Home एकादशी कैलेंडर विजया एकादशी 2026: व्रत कथा, पूजा विधि, महत्व, पारण नियम एवं संपूर्ण जानकारी

विजया एकादशी 2026: व्रत कथा, पूजा विधि, महत्व, पारण नियम एवं संपूर्ण जानकारी

संक्षेप में: विजया एकादशी 2027 — बृहस्पतिवार, 4 मार्च 2027 (127 दिन बाद)। पारण: शुक्रवार, 5 मार्च 2027, सुबह 6:47 से 9:08 बजे तक (जयपुर)। इस दिन खाटू श्याम जी मंदिर में भारी भीड़ रहती है। अगली एकादशी: आमलकी एकादशी — बृहस्पतिवार, 18 मार्च 2027। दर्शन समय →
📅 दिनांक मार्च 11, 2026 (बुधवार)
🗓️ तिथि फाल्गुन, कृष्ण एकादशी
⏰ प्रारम्भ मार्च 10, 10:09 PM
⏰ समाप्त मार्च 11, 11:12 PM

पद्म पुराण में वर्णित कथा के अनुसार त्रेता युग में जब भगवान श्रीराम माता सीता की खोज करते हुए समुद्र तट पर पहुंचे, तब उन्हें लंका जाने के लिए समुद्र पार करना था।

समुद्र अत्यंत विशाल था और उसे पार करने का कोई उपाय दिखाई नहीं दे रहा था। तब भगवान श्रीराम ने अपने भाई लक्ष्मण से किसी महान ऋषि का मार्गदर्शन लेने को कहा। लक्ष्मण जी ने महर्षि बकदाल्भ्य के आश्रम में जाकर उनसे उपाय पूछा।

महर्षि ने भगवान श्रीराम को फाल्गुन कृष्ण पक्ष की विजया एकादशी का व्रत करने का सुझाव दिया और बताया कि इस व्रत के प्रभाव से सभी कार्यों में सफलता प्राप्त होती है।

ऋषि के निर्देशानुसार भगवान श्रीराम ने विधिपूर्वक विजया एकादशी का व्रत किया, भगवान विष्णु की पूजा की और द्वादशी के दिन व्रत का पारण किया।

व्रत के पुण्य प्रभाव से समुद्र पार करने का मार्ग प्रशस्त हुआ, नल-नील द्वारा सेतु निर्माण हुआ और अंततः भगवान श्रीराम ने रावण पर विजय प्राप्त कर माता सीता को मुक्त कराया।

इसलिए विजया एकादशी को विजय, सफलता और बाधाओं के नाश की एकादशी कहा जाता है।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विजया एकादशी कब मनाई जाती है?▾
फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को विजया एकादशी मनाई जाती है।
विजया एकादशी का मुख्य महत्व क्या है?▾
यह व्रत जीवन में सफलता, विजय और बाधाओं के नाश के लिए किया जाता है।
विजया एकादशी की कथा किससे जुड़ी है?▾
यह कथा भगवान श्रीराम और लंका विजय से संबंधित है।
क्या महिलाएं विजया एकादशी का व्रत कर सकती हैं?▾
हाँ, महिलाएं और पुरुष दोनों श्रद्धापूर्वक यह व्रत कर सकते हैं।
क्या विजया एकादशी पर चावल खाना चाहिए?▾
नहीं, एकादशी के दिन चावल का सेवन वर्जित माना गया है।
व्रत का पारण कब करना चाहिए?▾
द्वादशी तिथि में निर्धारित पारण समय के भीतर करना चाहिए।
विजया एकादशी का फल क्या है?▾
सफलता, विजय, भगवान विष्णु की कृपा, पापों से मुक्ति और आध्यात्मिक उन्नति।
विजया एकादशी पर कौन सा दान करना शुभ माना जाता है?▾
अन्न, वस्त्र, फल, तिल, गुड़ और दक्षिणा का दान शुभ माना जाता है।
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