरूप) को आदर से बुलाएँ।
  2. उनके पैर धोकर, आसन पर बैठाकर तिलक लगाएँ और कलावा बाँधें।
  3. हलवा, चना और पूरी का भोजन कराएँ।
  4. दक्षिणा या उपहार देकर आशीर्वाद लें।

अष्टमी की विशेष विधि महागौरी पूजा व कन्या पूजन में देखें।

माता दुर्गा की कथा (संक्षेप में)

महिषासुर को वरदान था कि कोई देवता उसे नहीं मार सकेगा। उसके अत्याचार से त्रस्त देवताओं के तेज से माता दुर्गा प्रकट हुईं और सभी देवताओं ने उन्हें अपने अस्त्र दिए। नौ दिनों के युद्ध के बाद माता ने महिषासुर का वध किया — इसीलिए नवरात्रि और विजयादशमी मनाई जाती है।

ध्यान रखें

  • ✅ माता को लाल रंग, गुड़हल और सुहाग सामग्री प्रिय मानी जाती है।
  • ❌ दुर्गा पूजा में दूर्वा और तुलसी सामान्यतः नहीं चढ़ाई जाती।
  • ❌ अखंड ज्योति जलाई हो तो उसे बुझने न दें।

इस पूजा से जुड़े उपयोगी पृष्ठ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा माँ को कौन-सा फूल चढ़ाएँ? (Which flower for Durga Maa?)

लाल गुड़हल का फूल सबसे प्रिय माना जाता है; लाल गुलाब भी चढ़ाया जाता है।

दुर्गा जी का नवार्ण मंत्र क्या है? (What is the Navarna mantra?)

“ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे” — इसे 108 बार जप करने की परंपरा है।

कन्या पूजन में कितनी कन्याएँ बुलाएँ? (How many girls for Kanya Pujan?)

परंपरा में 2 से 10 वर्ष की नौ कन्याएँ और एक बालक (भैरव स्वरूप) बुलाए जाते हैं।

दुर्गा पूजा किस दिन करें? (Which day for Durga puja?)

मंगलवार, शुक्रवार, मासिक दुर्गाष्टमी और नवरात्रि के नौ दिन विशेष माने जाते हैं।

क्या दुर्गा माँ को तुलसी चढ़ा सकते हैं? (Can tulsi be offered?)

परंपरा में दुर्गा पूजा में तुलसी और दूर्वा सामान्यतः नहीं चढ़ाई जाती।

यह पूजा विधि प्रचलित लोक-परंपरा और शास्त्रीय संदर्भों पर आधारित सरल घरेलू क्रम है। अपनी कुल-परंपरा या आचार्य के निर्देश को प्राथमिकता दें।

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