Home एकादशी कैलेंडर देवउठनी एकादशी 2026: व्रत कथा, पूजा विधि, महत्व, तुलसी विवाह, पारण नियम एवं संपूर्ण जानकारी

देवउठनी एकादशी 2026: व्रत कथा, पूजा विधि, महत्व, तुलसी विवाह, पारण नियम एवं संपूर्ण जानकारी

📅 दिनांक नवम्बर 20, 2026 (शुक्रवार)
🗓️ तिथि कार्तिक, शुक्ल एकादशी
⏰ प्रारम्भ नव॰ 20, 07:15 AM
⏰ समाप्त नव॰ 21, 06:31 AM

1. दशमी तिथि से तैयारी

  • सात्विक भोजन ग्रहण करें।
  • ब्रह्मचर्य एवं संयम का पालन करें।
  • तामसिक भोजन और नकारात्मक विचारों से दूर रहें।

2. प्रातःकाल स्नान करें

एकादशी के दिन ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

3. व्रत का संकल्प लें

भगवान विष्णु के समक्ष जल लेकर व्रत का संकल्प करें।

संकल्प मंत्र:

मम समस्त पापक्षयपूर्वक श्रीहरिप्रबोधिनी एकादशी व्रतमहं करिष्ये।

4. भगवान विष्णु की पूजा करें

  • भगवान विष्णु का चित्र या प्रतिमा स्थापित करें।
  • गंगाजल से शुद्धिकरण करें।
  • चंदन, अक्षत, पुष्प एवं तुलसी दल अर्पित करें।
  • धूप और दीप प्रज्वलित करें।
  • फल एवं नैवेद्य अर्पित करें।

5. भगवान को जागृत करें

पूजा के दौरान भगवान विष्णु को जागृत करने की परंपरा है।

भक्त पारंपरिक रूप से यह मंगल वाक्य बोलते हैं:

उत्तिष्ठोत्तिष्ठ गोविन्द, उत्तिष्ठ गरुड़ध्वज।
उत्तिष्ठ कमलाकान्त, त्रैलोक्यं मंगलं कुरु॥

6. तुलसी विवाह करें

  • तुलसी माता का श्रृंगार करें।
  • शालिग्राम या भगवान विष्णु के स्वरूप के साथ विवाह संपन्न करें।
  • मंगल गीत और भजन गाएं।

7. कथा एवं भजन

  • देवउठनी एकादशी व्रत कथा का पाठ करें।
  • विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
  • भजन एवं हरिनाम संकीर्तन करें।

8. द्वादशी को पारण

द्वादशी तिथि में शुभ समय पर व्रत का पारण करें।


देवउठनी एकादशी पर क्या करें?

✅ भगवान विष्णु की पूजा करें।
✅ तुलसी विवाह संपन्न करें।
✅ विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
✅ दीपदान करें।
✅ दान-पुण्य करें।
✅ भजन, कीर्तन एवं सत्संग करें।


देवउठनी एकादशी पर क्या न करें?

❌ चावल का सेवन न करें।
❌ मांस, मदिरा एवं तामसिक भोजन न करें।
❌ झूठ, निंदा और अपशब्दों से बचें।
❌ क्रोध एवं विवाद न करें।
❌ किसी का अपमान न करें।


व्रत में क्या खा सकते हैं?

  • फल
  • दूध
  • दही
  • मखाना
  • साबूदाना
  • कुट्टू का आटा
  • सिंघाड़े का आटा
  • राजगीरा
  • सूखे मेवे

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देवउठनी एकादशी क्या है?
यह वह पवित्र दिन है जब भगवान विष्णु चार माह की योगनिद्रा से जागृत होते हैं।
देवउठनी एकादशी को और किन नामों से जाना जाता है?
देवोत्थान एकादशी, प्रबोधिनी एकादशी, हरि प्रबोधिनी एकादशी और देवउठान एकादशी।
चातुर्मास कब समाप्त होता है?
देवउठनी एकादशी के दिन चातुर्मास का समापन होता है।
तुलसी विवाह कब किया जाता है?
देवउठनी एकादशी के दिन या उसके बाद कार्तिक पूर्णिमा तक तुलसी विवाह किया जाता है।
क्या इस दिन विवाह और मांगलिक कार्य शुरू हो जाते हैं?
हाँ, देवउठनी एकादशी के बाद विवाह, गृह प्रवेश और अन्य शुभ कार्य प्रारंभ किए जाते हैं।
क्या महिलाएं देवउठनी एकादशी का व्रत कर सकती हैं?
हाँ, महिलाएं और पुरुष दोनों श्रद्धापूर्वक यह व्रत कर सकते हैं।
क्या इस दिन चावल खाना चाहिए?
नहीं, एकादशी के दिन चावल का सेवन वर्जित माना जाता है।
देवउठनी एकादशी का सबसे बड़ा फल क्या है?
भगवान विष्णु की कृपा, मनोकामना पूर्ति, समृद्धि और मोक्ष की प्राप्ति।
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